डेली कर्रेंट अफेयर्स
मेरी माटी मेरा देश अभियान की अमृत कलश यात्रा के समापन
मेरी माटी मेरा देश अभियान का 31 अक्टूबर को समापन हो गया. इस अभियान का समापन कार्यक्रम नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित किया गया था. यह कार्यक्रम आजादी का अमृत महोत्सव के समापन का प्रतीक था. जो भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने का जश्न मनाने के लिए 12 मार्च 2021 को शुरू हुआ था.
मेरी माटी मेरा देश अभियान: मुख्य बिन्दु
- मेरी माटी मेरा देश अभियान उन वीरों और वीरांगनाओं को एक श्रद्धांजलि थी जिन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है.
- यह कार्यक्रम मेरी माटी मेरा देश अभियान की अमृत कलश यात्रा के समापन का प्रतीक होगा, जिसमें सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 766 जिलों के सात हजार ब्लॉकों से अमृत कलश यात्री शामिल थे.
- इस यात्रा के लिए देश के कोने-कोने से मिट्टी एकत्रित की गयी थी. ये मिट्टी, ये हजारों अमृत कलश यात्राएं दिल्ली पहुंची थी.
- दिल्ली में उस मिट्टी को एक विशाल भारत कलश में डाला गया और इसी पवित्र मिट्टी से दिल्ली में ‘अमृत वाटिका’ का निर्माण किया गया. यह देश की राजधानी के हृदय में अमृत महोत्सव की भव्य विरासत के रूप में मौजूद रहेगी.
- गतिविधियों में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी बहादुरों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करने के लिए शिलाफलकम स्मारक का निर्माण शामिल था.
- शिलाफलकम में लोगों द्वारा ‘पंच प्राण’ (प्रतिज्ञा लेना), ‘अमृत वाटिका’ (स्वदेशी प्रजातियों के पौधे लगाना), वसुधा वंदन विकसित करना और स्वतंत्रता सेनानियों और शहीद स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों के सम्मान के लिए अभिनन्दन समारोह शामिल थे.
- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 31 अक्टूबर को मेरी माटी मेरा देश समापन कार्यक्रम को संबोधित किया था.
दिल्ली में भारतीय मोबाइल कांग्रेस की सातवीं बैठक आयोजित किया गया
भारतीय मोबाइल कांग्रेस की सातवीं बैठक दिल्ली के भारत मंडपम में 27 से 29 अक्तूबर तक आयोजित की गई थी. बैठक का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था.
मुख्य बिन्दु
- बैठक का शुभारंभ करते हुए श्री मोदी ने कहा कि सरकार प्रत्येक नागरिक तक 5-जी कनेक्टिीविटी पहुंचाने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि इसके लिए चार लाख 5-जी केन्द्र बनाए गए हैं.
- ये केन्द्र 97 प्रतिशत शहरों को और 80 प्रतिशत से अधिक आबादी को कवर करते हैं. उन्होंने कहा कि मोबाइल ब्रॉडबैंड स्पीड में भारत 118वें स्थान से 43वें स्थान पर पहुंच गया है.
- यह कार्यक्रम 5-जी अनुप्रयोग को प्रोत्साहन देकर 5-जी प्रौद्योगिकी से जुडे अवसरों का लाभ उठाने का प्रयास है. इससे देश के साथ-साथ वैश्विक आवश्यकतों की पूर्ति होगी. साथ ही शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, विद्युत और परिवहन जैसे विभिन्न सामाजिक आर्थिक क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा.
- यह कार्यक्रम देश में 6-जी प्रौद्योगिकी और स्टार्ट-अप के अनुकूल माहौल बनाने में भी महत्वपूर्ण साबित होगी.
बैक टू विलेज कार्यक्रम की सफलता के लिए एक समिति का गठन
जम्मू-कश्मीर सरकार ने ‘बैक टू विलेज’ यानी चलो गांव की ओर कार्यक्रम के पांचवें चरण की सफलता के लिए एक समिति का गठन किया है. इसमें वित्त, ग्रामीण और पंचायती-राज, सूचना प्रौद्योगिकी और अन्य विभागों के उच्चाधिकारी शामिल हैं.
मुख्य बिन्दु
- चलो गांव की ओर कार्यक्रम का उद्देश्य जनता और सरकारी अधिकारियों के साझा प्रयास से विकास के लाभ ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाना है.
- कार्यक्रम दौरान सरकारी कर्मी प्रत्येक पंचायत में एक निश्चित समय तक रूककर लोगों से उनके विचार लेते हैं ताकि गांव की जरूरत के अनुरूप सेवा उपलब्ध कराई जा सके.
