डेली कर्रेंट अफेयर्स
CERT-In द्वारा ‘EventBot’ को लेकर चेतावनी, जानिए क्या है ‘EventBot’ वायरस
भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) ने बैंकिंग वायरस ‘EventBot’ को लेकर हाल ही में चेतावनी जारी की है. जारी चेतावनी के अनुसार मोबाइल मैलवेयर ‘EventBot’ काफी तेजी से फैल रहा है जो कि लोगों के बैंक से जुड़ी जानकारियों को चोरी कर रहा है.
‘EventBot’ क्या है?
‘EventBot’ ट्रोजन एक वायरस या मैलवेयर है जो किसी उपयोगकर्ता (यूजर्स) के बिना अनुमति के उनके मोबाइल जानकारियों की चोरी करता है.
CERT-In द्वारा जारी एडवाइजरी के मुख्य बिंदु
- CERT-In के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट वर्ड, एडोबी फ्लैश और अन्य थर्ड पार्टी एप्स के जरिए मोबाइल ट्रोजन फोन में पहुंच रहा है. यह एक मोबाइल बैंकिंग ट्रोजन है जो कि लोगों के फोन में मौजूद बैंकिंग जानकारी को चुरा सकता है.
- EventBot ने हाल ही में अमेरिका और यूरोप क्षेत्र में स्थित बैंकिंग एप्स, मनी-ट्रांसफर सेवाओं, और क्रिप्टोक्यूरेंसी वॉलेट सहित 200 से अधिक वित्तीय एप को निशाना बनाया है.
- CERT-In ने कहा है कि यह वायरस बार्कलेज, यूनीक्रेडिट, कैपिटलऑन यूके, एचएसबीसी यूके, ट्रांसफर वाइज, पेपल, कॉइनबेस, पेसेफकार्ड आदि एप्स को निशाना बनाता है.
- EventBot को अभी तक गूगल प्ले-स्टोर पर नहीं देखा गया है. यह वास्तिवक एप के जरिए ही फोन में पहुंच रहा है. इस वायरस से बचने के लिए किसी भी थर्ड पार्टी स्टोर से एप डाउनलोड ना करें.
CERT-In क्या है?
CERT-In (Indian Computer Emergency Response Team) साइबर हमलों का मुकाबला करने और भारतीय साइबर स्पेस की रक्षा करने के लिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी शाखा है. यह देश में हैकिंग, साइबर सुरक्षा खतरों, फ़िशिंग के विरुद्ध कार्य करती है.
आदिवासी युवाओं के प्रतिभाओं की खोज करने के लिए ‘गोल’ कार्यक्रम की शुरू की गयी
केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने 15 मई को नई दिल्ली में एक वेबिनार में ‘गोल’ (Going Online As Leaders) कार्यक्रम की शुरूआत की. इस कार्यक्रम को डिजिटल प्रणाली के माध्यम से आदिवासी युवाओं को मेंटरशिप प्रदान करने के लिए बनाया गया है.
यह कार्यक्रम आदिवासी युवाओं के अंदर छिपी हुई प्रतिभाओं की खोज करने के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में भूमिका निभाने की परिकल्पना करता है, जो उनके व्यक्तिगत विकास में मदद करेगा और साथ ही साथ उनके समाज के सर्वांगीण उन्नयन में योगदान देगा.
यह कार्यक्रम कृषि, हस्तशिल्प और वस्त्र, कला और संस्कृति, पोषण आदि जैसे क्षेत्रों पर जीवन कौशल, डिजिटल साक्षरता, नेतृत्व और उद्यमिता पर केंद्रित होगा.
COVID-19 से प्रभावित लोगों की मदद के लिए ‘आत्मनिर्भर गुजरात सहाय योजना’
गुजरात सरकार ने हाल ही में ‘आत्मनिर्भर गुजरात सहाय योजना (NGSY) की घोषणा की है. इस योजना का उद्देश्य लोगों को सामान्य जीवन शुरू करने में मदद करना है जो COVID-19 लॉकडाउन से प्रभावित हुआ है.
NGSY के तहत निम्न मध्यम आय वर्ग के लोगों को 1 लाख रुपये का गारंटी-मुक्त ऋण बैंकों से 2 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर दिया जायेगा. ऋण देने वाले बैंकों को 6 प्रतिशत ब्याज का भुगतान सरकार द्वारा किया जाएगा. योजना नियमों के तहत ऋण की अवधि तीन वर्ष की होगी और किस्त का भुगतान ऋण प्राप्त होने के छह महीने बाद ही शुरू होगा.
COVID-19 मुक्त घोषित करने वाला स्लोवेनिया पहला यूरोपीय देश बना: स्लोवेनिया COVID-19 से मुक्त होने की घोषणा करने वाला पहला यूरोपीय देश बन गया है. यूरोपीय संघ के सदस्य स्लोवेनिया सरकार ने 15 मई को COVID-19 से मुक्त होने की घोषणा की.
