डेली कर्रेंट अफेयर्स
24-30 अप्रैल: विश्व टीकाकरण सप्ताह के रूप में मनाया गया
प्रत्येक वर्ष अप्रैल माह के आखिरी सप्ताह को ‘विश्व टीकाकरण सप्ताह’ (World Immunization Week) के रूप में मनाया जाता है. इसका उद्देश्य हर व्यक्ति को टीका-निवारणीय रोगों के बारे में जागरुकता फैलाना और इन रोगों से बचाव करना है. पहली बार विश्व टीकाकरण सप्ताह 2012 में मनाया गया था.
इस वर्ष यानी 2020 के विश्व टीकाकरण सप्ताह का विषय (थीम) ‘Vaccines work for All’ था.
टीका-निवारणीय रोग: मुख्य तथ्य
- टीकाकरण, टीका-निवारणीय रोगों जैसे कि ग्रीवा संबंधी कैंसर, डिप्थीरिया, हेपेटाइटिस बी, खसरा, मम्प्स, पर्टुसिस (खांसी), निमोनिया, पोलियो, रोटावायरस अतिसार (डायरिया), रूबेला और टेटनस इत्यादि से होने वाली मृत्यु से सुरक्षित करता है.
- वर्ष 1988 से पोलियो मामलों में 99% से ज्यादा की कमी आयी है. वर्तमान में तीन देशों (अफगानिस्तान, नाइजीरिया और पाकिस्तान) में पोलियो-स्थानिक हैं. पोलियो वर्ष 1988 में 125 देशों में था.
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वर्ष 2014 में भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया था.
भारत में टीकाकरण कार्यक्रम
मिशन इंद्रधनुष: भारत सरकार ने सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं का संपूर्ण टीकाकरण कवरेज प्राप्त करने के लिए दिसंबर 2014 में ‘मिशन इंद्रधनुष’ का शुभारंभ किया था. मिशन इंद्रधनुष के बाद पूर्ण टीकाकरण कवरेज में प्रतिवर्ष वृद्धि 1% से बढकर 6.7% हो गयी.
तीव्र मिशन इंद्रधनुष (IMI): प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने टीकाकरण कार्यक्रम में तेज़ी लाने के लिए 8 अक्टूबर 2017 को तीव्र मिशन इंद्रधनुष का शुभारंभ किया. इस कार्यक्रम के माध्यम से भारत सरकार का उद्देश्य दो वर्ष से कम उम्र के प्रत्येक बच्चों और उन सभी गर्भवती महिलाओं तक पहुंचना है, जो नियमित रूप से टीकाकरण कार्यक्रम के तहत छूट गए हैं.
1 मई 2020: महाराष्ट्र और गुजरात का 60वां स्थापना दिवस
महाराष्ट्र और गुजरात प्रत्येक वर्ष 1 मई को अपना स्थापना दिवस मनाते हैं. 1960 में इसी दिन मराठी एवं गुजराती भाषियों के बीच संघर्ष के कारण बम्बई राज्य (बांबे स्टेट) का बंटवारा करके महाराष्ट्र एवं गुजरात नामक दो राज्यों की स्थापना की गई थी. इस वर्ष यानी 2020 में दोनों राज्यों ने 60वां स्थापना दिवस मनाया.
भारत के संसद ने बांबे स्टेट को गुजरात और महाराष्ट्र में विभाजित करने के लिए ‘बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम 1960’ पारित किया था. यह अधिनियम 1 मई 1960 को लागू हुआ था.
भाषाई आधार पर राज्यों का पुनर्गठन
- 1960 से महाराष्ट्र एवं गुजरात ‘बांबे स्टेट’ का हिस्सा हुआ करते थे. बॉम्बे में मराठी और गुजराती दोनों भाषाएं बोली जाती थीं. धीरे-धीरे दोनों भाषाओं के लोगों के बीच अलग राज्य की मांग उठने लगी.
- 1956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत कई राज्यों का गठन किया गया. इस अधिनियम के अंतर्गत तेलुगु बोलने वालों को आंध्र प्रदेश, कन्नड़ भाषी लोगों के लिए कर्नाटक राज्य बना, वहीं मलयालम बोलने वालों के लिए केरल और तमिल भाषी लोगों के लिए तमिलनाडु बना.
- 1956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम में बॉम्बे के मराठी और गुजराती लोगों को अलग राज्य नहीं मिला. गुजराती और मराठी लोगों ने अलग राज्य की मांग के लिए बॉम्बे में आंदोलन करना शुरू कर दिया.
- 1 मई 1960 को बॉम्बे को बांटकर दो राज्य महाराष्ट्र और गुजरात बना दिए गए. अब दोनों राज्य बॉम्बे को अपने राज्य का हिस्सा बनाना चाहते थे. काफी खींचातान के बाद बॉम्बे को महाराष्ट्र की राजधानी बना दिया गया.
महाराष्ट्र विधान परिषद की 9 सीटों के लिए चुनाव की घोषणा
निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र विधान परिषद की 9 सीटों के लिए चुनाव 21 मई को करने की घोषणा की है. इसके लिए चुनाव की अधिसूचना 4 मई को जारी की जाएगी और नामांकन 11 मई तक भरे जा सकेंगे. वोटों की गिनती मतदान के दिन ही होगी. इससे पहले, कोरोना संक्रमण के फैलाव को देखते हुए चुनाव स्थगित कर दिए गए थे.
