डेली कर्रेंट अफेयर्स
दक्षिण एशिया की अर्थव्यवस्था पर विश्व बैंक की रिपोर्ट: वृद्धि दर घटकर 1.8% रह जाएगी
विश्व बैंक ने दक्षिण एशिया की अर्थव्यवस्था पर 12 अप्रैल को एक रिपोर्ट जारी किया है. इस रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस महामारी ने वैश्विक स्तर पर कहर बरपाया हुआ है. दक्षिण एशिया की अर्थव्यवस्था को भी इससे चोट पहुंची है. विश्व बैंक ने आगाह किया कि इस जानलेवा महामारी की वजह से दक्षिण एशिया गरीबी उन्मूलन में हुए लाभ को गंवा सकता है.
अनुमान में विश्व बैंक ने कहा है कि क्षेत्र की सरकारों को इस आपात स्थिति से निपटने के लिए कार्रवाई को तेज करना चाहिए और विशेष रूप से अत्यधिक गरीब लोगों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए और तेजी से आर्थिक सुधार का रास्ता तैयार करना चाहिए.
रिपोर्ट में कहा गया है कि क्षेत्र के आठ देशों की अर्थव्यवस्थाओं में जोरदार गिरावट आएगी. क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां ठप हैं, व्यापार में नुकसान हो रहा है और वित्तीय और बैंकिंग क्षेत्र दबाव में हैं. क्षेत्र को गरीबी उन्मूलन में जो भी लाभ हुआ है वह समाप्त हो जाएगा.
वृद्धि दर घटकर 1.8% से 2.8% के बीच रह जाएगी
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019-20 में क्षेत्र की वृद्धि दर घटकर 1.8 प्रतिशत से 2.8 प्रतिशत के बीच रह जाएगी. छह माह पहले विश्व बैंक ने क्षेत्र की वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था. विश्व बैंक का कहना है कि 2020-21 में भी क्षेत्र की वृद्धि पर इसका असर बना रहेगा. इस दौरान यह 3.1 से 4 प्रतिशत के बीच रहेगी. पहले विश्व बैंक ने इसके 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था.
RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन को IMF की प्रमुख के बाहरी सलाहकार समूह का सदस्य बनाया गया
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन को अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा के बाहरी सलाहकार समूह (External Advisory Group) का सदस्य बनाया गया है. राजन सहित 11 अन्य अर्थशास्त्रियों को बाहरी सलाहकार समूह का सदस्य बनाया गया है. ये सलाहकार कोरोना वायरस महामारी के कारण उत्पन्न संकट को लेकर उठाए जाने वाले कदमों समेत दुनियाभर में हो रहे बदलाव तथा नीतिगत मुद्दों पर अपनी राय IMF प्रमुख को देंगे.
राजन सितंबर 2016 तक तीन साल तक RBI के गवर्नर रह चुके हैं. वह अभी शिकागो विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं. इस समूह में शामिल किए गए अन्य सदस्यों में सिंगापुर के वरिष्ठ मंत्री व सिंगापुर के मौद्रिक प्राधिकरण के चेयरमैन तारमण षणमुगरत्नम, मैसचुएट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की प्रोफेसर क्रिस्टीन फोर्ब्स, आस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री केविन रुड, संयुक्त राष्ट्र के पूर्व डिप्टी महासचिव लॉर्ड मार्क मलोक ब्राउन भी शामिल हैं.
13 अप्रैल: जलियांवाला बाग हत्याकांड, खालसा पंथ की स्थापना
प्रत्येक वर्ष 13 अप्रैल को राष्ट्र, जलियांवाला बाग हत्याकांड (Jallianwala Bagh Massacre) की बरसी पर शहीदों को नमन करता है. इसी दिन ही सन 1919 में ब्रिटिश आर्मी का ब्रिगेडियर जनरल डायर ने अमृत्सर के जलियांवाला बाग में निहत्थी भीड़ पर अंधाधुंध गोलियां चलवा दी थीं. इस जघन्य हत्याकांड में 1000 से भी ज्यादा लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी. 13 अप्रैल 1920 को इस निर्मम हत्याकांड के 101 वर्ष पूरे हो गए हैं.
‘खालसा पंथ’ की स्थापना
13 अप्रैल का दिन कई अन्य मायनों में भी महत्वपूर्ण है. इसी दिन 1699 में सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी ने ‘खालसा पंथ’ की स्थापना आनंदपुर साहिब में की थी. इसी दिन फसल पकने की खुशी में बैसाखी का त्योहार धूम-धाम से मनाया जाता है.
खालसा सिख धर्म के विधिवत् दीक्षा-प्राप्त अनुयायियों सामूहिक रूप है. इस दिन गुरु गोविंद सिंह जी ने सर्वप्रथम पाँच प्यारों को अमृतपान करवा कर खालसा बनाया तथा तत्पश्चात उन पाँच प्यारों के हाथों से स्वयं भी अमृतपान किया.
पुरुष दीक्षा-प्राप्त अनुयायियों को पाँच ककार (केश, कंघा, कच्छा, कड़ा और कृपाण) धारण करने की शपथ लेनी पड़ती है जो ‘ख़ालसा पंथ’ के प्रतीक हैं. साथ ही वे तंबाकू या शराब का सेवन न करने की भी शपथ लेते हैं.
