डेली कर्रेंट अफेयर्स
RBI की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा: नया रेपो दर 6.5% पर अपरिवर्तित
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 6-8 जून को मुंबई में हुई थी. बैठक की अध्यक्षता बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने की थी. यह चालू वित्त वर्ष (2023-24) की दूसरी द्विमासिक (मई-जून) मौद्रिक नीति (2nd Bi-Monthly Monetary Policy) समीक्षा बैठक थी. इस बैठक में RBI ने नीतिगत रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया.
MPC की बैठक, जून 2023: मुख्य बिंदु
चालू वित्त वर्ष (2023-24) के लिए खुदरा मुद्रास्फीति के अनुमान को पहले के 5.2 प्रतिशत से घटाकर 5.1 प्रतिशत किया गया.
आरबीआई ने बैंकों को रुपे (Rupay) प्रीपेड फॉरेक्स कार्ड जारी करने की अनुमति दी है. आरबीआई ने गैर-बैंक कंपनियों को ई-रुपया वाउचर जारी करने की मंजूरी दी है जिससे ई-रुपया के दायरे का विस्तार हो सके.
चालू वित्त वर्ष में आर्थिक (GDP) वृद्धि दर के अनुमान को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है. जिसमें Q1 (पहली तिमाही) में 8 प्रतिशत की वृद्धि, Q2 में 6.5 प्रतिशत, Q3 में 6 प्रतिशत और Q4 में 5.7 प्रतिशत की उम्मीद है. पढ़ें पूरा आलेख…»
खरीफ विपणन वर्ष के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा
मंत्रिमंडल की आर्थिक कार्य समिति ने वर्ष 2022-23 के लिए खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी का निर्णय लिया है. यह निर्णय प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में 7 जून को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया.
मुख्य बिन्दु
- फसल वर्ष 2023-24 के लिए सामान्य श्रेणी के धान का MSP 143 रुपये बढ़ाकर 2183 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पिछले वर्ष 2040 रुपये प्रति क्विंटल था.
- ए-श्रेणी के धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 163 रुपये बढ़ाकर 2203 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है जो पहले 2060 रुपये था.
- मूंग के न्यूनतम समर्थन मूल्य में सबसे अधिक 10.4 प्रतिशत की वृद्धि की गई है. इसे पिछले वर्ष के 7755 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 8558 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है.
- 2022-23 के तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार देश में कुल खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड 33.50 करोड टन होने का अनुमान है जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.49 करोड टन अधिक है.
मुख्य खरीफ फसलें
धान (चावल), मक्का, ज्वार, बाजरा, मूंग, मूंगफली, गन्ना, सोयाबीन, उडद, तुअर, कुल्थी, जूट, सन, कपास आदि. खरीफ की फसलें जून जुलाई में बोई जाती हैं और सितंबर-अक्टूबर में काट लिया जाता है.
MSP (Minimum Support Price) क्या है?
MSP (Minimum Support Price) यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य वह कीमत होती है, जिस पर सरकार किसानों से अनाज खरीदती है. इसे सरकारी भाव भी कहा जा सकता है.
सरकार हर साल फसलों की MSP तय करती है ताकि किसानों की उपज का वाजिब भाव मिल सके. इसके तहत सरकार फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया, नैफेड जैसी सरकारी एजेसिंयों की मदद से किसानों की फसलों को खरीदती है.
विधि आयोग ने राजद्रोह कानून को लेकर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी
22वें विधि आयोग ने राजद्रोह कानून को लेकर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है. आयोग ने अपनी रिपोर्ट में भारतीय दंड संहिता की धारा 124-A, यानी राजद्रोह कानून को बरकरार रखने की सिफारिश की है. दरअसल, केंद्र ने राजद्रोह कानून को लेकर विधि आयोग से रिपोर्ट मांगी थी.
22वें विधि आयोग की रिपोर्ट: मुख्य बिन्दु
- 22वें विधि आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस कानून को समाप्त करने की जरूरत नहीं है. कुछ संशोधन करके राजद्रोह कानून को बनाये रखा जा सकता है.
- रिपोर्ट में इस अपराध के तहत दोषी पाए जाने पर न्यूनतम सजा को बढ़ाने की सिफारिश की गई है. इस अपराध के तहत न्यूनतम सजा 3 साल से बढ़ाकर 7 साल की जानी चाहिए.
- आयोग ने सुझाव दिया है कि सीआरपीसी 1973 की धारा-196 (3) के तहत धारा-154 में नया प्रावधान जोड़ा जा सकता है.
- इसके तहत इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी की शुरुआती जांच और सरकार की इजाजत के बाद ही राजद्रोह अपराध के मामलों में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए.
राजद्रोह कानून क्या है?
भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 124-A के तहत राजद्रोह एक अपराध है. यह कानून राजद्रोह को एक ऐसे अपराध के रूप में परिभाषित करता है, जिसमें किसी व्यक्ति द्वारा भारत में संवैधानिक तौर पर गठित सरकार के प्रति मौखिक, लिखित, सांकेतिक या दृश्य रूप में घृणा, अवमानना या उत्तेजना पैदा करने का प्रयास किया जाता है.
राजद्रोह कानून का इतिहास
- भारत में राजद्रोह कानून का मसौदा साल 1837 में ब्रिटिश राजनीतिज्ञ थॉमस मैकाले ने तैयार किया था. साल 1860 में भारतीय दंड सहिता लागू हुई थी लेकिन इस कानून को शामिल नहीं किया गया. फिर साल 1870 में एक संशोधन के तहत भारतीय दंड सहिता की धारा 124-A (राजद्रोह) को जोड़ा गया.