16 मई: अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस, पहला सफल लेजर ऑपरेशन की सालगिरह
प्रत्येक वर्ष 16 मई को ‘अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस’ (International Day of Light) मनाया जाता है. यह दिवस विज्ञान, संस्कृति कला, शिक्षा और सतत विकास, और औषधि, संचार और ऊर्जा के विविध क्षेत्र में प्रकाश की भूमिका के उपलक्ष्य में मनाया जाता है.
पहला सफल लेजर ऑपरेशन की सालगिरह
भौतिकशास्त्री और इंजीनियर थियोडोर मेमन (Theodore Maiman) द्वारा लेजर के पहले सफल लेजर ऑपरेशन की सालगिरह के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष 16 मई को यह दिवस मनाया जाता है. पहला सफल लेजर ऑपरेशन थियोडोर मेमन द्वारा वर्ष 1960 में इसी दिन किया गया था.
अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस का इतिहास
7 नवंबर, 2017 को यूनेस्को (UNESCO) के सामान्य सभा में 16 मई को इस दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गई थी. संपूर्ण विश्व में पहला ‘अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस’ 2018 में मनाया गया था. इस वर्ष यानी 2020 में अन्तर्राष्ट्रीय प्रकाश दिवस का तीसरा संस्करण है.
16 मई: राष्ट्रीय डेंगू दिवस
प्रत्येक वर्ष 16 मई को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय डेंगू दिवस (National Dengue Day) के रूप में मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य डेंगू से बचाव के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना है.
डेंगू (Dengue) क्या है?
डेंगू एक विषाणु जनित (वायरल) रोग है. यह संक्रमित एडीज़ मच्छर के काटने से फैलता है. डेंगू का मच्छर पानी में पनपता है. बारिश होने के साथ देश में जुलाई से अक्टूबर के दौरान सबसे ज्यादा डेंगू फैलता है.
डेंगू होने पर व्यक्ति को तेज़ बुख़ार, शरीर में दर्द, आंखों में दर्द और त्वचा पर चकत्ते जैसे लक्षण हो सकते हैं. डेंगू के कारण खून में प्लेटलेट कम हो जाती है.
16 मई 2020: सिक्किम का 45वां स्थापना दिवस
प्रत्येक वर्ष 16 मई को सिक्किम स्थापना दिवस (Sikkim Establishment Day) मनाया जाता है. सिक्किम 1975 में इसी दिन भारतीय गणराज्य का 22वां राज्य बना था. इस वर्ष यानी 2020 में इस राज्य ने अपना 45वां स्थापना दिवस मनाया.
भारतीय संविधान के 35वें संशोधन से सिक्किम को भारतीय गणराज्य में 22वें सह-राज्य के रूप में शामिल किया गया था. सिक्किम को पूर्ण राज्य का दर्जा 36वें संविधान संशोधन से दिया गया. पढ़ें सिक्किम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी…»
देश-दुनिया: एक दृष्टि
सामयिक घटनाचक्र डेलीडोज
कोविड-19 के बारे में मंत्री समूह की 15वीं बैठक: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने नई दिल्ली में कोविड-19 के बारे में मंत्री समूह की 15वीं बैठक की अध्यक्षता की. इसमें कोविड-19 की रोकथाम नीति प्रबंधन पहलुओं और केंद्र तथा विभिन्न राज्यों द्वारा उठाये गये कदमों पर चर्चा की गई. मंत्री समूह को बताया गया कि कोरोना संक्रमण से पीडि़त कुल मरीजों में से उन्यासी प्रतिशत रोगी 30 म्युनिसिपल क्षेत्रों में हैं.
म्यांमार ने भारत को 22 उग्रवादी सौंपे: म्यांमार की सेना ने भारत को पूर्वोतर भारत से 22 उग्रवादी सौंपे. इनमें UNLF और NDFB के बडे कमांडर शामिल हैं. इनमें से अधिकतर उग्रवादी असम और मणिपुर से हैं. म्यांमार की सेना ने म्यांमार में अलगाववादी संगठनों के खिलाफ भारत और म्यांमार की संयुक्त कार्रवाई के तहत इन उग्रवादियों को भारत को सौंपा गया है. ये समूची कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के नेतृत्व में की गई.
बंगलादेश साहित्यकार अनीसुज्जमान का निधन: बंगलादेश के जाने-माने साहित्यकार, शिक्षा शास्त्री अनीसुज्जमान का 15 मई को निधन हो गया. वे 83 वर्ष के थे और कोविड-19 से संक्रमित थे. वह वर्ष बंगला अकादमी के अध्यक्ष थे. बहुमुखी प्रतिभा से सम्पन्न अनीसुज्जमान को बांग्लादेश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान इकुशी से नवाजा गया था. भारत सरकार ने भी 2014 में उन्हें पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया था.
