डेली कर्रेंट अफेयर्स
MHRD ने डिजिटल पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए ‘विद्यादान’ की शुरुआत की
मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) ने ऑनलाइन शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए ‘विद्यादान’ (VidyaDaan) की शुरुआत की है. इसकी शुरुआत मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने 22 अप्रैल को की. इसका उद्देश्य कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए विभिन्न ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफार्म पर गुणवत्तापूर्ण डिजिटल पाठ्य सामग्री उपलब्ध करवाना है.
क्या है विद्यादान ?
- विद्यादान एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है जिसके तहत विभिन्न शिक्षाविदों और संगठनों को पाठ्यक्रम के अनुसार ई-लर्निंग सामग्री विकसित करने और इसमें योगदान देने के लिए जोड़ा जायेगा. जो भी ई-लर्निंग सामग्री विकसित करने में अपना योगदान देना चाहते हैं वो व्याख्यात्मक वीडियो, एनिमेशन, पथ योजनाओं, मूल्यांकन और प्रश्न बैंक के रूप में अपना योगदान दर्ज करवा सकते हैं.
- इस कार्यक्रम के तहत समस्त सामग्री की समीक्षा विशेषज्ञों द्वारा की जाएगी और उसके बाद उसको ‘दीक्षा एप’ (DIKSHA App) पर उपयोग के लिए जारी किया जायेगा. जिससे देश भर के छात्रों को कहीं भी और कभी भी पढाई करने की सुविधा उपलब्ध होगी.
- राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने-अपने हिसाब से विद्यादान कार्यक्रम शुरू कर सकते हैं, इसमें व्यक्तियों, संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, एडटेक संगठनों, शिक्षकों आदि को इससे जोड़ कर इसमें पाठ्य सामग्री क्षेत्रीय भाषा और अपने-अपने क्षेत्रों के सन्दर्भ में भी उपलब्ध करवा सकते हैं.
पीवी सिंधू को BWF के ‘I am badminton’ अभियान का एबेंस्डर चुना गया
भारतीय बैडमिंटन खिलाडी पीवी सिंधू सहित आठ खिलाड़ियों को विश्व बैडमिंटन महासंघ (BWF) के ‘आई एम बैडमिंटन’ (I am badminton) जागरूकता अभियान का एबेंस्डर चुना गया है. पीवी सिंधु विश्व बैडमिंटन चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय हैं.
सिंधू के अलावा इस अभियान में कनाडा के मिशेल ली, चीन के झेंग सी वेई और हुआंग या कियोंग, इंग्लैंड के जैक शेपर्ड, जर्मनी के वालेस्का नोब्लाच, हांगकांग के चान हो युएन और जर्मनी के मार्क ज्वेलबर को भी शामिल किया गया है.
क्या है ‘आई एम बैडमिंटन’ अभियान?
‘आई एम बैडमिंटन’ अभियान बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) द्वारा शुरू किया गया एक जागरूकता कार्यक्रम है. इस अभियान में खिलाड़ियों को बैडमिंटन खेल के प्रति अपना लगाव और सम्मान व्यक्त करने का मंच दिया जाता है. इस मंच में वे ईमानदारी से और साफ सुथरा खेल खेलने की वकालत करते हैं.
23 अप्रैल: विश्व पुस्तक दिवस
प्रत्येक वर्ष 23 अप्रैल को ‘विश्व पुस्तक दिवस’ (World Book Day) के रूप में मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों के बीच किताब पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना है. चूंकि किताबी दुनिया में कॉपीराइट एक अहम मुद्दा है, इसलिए विश्व पुस्तक दिवस पर इस पर भी जोर दिया जाता है. इसी वजह से दुनिया के कई हिस्सों में इसे ‘विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस’ (World Book and Copyright Day) के तौर पर भी मनाया जाता है.
