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23 अप्रैल: विश्व पुस्तक दिवस, ग्वाडलजारा को विश्व पुस्तक राजधानी 2022 नामित किया गया

प्रत्येक वर्ष 23 अप्रैल को ‘विश्व पुस्तक दिवस’ (World Book Day) के रूप में मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों के बीच किताब पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना है.

चूंकि किताबी दुनिया में कॉपीराइट एक अहम मुद्दा है, इसलिए विश्व पुस्तक दिवस पर इस पर भी जोर दिया जाता है. इसी वजह से दुनिया के कई हिस्सों में इसे ‘विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस’ (World Book and Copyright Day) के तौर पर भी मनाया जाता है.

ब्रिटेन और आयरलैंड में 23 अप्रैल को सेंट जॉर्ज दिवस होता है. इस वजह से वहां मार्च के पहले गुरुवार को विश्व पुस्तक दिवस मनाया जाता है.

विश्व पुस्तक राजधानी 2022

UNESCO प्रत्येक वर्ष विश्व पुस्तक राजधानी (World Book Capital) नामित करता है. यह पुस्तक राजधानी 23 अप्रैल से 1 वर्ष की अवधि के लिए रहती है. इस वर्ष मेक्सिको के ग्वाडलजारा (Guadalajara, Mexico) को ‘विश्व पुस्तक राजधानी 2022’ के रूप में नामित किया गया है.

पुस्तक दिवस 2022 की थीम

इस वर्ष यानी वर्ष 2022 में विश्व पुस्तक दिवस का मुख्य विषय (थीम)- ‘पढ़ें… तो आप कभी भी अकेला महसूस नहीं करते’ (Read… So you never feel alone) है.

विश्व पुस्तक दिवस का इतिहास

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने विश्व पुस्तक दिवस को प्रस्तावित किया था. पहला विश्व पुस्तक दिवस 23 अप्रैल, 1995 को मनाया गया था.

विश्व पुस्तक दिवस को 23 अप्रैल को मनाने का विचार स्पेन की एक परंपरा से आया. स्पेन में हर साल 23 अप्रैल को ‘रोज डे’ मनाया जाता है. इस दिन लोग प्यार के इजहार के तौर पर एक-दूसरे को फूल देते हैं.

1926 में जब स्पेन के विख्यात लेखक मिगेल डे सरवांटिस (Miguel de Cervantes) का निधन हुआ तो उस साल स्पेन के लोगों ने महान लेखक की याद में फूल की जगह किताबें बांटीं. स्पेन में यह परंपरा जारी रही जिससे ‘विश्व पुस्तक दिवस’ मनाने का विचार आया.

23 अप्रैल: संयुक्त राष्ट्र अंग्रेजी भाषा दिवस

प्रत्येक वर्ष 23 अप्रैल को संयुक्त राष्ट्र अंग्रेजी भाषा दिवस (UN English Language Day) मनाया जाता है. इसी दिन (23 अप्रैल को) संयुक्त राष्ट्र स्पेनिश भाषा दिवस भी मनाया जाता है. भाषा दिवस को मनाने का उद्देश्य बहु-भाषावाद तथा सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देना है.

विलियम शेक्सपियर का जन्मदिन

23 अप्रैल को अंग्रेजी के मशहूर विलियम शेक्सपियर का जन्म हुआ था और उनकी मृत्यु भी इसी दिन हुई थी. इसलिए संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने 23 अप्रैल को अंग्रेजी भाषा दिवस के तौर पर चुना.

संयुक्त राष्ट्र 6 आधिकारिक भाषाओं के लिए अलग-अलग दिवस

संयुक्त राष्ट्र के 6 आधिकारिक भाषाएं हैं. इन 6 आधिकारिक भाषाओं के लिए अलग-अलग दिवस निश्चित किये गये हैं:

  1. अरबी भाषा: 18 दिसम्बर
  2. चीनी भाषा: 20 अप्रैल
  3. अंग्रेजी भाषा: 23 अप्रैल
  4. स्पेनिश भाषा: 23 अप्रैल
  5. फ़्रांसिसी भाषा: 20 अप्रैल
  6. रूसी भाषा: 6 जून

22 अप्रैल: पृथ्वी दिवस, हमारे ग्रह में निवेश करें थीम पर मनाया गया

प्रत्येक वर्ष 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस (Earth Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य पर्यावरणीय सुरक्षा उपाय और पर्यावरण सुरक्षा के बारे में लोगों के बीच जागरुकता बढ़ाना है.

पृथ्वी दिवस 2022 की थीम

इस वर्ष यानी 2022 के पृथ्वी दिवस का मुख्य विषय (थीम)- ‘हमारे ग्रह में निवेश करें’ (Invest In Our Planet) था.

पृथ्वी दिवस का इतिहास

1969 में यूनेस्‍को सम्‍मेलन में इस दिन को प्रस्‍तावित किया गया था. पहली बार, पृथ्वी दिवस 1970 में मनाया गया था. संयुक्त राष्ट्र ने 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा 2009 में की थी.

