Tag Archive for: Important Days- February

21 फरवरी: अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस

प्रत्येक वर्ष 21 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस (International Mother Language Day) के रूप में मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य भाषायी और सांस्कृतिक विविधता को प्रोत्साहित करना है.

इस वर्ष यानी 2022 के अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का मुख्य विषय (थीम) ‘बहुभाषा सीखने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग में चुनौतियाँ और अवसर’ (Using technology for multilingual learning: Challenges and opportunities) है.

संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस को मनाये जाने की स्वीकृति 17 नवम्बर 1999 को दी थी.

21 फरवरी, 1952 को ढाका में कई छात्रों ने ‘बांग्ला’ को राष्ट्रभाषा बनाने की मांग को लेकर आंदोलन में पुलिस की गोलियों से शहादत हासिल की थी. संयुक्त राष्ट्र ने इसकी स्मृति में प्रतिवर्ष इस दिन दिवस मनाने का निर्णय किया. बांग्लादेश में इस दिन राष्ट्रीय अवकाश होता है.

20 फरवरी: विश्व सामाजिक न्याय दिवस

प्रत्येक वर्ष 20 फरवरी को विश्व भर में ‘सामाजिक न्याय दिवस’ (World Day of Social Justice) मनाया जाता है. इस अवसर पर विभिन्न संगठनों, जैसे- संयुक्त राष्ट्र एवं अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन द्वारा लोगों से सामाजिक न्याय हेतु अपील जारी की जाती है.

इस वर्ष 2022 में विश्व सामाजिक न्याय दिवस की थीम ‘औपचारिक रोजगार के माध्यम से सामाजिक न्याय प्राप्त करना’ (Achieving Social Justice through Formal Employment) है.

संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 2007 में इस दिवस को मनाने की शुरुआत की गयी थी. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, सामाजिक न्याय का अर्थ है लिंग, आयु, धर्म, अक्षमता तथा संस्कृति की भावना को भूलकर समान समाज की स्थापना करना.

वर्ष 2021 में इस दिवस का मुख्य विषय (थीम) ‘A Call for Social Justice in the Digital Economy’ है.

20 फरवरी: अरूणाचल प्रदेश और मिजोरम का स्‍थापना दिवस

प्रत्येक वर्ष 20 फरवरी को अरूणाचल प्रदेश और मिजोरम का स्‍थापना दिवस (Arunachal Pradesh and Mizoram Statehood Day) मनाया जाता है. अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम को 1987 में आज ही के दिन राज्य का दर्जा मिला था. इस वर्ष यानी 2022 में 36वां स्थापना दिवस मनाया गया.

अरुणाचल प्रदेश

  • अरुणाचल प्रदेश 20 फ़रवरी, 1987 को भारतीय संघ का 24वां राज्य बना था. 1972 तक, इसे नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (NEFA) के नाम से जाना जाता था.
  • सन 1972 में इसे प्रदेश को केंद्र शासित राज्य बनाया गया था और इसका नाम ‘अरुणाचल प्रदेश’ किया गया था. केंद्रशासित प्रदेश अरुणाचल प्रदेश को राज्य का दर्जा दिए जाने के लिए 55वां संविधान संशोधन किया गया था.
  • अरुणाचल प्रदेश भारत गणराज्य का एक उत्तर पूर्वी राज्य है. ‘अरुणाचल’ का अर्थ हिन्दी में शाब्दिक अर्थ है ‘उगते सूर्य की भूमि’ (अरुण+अचल). ईटानगर राज्य की राजधानी है. अरुणाचल प्रदेश की मुख्य भाषा हिन्दी और असमिया है.
  • प्रदेश की सीमाएँ दक्षिण में असम दक्षिण-पूर्व मे नागालैंड पूर्व में म्यांमार, पश्चिम में भूटान और उत्तर में तिब्बत से मिलती हैं. भौगोलिक दृष्टि से पूर्वोत्तर के राज्यों में यह सबसे बड़ा राज्य है.

मिज़ोरम

  • मिज़ोरम 1987 को भारत का 23वां राज्य बना था. 1972 में पूर्वोत्तर क्षेत्र पुनर्गठन अधिनियम लागू होने पर मिजोरम केंद्रशासित प्रदेश बना था. केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले तक यह असम का एक जिला था.
  • भारत सरकार और मिज़ो नेशनल फ्रंट के बीच 1986 में हुए ऐतिहासिक समझौते के फलस्वरूप 20 फरवरी, 1987 को इसे पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया. इसके लिए 53वां संविधान संशोधन किया गया था.
  • मिज़ोरम भारत का एक उत्तर-पूर्वी राज्य है. मिजोरम में साक्षरता का दर भारत में सबसे अधिक 91.03% है. यहाँ की राजधानी आईजोल है.
  • पूर्व और दक्षिण में म्यांमार और पश्चिम में बांग्लादेश के बीच स्थित होने के कारण भारत के पूर्वोत्तर कोने में मिजोरम सामरिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण राज्य है.

