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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की इथियोपिया की यात्रा

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 15 से 18 दिसम्बर 2025 तक तीन देशों जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की यात्रा पर थे. यात्रा के दूसरे चरण में श्री मोदी 16-17 दिसंबर को इथियोपिया की आधिकारिक यात्रा पर थे. यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा इथियोपिया की पहली आधिकारिक द्विपक्षीय यात्रा थी.

द्विपक्षीय वार्ता के मुख्य बिन्दु

  • प्रधानमंत्री मोदी ने इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबी अहमद के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. इस वार्ता में दोनों देशों के बीच संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जाने पर सहमति बनी.
  • दोनों देशों के बीच आठ महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. इथियोपिया के विदेश मंत्रालय में एक आधुनिक डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए भारत सहयोग करेगा.
  • इथियोपियाई छात्रों के लिए ICCR छात्रवृत्तियों की संख्या दुगुनी करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में विशेष पाठ्यक्रमों की घोषणा की गई.
  • रक्षा निर्यात और भारतीय सेना द्वारा इथियोपियाई सैनिकों को प्रशिक्षण के लिए नए समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए.

सर्वोच्च नागरिक सम्मान

इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबी अहमद ने पीएम मोदी को इथियोपिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’ (Great Honor Nishan of Ethiopia) से सम्मानित किया. यह सम्मान भारत-इथियोपिया संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान के लिए दिया गया.

संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया

पीएम मोदी ने इथियोपिया की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया. वे ऐसा करने वाले दुनिया के 18वें नेता बने.

भारत-इथियोपिया संबंध

  • भारत ने 1948 में इथियोपिया के साथ कूटनीतिक संबंध स्थापित किए थे.
  • भारत और इथियोपिया के बीच 2,000 साल पुराने संबंध हैं. पहली शताब्दी में भारतीय व्यापारी सोने और हाथी दांत के बदले रेशम और मसालों का व्यापार करने इथियोपिया के प्राचीन बंदरगाहों पर जाते थे.
  • 1941 में इथियोपिया को इतालवी कब्जे से मुक्त कराने के लिए भारतीय सैनिकों ने इथियोपियाई लोगों के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी थी.
  • भारत, इथियोपिया में सबसे बड़े विदेशी निवेशकों में से एक है. 675 से अधिक भारतीय कंपनियों ने वहां लगभग 5 बिलियन डॉलर (₹41,000 करोड़ से अधिक) का निवेश किया है.
  • भारतीय कंपनियां मुख्य रूप से कृषि, कपड़ा, फार्मास्यूटिकल्स, विनिर्माण और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं.
  • भारत ने इथियोपिया के ब्रिक्स (BRICS) में शामिल होने और अफ्रीकी संघ (African Union) को G20 का स्थायी सदस्य बनाने का पुरजोर समर्थन किया है.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अंगोला और बोत्सवाना यात्रा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 8 से 13 नवंबर, 2025 तक अंगोला और बोत्सवाना की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा पर थे. यह किसी भी भारतीय राष्ट्रपति की इन दोनों दक्षिणी अफ्रीकी देशों की पहली यात्रा थी.

इस यात्रा का उद्देश्य अफ्रीकी महाद्वीप के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करना और ग्लोबल साउथ देशों के साथ साझेदारी को गहरा करना था.

अंगोला यात्रा के मुख्य बिंदु

  • राष्ट्रपति मुर्मू की बोत्सवाना यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर हुई.
  • राष्ट्रपति मुर्मू ने अंगोला के राष्ट्रपति जोआओ लौरेन्सो से मुलाकात की और द्विपक्षीय वार्ता की.
  • रणनीतिक खनिजों और दुर्लभ खनिजों (Critical and Rare Minerals) की खोज में भारतीय कंपनियों के सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई.
  • राष्ट्रपति मुर्मू ने डिजिटल तकनीक, अंतरिक्ष सहयोग और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया.
  • उन्होंने कहा कि भारत में निर्मित वंदे भारत हाई-स्पीड ट्रेनें जैसी तकनीक और ज्ञान अंगोला के साथ साझा किया जा सकता है.
  • राष्ट्रपति मुर्मू ने 11 नवंबर को अंगोला की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ के समारोह में हिस्सा लिया और अंगोला की संसद को संबोधित किया.
  • भारत अंगोला की रक्षा आधुनिकीकरण योजना के लिए 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट (LoC) को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है.
  • अंगोला, जो तेल का प्रमुख उत्पादक है, भारत की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

