डेली कर्रेंट अफेयर्स
यूक्रेन-रूस तनाव: एक दृष्टि
- संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक प्रस्ताव पारित कर यूक्रेन में रूसी आक्रमण की निंदा करते हुए रूस से तुरंत अपने सैनिकों को वापस बुलाने को कहा है. मतदान के पक्ष में 141 देशों ने वोट डाले जबकि पांच देशों ने प्रस्ताव के विरोध में मतदान किया. भारत और 34 अन्य देश मतदान से अलग रहे.
- रूस के पक्ष में मतदान करने वाले देशों में बेलारूस, उत्तर कोरिया और सीरिया शामिल हैं. क्यूबा ने भी रूस का समर्थन किया लेकिन वह मतदान से अलग रहा. यूक्रेन में रूसी सैन्य अभियानों के बीच सुरक्षा परिषद ने संयुक्त राष्ट्र महासभा का आपात सत्र बुलाया था.
- रूस ने यूक्रेन स्थित जपोरिजिया परमाणु शक्ति संयत्र पर हमला कर अपने नियंत्रण में ले लिया है. यूक्रेन के परमाणु विभाग के अनुसार, 6 रिएक्टरों में से एक के भवन को नुकसान पहुंचा है, हालांकि रिएक्टर की सुरक्षा प्रभावित नहीं हुई है.
- विश्व के कई नेताओं ने रूस पर पूरे महाद्वीप की सुरक्षा खतरे में डालने का आरोप लगाया है. अमरीका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने रूस से ऐसे हमले फौरन रोकने की अपील की है.
मशीन से बने पॉलिएस्टर के राष्ट्रीय झंडे के निर्माण और आयात को मंजूरी दी गयी
केंद्र सरकार ने मशीन-निर्मित पॉलिएस्टर राष्ट्रीय ध्वज के निर्माण और आयात की अनुमति दी है. इसके लिए 2002 के भारतीय ध्वज संहिता में संशोधन किया गया है.
इससे पहले केवल हाथ से काते और बुने हुए ऊन या कपास या रेशम खादी से बनाए गए झंडों की अनुमति थी. 2019 में मशीन से बने झंडों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया गया था.
यह कदम विशाल झंडों को होने वाले नुकसान के लिए राहत प्रदान करता है. ऊंचाई पर झंडा फहराने के लिए, इसकी सामग्री सख्त और हवा प्रतिरोधी होनी चाहिए.
भारतीय ध्वज संहिता
- भारतीय ध्वज संहिता तीन खंडों में विभाजित है. भाग 1 में राष्ट्रीय ध्वज के सामान्य विवरण शामिल हैं, जबकि भाग 2 निजी और सार्वजनिक संगठनों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन से संबंधित है, और भाग 3 राज्य और केंद्र सरकारों और उनकी एजेंसियों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन से संबंधित है.
- ध्वज संहिता में कहा गया है कि राष्ट्रीय ध्वज की लंबाई और चौड़ाई का अनुपात 3:2 होना चाहिए. राज्य सम्बन्धी अंतिम संस्कार या सशस्त्र बलों या अन्य अर्धसैनिक बलों के अंत्येष्टि को छोड़कर, किसी भी रूप में ध्वज का उपयोग निजी अंत्येष्टि सहित किसी भी रूप में नहीं किया जाएगा.
- झंडे को कुशन, रूमाल, नैपकिन, या किसी अन्य ड्रेस सामग्री पर कढ़ाई या मुद्रित नहीं किया जाना चाहिए, और न ही इसे किसी भी पोशाक या किसी भी प्रकार की वर्दी के हिस्से के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए.
जलवायु परिवर्तन पर IPCC रिपोर्ट: संयुक्त राष्ट्र में 195 देशों ने दी मंजूरी
संयुक्त राष्ट्र ने जलवायु परिवर्तन पर अंतर सरकारी पैनल (IPCC) द्वारा जारी रिपोर्ट “क्लामेट चेंज 2022: इंपैक्ट, एडप्शन और वल्नरबिलिटी” (Climate Change 2022: Impacts, Adaptation and Vulnerability) को मंजूरी दी है. रिपोर्ट में जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले नुकसान को बताया गया है और इस नुकसान को कम करने के तरीके पर चर्चा की गई है. IPCC की रिपोर्ट को संयुक्त राष्ट्र में 195 देशों ने मंजूरी दी है.
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु
- जलवायु परिवर्तन के कारण देश के तटीय शहर और हिमालय से लगे इलाकों पर बड़ा असर पड़ेगा.
- मौसम बदलने के कारण ज्यादा या कम बारिश, बाढ़ की विभीषिका और लू के थेपेड़े बढ़ सकते हैं. रिपोर्ट में बढ़ते तापमान के कारण भारत में कृषि उत्पादन में बड़े पैमाने पर कमी की भी आशंका जताई गई है.