19 फरवरी 2022: छत्रपति शिवाजी महाराज की 392वीं जयंती मनाई गयी

19 फरवरी 2021 को छत्रपति शिवाजी महाराज की 392वीं जयंती मनाई गयी. 19 फरवरी 1630 में शिवनेरी दुर्ग में उन्का जन्म हुआ था. छत्रपति शिवाजी को एक कुशल रणनीतिकार और निपुण प्रशासक के रूप में याद किया जाता है.

छत्रपति शिवाजी: एक दृष्टि

  • छत्रपति शिवाजी महाराज ने पश्चिम भारत में मराठा साम्राज्य की नींव रखी थी.
  • उन्होंने शक्तिशाली आदिलशाही, निजामशाही और मुगल सरदारों को पराजित करके अपना साम्राज्य बनाया.
  • उन्होंने दक्कन में हिंदू राज्य की स्थापना की थी, जो कई वर्ष औरंगज़ेब के मुगल साम्राज्य से संघर्ष किया.
  • 1674 ई. में रायगढ़ में उनका राज्याभिषेक हुआ और वे छत्रपति बन गये.
  • शिवाजी ने समर-विद्या में अनेक नवाचार किये और गुरिल्ला वॉर की नयी शैली विकसित की.
  • उन्होंने प्राचीन हिन्दू राजनीतिक प्रथाओं को पुनर्जीवित किया और फारसी के स्थान पर मराठी और संस्कृत को राजकाज की भाषा बनाया.
  • 3 अप्रैल 1680 को महज 50 साल की उम्र में वीर छत्रपति शिवाजी महाराज ने लंबी बीमारी के बाद अंतिम सांस ली.

19 फरवरी: देशभर में ‘मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड दिवस’ मनाया गया

19 फरवरी को देशभर में ‘मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड दिवस’ (Soil Health Card Day) मनाया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 फरवरी 2015 को राजस्थान के हनुमानगढ से मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का शुभारंभ किया था. साइल कार्ड योजना में मिट्टी में कम हो रहे पोषक तत्वों की समस्या पर फोकस किया जाता है.

मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड: एक दृष्टि

  • इस योजना का उद्देश्य प्रत्‍येक दो वर्ष में किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करना है ताकि मिट्टी में पोषक तत्‍वों की कमी दूर करने के उपाय किये जा सकें. इसके अलावा, मृदा उपचार के उपाय भी इस कार्ड के माध्‍यम से प्राप्‍त किए जा सकते हैं.
  • देश में अब तक, किसानों को 23 करोड़ से अधिक मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड वितरित किए जा चुके हैं. देश भर में 11 हजार 500 से अधिक नई मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं को चालू किया गया है
  • राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद् द्वारा किये गये एक अध्ययन के अनुसार देश में मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड (Soil Health Card) के उपयोग से उर्वरक के उपयोग में 10% की कमी आई है. इस अध्ययन से यह भी ज्ञात हुआ है कि मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड के कारण उत्पादकता में 5-6% की वृद्धि हुई है.

16 फरवरी: संत गुरु रविदास की जयंती

16 फरवरी 2022 को दुनियाभर में संत गुरु रविदास की जयंती मनाई गयी थी. गुरु रविदास की जयंती प्रत्येक वर्ष माघ माह की पूर्णिमा को मनाई जाती है. उनका जन्म माघ माह की पूर्णिमा तिथि को वर्ष 1398 में उत्तर प्रदेश के काशी में हुआ था. जिस दिन रविदास जी का जन्म हुआ था उस दिन रविवार था. इसी के चलते इनका नाम रविदास पड़ा.

संत गुरु रविदास: एक दृष्टि

  • संत रविदास बहुत ही सरल हृदय के थे और दुनिया का आडंबर छोड़कर हृदय की पवित्रता पर बल देते थे. इस बारे में उनकी एक कहावत – “जो मन चंगा तो कठौती में गंगा” काफी प्रचलित है.
  • भगवान कृष्ण की परमभक्त मीराबाई के गुरु संत रविदास थे. मीराबाई संत रविदास से ही प्रेरणा ली थी और भक्तिमार्ग अपनाया था.
  • संत रविदास जात-पात के विरोधी थे. इस सन्दर्भ में उनकी दोहा “जाति-जाति में जाति हैं, जो केतन के पात, रैदास मनुष ना जुड़ सके जब तक जाति न जात.” प्रचलित है.
  • सिख धर्म पर भी संत रविदास का विशेष प्रभाव है. उनकी चालीस कविताओं को सिख धर्म के आदि ग्रंथ में शामिल किया गया है.