जलियांवाला बाग निर्मम हत्याकांड: एक दृष्टि
- जिस समय इस घटना को अंजाम दिया गया उस समय वहां मौजूद लोग रॉलेट एक्ट का विरोध करने के लिए एक सभा कर रहे थे.
- जिस दिन इस घटना को अंजाम दिया गया था, उस दिन बैसाखी थी.
- इस घटना के बाद से ही देश में ऊधम सिंह, भगत सिंह सहित कई क्रांतिकारी युवाओं में देश-भक्ति की लहर दौड़ गई.
- इस दौरान बेगुनाह लोग अपनी जान बचाने के लिए बाग में बने कुएं में कूद गए थे, जिसे अब ‘शहीदी कुआं’ कहा जाता है.
- भारत के दबाव में इस घटना की जांच के लिए 1919 में हंटर कमीशन का गठन किया गया था.
- हंटर कमीशन के रिपोर्ट के बाद डायर को ब्रिटेन वापस भेज दिया गया.
- ब्रिटिश सरकार की ओर से जारी किए गए दस्तावेज में बताया गया था कि जलियांवाला बाग हत्याकांड में 379 लोग मारे गए थे और 1,200 लोग घायल हुए.
ब्रिटेन के मशहूर कॉमेडियन टिम ब्रुक-टेलर का निधन
ब्रिटेन के मशहूर कॉमेडियन टिम ब्रुक-टेलर का 13 अप्रैल को निधन हो गया. वे 79 वर्ष के थे. उनकी मौत कोरोना वायरस (कोविड 19) के संक्रमण से हुआ.
ब्रुक ‘गुडीज’ (The Goodies) नामक मशहूर हास्य कलाकारों की तिकड़ी का हिस्सा थे. ‘गुडीज’ में ब्रुक के अलावा ग्रीम गार्डन और बिल ऑडी भी थे. ब्रुक ने 1960 में टीवी और रेडियो पर कॉमेडी शुरू की थी. वहीं 1975 में ब्रुक के गाने ‘फंकी गिबन’ काफी लोकप्रिय था. ब्रुक टीवी शो ‘एट लास्ट द 1948 शो’ का अहम हिस्सा रहे थे.
12 अप्रैल: अंतरराष्ट्रीय मानव अंतरिक्ष उड़ान का दिवस
प्रत्येक वर्ष 12 अप्रैल को पूरे विश्व में ‘अंतरराष्ट्रीय मानव अंतरिक्ष उड़ान का दिवस’ (International Day of Human Space Flight) मनाया जाता है. यह दिवस अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मानवता के लिए अंतरिक्ष युग की शुरूआत करने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2011 में इस दिवस को मनाने की घोषणा की थी.
12 अप्रैल, 1961 को पूर्व सोवियत संघ के नागरिक यूरी गैगरीन ने अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी थी. उन्होंने वोस्टॉक नामक अंतरिक्ष-यान से यह उड़ान भरी थी. गैगरीन अंतरिक्ष पर जाने वाले पहले व्यक्ति थे. इस ऐतिहासिक घटना ने मानव के लिए अंतरिक्ष अन्वेषण का रास्ता खोल दिया था.
देश-दुनिया: एक दृष्टि
सामयिक घटनाचक्र डेलीडोज
KVIC ने खादी मास्क तैयार किया: कोविड-19 महामारी के संक्रमण को रोकने के प्रयास में खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) ने दो परतों वाला खादी मास्क तैयार किया है. खादी के कपड़े से बने ये मास्क सत्तर प्रतिशत तक भाप को अंदर ही रखने में मदद करता है, जबकि हवा की सुचारू निकासी भी करता है.
UGC ने ऑनलाइन शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए समिति गठित की: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक समिति गठित की है. यह समिति लॉकडाउन की स्थिति में निर्धारित पाठ्यक्रम पूरा किये जाने पर विचार करेगी. समिति की सिफारिशों के आधार पर UGC मानव संसाधन विकास मंत्रालय के परामर्श से विश्वविद्यालयों के लिए दिशानिर्देश जारी करेगा.
आरोग्य सेतु ऐप की सराहना: विश्व बैंक ने कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए भारत द्वारा शुरू किए गए आरोग्य सेतु ऐप की सराहना की है. इस ऐप का उदाहरण देते हुए विश्व बैंक की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें बताए गए नवीन उपाय व्यापक जन समुदाय में संक्रमण का पता लगाने और लोगों को जागरूक बनाने में मददगार हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोग्य सेतु ऐप इस्तेमालकर्ताओं को उनके आस-पास कोविड-19 से संक्रमित व्यक्ति के होने की जानकारी देता है.
कोरोना वायरस से संबंधित अनुसंधान: वैज्ञानिक तथा अनुसंधान परिषद के हैदराबाद स्थित कोशिकीय और आणविक जीव विज्ञान केंद्र को कोरोना वायरस से संबंधित अनुसंधान में जल्दी ही महत्वपूर्ण नतीजे पर पहुंचने की उम्मीद है जो इस महामारी से निपटने में व्यवहारिक साबित होंगे. केंद्र ने इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटेग्रेटिव बायलॉजी के साथ मिलकर कोरोना वायरस की जीनोम संरचना का अध्ययन शुरू किया है. अगले तीन-चार सप्ताह में किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकेगा.
