डेली कर्रेंट अफेयर्स
नागरिक उड्डयन पर दूसरा एशिया प्रशांत मंत्रिस्तरीय सम्मेलन दिल्ली में आयोजित
नागरिक उड्डयन पर दूसरा एशिया प्रशांत मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (2nd Asia Pacific Ministerial Conference on Civil Aviation) 11 और 12 सितंबर 2024 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम की मेजबानी केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के एशिया प्रशांत कार्यालय (APAC) के साथ साझेदारी में किया था.
मुख्य बिन्दु
- जापान, दक्षिण कोरिया और वियतनाम सहित 26 देशों के लगभग 250 प्रतिनिधि ने इस सम्मेलन में भाग लिया. हालाँकि पाकिस्तान का कोई भी प्रतिनिधि सम्मेलन में शामिल नहीं था.
- सम्मेलन में क्षेत्र में नागरिक उड्डयन क्षेत्र की सुरक्षा और विकास से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई.
- भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ता विमानन बाजार है और वर्तमान में घरेलू क्षेत्र में तीसरा सबसे बड़ा बाजार है. पिछले दशक में भारत में विमानों की संख्या 400 से बढ़कर 800 से अधिक हो गई है और हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर 157 हो गई है.
- सरकार की उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) जैसी पहलों ने क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ाया है, जिससे यह सुनिश्चित हुआ है कि दूरदराज के क्षेत्र भी विमानन नेटवर्क में एकीकृत हो सकें.
- नागरिक उड्डयन पर पहला एशिया प्रशांत मंत्रिस्तरीय सम्मेलन 2018 में बीजिंग, चीन में आयोजित किया गया था.
अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन: एक दृष्टि
- अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) की स्थापना 1944 में संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के रूप में की गई थी.
- यह नियमों और मानकों को निर्धारित करके एक सुरक्षित और सुदृढ़ वैश्विक विमानन प्रणाली विकसित करने के लिए काम करता है.
- वर्तमान में, 193 देश ICAO के सदस्य हैं. इसका मुख्यालय मॉन्ट्रियल, कनाडा में हैं. ICAO के वर्तमान अध्यक्ष साल्वाटोर सियाचिटानो हैं.
- ICAO ने एशिया प्रशांत क्षेत्र के लिए 1948 में मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया में एशिया प्रशांत कार्यालय (APAC) की स्थापना की थी. 1955 में इसे ऑस्ट्रेलिया से बैंकॉक, थाईलैंड में स्थानांतरित कर दिया गया था. वर्तमान में, 39 देश APAC के सदस्य हैं.
भारत-खाड़ी सहयोग परिषद के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक रियाद में आयोजित की गई
भारत-खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक सऊदी अरब के रियाद में 9 सितम्बर को आयोजित की गई थी. विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर ने इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधि मण्डल का नेतृत्व किया था. इस ऐतिहासिक बैठक का उद्देश्य भारत तथा खाड़ी देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करना था.
पहली भारत-GCC मंत्रिस्तरीय बैठक: मुख्य बिन्दु
- पहली भारत-GCC (खाड़ी सहयोग परिषद) के मंत्रिस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और कतर के प्रधान मंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी ने की. वर्तमान में जीसीसी की अध्यक्षता कतर के पास है.
- GCC की यह बैठक व्यापार, निवेश और ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित थी. विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने भारत और सऊदी अरब के बीच ऐतिहासिक संबंधों पर बल दिया.
- इस बैठक में, स्वास्थ्य, व्यापार, सुरक्षा, कृषि और खाद्य सुरक्षा, परिवहन, ऊर्जा, संस्कृति आदि में संयुक्त उद्यम शुरू करने के लिए एक संयुक्त कार्य योजना 2024-2028 को अपनाया गया.
खाड़ी सहयोग परिषद (GCC): एक दृष्टि
- खाड़ी सहयोग परिषद (Golf Cooperation Council) संगठन फारस की खाड़ी से घिरे देशो का एक क्षेत्रीय समूह है. GCC अपने चार्टर के अनुसार एक राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और क्षेत्रीय संगठन है.
- इसके सदस्य देश बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) हैं. इसका मुख्यालय सऊदी अरब की राजधानी रियाद में है.
