डेली कर्रेंट अफेयर्स
कैलाश मानसरोवर के लिए नया रास्ता लिपूलेख-धाराचूला मार्ग का शुभारंभ
भारत सरकार ने कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए हाल ही में एक नया रास्ता ‘लिपूलेख-धाराचूला मार्ग’ की शुरुआत की है. इस मार्ग के शुरू हो जाने के बाद कैलाश मानसरोवर जाने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा अब काफी आसान होगी.
लिपूलेख-धाराचूला मार्ग: एक दृष्टि
लिपूलेख-धाराचूला मार्ग उत्तराखंड में 17000 फीट की ऊंचाई पर बनाया गया है. इस मार्ग की लंबाई 80 किलोमीटर है. नया रास्ता लिपूलेख को धारचूला से जोड़ता है. इस मार्ग का निर्माण सीमा सड़क संगठन (BRO) ने किया है.
इस रास्ते का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 8 मई को किया. लिपूलेख-धाराचूला मार्ग के पूरा हो जाने के बाद कैलाश मानसरोवर की यात्रा 1 हफ्ते में पूरा किया जा सकेगा, जबकि पहले 2-3 सप्ताह का समय लगता था.
इस मार्ग के बन जाने से अब मानसरोवर के तीर्थयात्री भारतीय भूमि पर 84 प्रतिशत और चीन की भूमि पर केवल 16 प्रतिशत की यात्रा करेंगे. इससे पहले अन्य मार्गों से 80% सड़क यात्रा चीन में करनी होती थी.
सैन्य दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण: यह मार्ग सैन्य दृष्टिकोण से भी काफी महत्वपूर्ण है. इससे चीन सीमा पर सैनिकों की तैनाती और रसद आपूर्ति आसान होगी.
कैलाश पर्वत: एक दृष्टि
- कैलाश पर्वत तिब्बत में स्थित एक पर्वत श्रेणी है. इस पर्वत को भगवान शिव का घर कहा गया है. इसके पश्चिम तथा दक्षिण में मानसरोवर तथा राक्षसताल झील हैं. यहां से- ब्रह्मपुत्र, सिन्धु, सतलुज इत्यादि कई महत्वपूर्ण नदियां निकलतीं हैं.
- कैलाश-मानसरोवर जाने के अनेक मार्ग हैं किंतु उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के अस्कोट, धारचूला, खेत, गर्ब्यांग, कालापानी, लिपूलेख, खिंड, तकलाकोट होकर जानेवाला मार्ग अब तक का सबसे सुगम मार्ग था. यह भाग 544 किमी (338 मील) लंबा है और इसमें अनेक चढ़ाव उतार है.
मई और अक्टूबर माह का दूसरा शनिवार: विश्व प्रवासी पक्षी दिवस
प्रत्येक वर्ष मई और अक्टूबर माह के दूसरे शनिवार को विश्व प्रवासी पक्षी दिवस (World Migratory Bird Day) मनाया जाता है. इस वर्ष यानी 2020 में यह दिवस 9 मई को मनाया गया. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य प्रवासी पक्षियों और उनके आवासों के संरक्षण की आवश्यकता पर जागरूकता पैदा करना है. यह दिन प्रवासी पक्षियों को संरक्षित करने के लिए एक वैश्विक अभियान है.
विश्व प्रवासी पक्षी दिवस 2020 की थीम
इस वर्ष के विश्व प्रवासी पक्षी दिवस का मुख्य विषय (थीम)- ‘पक्षी हमारी दुनिया को जोड़ते हैं’ (Birds Connect Our World) है. इस बार का विषय प्रवासी पक्षियों के अस्तित्व और कल्याण के लिए प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्रों के संरक्षण पर केन्द्रित है.
विश्व प्रवासी पक्षी दिवस (WMBD) 2006 में शुरू किया गया था.
झारखंड सरकार ने राज्य में पान मसाला पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया
झारखंड सरकार ने राज्य में पान मसाला पर 12 महीने के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है. इस निर्णय के तहत मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 8 मई को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में 11 ब्रांडों के पान मसाला पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया.
झारखंड में तम्बाकू सेवन करने वाले लोगों का प्रतिशत 38.9% है. जिसमें चबाने वाले तम्बाकू सेवन करने वालों का प्रतिशत 34.5% है, जो राष्ट्रीय औसत से बहुत ज्यादा है.
मैग्निशियम कार्बोनेट पाए जाने के कारण प्रतिबंध
यह प्रतिबंध विभिन्न जिलों से प्राप्त 41 पान मसाला के नमूनों के जांच में मैग्निशियम कार्बोनेट की मात्रा पाए जाने के कारण लगाई गई है. विदित हो कि मैग्निशियम कार्बोनेट से हृदय की बीमारी सहित विभिन्न प्रकार की बीमारियां होती हैं. पान मसाला के लिए फ़ूड सेफ्टी एक्ट 2006 में दिए गए मानक के अनुसार मैग्नीशियम कार्बोनेट मिलाया जाना प्रतिबंधित है.