31 अक्टूबर: सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती, राष्ट्रीय एकता दिवस
प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती (Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti) मनाई जाती है. इस वर्ष यानी 2023 में उनकी 148वीं जयंती मनाई गयी.
राष्ट्रीय एकता दिवस
- वर्ष 2014 से सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्मदिन को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ (National Unity Day) के तौर पर मनाया जाता है. देश में राष्ट्रीय एकता की भावना का संचार करने के उद्देश्य से इस दिन ‘रन फॉर यूनिटी दौड़’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है.
- सरदार वल्लभ भाई पटेल: संक्षिप्त परिचय
- सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्तूबर 1875 को गुजरात के नाडियाड में हुआ था. वह भारत के लौह पुरूष के रूप में जाने जाते हैं. उन्होंने भारत के साथ पांच सौ से अधिक रजवाड़ों का विलय कराया था. 12 अक्तूबर 1947 को दशहरे के अवसर पर सरदार पटेल ने अखंड भारत की अवधारणा का आह्वान किया था.
- सरदार पटेल ने भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री के रूप में सेवा की और गृहमंत्री भी रहे. वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे. भारत गणराज्य के एक संस्थापक के रूप में पटेल ने देश की आजादी के लिए संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
- गु़जरात के नर्मदा किनारे केवाडिया में सरदार पटेल की प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ है. यह प्रतिमा 182 मीटर ऊंची है, जो कि दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है.
31 अक्तूबर: विश्व नगर दिवस
प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को ‘विश्व नगर दिवस’ (World Cities Day) के रूप में मनाया जाता है. यह दिवस शहरीकरण की चुनौतियों का सामना करने और दुनिया भर में सतत शहरी विकास में योगदान करने के उद्देश्य से मनाया जाता है.
इस वर्ष यानि 2023 के विश्व नगर दिवस की थीम ‘सभी के लिए स्थायी शहरी भविष्य का वित्तपोषण’ (Financing sustainable urban future for all) है.
संयुक्त राष्ट्र ने विश्व नगर दिवस को मनाने का निर्णय 2013 में किया था. पहला विश्व नगर दिवस 2020 में मनाया गया था.
देश-दुनिया: एक संक्षिप्त दृष्टि
सामयिक घटनाचक्र का डेलीडोज
हांगचोओ एशियाई पैरा खेलों में भारत ने सौ पदक जीतकर इतिहास रचा
चीन के हांगचोओ एशियाई पैरा खेलों में भारत ने पहली बार सौ पदक जीतकर नया इतिहास रचा है. भारत 26 स्वर्ण, 29 रजत और 45 कांस्य सहित सौ पदक जीतकर पदक तालिका में पांचवे स्थान पर है. इससे पहले भारत ने 2018 में इंडोनेशिया में एशियाई पैरा खेलों में 72 पदक जीते थे.
विदेश मंत्री चार दिन की पुर्तगाल और इटली की यात्रा पर रहेंगे
विदेश मंत्री डॉ. सुब्रमण्यम जयशंकर 31 अक्तूबर से 3 नवंबर तक पुर्तगाल और इटली की यात्रा पर रहेंगे. यात्रा के पहले चरण में डॉ. जयशंकर 1 नवंबर तक पुर्तगाल में होंगे. विदेश मंत्रालय ने एक वक्तव्य में बताया कि पुर्तगाल यात्रा के दौरान डॉ. जयशंकर पुर्तगाल के विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तार से चर्चा करेंगे.
37वें राष्ट्रीय खेलों में महाराष्ट्र पदक तालिका में शीर्ष पर
गोआ में चल रहे 37वें राष्ट्रीय खेलों में महाराष्ट्र के तेजस अशोक शिरसे ने पुरूषों की 110 मीटर बाधा दौड में इन खेलों का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम करके अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है. उत्तरप्रदेश की प्रियंका गोस्वामी ने भी महिलाओं की 20 किलोमीटर रेस वॉक स्पर्धा में राष्ट्रीय खेलों का नया कीर्तिमान स्थापित किया. राष्ट्रीय खेल 2023 में 47 स्वर्ण सहित 114 पदक हासिल करके महाराष्ट्र पदक तालिका में शीर्ष पर है.
आंध्रप्रदेश में रेल दुर्घटना
आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में 29 अक्टूबर को दो पैसेंजर ट्रेनों में टक्कर हो गई. इस रेल हादसे में कई लोगों की मौत हो गई. ट्रेन हादसे में शामिल ट्रेनों के नाम 08532 विशाखापत्तनम-पलासा पैसेंजर और 08504 विशाखापत्तनम-रायगड़ा पैसेंजर स्पेशल था.