13 फरवरी: राष्ट्रीय महिला दिवस, सरोजिनी नायडू का जन्मदिन

प्रत्येक वर्ष 13 फरवरी को ‘राष्ट्रीय महिला दिवस’ (National Women’s Day) के रूप में मनाया जाता है. यह दिवस भारत के स्वतंत्रता सेनानी और कवि सरोजिनी नायडू के जन्मदिन पर मनाया जाता है. सरोजिनी नायडू का जन्म इसी दिन 1879 में हुआ था. इस वर्ष यानी 2022 में उनकी 143वीं जयंती मनाई गयी.

सरोजिनी नायडू: एक दृष्टि

  • सरोजिनी नायडू ने देश की आजादी के लिए भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया था. वह कांग्रेस पार्टी की पहली महिला अध्यक्ष थी.
  • उनकी कविताओं के कारण उन्हें ‘नाइटिंगेल ऑफ इंडिया (भारत कोकिला’)’ के उपनाम से भी जाना जाता है.
  • सरोजिनी नायडू संयुक्त प्रांत (वर्तमान उत्तर प्रदेश) की पहली महिला राज्यपाल भी बनीं थीं.
  • उन्हें 1928 के दौरान भारत में प्लेग महामारी के दौरान उनके काम के लिए ‘कैसर-ए-हिंद’ पदक से सम्मानित किया गया था.
  • उन्होंने महिला सशक्तीकरण की भी वकालत करते हुए 1917 में महिला भारतीय संघ (WIA) की स्थापना में मदद की.
  • उन्होंने सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन का प्रमुखता से नेतृत्व किया था.

सरोजिनी नायडू के मुख्य कोट्स

  1. हम अपनी बीमारी से भारत को साफ करने से पहले पुरुषों की एक नई नस्ल चाहते हैं.
  2. एक देश की महानता, बलिदान और प्रेम उस देश के आदर्शों पर निहित करता है.
  3. हम गहरी सच्चाई का मकसद चाहते हैं, भाषण में अधिक से अधिक साहस और कार्यवाही में ईमानदारी.
  4. श्रम करते हैं हम कि समुद्र हो तुम्हारी जागृति का क्षण, हो चुका जागरण अब देखो, निकला दिन कितना उज्ज्वल.

28 फरवरी: राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, रमन प्रभाव की खोज की स्‍मृति में मनाया जाता है

प्रत्येक वर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (National Science Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों के जीवन में विज्ञान के महत्व के प्रति जागरुकता फैलाना और विज्ञान व प्रौद्योगिकी को लोकप्रिय बनाना है.

इस वर्ष राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का मुख्य विषय (theme)- ‘विज्ञान और प्रौद्योगिकी का भविष्य और नवाचार: शिक्षण कौशल और कार्य पर प्रभाव’ (Future of STI: Impacts on Education, Skills, and Work) है.

भारत सरकार ने 1986 में 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी. पहला राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 28 फरवरी 1987 को मनाया गया था.

रमन प्रभाव की खोज की स्‍मृति में मनाया जाता है

यह दिवस रमन प्रभाव की खोज की स्‍मृति में मनाया जाता है. भारतीय वैज्ञानिक सर चन्द्रशेखर वेंकटारमन ने 1928 में इसी दिन रमन प्रभाव की खोज की घोषणा की थी.

सीवी रमन ने फोटॉन कणों के लचीले वितरण के अद्वीतीय घटना की खोज की थी जिसे बाद में ‘रमन प्रभाव’ के नाम से जाना गया. इस खोज के दो वर्ष बाद ही 1930 में सीवी रमन को उनकी इस बेहतरीन खोज के लिए नोबल पुरस्कार दिया गया था. विज्ञान के क्षेत्र में किसी भारतीय को दिया जाने वाला ये पहला नोबल पुरस्कार था.

फरवरी माह का अंतिम दिन: विश्व दुर्लभ रोग दिवस

प्रत्येक वर्ष फरवरी माह के अंतिम दिन को ‘विश्व दुर्लभ रोग दिवस’ (World Rare Disease Day) के रूप में मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य दुर्लभ बीमारी के प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाना जिनके बारे में ज्‍यादा लोगों को जानकारी नहीं होती. ऐसा इसलिए है क्‍योंकि ये बीमारियां बहुत कम लोगों को होती हैं.

