डेली कर्रेंट अफेयर्स
वन ओशन समिट का आयोजन फ्रांस के राष्ट्रपति के नेतृत्व में किया गया
वन ओशन समिट (One Ocean Summit) का आयोजन फ्रांस में 9-11 फरवरी को किया गया था. इसका आयोजन फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के नेतृत्व में किया गया था. इस सम्मलेन को भारत सहित यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, जापान, दक्षिण कोरिया और कनाडा सहित कई राष्ट्राध्यक्षों ने संबोधित किया था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सम्मलेन को विडियो कांफ्रेंसिंग माध्यम से संबोधित किया था. अपने संबोधन में उन्होंने भारत में सिंगल यूज प्लास्टिक समाप्त करने की प्रतिबद्धता जताई. श्री मोदी ने कहा कि भारत की इंडो-पैसिफिक ओशन इनिशिएटिव में प्रमुख स्तंभ के रूप में समुद्री संसाधन शामिल हैं.
जैव विविधता पर उच्च महत्वाकांक्षा गठबंधन
- सम्मेलन के दौरान, राष्ट्रीय क्षेत्राधिकार से परे “जैव विविधता पर उच्च महत्वाकांक्षा गठबंधन” (biodiversity beyond national jurisdiction- BBNJ) की घोषणा की गई. BBNJ को “reaty of the High Seas” के रूप में भी जाना जाता है.
- समुद्र का 95% हिस्सा राष्ट्रीय अधिकार क्षेत्र से बाहर का है. यह क्षेत्र मानवता को अमूल्य आर्थिक, पारिस्थितिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, वैज्ञानिक और खाद्य-सुरक्षा लाभ प्रदान करता है.
- यह राष्ट्रीय अधिकार क्षेत्र से परे क्षेत्रों की समुद्री जैविक विविधता के संरक्षण और सतत उपयोग पर एक अंतर्राष्ट्रीय समझौता है. यह समुद्र में मानव गतिविधियों को नियंत्रित करने वाला एक महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय समझौता है.
- इस गठबंधन में अब तक ऑस्ट्रेलिया, चिली, कनाडा, कोमोरोस, कोलंबिया, भारत, मोनाको, मिस्र, पेरू, मोरक्को, नॉर्वे, कांगो गणराज्य, स्विट्जरलैंड, सिंगापुर, टोगो, यूनाइटेड किंगडम और यूरोपीय संघ और इसके 27 सदस्य देश शामिल हो चुके हैं.
क्वाड विदेश मंत्रियों की चौथी बैठक मेलबर्न में आयोजित की गयी
क्वाड (Quad) देशों के विदेश मंत्रियों की चौथी बैठक 11 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित की गयी थी. बैठक में क्वाड के सभी सदस्य देशों भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमरीका के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया था.
विदेश मंत्री डॉक्टर सुब्रहमण्यम जयशंकर ने इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था. वे ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मारिस पेन के निमंत्रण पर ऑस्ट्रेलिया गये थे. डॉ जयशंकर और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री ने इस संवाद की सह-अध्यक्षता की थी.
मुख्य बिंदु
- बैठक में शामिल नेताओं ने सीमा पार आतंकवाद के लिए आतंकवादियों के इस्तेमाल की भी निंदा की. बैठक में, विदेश मंत्री डॉ एस. जयशंकर के साथ-साथ अमरीका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों ने भी कहा कि अफगानिस्तान का इस्तेमाल किसी भी देश को धमकाने या हमले के लिए नहीं किया जाना चाहिए.
- चारों देशों के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त वक्तव्य में कहा कि क्वाड देश हिन्द-प्रशान्त क्षेत्र को बाधा-रहित और समावेशी बनाने की दिशा में प्रयासरत हैं ताकि इस क्षेत्र में शांति, स्थिरता और आर्थिक खुशहाली सुनिश्चित की जा सके.