बोत्सवाना यात्रा के मुख्य बिंदु

  • राष्ट्रपति मुर्मू की बोत्सवाना यात्रा दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ पर हुई है.
  • बोत्सवाना में राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्रपति ड्यूमा गिडियन बोको के साथ द्विपक्षीय वार्ता की.
  • दोनों नेताओं ने प्रोजेक्ट चीता के तहत भारत को बोत्सवाना से 8 चीते भेजने की घोषणा का स्वागत किया. यह वन्यजीव संरक्षण में दोनों देशों के बीच सहयोग का एक प्रमुख कदम है.
  • दोनों देशों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जो बोत्सवाना के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सस्ती भारतीय दवाएं आसानी से उपलब्ध कराने में मदद करेगा.
  • शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, व्यापार, निवेश, नवीकरणीय ऊर्जा और डिजिटल प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी.
  • राष्ट्रपति मुर्मू ने बोत्सवाना की संसद को संबोधित किया और भारत को बोत्सवाना के विकास के सफर में एक भरोसेमंद और विश्वसनीय साझेदार बताया.

प्रधानमंत्री की नामीबिया यात्रा, सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित

  • प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी पांच देशों की अपनी यात्रा के अंतिम चरण में 9 जुलाई को नामीबिया की यात्रा की थी. इससे पहले वे घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना और ब्राजील का दौरा कर चुके थे, जहां उन्होंने ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लिया था.
  • प्रधानमंत्री की इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों का विस्तार तथा सहयोग के नये महत्वपूर्ण क्षेत्रों का पता लगाना था.

भारत-नामीबिया प्रतिनिधिमंडल स्तर वार्ता

  • इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और नामीबिया की राष्ट्रपति नेतुम्‍बो नंदी नेतवाह के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की द्विपक्षीय वार्ता हुई. वार्ता के बाद विभिन्न समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए.
  • वार्ता में महत्वपूर्ण खनिजों, हाइड्रोकार्बन, रक्षा सहयोग, स्वास्थ्य क्षेत्र में साझेदारी, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, पर्यावरण और क्षमता निर्माण में सहयोग बढ़ाने जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई.
  • भारत और नामीबिया ने स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में, नामीबिया में उद्यमिता विकास केंद्र की स्थापना और सहयोग पर समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए.
  • इस वर्ष के अंत में नामीबिया में डिजिटल भुगतान प्रणाली शुरू करने की भी घोषणा की गई.
  • सीडीआरआई (आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे हेतु गठबंधन) और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन में नामीबिया के शामिल होने के लिए स्वीकृति-पत्र भी प्रस्तुत किए गए.
  • भारत ने नामीबिया को रक्षा क्षेत्र में सहयोग के लिए एक लाइन ऑफ क्रेडिट (ऋण सुविधा) की पेशकश की है, ताकि वह भारत से रक्षा उपकरण खरीद सके.

प्रधानमंत्री को नामीबिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान

  • प्रधानमंत्री को नामीबिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ़ द मोस्ट एनशिएंट वेल्वित्चिया मिराबिलिस’ से सम्मानित किया गया.
  • यह सम्मान द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में योगदान के लिए दिया गया. यह प्रधानमंत्री मोदी का 27वां और उनके वर्तमान दौरे पर प्राप्त चौथा सम्मान है.