- इस क्षेत्र तेल और गैस का दुनिया का सबसे समृद्ध भंडार है. GCC देश भारत के लिए तेल और गैस का एक प्रमुख स्रोत हैं और भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं.
- 2023-24 के दौरान, भारत-जीसीसी व्यापार 161.59 बिलियन अमेरिकी डॉलर था. भारत का निर्यात 56.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर और आयात 105.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर था.
- GCC क्षेत्र में लगभग 89 लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं.
यूएई के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नाहयान की भारत यात्रा
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नाहयान 8 से 10 सितम्बर तक भारत यात्रा पर थे. उनके साथ UAE सरकार के कई मंत्री और उद्योग जगत का प्रतिनिधिमंडल भी थे.
मुख्य बिन्दु
- UAE क्राउन प्रिंस अल नाहयान ने 9 सितंबर 2024 को नई दिल्ली में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच पांच समझौता ज्ञापनों/समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए.
- समझौते के तहत अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) को प्रति वर्ष दस लाख मीट्रिक टन एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) की आपूर्ति करेगी.
- इसे पहले पिछले साल IOCL और GAIL ने क्रमशः 1.2 लाख मीट्रिक टन और 0.5 लाख मीट्रिक टन एलएनजी की आपूर्ति के लिए ADNOC के साथ दीर्घकालिक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.
- भारत के न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और UAE के एमिरेट्स न्यूक्लियर एनर्जी कॉर्पोरेशन के बीच परमाणु सहयोग के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए.
- यह समझौता ज्ञापन परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के संचालन और रखरखाव, भारत से परमाणु वस्तुओं और सेवाओं की सोर्सिंग, पारस्परिक निवेश के अवसरों की खोज और क्षमता निर्माण में सहयोग की सुविधा प्रदान करेगा.
- संयुक्त अरब अमीरात के पास बाराकाह, अबू धाबी में 5.6 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा संयंत्र है.
- 10 सितंबर 2024 को अपनी मुंबई यात्रा के दौरान शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने भारत-यूएई बिजनेस फोरम की बैठक में भाग लिया.
- UAE सात अमीरातों- अबू धाबी, दुबई, शारजाह, अजमान, उम्म अल-कायवेन, अल-फुजायरा और रास अल-खायमा का संघ है. UAE में लगभग 35 लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं, जो देश की सबसे बड़ी प्रवासी आबादी है.
भारत और UAE संबंध
- भारत और UAE के बीच घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध है. हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच राजनीतिक, व्यापार, निवेश, संपर्क, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक सामरिक भागीदारी मजबूत हुई है.
- वर्ष 2022-23 में दोनों देशों के बीच व्यापार 85 अरब पर रहा था जिससे चीन और अमेरिका के बाद UAE भारत का इस अवधि के दौरान तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बन गया.
10 सितम्बर: विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस
प्रत्येक वर्ष 10 सितम्बर को दुनियाभर में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस (World Suicide Prevention Day) मनाया जाता है. आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति पर रोकथाम लगाने एवं इस समस्या के प्रति लोगों में जागरुकरता लाने के उद्देस्य से यह दिवस मनाया जाता है.
विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस 2024 का थीम ‘आत्महत्या की कहानी बदलना’ (Changing the Narrative on Suicide) है, जो आत्महत्या और इसकी वजहों के बारे में खुलकर बात करने के महत्व पर प्रकाश डालता है, ताकि इसके मामलों को कम करने में मदद मिल सके. WHO ने इस थीम को साल 2024 से 2026 तक के लिए चुना है.
WHO ने 2004 में औपचारिक रूप से इसे दिवस के रूप मे मान्यता दी थी. इसे पहली बार 10 सितंबर, 2003 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सहयोग से इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर सुसाइड प्रिवेंशन (IASP) की एक पहल के रूप में चिह्नित किया गया था.
12 सितंबर: दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस
संयुक्त राष्ट्र, प्रत्येक वर्ष 12 सितम्बर को दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Day for South-South Cooperation) मनाया जाता है. यह दिवस हाल के वर्षों में दक्षिण क्षेत्रों में स्थित देशों द्वारा किए गए आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक विकास के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है.
1978 में ‘विकासशील देशों के बीच तकनीकी सहयोग’ (TCDC) पर वैश्विक दक्षिण (Global South) का सम्मेलन ब्यूनस आयर्स में आयोजित किया गया था.