- स्वतंत्रता के बाद ‘राजद्रोह’ शब्द संविधान से हटा दिया गया और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(A) ने भाषण और अभिव्यक्ति की पूर्ण स्वतंत्रता दी गई. हालांकि, भारतीय दंड सहिता (IPC) में धारा 124-A बनी रही.
- 1951 में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने अनुच्छेद 19(1)(A) के तहत स्वतंत्रता को सीमित करने के लिए संविधान का पहला संशोधन किया. इस संशोधन में सरकार को सशक्त बनाने के लिए अनुच्छेद 19(2) को अधिनियमित किया, जो भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार पर ‘उचित प्रतिबंध’ के रूप में अंकुश लगाता है.
- इंदिरा गांधी सरकार के दौरान भारत के इतिहास में पहली बार धारा 124-A को संज्ञेय अपराध बनाया गया. 1974 में नयी सीआरपीसी, 1973 लागू हुई जिससमें राजद्रोह को संज्ञेय अपराध बना दिया गया और पुलिस को बिना वारंट के गिरफ्तारी करने का अधिकार दे दिया गया.
- फिलहाल राजद्रोह एक गैर-जमानती अपराध है. इसमें तीन साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है. इसके साथ जुर्माना लगाया जा सकता है.
राज्य खाद्य सुरक्षा सूचकांक-2022-23 जारी: केरल बड़े राज्यों में शीर्ष पर
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने 7 जून को राज्य खाद्य सुरक्षा सूचकांक (State Food Safety Index) जारी किया था. यह राज्य खाद्य सुरक्षा सूचकांक पाँचवाँ संस्करण था.
पाँचवाँ राज्य खाद्य सुरक्षा सूचकांक: मुख्य बिन्दु
- राज्य खाद्य सुरक्षा सूचकांक (SFSI) प्रत्येक वर्ष 7 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के अवसर पर FSSAI द्वारा किया जाता है.
- यह खाद्य संरक्षा के छह अलग-अलग पहलुओं में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करता है.
- बड़े राज्यों की श्रेणी में केरल ने पहला स्थान हासिल किया है. पंजाब और तमिलनाडु क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया.
- केंद्र शासित प्रदेश (UT) श्रेणी में जम्मू और कश्मीर ने अपना पहला स्थान बनाए रखा है. दिल्ली और चंडीगढ़ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहा.
- छोटे राज्यों की श्रेणी में गोवा ने पहला स्थान हासिल किया. मणिपुर और सिक्किम क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया.
खाद्य सुरक्षा सूचकांक: एक दृष्टि
खाद्य सुरक्षा सूचकांक 2018-19 में शुरू किया गया था. खाद्य सुरक्षा के कई मापदंडों पर राज्यों के प्रदर्शन को मापने के लिए FSSAI द्वारा यह सूचकांक जारी किया जाता है.
इस रिपोर्ट में राज्यों को पांच मानदंडों, खाद्य सुरक्षा, मानव संसाधन व संस्थागत आंकड़ों, एक्ट के अनुपालन, खाद्य परीक्षण सुविधा, प्रशिक्षण व क्षमता निर्माण के अलावा उपभोक्ता सशक्तीकरण के आधार पर रैंकिग दी जाती है.
8 जून: विश्व महासागर दिवस
प्रत्येक वर्ष 8 जून को विश्व महासागर दिवस (World Oceans Day) मनाया जाता है. महासागरों के महत्व को जानने, समझने और महासागरों में बढ़ते प्रदूषण के खतरों और उनके संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से यह दिवस मनाया जाता है.
प्रति वर्ष विश्व महासागर दिवस की एक खास थीम (मुख्य विषय) रखी जाती है. इस वर्ष यानी 2023 में इस दिवस का मुख्य विषय (थीम) ‘ग्रह महासागर: ज्वार बदल रहे हैं’ (Planet Ocean: Tides are Changing) है.
7 जून 2023: पाँचवाँ विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया गया
प्रत्येक वर्ष 7 जून को ‘विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस’ (World Food Safety Day) मनाया जाता है. यह दिवस खाद्य सुरक्षा, मानव स्वास्थ्य, आर्थिक समृद्धि, कृषि, बाजार पहुंच, पर्यटन और सतत विकास में योगदान की ओर ध्यान आकर्षित करने और कार्रवाई के लिए प्रेरित करने के लिए मनाया जाता है.
इस वर्ष विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस का मुख्य विषय (थीम)- ‘खाद्य मानक जीवन सुरक्षित बनाते हैं’ (Food Standards Save Lives) है.
देश-दुनिया: एक संक्षिप्त दृष्टि
सामयिक घटनाचक्र का डेलीडोज
प्रधानमंत्री अमरीकी कांग्रेस की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमरीकी कांग्रेस की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के लिए आमंत्रित करने पर अमरीकी प्रतिनिधि सभा के स्पीकर केविन मेककार्थी का आभार व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि भारत को अमरीका के साथ समग्र वैश्विक रणनीतिक साझेदारी पर गर्व है.
भारत-सऊदी अरब द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा सऊदी अरब के युवराज और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद ने टेलीफोन पर हुई बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की. बातचीत के दौरान सम्पर्क, ऊर्जा और रक्षा सहयोग बढाने के उपायों पर विचार विमर्श हुआ.
BSNL के लिए नवासी हजार करोड़ रुपये के पुनर्रोद्धार पैकेज को स्वीकृति
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के लिए नवासी हजार करोड़ रुपये से अधिक के तीसरे पुनर्रोद्धार पैकेज को स्वीकृति दी है. इसमें इक्विटी के माध्यम से BSNL के लिए 4-जी और 5-जी स्पेक्ट्रम का आवंटन शामिल है. BSNL की अधिकृत पूंजी 1.50 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2.1 लाख करोड़ रुपये करने को भी स्वीकृति दी गई है.