भारत-नामीबिया संबंध

  • भारत और नामीबिया के बीच मधुर और सौहार्दपूर्ण संबंध हैं. भारत ने नामीबिया के मुक्ति संग्राम में उसका साथ दिया था, जिससे दोनों देशों के संबंध और भी मजबूत हुए हैं.
  • 1946 में, भारत संयुक्त राष्ट्र में नामीबिया की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाने वाले पहले देशों में से एक था. नामीबिया के मुक्ति संग्राम का नेतृत्व करने वाले SWAPO (दक्षिण पश्चिम अफ्रीका जन संगठन) का पहला विदेश दूतावास 1986 में नई दिल्ली में स्थापित किया गया था.
  • भारत ने इस संघर्ष में भौतिक सहायता और सैन्य प्रशिक्षण दिया. भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल दीवान प्रेम चंद ने शांति प्रक्रिया और चुनावों की निगरानी के लिए नामीबिया में तैनात संयुक्त राष्ट्र शांति सेना (UNTAG) का नेतृत्व (1989-1990) किया था.
  • दोनों देश आज व्यापार और निवेश, खनन, हीरा प्रसंस्करण, ऊर्जा, स्वास्थ्य, रक्षा, पर्यावरण एवं जैव विविधता और क्षमता निर्माण समेत व्यापक क्षेत्रों में साझेदार हैं.
  • दोनों देशों के बीच व्यापार आज 600 मिलियन डॉलर का है और नामीबिया में भारत का निवेश लगभग 800 मिलियन डॉलर है.
  • वन्यजीव संरक्षण में साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए, सितंबर 2022 में नामीबिया से आठ चीतों को भारत के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में स्थानांतरित किया गया था.
  • डिजिटल मोर्चे पर, नामीबिया दुनिया का पहला देश बना है, जहां एनपीसीआई ने केंद्रीय बैंक के साथ यूपीआई जैसी वास्तविक समय भुगतान प्रणाली की तैनाती के लिए प्रौद्योगिकी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.

नामीबिया: एक दृष्टि

  • नामीबिया दक्षिणी अफ़्रीका का एक देश है. अंगोला, बोत्सवाना और दक्षिण अफ़्रीका नामीबिया के पड़ोसी देश हैं. नामीबिया का पश्चिमी भाग कालाहारी मरुस्थल के क्षेत्रों में से एक है.
  • नामीबिया को 21 मार्च 1990 को दक्षिण अफ्रीका से स्वतंत्रता मिली थी. इसकी राजधानी विंडहॉक और मुद्रा नामीबिया डॉलर है.

भारत, मोजाम्बिक और तंजानिया के बीच सैन्य अभ्यास IMT TRILAT 24 आयोजित किया गया

भारत, मोजाम्बिक और तंजानिया के बीच 21 से 28 मार्च तक त्रिपक्षीय नौसैनिक अभ्यास IMT TRILAT 24 आयोजित किया गया था.  यह IMT TRILAT का दूसरा संस्करण था जो 28 मार्च 2024 को मोजाम्बिक के नाकाला में संपन्न हुआ.

मुख्य बिन्दु

  • इस अभ्यास का उद्देश्य भारत, मोजाम्बिक और तंजानिया की नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग और अंतर-संचालनीयता को बढ़ाना था. भारतीय नौसेना के जहाज ‘तीर’ और ‘सुजाता’ ने इस अभ्यास में भाग लिया था.
  • IMT TRILAT 24 दो चरणों में आयोजित किया गया था. पहला चरण हार्बर चरण था जो 21-24 मार्च तक जंजीबार में आयोजित किया गया. दूसरा चरण समुद्री चरण था जो 24-28 मार्च तक आयोजित किया गया.
  • मोजाम्बिक, दक्षिण-पूर्वी अफ्रीका का एक देश है जो 1975 में पुर्तगाल से आज़ाद हुआ था. इसकी राजधानी मापुटो है. पूर्वी अफ्रीका में स्थित तंजानिया को 1961 में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से स्वतंत्रता मिली थी. तंजानिया की राजधानी डोडोमा है.

विदेश मंत्री के नाईजीरिया यात्रा: नाईजीरिया संयुक्‍त आयोग की बैठक

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर हाल ही में नाईजीरिया की यात्रा पर थे. भारत-नाईजीरिया संयुक्‍त आयोग की बैठक में हिस्सा लेने के लिए नाईजीरिया के लागोस पहुंचे थे. इस यात्रा के दौरान उन्‍होंने पश्चिम अफ्रीका में नियुक्त भारतीय राजदूतों के साथ बैठक भी की थी.