यूके और आयरलैंड में 23 अप्रैल को सेंट जॉर्ज दिवस होता है. इस वजह से वहां मार्च के पहले गुरुवार को विश्व पुस्तक दिवस मनाया जाता है.
विश्व पुस्तक राजधानी
UNESCO प्रत्येक वर्ष विश्व पुस्तक राजधानी (World Book Capital 2020) नामित करता है. यह पुस्तक राजधानी 23 अप्रैल से 1 वर्ष की अवधि के लिए रहती है. इस वर्ष की कुआलालंपुर (KL), मलेशिया को ‘विश्व पुस्तक राजधानी’ के रूप में नामित किया गया है.
इस वर्ष यानी वर्ष 2020 में विश्व पुस्तक दिवस का विषय (थीम)- ‘KL Baca – caring through reading’ है.
विश्व पुस्तक दिवस का इतिहास
संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने विश्व पुस्तक दिवस को प्रस्तावित किया था. पहला विश्व पुस्तक दिवस 23 अप्रैल, 1995 को मनाया गया था. संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने यही तारीख तय की थी.
23 अप्रैल: को संयुक्त राष्ट्र अंग्रेजी भाषा दिवस
प्रत्येक वर्ष 23 अप्रैल को संयुक्त राष्ट्र अंग्रेजी भाषा दिवस (UN English Language Day) मनाया जाता है. इसी दिन संयुक्त राष्ट्र स्पेनिश भाषा दिवस भी मनाया जाता है. भाषा दिवस को मनाने का उद्देश्य बहु-भाषावाद तथा सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देना है. अंग्रेजी ऐसी भाषा है जो अलग-अलग देशों और संस्कृति से आने वाले लोगों को साथ में जोड़ती है.
विलियम शेक्सपियर का जन्मदिन
23 अप्रैल को अंग्रेजी के मशहूर विलियम शेक्सपियर का जन्म हुआ था और उनकी मृत्यु भी इसी दिन हुई थी. इसलिए संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने 23 अप्रैल को अंग्रेजी भाषा दिवस के तौर पर चुना.
संयुक्त राष्ट्र 6 आधिकारिक भाषाओं के लिए अलग-अलग दिवस
संयुक्त राष्ट्र के 6 आधिकारिक भाषाएं हैं. इन 6 आधिकारिक भाषाओं के लिए अलग-अलग दिवस निश्चित किये गये हैं:
- अरबी भाषा: 18 दिसम्बर
- चीनी भाषा: 20 अप्रैल
- अंग्रेजी भाषा: 23 अप्रैल
- स्पेनिश भाषा: 23 अप्रैल
- फ़्रांसिसी भाषा: 20 अप्रैल
- रूसी भाषा: 6 जून
देश-दुनिया: एक दृष्टि
सामयिक घटनाचक्र डेलीडोज
कसोवाल को जोड़ने के लिए स्थायी पुल का निर्माण: सीमा सड़क संगठन (BRO) ने गुरदासपुर जिले में रावी नदी पर 484 मीटर लंबा स्थायी पुल का निर्माण कर गुरदासपुर के पाक सीमा से सटे गांव कसोवाल को हमेशा के लिए भारत सेे जोड़ दिया है. यह अब तक एक पैंटून पुल से जुड़ा था. मानसून के दौरान इसे हटाना पड़ता था, जिससे इस क्षेत्र का संपर्क पंजाब सहित देश के अन्य हिस्सों से कट जाता था. इस पुल का निर्माण ‘प्रोजेक्ट चेतक’ के 49 बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स ने किया.
कैलाश मानसरोवर यात्रा रद्द: सिक्किम सरकार ने कोविड-19 महामारी के कारण इस वर्ष नाथूला (सिक्किम) के रास्ते से होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा रद्द कर दी गई है. चीन के तिब्बती स्वायत्त क्षेत्र में स्थित कैलाश मानसरोवर की यात्रा उत्तराखण्ड के पारंपरिक मार्ग के अलावा नाथुला के रास्ते भी की जाती है.
