डेली कर्रेंट अफेयर्स
समुद्री सुरक्षा को लेकर भारत, श्रीलंका और मालदीव के बीच त्रिपक्षीय वार्ता
भारत, श्रीलंका और मालदीव के बीच समुद्री सुरक्षा को लेकर 28 नवम्बर को कोलंबो में एक त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित किया गया. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने इस वार्ता में भारत का प्रतिनिधित्व किया. इससे पहले इस तरह की बैठक 2014 में नई दिल्ली में हुई थी.
इस वार्ता में श्रीलंका के डिफेंस सेक्रेटरी रिटायर्ड मेजर जनरल कमल गुनारत्ने और मालदीव की रक्षा मंत्री मारिया दीदी और भारत की ओर से अजीत डोभाल ने हिस्सा लिया. श्रीलंका के विदेश मंत्री दिनेश गुणावर्धने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे.
इस त्रिपक्षीय वार्ता में तीनों देशों ने क्षेत्र में वर्तमान समुद्री सुरक्षा वातावरण का जायजा लिया और समुद्री जागरूकता, मानवीय सहायता, आपदा राहत, संयुक्त अभ्यास, क्षमता निर्माण, समुद्री सुरक्षा और समुद्री प्रदूषण के क्षेत्र में आपसी सहयोग पर चर्चा की.
सरकार ने मोटर वाहन एग्रीगेटर के लिए दिशानिर्देश जारी किये
सरकार ने मोटर वाहन एग्रीगेटर के लिए हाल ही में दिशानिर्देश ‘मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2020’ जारी किये हैं. ये इन दिशानिर्देश को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है. ओला और उबर भारत के मुख्य वाहन एग्रीगेटर कंपनियां हैं.
इन दिशानिर्देशों के माध्यम से एग्रीगेटर के अर्थ को परिभाषित किया है. इसके मुताबिक एग्रीगेटर का अर्थ है – यात्रियों को परिवहन की मंशा के लिए ड्राइवर के साथ जुड़ने के लिए डिजिटल मध्यस्थ या मार्केटप्लेस. एग्रीगेटर की परिभाषा को शामिल करने के लिए ‘मोटर व्हीकल 1988’ को ‘मोटर व्हीकल एक्ट, 2019 से संशोधित किया गया है.
इनका लक्ष्य शेयर्ड मोबिलिटी को रेगुलेट करने के साथ ट्रैफिक और प्रदूषण को कम करना है. एक्ट के तहत एग्रीगेटर द्वारा एकीकृत किए जाने वाले वाहनों में सभी मोटर व्हीकल्स और ई-रिक्शा शामिल होंगे.
सरकार के इन दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि एग्रीगेटर द्वारा कारोबारी संचालन की मंजूरी के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी किया गया लाइसेंस अनिवार्य है. एग्रीगेटर को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा दिए गए दिशा-निर्देश का राज्य सरकारों को पालन करना होगा.