- डॉक्टर सुब्रहमण्यम जयशंकर ने हिन्द प्रशान्त क्षेत्र को स्वतंत्र आवाजाही, अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप और दबाव मुक्त बनाये जाने पर बल दिया ताकि इस क्षेत्र में और इससे इतर भी सुरक्षा और खुशहाली को बढ़ावा मिले.
‘क्वाड’ क्या है?
- ‘क्वाड’ (QUAD) का पूरा नाम Quadrilateral Security Dialogue (QSD) है. यह ‘भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान’ का चतुष्कोणीय गठबंधन है. यह चीन के साथ भू-रणनीतिक चिंताओं के मद्देनजर गठित की गयी है.
- जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया तथा भारत के परामर्श से 2007 में ‘क्वाड’ की शुरुआत की थी. 2008 में ऑस्ट्रेलिया द्वारा इस ग्रुप से बाहर आने के कारण यह संगठन शिथिल पड़ गया था, लेकिन बाद में वह पुन: इस वार्ता में शामिल हो गया.
- 2017 में, इस अनौपचारिक समूह को पुनर्जीवित किया गया ताकि एशिया में चीन के आक्रामक उदय को संतुलित किया जा सके.
- क्वाड संगठन का उद्देश्य इस क्षेत्र में वैध और महत्वपूर्ण हित रखने वाले सभी देशों की सुरक्षा और उनके आर्थिक सरोकारों का ध्यान रखना है.
RBI की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक, रेपो दर 4%, रिवर्स रेपो दर 3.35% पर अपरिवर्तित
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 8-10 फरवरी को मुंबई में हुई थी. बैठक की अध्यक्षता बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने की थी. यह चालू वित्त वर्ष (2021-22) की छठी द्विमासिक (फरवरी-) मौद्रिक नीति (6th Bi-Monthly Monetary Policy) समीक्षा बैठक थी.
रिजर्व बैंक ने वर्तमान में रेपो रेट 4 प्रतिशत और रिवर्स रेपो रेट 3.35 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा है. यह लगातार 10वीं बार था जब RBI ने नीतिगत दर पर यथास्थिति बनाए रखी.
RBI ने इस वित्त वर्ष (2021-22) में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर 9.2 प्रतिशत और वित्तीय वर्ष 2022-2023 में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है. 2021-22 के दौरान सीपीआई मुद्रास्फीति 5.3% अनुमानित है. पढ़ें पूरा आलेख…»
भारत और ऑस्ट्रेलिया मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देंगे
भारत और ऑस्ट्रेलिया मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देंगे. इसके एक वर्ष के भीतर दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता सम्पन्न किये जाने का अनुमान है.
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा ऑस्ट्रेलिया के व्यापार, पर्यटन और निवेश मंत्री डैन टेहन ने संयुक्त बैठक के दौरान यह घोषणा की. दोनों नेताओं के बीच यह बैठक 9-11 फरवरी को नई दिल्ली में हुई थी.
बैठक के मुख्य बिंदु
- इस बैठक में दोनों देश एक ऐसे संतुलित व्यापार समझौते की आवश्यकता पर सहमत हुए जिससे आपसी व्यापार और निवेश बढ़े तथा दोनों देशों को लाभ हो.
- दोनों देश ऑस्ट्रेलिया में भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनियों के समक्ष कर संबंधी मुद्दों का भी तेज़ी से समाधान करने पर सहमत हुए हैं.
- दोनों देशों के बीच पहले एक अंतरिम समझौता किया जायेगा. इस समझौते में वस्तु, सेवा, उद्यम, स्वच्छता, सीमा शुल्क प्रक्रिया और कानूनी तथा संस्थागत मुद्दे शामिल होने का अनुमान है.