इस सम्मेलन में दक्षिण-दक्षिण सहयोग के मुख्य स्तंभों में से एक ‘ब्यूनस आयर्स कार्य योजना’ (BAPA) को अपनाया गया था. यह कार्य योजना विकासशील देशों के बीच तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने और कार्यान्वित करने के लिए था.
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने ऐतिहासिक ब्यूनस आयर्स की घोषणा को मान्यता देते हुए 12 सितंबर को दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाने का प्रस्ताव अपनाया था.
देश-दुनिया: एक संक्षिप्त दृष्टि
सामयिक घटनाचक्र का डेलीडोज
भारत रक्षा विमानन प्रदर्शनी का आयोजन
भारतीय वायु सेना जोधपुर में कई देशों के साथ मिलकर अपने सबसे बड़े युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति-24’ आयोजित कर रही है. वायु सेना इस अवसर पर, 12 से 14 सितम्बर तक भारत रक्षा विमानन प्रदर्शनी ‘आईडेक्स 2024’ (IDAX-24) का भी आयोजन कर रही है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया. प्रदर्शनी में विभिन्न उत्पादों और प्रौद्योगिकियों के साथ रक्षा उद्योग की भागीदारी रहेगी.
विदेश मंत्री स्विटजरलैंड की यात्रा पर
विदेश मंत्री डॉ. सुब्रमण्यम जयशंकर 12-13 सितम्बर को स्विटजरलैंड की यात्रा पर हैं. यह उनकी तीन देशों सऊदी अरब, जर्मनी और स्विटजरलैंड की य़ात्रा का तीसरा और अंतिम चरण है. जिनेवा में विदेश मंत्री अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों और प्रमुखों से मुलाकात करेंगे. इन संगठनों से भारत सक्रियता से जुड़ा हुआ है.
भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास का 20वां संस्करण राजस्थान में शुरू
भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास का 20वां संस्करण राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में 9 से 22 सितंबर 2024 तक किया जा रहा है. भारतीय दल में मुख्य रूप से भारतीय सेना की राजपूत रेजिमेंट की एक बटालियन और शामिल हैं. अमेरिका का प्रतिनिधित्व उसके इंडो-पैसिफिक कमांड के कर्मियों द्वारा किया जा रहा है.
ग्रेटर नोएडा में सेमीकंडक्टर इंडिया प्रदर्शनी और सम्मेलन
ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश में स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में 11 से 13 सितंबर तक सेमीकंडक्टर इंडिया प्रदर्शनी और सम्मेलन ‘सेमीकॉन इंडिया 2024’ का आयोजन किया जा रहा है. सम्मेलन का उद्घाटन प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. इसका आयोजन एसईएमआई (SEMI) ने म्यूनचेन इंडिया के सहयोग से और केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के समर्थन से किया है.
एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (जहाज) ‘INS मालपे’ और ‘INS मुल्की’ लॉन्च
कोचीन शिपयार्ड ने 9 सितंबर को कोच्चि में अपने माहे श्रेणी की एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (जहाज) ‘INS मालपे’ और ‘INS मुल्की’ लॉन्च किया. केंद्रीय रक्षा मंत्रालय के अधीन कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर जहाज परियोजना के तहत बनाए जाने वाले आठ जहाजों में यह चौथा और पांचवां जहाज है. जहाज का निर्माण स्वदेशी रूप से किया गया है.
भारत ने गंभीर सूखे प्रभावित अफ्रीकी देशों को खाद्यान्न भेजा
भारत सरकार ने अफ्रीकी देशों मलावी, जाम्बिया और जिम्बाब्वे को मानवीय सहायता देने का फैसला किया है. ये देश अल नीनो के कारण कारण गंभीर सूखे के कारण भोजन की कमी जैसे समस्या का सामना कर रहे हैं. एल नीनो पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर की असामान्य रूप से गरम हो जाने को संदर्भित करता है.
रणधीर सिंह एशिया ओलंपिक परिषद के अध्यक्ष चुने गए
पूर्व निशानेबाज रणधीर सिंह को एशिया ओलंपिक परिषद का अध्यक्ष चुना गया है. वह इस परिषद के अध्यक्ष चुने जाने वाले पहले भारतीय हैं. अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति द्वारा मान्यता प्राप्त एशिया ओलंपिक परिषद, एशिया में खेल शासी निकाय है.