- दुनिया की 3.6 अरब की आबादी ऐसे इलाकों में रहती है जहां जलवायु परिवर्तन का सबसे ज्यादा असर हो सकता है. अगले दो दशक में दुनियाभर में तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस बढ़ने का अनुमान लगाया गया है.
- तापमान बढ़ने के कारण फूड सिक्योरिटी, पानी की किल्लत, जंगल की आग, हेल्थ, ट्रांसपोटेशन सिस्टम, शहरी ढांचा, बाढ़ जैसी समस्याएं बढ़ने का अनुमान जताया गया है.
भारत के सन्दर्भ में
- भारत में 7,500 किलोमीटर लंबा तटीय इलाका है. समुद्र का स्तर ऊपर जाने के कारण इन इलाकों में बाढ़ जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. यही नहीं, यहां चक्रवाती तूफानों का भी खतरा मंडराएगा.
- अगर तापमान में 1-4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होती है तो भारत में, चावल का उत्पादन 10 से 30 प्रतिशत तक, जबकि मक्के का उत्पादन 25 से 70 प्रतिशत तक घट सकता है.
- इस रिपोर्ट में जलवायु परिवर्तन से निपटने के तरीकों पर भी चर्चा की गई है. भारतीय शहर सूरत, इंदौर और भुवनेश्वर के जलवायु परिवर्तन से निपटने के तौर-तरीकों का भी जिक्र किया गया है.
- इस सदी के मध्य तक देश की करीब साढ़े 3 करोड़ की आबादी तटीय बाढ़ की विभीषिका झेलेगी और सदी के अंत तक यह आंकड़ा 5 करोड़ तक जा सकता है. रिपोर्ट में दक्षिण भारत के तेलंगाना में पानी संचयन की पुरानी तकनीक का भी जिक्र किया गया है.
जलवायु परिवर्तन पर अंतर सरकारी पैनल (IPCC)
IPCC संयुक्त राष्ट्र का एक अंतर सरकारी समूह है जो जलवायु परिवर्तन पर अध्ययन करता है. इसकी स्थापना विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने 1988 में किया था. इसका मुख्यालय जिनेवा, स्विट्जरलैंड में है.
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण की 5वी सभा: प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करने का संकल्प
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की 5वां सभा (UNEA 5) 28 फरवरी से 4 मार्च तक केन्या की राजधानी नैरोबी में आयोजित किया गया था. इस सभा में 175 देशों ने हिस्सा लिया था. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस सत्र में भारत का प्रतिनिधित्व किया था. UNEA 5 का थीम “सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रकृति के कार्यों को सुदृढ़ बनाना” (Strengthening Actions for Nature to Achieve the Sustainable Development Goals) था.
प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करने का संकल्प
- इस बैठक में दुनिया भर के समुद्रों, नदियों और मैदानी भागों में प्लास्टिक कचरे की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय रूपरेखा का प्रस्ताव रखा.
- अपने संबोधन में पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने प्रमुख पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक कार्रवाई को प्रोत्साहित करने की बात कही.
- भारत के आग्रह पर, प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिए कार्रवाई करते समय राष्ट्रीय परिस्थितियों और क्षमता के सिद्धांत को संकल्प के पाठ में शामिल किया गया ताकि विकासशील देशों को उनके विकास पथ का अनुसरण करने की अनुमति मिल सके.
- इससे पहले, भारत ने 2019 में आयोजित चौथी संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा (UNEA 4) में एकल उपयोग प्लास्टिक उत्पाद प्रदूषण से निपटने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया था, जिससे इस मुद्दे पर वैश्विक ध्यान आकर्षित हुआ.
देश-दुनिया: एक संक्षिप्त दृष्टि
सामयिक घटनाचक्र का डेलीडोज
सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ का आईएनएस चेन्नई से सफल परीक्षण
भारतीय नौसेना ने 5 मार्च को सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ का अपने युद्धपोत आईएनएस चेन्नई से सफल परीक्षण किया. ब्रह्मोस मिसाइल और आईएनएस चेन्नई- दोनों का निर्माण स्वदेश में ही हुआ है और ये दोनों अत्याधुनिक तकनीक क्षेत्र में भारत के कौशल के प्रतीक हैं.
फरवरी 2022 में GST संग्रह 1,33,026 करोड़ रहा
फरवरी 2022 में GST संग्रह 1,33,026 करोड़ रहा, जो फरवरी 2021 की तुलना में 18 प्रतिशत और फरवरी 2020 की तुलना 26 प्रतिशत अधिक है. यह पांचवीं बार है जब GST संग्रह 1.30 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है.
भारत और बेल्जियम के बीच राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे
25 फरवरी 2022 को भारत और बेल्जियम के बीच राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशेष लोगो का अनावरण किया गया. इस लोगो में दोनों राष्ट्रों के राष्ट्रीय झंडों को मोर के दोनों ओर दर्शाया गया है.
माधबी पुरी बुच SEBI के नए चेयरपर्सन नियुक्त
सरकार ने माधबी पुरी बुच को SEBI का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है. वह भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की पहली महिला अध्यक्ष हैं.