अमेरिका ने बहुप्रतीक्षित हिंद प्रशांत नीति जारी की
अमेरिका ने बहुप्रतीक्षित हिंद प्रशांत नीति जारी कर दी है. यह नीति अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन ने 10 फरवरी को जारी की थी. इस नीति में हिंद प्रशांत नीति में चीन की हठधर्मिता, महामारी तथा जलवायु परिर्वतन सहित क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक क्षमता निर्माण पर ध्यान दिया गया है. इसमें भारत की भूमिका, अमरीका भारत के रिश्ते का महत्वपूर्ण तत्व है.
अमेरिकी हिंद प्रशांत नीति: मुख्य बिंदु
- अमरीका ऐसा हिंद प्रशांत क्षेत्र चाहता है जो मुक्त, खुला, जुड़ा हुआ, खुशहाल, सुरक्षित तथा हर परिस्थितियों से निपटने में सक्षम हो.
- अमरीका भारत के उत्थान और क्षेत्रीय नेतृत्व को समर्थन देना तथा विभिन्न मुद्दों पर भारत के साथ परस्पर ढंग से और अन्य समूहों के जरिए सहयोग करना जारी रखेगा.
- इसमें भारत को क्वाड समूह में “एक जैसी सोच वाले साझीदार” तथा “संवाहक शक्ति” के रूप में उल्लेखित किया गया है.
- नीति के अनुसार पिछले प्रशासन की नीतियों को जारी रखा गया है. इसमें चीन से उत्पन्न चुनौतियों, भारत के साथ प्रमुख रक्षा भागीदारी तथा समूचे क्षेत्र में सुरक्षा प्रदाता के रूप में उसकी भूमिका का समर्थन करना शामिल है.
वर्ष 2024 तक कृषि क्षेत्र में डीजल के स्थान पर अक्षय ऊर्जा के इस्तेमाल का लक्ष्य
सरकार ने वर्ष 2024 तक देश में कृषि क्षेत्र को डीजल मुक्त करने का लक्ष्य रखा है. केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने कृषि क्षेत्र में डीजल के स्थान पर अक्षय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) के शत-प्रतिशत इस्तेमाल प्रतिवाधता दोहराई है. इससे भारत के कृषि क्षेत्र को डीजल से मुक्ति मिलेगी.
मुख्य बिंदु
- यह लक्ष्य 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन की हिस्सेदारी बढ़ाने और 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जक बनने की सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप निर्धारित किया गया है.
- पीएम-कुसुम (PM-KUSUM) योजना के माध्यम से, केंद्र सरकार कृषि को सौर ऊर्जा से चलाने के लिए एक योजना चला रही है इससे सौर ऊर्जा से चलने वाली सिंचाई प्रणाली स्थापित करने में मदद मिलेगी.
रूस और बेलारूस ने संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किया
रूस और बेलारूस ने 10 फरवरी को संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किया है. इस अभ्यास में 30 हजार से अधिक रूसी सैनिक अगले 10 दिनों तक सैन्य अभ्यास करेंगे. टैंक, लड़ाकू विमान और S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम के साथ ही हजारों सैनिक बेलारूस में 20 फरवरी तक ‘एलाइड रिजॉल्यूशन 2022’ अभ्यास में भाग ले रहे हैं.
मुख्य बिंदु
- युद्ध अभ्यास यूक्रेन के साथ ही पोलैंड और लिथुआनिया के पास किए जा रहे हैं. पोलैंड और लिथुआनिया नाटो के सदस्य हैं.
- यह युद्ध अभ्यास ऐसे वक्त में हो रहा है जब रूस ने एक लाख से अधिक सैनिक यूक्रेन बॉर्डर पर तैनात किए हुए हैं.
- इस अभ्यास को लेकर अमेरिका और नाटो ने चिंता जताई है. नाटो ने चेतावनी दी है कि यूक्रेन पर हमला करने से पहले रूस युद्ध अभ्यास कर रहा है.
- यूक्रेन ने इसके जवाब ने स्वयं का 10 दिनों का अभ्यास शुरू किया है. यूक्रेन के अभ्यास में करीब 10,000 सैनिक शामिल हैं.
- अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मॉस्को को धमकी दी है कि अगर रूस यूक्रेन पर हमला करता है तो क्रेमलिन पर ऐसे-ऐसे प्रतिबंध लगाए जाएंगे जो रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने देखे नहीं होंगे.
ऑस्ट्रेलिया में कोआला प्रजाति को लुप्तप्राय सूची में शामिल किया गया
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने आधिकारिक तौर पर प्रतिष्ठित कोआला (Koala) प्रजाति को लुप्तप्राय सूची में शामिल कर लिया है. सरकार ने संकटग्रस्त प्रजाति समिति की सिफारिश पर ऑस्ट्रेलियाई राजधानी क्षेत्र न्यू साउथ वेल्स और क्वीनंसलैंड में कोआला आबादी की स्थिति को देखते हुए उसे लुप्तप्राय घोषित किया है. इससे पहले कोआला को कमजोर प्रजाति के रूप में सूचीबद्ध किया गया था.
सरकार द्वारा प्रजातियों की मदद के लिए पांच करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (3.57 करोड़ अमेरिकी डॉलर) की रकम जारी करने के बाद यह घोषणा की गई है.
पर्यावरण समूहों ने वर्ष 2019-20 में जंगल में लगी भीषण आग के बाद से कोआला को लुप्तप्राय के रूप में सूचीबद्ध करने के लिए अभियान चलाया है, गौरतलब है कि इस आग में करीब 60,000 कोआला प्रभावित हुए थे या मारे गए थे.
कोआला क्या है?
कोआला, ऑस्ट्रेलिया के तटीय क्षेत्रों में पाया जाने वाला एक जानवर है. यह प्रजाति न्यू साउथ वेल्स, दक्षिण ऑस्ट्रेलिया, क्वींसलैंड और न्यू साउथ वेल्स में रहती है. यह अपने मोटे, बड़े सिर, बिना पूंछ वाले शरीर, गोल कानों और बड़ी, चम्मच के आकार की नाक से पहचानी जाती है. इसके शरीर की लंबाई 60-85 सेंटीमीटर होती है जबकि वजन 4-15 किलोग्राम होता है.
स्पेसएक्स द्वारा प्रक्षेपित 40 स्टारलिंक सैटेलाइट, सौर तूफान के कारण नष्ट
स्पेसएक्स द्वारा प्रक्षेपित 40 स्टारलिंक सैटेलाइट, सौर तूफान (जियोमैग्नेटिक) के कारण नष्ट हो गए हैं. स्पेसएक्स ने 4 फरवरी को 49 स्टारलिंक सैटेलाइट का प्रक्षेपण किया था जिनमें 40 उपग्रह वातावरण में पुन: प्रवेश करके जल गए हैं. स्पेसएक्स, अमेरिकी उद्योगपति एलोन मस्क (Elon Musk) की कंपनी है.
मुख्य बिंदु
ये 40 स्टारलिंक सैटेलाइट सौर तूफान (जियोमैग्नेटिक) के कारण वातावरण में (निचली कक्षा में धरती से 210 किलोमीटर दूर) पुन: प्रवेश करके नष्ट हुए हैं. यह भू-चुंबकीय तूफान 10 फरवरी को आया था.
सौर तूफान के चलते स्टारलिंक उपग्रहों पर खिंचाव बढ़ गया और वे प्रभावी रूप से नष्ट हो गए. इस खिंचाव को कम करने के लिए तकनीकी रूप से कई कोशिशें की गईं लेकिन यह इतना तेज था कि उपग्रह एक उच्च और अधिक स्थिर कक्षा में जाने में नाकाम रहे.
स्पेसएक्स के पास अब भी करीब 2,000 स्टारलिंक उपग्रह हैं, जो पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे हैं और दुनिया के दूरदराज के हिस्सों में इंटरनेट सेवा प्रदान कर रहे हैं. वे 550 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर पृथ्वी का चक्कर लगाते हैं.