दुर्लभ रोग दिवस को पहली बार यूरोपीय आर्गेनाईजेशन फॉर रेयर डिसीज (EURORDIS) और इसकी काउंसिल ऑफ नेशनल अलायन्स द्वारा 2008 में लॉन्च किया गया था.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार इस समय दुनिया में लगभग 7000 ऐसे रोग हैं जिन्‍हें दुर्लभ माना जाता है. इनमें कुछ जाने-माने नाम हैं: सिस्टिक फाइब्रोसिस, जो श्‍वसन तंत्र और पाचन तंत्र को प्रभावित करता है. हटिन्‍गटन्‍स डिजीज, जो ब्रेन और नर्वस सिस्‍टम को प्रभावित करता है. मस्‍क्‍युलर डिस्‍ट्रॉफी, जो मांसपेशियों को प्रभावित करते हैं.

इंडियन सोसायटी फॉर क्लीनिकल रिसर्च (ISCR) के मुताबिक, भारत में 70 मिलियन और दुनिया भर में 350 मिलियन लोग दुर्लभ बीमारियों के शिकार हैं. 6,000 से ज्यादा अलग-अलग तरह के दुर्लभ और आनुवंशिक रोग (Genetic Diseases) हैं.

27 फरवरी: विश्व NGO दिवस

प्रत्येक वर्ष 27 फरवरी को ‘विश्व NGO दिवस’ (World NGO Day) मनाया जाता है. NGO, Non-Governmental Organisation का संक्षिप्त रूप है.

विश्व NGO दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को NGO के अंदर सक्रिय रूप से शामिल होने और NGO तथा सार्वजनिक व निजी क्षेत्र दोनों के बीच अधिक सहजीवन को प्रोत्साहित करना है.

2010 में बाल्टिक सागर के राज्यों की काउंसिल के ‘NGO फोरम’ के 12 सदस्य राष्ट्रों द्वारा आधिकारिक रूप से इस दिवस को मान्यता दी थी. बाल्टिक सागर के NGO फोरम के सदस्य राष्ट्र बेलारूस, डेनमार्क, एस्टोनिया, फिनलैंड, जर्मनी, आइसलैंड, लटविया, लिथूनिया, पोलैंड, रूस, नॉर्वे और स्वीडन थे.

संयुक्त राष्ट्र संघ, यूरोपीय संघ के नेताओं और अन्तर्राष्ट्रीय संगठनों ने 2014 में पहली बार इसे दिवस के रूप में चिह्नित किया था.

27 फरवरी: राष्ट्रीय प्रोटीन दिवस

27 फरवरी को भारत में राष्ट्रीय प्रोटीन दिवस (National Protein Day) के रूप में मनाया जाता है. इस दिवस का उद्देश्य प्रोटीन की कमी के बारे में जागरूकता पैदा करना है. इस वर्ष प्रोटीन दिवस की थीम ‘Powering With Plant Protein’ है.

भारत में प्रोटीन की कमी कई लोगों को प्रभावित कर रहा है. प्रोटीन की आवश्यकता मांसपेशियों के निर्माण के लिए होती है. प्रोटीन त्वचा, बालों और नाखूनों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में भी मदद करता है. कई अध्ययनों ने साबित किया है कि उच्च प्रोटीन आहार से स्थायी वजन कम हो सकता है.

27 फरवरी: संत गुरु रविदास की जयंती

27 फरवरी 2021 को दुनियाभर में संत गुरु रविदास की जयंती मनाई गयी. गुरु रविदास की जयंती प्रत्येक वर्ष sant ravidas jayanti को मनाई जाती है. उनका जन्म माघ माह की पूर्णिमा तिथि को वर्ष 1398 में उत्तर प्रदेश के काशी में हुआ था. जिस दिन रविदास जी का जन्म हुआ था उस दिन रविवार था. इसी के चलते इनका नाम रविदास पड़ा.

संत गुरु रविदास: एक दृष्टि

  • संत रविदास बहुत ही सरल हृदय के थे और दुनिया का आडंबर छोड़कर हृदय की पवित्रता पर बल देते थे. इस बारे में उनकी एक कहावत – “जो मन चंगा तो कठौती में गंगा” काफी प्रचलित है.
  • भगवान कृष्ण की परमभक्त मीराबाई के गुरु संत रविदास थे. मीराबाई संत रविदास से ही प्रेरणा ली थी और भक्तिमार्ग अपनाया था.
  • संत रविदास जात-पात के विरोधी थे. इस सन्दर्भ में उनकी दोहा “जाति-जाति में जाति हैं, जो केतन के पात, रैदास मनुष ना जुड़ सके जब तक जाति न जात.” प्रचलित है.
  • सिख धर्म पर भी संत रविदास का विशेष प्रभाव है. उनकी चालीस कविताओं को सिख धर्म के आदि ग्रंथ में शामिल किया गया है.