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने 30 अप्रैल को निर्वाचन आयोग को पत्र लिख कर महाराष्ट्र विधान परिषद की रिक्त 9 सीटों के लिए चुनाव कराने का अनुरोध किया था.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ऊद्धव ठाकरे को 28 नवम्बर 2019 को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई थी. वे राज्य विधानमंडल के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं. भारतीय संविधान के अनुसार उन्हें 27 मई यानी सदन में 6 महीने की अवधि पूरी करने तक सदन के लिए निर्वाचित होना है. अन्यथा उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटना होगा.
1 मई: अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस
प्रत्येक वर्ष 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस (May Day / Labour Day) के रूप में मनाया जाता है. इसे मई दिवस या मजदूर दिवस के रूप में भी जाना जाता है. इस दिन को मजदूरों के योगदान के सम्मान के रूप में मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संघों को प्रोत्साहन और बढ़ावा देना है.
मजदूर दिवस का इतिहास
अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मज़दूर दिवस मनाने की शुरुआत 1 मई, 1886 को हुई थी. उस दिन अमरीका के मज़दूर संघों ने मिलकर निश्चय किया कि वे रोज़ाना 8 घंटे से ज्यादा काम नहीं करेंगे. इसके लिए मज़दूर संघों ने हड़ताल की. इस दौरान शिकागो की हेमार्केट में बम विस्फोट के बाद पुलिस की गोलीबारी में कई मज़दूरों की जान गई.
1889 में अन्तर्राष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन में घोषणा की गई कि हेमार्केट में मारे गये निर्दोष लोगों की याद में 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाएगा और इस दिन सभी कामगारों तथा श्रमिकों का अवकाश रहेगा.
भारत के सन्दर्भ में मजदूर दिवस
भारत में लेबर किसान पार्टी ऑफ हिन्दुस्तान ने 1 मई, 1923 को इसकी शुरूआत की थी. हालांकि उस समय इसे मद्रास दिवस के रूप में मनाया जाता था लेकिन अब दुनिया के अन्य देशों की तरह इसे मई दिवस के रूप में ही मनाया जाता है.
विख्यात फुटबॉल खिलाड़ी चुन्नी गोस्वामी का निधन
विख्यात फुटबॉल खिलाड़ी और प्रथम श्रेणी के क्रिकेटर रह चुके चुन्नी गोस्वामी का 30 अप्रैल को निधन हो गया. चुन्नी गोस्वामी की कप्तानी में 1962 के एशियन खेलों में भारतीय फुटबॉल टीम ने स्वर्ण पदक जीता था.
चुन्नी गोस्वामी ने 1964 में अन्तर्राष्ट्रीय फुटबॉल से सन्यास ले लिया था. उन्होंने क्लब फुटबॉल में मोहन बागान के लिए खेला. वह एक अच्छे क्रिकेटर भी थे. उन्हें 1971-72 में बंगाल रणजी ट्रॉफी टीम का कप्तान बनाया गया था.
देश-दुनिया: एक दृष्टि
सामयिक घटनाचक्र डेलीडोज
- कोविड-19 महामारी से उत्पन्न चुनौतियों पर चर्चा के लिए जी-20 देशों के डिजिटल आर्थिक मंत्रियों की विशेष बैठक में भाग लेते हुए संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने समावेशी और टिकाऊ अर्थव्यवस्था बनाने पर ध्यान केन्द्रित करने के लिये जी-20 देशों के दायित्व पर बल दिया है.
- सरकार ने लॉकडाउन की अवधि दो हफ्ते के लिए बढ़ा दी गई है. पूरे देश को 733 जोनों में बांटा गया है. इनमें 130 रेड जोन, 284 ऑरेंज जोन जबकि 319 ग्रीन जोन घोषित किए गए हैं. ग्रीन जोन में सभी बड़ी आर्थिक गतिविधियों की छूट दे दी गई है जबकि ऑरेंज जोन में आंशिक छूट होगी. रेड जोन पहले की तरह बंद रहेंगे.
- भारतीय प्रशासनिक अधिकारी तरूण बजाज ने आर्थिक मामलों के सचिव का पदभार संभाला. इससे पहले वे प्रधानमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त सचिव थे. श्री बजाज ने सेवानिवृत हुए अतानु चक्रबर्ती का स्थान पर कार्यभार ग्रहण किया.
- अमेरिका, इस्राएल, सऊदी अरब समेत कुछ अन्य देशों के बाद अब जर्मनी ने भी लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्लाह पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है. ये प्रतिबंध देश में इस आतंकी संगठन द्वारा हमले कराए जाने की आशंका के मद्देनजर लगाया गया है.
- राम कृष्ण मठ और मिशन ने 1 मई को अपना स्थापना दिवस मनाया. स्वामी विवेकानंद ने उत्तरी कोलकाता के बाघ बाजार में 1897 में राम कृष्ण मिशन की स्थापना की थी जिसे अब बलराम मंदिर के नाम से जाना जाता है. मिशन के मुख्यालय बेलूर मठ और मिशन की शाखाओं में यह दिवस मनाया गया.