पूर्व प्रथम श्रेणी हॉकी अंपायर पांडंदा कुटप्पा का निधन
पूर्व प्रथम श्रेणी हॉकी अंपायर पांडंदा कुटप्पा का 7 मई को निधन हो गया है. वह 85 वर्ष के थे. कुट्टप्पा वर्ष 2015 में कर्नाटक राज्योत्सव पुरस्कार से सम्मानित किये गये थे.
कुट्टप्पा ‘कुटानी’ के नाम से मशहूर थे. वह भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के सेवानिवृत्त प्रबंधक थे. कुट्टप्पा ने कोडावा परिवार हॉकी (KFH) टूर्नामेंट शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और 1997 में ओलंपिक खेलों की तर्ज पर पहला टूर्नामेंट आयोजित किया था जो अब तक जारी है.
कोडावा परिवार हॉकी टूर्नामेंट शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है.
9 मई: गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर जयंती से संबंधित जानकारी
प्रत्येक वर्ष 9 मई को नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर की जयंती मनाई जाती है. बंगाली कैलेंडर के हिसाब से टैगोर की जयंती 9 मई को पड़ती है पर जार्जियन कैलेंडर के हिसाब से टैगोर का जन्म 7 मई 1861 को कोलकाता के जोड़ासाँको ठाकुरबाड़ी में हुआ. उनके पिता देवेन्द्रनाथ टैगोर और माता शारदा देवी थीं.
रविंद्रनाथ टैगोर: एक दृष्टि
- रविंद्रनाथ टैगोर अकेले ऐसे भारतीय साहित्यकार हैं जिन्हें नोबेल पुरस्कार मिला है. उनकी काव्यरचना गीतांजलि के लिये उन्हे सन् 1913 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला था. वह नोबेल पुरस्कार पाने वाले प्रथम एशियाई और साहित्य में नोबेल पाने वाले पहले गैर यूरोपीय भी है.
- वह दुनिया के अकेले ऐसे कवि हैं जिनकी रचनाएं दो देशों का राष्ट्रगान हैं– भारत का राष्ट्र-गान ‘जन गण मन’ और बाँग्लादेश का राष्ट्रीय गान ‘आमार सोनार बाँग्ला’.
- सन 1921 में कृषि अर्थशास्त्री लियोनार्ड एमहर्स्ट के साथ मिलकर उन्होंने अपने आश्रम के पास ही ‘ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान’ की स्थापना की थी. बाद में इसका नाम बदलकर श्रीनिकेतन कर दिया गया. प्रकृति के सान्निध्य में पेड़ों, बगीचों और एक लाइब्रेरी के साथ टैगोर ने शान्ति-निकेतन की स्थापना की.
- अंग्रेजी सरकार ने उन्हें 1915 में नाइटहुड प्रदान किया लेकिन 1919 के जलिआंवाला बाग़ हत्याकांड के बाद टैगोर ने इसे वापस कर दिया था.
देश-दुनिया: एक दृष्टि
सामयिक घटनाचक्र डेलीडोज
‘कोविड-19’ के उपचार के लिए दो दवाओं के परीक्षण की अनुमति: वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) ने ‘कोविड-19’ के उपचार के लिए दो दवाओं- फाइटोफार्मास्युटिकल और फेविपिराविर के नैदानिक परीक्षण की अनुमति दी है. यह परीक्षण एक सप्ताह में शुरू हो जाएगा. फेविपिराविर इन्फ्लुएंजारोधी दवा है जिसका उपयोग जापान, चीन और अन्य देशों में होता रहा है जबकि फाइटोफार्मास्युटिकल पौधे के सत्व से तैयार एक जड़ी-बूटी औषधि है.
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 481 अरब डॉलर से अधिक: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1 मई को समाप्त हुए सप्ताह में 481 अरब डॉलर से अधिक हो गया है. सोने का भंडार भी 62.30 करोड डॉलर घटकर 32.27 अरब डॉलर रह गया था. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ भारत का विशेष आहरण अधिकार 50 लाख डॉलर बढकर 1.426 अरब डॉलर हो गया जबकि देश की भंडार स्थिति 48.90 करोड डॉलर से बढकर 4.059 अरब डॉलर हो गयी.
चालू वित्त वर्ष में GDP वृद्धि दर 0%: वैश्विक रेटिंग एजेंसी ‘मूडीज’ ने चालू वित्त वर्ष (2020-21) के लिए भारत के GDP वृद्धि दर के अनुमान को 2.6% से घटाकर 0% कर दिया है. मूडीज के अनुसार वित्त वर्ष 2021-22 में भारत की GDP वृद्धि दर 6.6% रहने का अनुमान है. COVID-19 से प्रभावित होने कारण GDP वृद्धि दर का कमी की गयी है.
AIIB ने भारत को 500 मिलियन डॉलर के ऋण को मंजूरी दी: एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) ने कोविड-19 निपटने के लिए भारत को 500 मिलियन डॉलर के ऋण को मंजूरी दी है. यह ऋण विश्व बैंक द्वारा सह-वित्तपोषित है. AIIB चीन द्वारा प्रारम्भ किया गया एक बहुपक्षीय विकास बैंक है जिसका उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के निर्माण का समर्थन करना है.
