डेली कर्रेंट अफेयर्स
भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस कृपाण को उपहार स्वरुप वियतनाम को सौंपा गया
भारत ने नौसेना युद्धपोत ‘आईएनएस कृपाण’ को 22 जुलाई को सेवामुक्त कर वियतनाम पीपुल्स नेवी (VPN) को सौंप दिया. युद्धपोत को संपूर्ण हथियारों से लैस वियतनाम पीपुल्स नेवी को सौंपा गया.
मुख्य बिन्दु
- जहाज को वियतनाम के कैम रैन नौसैनिक अड्डे पर आयोजित एक समारोह में वियतनाम को सौंपा गया.
- यह पहला अवसर है जब भारत किसी मित्र देश को पूर्ण-परिचालित युद्धपोत उपहार स्वरूप सौंपा गया है.
- भारतीय नौसेना ने वियतनाम पीपुल्स नेवी को आईएनएस कृपाण का स्थानांतरण हिंद महासागर क्षेत्र में ‘पसंदीदा सुरक्षा भागीदार’ होने की भारतीय नौसेना की स्थिति का प्रतीक है.
- अपनी ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के हिस्से के रूप में, भारत का लक्ष्य इसमें सक्रिय मित्रवत नौसेनाओं के लिए क्षमताएं तैयार करना है.
- 1991 में भारतीय सेना में कमीशन होने के बाद से ही आइएनएस कृपाण, भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े का एक अभिन्न अंग रहा है और पिछले 32 वर्षों में कई ऑपरेशनों में भाग लिया है.
- लगभग 12 अधिकारियों और 100 नाविकों द्वारा संचालित यह युद्धपोत 90 मीटर लंबा और 10.45 मीटर चौड़ा है और इसकी अधिकतम मालवाहक क्षमता 1450 टन है.
24 जुलाई: भारत में आयकर दिवस मनाया गया
प्रत्येक वर्ष 24 जुलाई को भारत में आयकर दिवस (Income Tax Day) मनाया जात है. इस अवसर पर कर-भुगतान को बढ़ावा देने और इसे नागरिकों के कर्तव्य के रूप में स्थापित करने के लिए अनेक लोक संपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.
भारत में वर्ष 2010 में आयकर प्रणाली के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयकर दिवस की शुरुआत की गई थी. वर्ष 1860 में पहली बार एक शुल्क के रूप में आयकर लगाया गया था, उसी वर्ष 24 जुलाई को आयकर प्राधिकरण शुरू हुआ था.
1857 में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए 24 जुलाई, 1860 को सर जेम्स विल्सन द्वारा भारत में भारत में आयकर पेश किया गया था.
23 जुलाई: बाल गंगाधर तिलक और चन्द्रशेखर आजाद की जयंती
23 जुलाई को देश के दो वीर सपूतों लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और चंद्रशेखर आजाद की जयंती है. इन दोनों सपूतों में देश की आजादी में अहम योगदान दिया था.
लोकमान्य तिलक भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के पहले लोकप्रिय नेता थे. बाल गंगाधर तिलक ने ही सबसे पहले ब्रिटिश राज के दौरान पूर्ण स्वराज की मांग उठाई थी.
महान क्रान्तिकारी चन्द्रशेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई 1906 के दिन अलीराजपुर जिला के भाबरा गांव में पिता पण्डित सीताराम तिवारी और माता जगरानी देवी के यहां हुआ था. महज 14 साल के थे जब गांधीजी जी के सन् 1921 में असहयोग आन्दोलन में भाग लेने पर वे पहली बार गिरफ़्तार हुए थे. यही से चन्द्रशेखर के साथ आजाद नाम जुड गया.
23 जुलाई: राष्ट्रीय प्रसारण दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी
प्रत्येक वर्ष 23 जुलाई को राष्ट्रीय प्रसारण दिवस (National Broadcasting Day) मनाया जाता है.
1927 में आज के ही दिन देश का पहला रेडियो प्रसारण एक निजी कंपनी- इंडियन ब्रॉडकास्टिंग कंपनी (IBC) के तहत बॉम्बे (बम्बई) केंद्र से किया गया था. 1930 में सरकार ने इस कंपनी को अपने नियंत्रण में ले लिया और ‘भारतीय प्रसारण सेवा’ के नाम से उन्हें परिचालित करना शुरू कर दिया. 8 जून 1936 को भारतीय प्रसारण सेवा को ‘ऑल इंडिया रेडियो’ नाम दिया गया. 1956 में इसे ‘आकाशवाणी’ नाम दिया गया.
22 जुलाई: राष्ट्रीय झण्डा अंगीकरण दिवस, राष्ट्रीय झण्डा से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य
प्रत्येक वर्ष 22 जुलाई को राष्ट्रीय झण्डा अंगीकरण दिवस (National Flag Adoption Day) मनाया जाता है. इसी दिन 1947 में भारतीय संविधान सभा की बैठक में तिरंगे को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया गया था. पढ़ें पूरा आलेख…»
देश-दुनिया: एक संक्षिप्त दृष्टि
सामयिक घटनाचक्र का डेलीडोज
भारतीय जोड़ी ने कोरिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में पुरुषों का डबल्स खिताब जीता
भारत के सात्विक साइराज रेंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने कोरिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में पुरुषों का डबल्स खिताब जीत लिया है. फाइनल में एशियाई चैम्पियन सात्विक और चिराग की जोड़ी ने इंडोनेशिया के फजर अल्फियान और मुहम्मद रियान अर्दियांतो की दुनिया की नम्बर एक जोड़ी को पराजित किया.
आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यसमूह की बैठक
भारत की जी-20 अध्यक्षता के अंतर्गत आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यसमूह की तीसरी और अंतिम बैठक 24 से 26 जुलाई तक चेन्नई में आयोजित की जा रही है. आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर एक समर्पित कार्यसमूह का गठन पहली बार किया गया है.
कोयंबटूर में एस-20 सम्मेलन का आयोजन
कोयंबटूर के ईशा योग केंद्र में 21-22 जुलाई को एस-20 सम्मेलन आयोजित किया गया था. सम्मेलन में विज्ञान अनुभाग के ‘एस20’ कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने सभी देशों से पृथ्वी को रहने के लिए बेहतर जगह बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता पर चर्चा की.
