डेली कर्रेंट अफेयर्स
एंटीबॉडिज के आकलन पर आधारित ELISA जांच किट ‘कोविड कवच’ तैयार की गयी
पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (NIV), ने कोरोना संक्रमण की जांच के लिए रक्त में एंटीबॉडिज के आकलन पर आधारित एलिसा जांच किट तैयार की है. इस जांच किट का नाम ‘कोविड कवच’ दिया गया है. यह देश में तैयार पहला परीक्षण किट है.
कोविड कवच जांच किट से ‘कोविड-19’ जांच की गति तेज होने की आशा है. यह किट विभिन्न परीक्षण स्थलों पर प्रामाणिकता जांच में काफी स्टीक साबित हुआ है. इससे लगभग ढाई घंटे में 90 नमूनों की जांच की जा सकती है. इस किट के बड़े पैमाने पर निर्माण के लिए इसकी प्रौद्योगिकी फार्मास्युटिकल कंपनियों को दी गई है.
यह किट रक्त में IGG एंटीबॉडी की उपस्थिति का परीक्षण करेगी. यह ELISA (Enzyme-linked Immunosorbent Assay) आधारित परीक्षण करने में सक्षम है. ELISA का उपयोग संक्रमणों की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए एंटीबॉडी का पता लगाने के लिए किया जाता है.
नरिंदर बत्रा का FIH के प्रमुख के रूप में कार्यकाल मई 2021 तक विस्तारित किया गया
भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा का अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) के प्रमुख के रूप में कार्यकाल मई 2021 तक बढ़ा दिया गया है. इसकी वार्षिक बैठक, कोविड-19 महामारी के चलते स्थगित हो जाने के कारण यह निर्णय लिया गया है.
अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) ने 9 मई को ऑनलाइन बैठक में अपनी कार्यकारी बोर्ड की ’47वीं FIH कांग्रेस 2020′ को स्थगित करने का फैसला किया था. यह बैठक 28 अक्टूबर 2020 को नई दिल्ली में किया जाना था.
चेचक के उन्मूलन की 40वीं वर्षगांठ, स्मारक डाक टिकट जारी किया गया
9 मई 2020 को दुनियाभर में चेचक के उन्मूलन की 40वीं वर्षगांठ मनाई गयी. इस अवसर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और संयुक्त राष्ट्र (UN) की डाक एजेंसी ने एक स्मारक डाक टिकट जारी किया है.
संयुक्त राष्ट्र में भारतीय मूल के एक शीर्ष अधिकारी अतुल खरे ने इस स्मारक टिकट जारी करने में मुख्य भूमिका निभाई है. यह डाक टिकट चेचक से लड़ने में वैश्विक एकजुटता की एक पहचान है और एक साथ काम करने वाले लाखों लोगों को सम्मान करता है.
1980 में चेचक के उन्मूलन की घोषणा की गयी थी
1980 में इसी दिन WHO के 33वीं विश्व स्वास्थ्य सभा में चेचक के उन्मूलन की आधिकारिक घोषणा की गयी थी. यह WHO के 10 साल के वैश्विक प्रयास के बाद संभव हो पाया था. इस दौरान दुनिया भर के हजारों स्वास्थ्य कर्मियों को लगाया गया था और 50 करोड़ लोगों का टीकाकरण किया गया.
11 मई: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस, पोखरण परमाणु परीक्षण की वर्षगांठ
प्रत्येक वर्ष 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस (National Technology Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य प्रौद्योगिकी के माध्यम से अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उपायों का स्मरण कर लोगों को जागरूक करना है. भारत ने 1998 में इसी दिन दूसरी बार सफलतापूर्वक परमाणु परीक्षण किया था.
‘शक्ति’ की वर्षगांठ
भारत ने 11 मई 1998 को राजस्थान के पोकरण में दूसरी बार सफलतापूर्वक परमाणु परीक्षण किया था. इस परमाणु परीक्षण को ‘शक्ति’ नाम से जाना जाता है. राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस ‘शक्ति’ की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है. भारत ने मई 1974 में पहला परमाणु परीक्षण किया था.
11 मई को उस समय देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे. दो दिन बाद देश में दो और परमाणु परीक्षण हुआ. इस परीक्षण के साथ ही भारत दुनिया के उन छह देशों में शामिल हो गया जिनके पास परमाणु शक्ति है.
स्वदेशी विमान हंस
भारत के स्वदेशी विमान हंस ने 1998 में इसी दिन उड़ान भरी थी. हंस-3 को नैशनल एयरोस्पेस लैबरेटरीज द्वारा विकसित किया गया था. वह दो सीटों वाला हल्का सामान्य विमान था. उसका इस्तेमाल पायलटों को प्रशिक्षण देने, हवाई फोटोग्राफी, निगरानी और पर्यावरण से संबंधित परियोजनाओं के लिए होता है.
त्रिशूल मिसाइल
11 मई, 1998 को ही रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने त्रिशूल मिसाइल का आखिरी परीक्षण किया था. त्रिशूल यह छोटी दूरी की जमीन से हवा में मार करने वाला मिसाइल है. इस मिसाइल को भारत के एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम के तहत तैयार किया गया था. इसी परियोजना के तहत पृथ्वी, आकाश और अग्नि मिसाइलों को बनाया गया है.
देश-दुनिया: एक दृष्टि
सामयिक घटनाचक्र डेलीडोज
इतिहासकार हरि शंकर वासुदेवन का निधन: प्रख्यात इतिहासकार हरि शंकर वासुदेवन का 10 मई को निधन हो गया. वह 68 वर्ष के थे. उनकी कोविड-19 जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी. वासुदेवन को रूसी, मध्य एशियाई और पूर्वी एशियाई इतिहास का एक विशेषज्ञ माना जाता था.
आंशिक रेल परिचालन शुरू करने की घोषणा: भारतीय रेलवे ने 12 मई से आंशिक रेल परिचालन शुरू करने की घोषणा की है. शुरुआत में 15 मार्गों पर रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी. ये नई दिल्ली स्टेशन से डिब्रूगढ़, अगरतला, हावड़ा, पटना, बिलासपुर, रांची, भुवनेश्वर, सिकंदराबाद, बंगलुरू, चेन्नई, तिरुवनंतपुरम, मडगांव, मुंबई सेंट्रल, अहमदाबाद और जम्मूतवी के लिए चलेंगी. लगभग डेढ़ महीने के बाद एक बार फिर से यात्री ट्रेनों का परिचालन शुरू होने जा रहा है.
सेनिटाइज करने की UV प्रणाली ‘DRUVS’ विकसित: हैदराबाद में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने इलेक्ट्रोनिक उपकरणों, कागज और नोटों को सेनिटाइज करने की पराबैंगनी किरण (UV) प्रणाली विकसित की है. इस प्रणाली से मोबाइल फोन, आई-पैड, लैपटॉप, चेक, चालान, पासबुक और लिफाफों को सैनिटाइज किया जा सकता है.
ICMR और भारत बायोटेक COVID-19 का वैक्सीन विकसित करेगा: भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने देश में COVID-19 वैक्सीन विकसित करने के लिए ‘भारत बायोटेक’ के साथ समझौता किया है. इस वैक्सीन को COVID-19 मरीजों में से अलग किए गए वायरस स्ट्रेन को उपयोग करके विकसित किया जाएगा.