धरती को खतरा नहीं
प्रक्षेपण के करने वाली कंपनी स्पेसएक्स के अनुसार नष्ट हुए उपग्रहों से धरती को फिलहाल कोई खतरा नहीं है. इन उपग्रहों को इस तरह तैयार किया गया था कि किसी खतरे में ये धरती के वातावरण में दोबारा आकर राख बन जाएं.
क्या है सौर तूफान?
भू-चुंबकीय (जियोमैग्नेटिक) तूफान सूर्य में होने वाले विस्फोटों के चलते उससे निकलने वाली ऊर्जा होते हैं, जिसका असर जीपीएस, सैटेलाइट कम्युनिकेशंस और रेडियो पर पड़ता है. ऐसे तूफान जीपीएस नेविगेशन प्रणाली और हाई-फ्रीक्वेंसी रेडियो कम्युनिकेशंस को भी प्रभावित करते हैं. इनसे हवाई सेवा, पावर ग्रिड्स व स्पेस एक्सप्लोरेशन प्रोग्राम्स को भी खतरा होता है.
13 फरवरी: विश्व रेडियो दिवस
प्रत्येक वर्ष 13 फरवरी को विश्व रेडियो दिवस (World Radio Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य जनता और मीडिया में रेडियो के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना है. यह दिन रेडियो की अनोखी क्षमता को याद करने के लिए भी मनाया जाता है, यह आम लोगों के जीवन से सीधा जुड़ा है और दुनिया के सभी भागों के लोगों को जोड़ता है. विश्व रेडियो दिवस 2022 का मुख्य विषय (थीम) ‘रेडियो और विश्वास’ (Radio and Trust) है.
देश-दुनिया: एक संक्षिप्त दृष्टि
सामयिक घटनाचक्र का डेलीडोज
वंचितों को आजीविका और उद्यम के लिए ‘स्माइल’ योजना
केन्द्र सरकार ने वंचितों को आजीविका और उद्यम के लिए सहायता देने के लिए ‘स्माइल’ योजना शुरू की है. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की इस योजना का लाभ ट्रांसजेंडर और भीख मांगने वालों को भी मिलेगा. 2021-22 से 2025-26 तक योजना के लिए 365 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. इसमें दो उप-योजनाएं शामिल हैं – ‘ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कल्याण के लिए समग्र पुनर्वास की केंद्रीय योजना’ और ‘भीख मांगने वालों के समग्र पुनर्वास की केंद्रीय योजना
आरोग्य सेतु एप से 14 अंको का आभा नंबर
सरकार ने आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट ‘आभा’ से नागरिकों को जोड़ने के लिए नई सुविधा दी है. अब लोग आरोग्य सेतु एप से 14 अंको का आभा नंबर ले सकेंगे और वे इस अकाउंट नंबर के जरिए अपने पुराने और नए मेडिकल रिकार्डस को आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट पर अपलोड कर सकेंगे.
टीबी की जांच के लिए मोबाइल ऐप्लिकेशन-कफ कलेक्शन एप
फेफड़ों की बीमारी क्षय रोग यानि (टीबी) की जांच के लिए बलगम का नमूना लिया जाता है लेकिन इसे सुगम बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक खास तरह का मोबाइल ऐप्लिकेशन-कफ कलेक्शन एप तैयार किया गया है. इस एप के जरिए खांसी की आवाज रिकार्ड की जाती है. खांसी की आवाज और कुछ शब्दों के ज्यादा देर तक बोलने से टीबी रोग की पहचान की जाती है.
अमरीका में फ्रीज की गई अफगानिस्तान की परिसंपत्ति जारी करने के आदेश
अमरीका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अमरीका में फ्रीज की गई अफगानिस्तान की परिसंपत्ति में से सात अरब डॉलर जारी करने के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. इस धनराशि को अफगानिस्तान के मानवीय सहायता और 11 सितंबर के आतंकवादी हमले के पीड़ितों के बीच वितरित किया जाएगा. यह राशि एक कोष के गठन के बाद ही वितरित की जाएगी.