मुख्य बिन्दु

  • विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने 22 जनवरी को नाईजीरिया के विदेश मंत्री यूसुफ तुग्गर के साथ भारत-नाईजीरिया संयुक्‍त आयोग की बैठक की सहअध्‍यक्षता की थी.
  • बैठक में भारत और नाइजीरिया दोनों देश अपने नागरिकों के बीच आपसी सम्‍पर्क मजबूत करने और ऊर्जा, आवागमन तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढाने पर सहमत हुए.
  • डॉ0 जयशंकर ने कहा कि विश्‍व में फिर से संतुलन की स्थिति और बहुध्रुवीयता को बढावा देने के साथ-साथ स्वाभाविक विविधता की पुर्नस्‍थापना आज वैश्विक एजेण्‍डा है.

विदेशमंत्री डॉ. जयशंकर ने दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया की यात्रा संपन्न की

विदेशमंत्री डॉ. सुब्रमण्‍यम जयशंकर 1 से 6 जून तक दो अफ्रीकी देशों-दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया की यात्रा पर थे.

मुख्य बिन्दु

  • यात्रा के पहले चरण में डॉ जयशंकर ने दक्षिण अफ्रीका की राजधानी केपटाउन में ब्रिक्‍स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्‍सा लिया था.
  • उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की विदेशमंत्री नालेदी पेन्‍डोर के साथ द्विपक्षीय बैठक की और राष्‍ट्रपति से भेंट की.
  • ब्रिक्‍स विदेशमंत्रियों की बैठक में विदेशमंत्री डॉ. सुब्रहमण्‍यम जयशंकर ने कहा कि दुनिया बहुध्रुवीय है और उसका संतुलन बदल रहा है. इसलिए नई परिस्थितियों का सामना पुराने तरीकों से नहीं किया जा सकता.
  • डॉ. जयशंकर ने कहा कि आज जो भी समस्‍याए हैं उनका मुख्‍य कारण आर्थिक केन्द्रीकरण है जिसमें कई देशों को कुछ एक देशों के दया पर निर्भर रहना पड रहा है. विदेश मंत्री ने कहा कि चाहे उत्‍पादन हों, संसाधन हों, सेवाएं हो, या संपर्क हों इनका विकेन्‍द्रीकरण होना जरूरी है.
  • यात्रा के दूसरे चरण में डॉ. जयशंकर 4 से 6 जून तक नामीबिया की यात्रा पर थे. यह किसी भी भारतीय विदेशमंत्री की नामीबिया की पहली यात्रा थी.
  • विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्‍यम जयशंकर ने 5 जून को विंडहोक में नामीबिया के विदेश मंत्री नेतुम्‍बो नांदी-एनदेतवाह के साथ भारत-ना‍मीबिया संयुक्‍त आयोग की पहली बैठक की सह-अध्‍यक्षता की थी.

अफ्रीका में महात्मा गांधी के सम्मान में पहला अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र का उद्घाटन किया गया

विदेश मंत्री एस जयशंकर और नाईजर के राष्ट्रपति महमदौ इसोफौ ने 21 जनवरी को अफ्रीका में महात्मा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र का उद्घाटन किया. यह सम्मेलन केंद्र भारत-नाईजर मैत्री और अफ्रीका के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का प्रतीक है.

महात्मा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र महात्मा गांधी की स्मृति में भारत द्वारा स्थापित किया गया है. आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सुविधायुक्त यह सम्मेलन केंद्र अफ्रीका में महात्मा गांधी के सम्मान में स्थापित पहला केंद्र है. 2 अक्टूबर 2019 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाई गई थी.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर नाईजर और ट्यूनीशिया की तीन दिन की यात्रा के पहले चरण में नाईजर की राजधानी नियामी पहुंचे थे.

गिनी के विदेश मंत्री ममादी तउरे की भारत यात्रा, दोनों देशों में दो समझौतों पर हस्‍ताक्षर

गिनी के विदेश मंत्री ममादी तउरे 2 से 5 दिसम्‍बर तक भारत की यात्रा पर थे. इस यात्रा के दौरान उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से नई दिल्‍ली में द्विपक्षीय वार्ता की. वार्ता में दोनों नेताओं ने विकासपरक साझेदारी, क्षमता निर्माण, व्‍यापार और वाणिज्‍य समेत द्विपक्षीय संबंधों के सभी आयामों पर चर्चा की.

इस वार्ता में दोनों देशों एक बीच आपसी संबंध मज़बूत करने के उपायों पर चर्चा हुई, जिसके बाद दो समझौतों पर हस्‍ताक्षर किए गए. इन समझौतों के तहत भारत इस पश्चिमी अफ्रीकी देश को पेयजल आपूर्ति और सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 19 करोड़ डॉलर से अधिक की ऋण सहायता देगा.

उपराष्‍ट्रपति की कोमोरॉस और सियरा लियोन की यात्रा: कोमोरोस के सर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मान से सम्‍मानित किया गया

उप-राष्‍ट्रपति की कोमोरॉस की यात्रा: सर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मान से सम्‍मानित किये गये

उपराष्‍ट्रपति एम वेंकैया नायडू 10 से 14 अक्टूबर तक दो अफ्रीकी देशों कोमोरॉस और सियरा लियोन की यात्रा पर हैं. भारत सरकार अफ्रीका को एक ‘फोकस महाद्वीप’ मानता है. पिछले पांच सालों में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के स्तर पर 32 अफ्रीकी देशों की यात्राओं से साफ होता है.

यात्रा के पहले चरण में श्री नायडू 10 अक्टूबर को पूर्वी अफ्रीकी द्वीप कोमोरॉस की राजधानी मोरोनी पहुंचे थे. यहाँ उन्होंने राष्‍ट्रपति अज़ाली असौमानी से आपसी हितों के मुद्दों पर वार्ता बैठक की.

इस यात्रा के क्रम में भारत ने अफ्रीका में 18 नए दूतावास खोलने का फैसला किया है. भारत ने कोमोरोस को ऊर्जा और समुद्री रक्षा सहयोग के लिए छह करोड़ डॉलर की ऋण सुविधा प्रदान करने की घोषणा की. कोमोरास की राजधानी मोरोनी में संसद को सम्‍बोधित करते हुए उप-राष्‍ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि दोनों देशों ने रक्षा और उर्जा सहित कुछ महत्‍वपूर्ण क्षेत्रों में समझौते किए. भारत ने मोरनी में अट्ठारह मेगावाट क्षमता का विद्युत सयंत्र लगाने के लिए 41 करोड़ 60 लाख डॉलर से अधिक की ऋण सुविधा देने की घोषणा की.

उप-राष्‍ट्रपति एम वेंकैया नायडू को कोमोरोस के सर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मान “द आर्डर ऑफ दा ग्रीन क्रिसेंट” से सम्‍मानित किया गया. कोमोरोस के राष्‍ट्रपति अज़ाली असोउमानी ने उन्हें यह सम्‍मान प्रदान किया.

सियरा लियोन की यात्रा: भारत और सियरा लियोन में छह समझौते

भारत और सियरा लियोन ने 13 अक्टूबर को छह समझौतों पर हस्‍ताक्षर किए. इनमें धान की खेती के लिए तीन करोड़ डॉलर की ऋण सीमा बढ़ाना भी शामिल है. ये समझौते सियेरा लियोन की यात्रा पर गये उप-राष्‍ट्रपति एम वेंकैया नायडू और सियेरा लियोन के राष्‍ट्रपति जूलियस माडा बियो के बीच द्विपक्षीय वार्ता के दौरान हुए.

दोनों देशों ने पैन-अफ्रीकन टेली एजुकेशन, टेली मेडि‍सिन पहल-ई-विद्या भारती और ई-आरोग्‍य भारती में सियेरा लियोन की भागीदारी के लिए समझौते पर भी हस्‍ताक्षर किए. दोनों देश इस बात पर भी सहमत हुए हैं कि वर्तमान वास्‍तविकताओं पर विचार करने और मौजूदा वैश्‍विक चुनौतियों के समाधान के लिए संयुक्‍त राष्‍ट्र में सुधार की जरूरत है.

श्री नायडू पश्चिम अफ्रीकी देशों कोमोरॉस और सियरा लियोन की पांच दिन की यात्रा के दूसरे चरण में सियेरा लियोन की राजधानी फ्रीटाउन पहुंचे थे.