अमेरिका में पृथ्वी दिवस को ‘वृक्ष दिवस’ के रूप में मनाया जाता है. अमेरिका के सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने 22 अप्रैल 1970 को इस कार्यक्रम को पर्यावरण शिक्षा के रूप में मनाने के लिये चुना था.

21 अप्रैल: सिविल सेवा दिवस

प्रत्येक वर्ष 21 अप्रैल को सिविल सेवा दिवस (Civil Services Day) के रूप में मनाया जाता है. यह दिवस सिविल सेवकों को स्वयं को नागरिकों के लिए पुनर्समर्पित करने तथा अपनी वचनबद्धता को पुनर्सज्जित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है.

इसी दिन 1947 में पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने ‘आल इंडिया एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस ट्रेनिंग स्कूल’ के पहले बैच के अधिकारियों को दिल्ली के मेटकाफ़ हाउस में पहली बार संबोधित किया था. सरदार पटेल ने अपने संबोधन में सिविल सेवकों को ‘स्टील फ्रेम ऑफ इंडिया’ के रूप में संबोधित किया था.

भारत सरकार ने वर्ष 2006 से इस दिवस को मनाने का निर्णय लिया था. 21 अप्रैल 2022 को देश में 16वां सिविल सेवा दिवस मनाया गया.

लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार

सिविल सेवा दिवस पर देश के विभिन्न अधिकारियों को लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार (Prime Minister’s Awards for Excellence in Public Administration) प्रदान किये जाते हैं. इस वर्ष प्राथमिकता के आधार पर पांच कार्यक्रमों के लिए दस पुरस्‍कार दिये गये हैं. नवाचार के लिए भी छह पुरस्‍कार प्रदान किये गये.

पहले यह पुरस्‍कार अधिकारी के व्‍यक्तिगत कार्यों के आधार पर दिए जाते थे. लेकिन अब ये पुरस्‍कार विभिन्‍न जिलों के प्रमुख कार्यक्रमों के प्रदर्शन पर दिए जा रहे हैं.

19 अप्रैल: विश्व यकृत दिवस

प्रत्येक वर्ष 19 अप्रैल को विश्व यकृत दिवस (World Liver Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य यकृत संबंधित रोगों के बारे में जागरूकता फैलाना है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, भारत में लीवर की बीमारियां मृत्यु का 10वां सबसे आम कारण है.

यकृत (Liver): एक दृष्टि

  • यकृत मस्तिष्क के बाद शरीर का दूसरा सबसे जटिल अंग हैं. यह शरीर के पाचन तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
  • लीवर के प्रमुख कार्य- संक्रमणों से लड़ना, रक्त शर्करा (Blood Sugar) को नियमित करना, विषाक्त पदार्थों को निकालना, कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करना, रक्त के थक्के का निर्माण करना, पित्त रस का स्त्रावण करना है.
  • हेपेटाइटिस शब्द का उपयोग यकृत सूजन के लिए किया जाता हैं. यह वायरल संक्रमण या अल्कोहल जैसे हानिकारक पदार्थों के संपर्क में आने के कारण होता है.
  • हेपेटाइटिस लक्षण रहित और सीमित लक्षणों के साथ हो सकता है. इसमें प्राय: पीलिया, अत्यधिक थकान (भूख में कमी) और अस्वस्थता हो सकती है.

18 अप्रैल: विश्व धरोहर दिवस, भारत के 36 स्थानों को विश्व धरोहर का दर्जा

प्रत्येक वर्ष पूरे विश्व में 18 अप्रैल को विश्व धरोहर दिवस (World Heritage Day) के रूप में मनाया जाता है. इसका उद्देश्य सांस्कृतिक-ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक विरासतों की विविधता का संक्षरण करना तथा स्मारकों के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना है.

विश्व धरोहर दिवस 2022 का विषय

इस वर्ष यानी 2022 के विश्व धरोहर दिवस का मुख्य विषय (थीम) ‘विरासत और जलवायु’ (Heritage and Climate) है.

इतिहास

International Council on Monuments and Sites (ICOMOS) ने 18 अप्रैल को विश्व धरोहर दिवस को मनाये जाने का प्रस्ताव यूनेस्को को दिया था. यूनेस्को ने 1983 में इस प्रस्ताव को अनुमोदित किया था.

धरोहर स्थल क्या है?

विश्व धरोहर या विरासत सांस्कृतिक महत्व और प्राकृतिक महत्व के वह स्थल होते है जो बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं. दुनियाभर में कुल 1052 विश्व धरोहर स्थल हैं जो बहुत ही महत्वपूर्ण हैं. इनमें से 814 सांस्कृति, 203 प्राकृतिक और 35 मिश्रित स्थल हैं.

यूनेस्को में शामिल भारत के धरोहर स्थल

यूनेस्को ने भारत में 40 स्थानों, शहर, इमारतों, गुफाओं आदि को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया है. इनमें 32 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक और 1 मिश्रित धरोहर शामिल हैं. यूनेस्को में शामिल भारत के धरोहर स्थल इस प्रकार हैं:

क्रमांकविश्व विरासत स्थलवर्षसंबंधित राज्य
1.आगरा का किला1983उत्तर प्रदेश
2.अजंता की गुफाएं1983महाराष्ट्र
3.एलोरा की गुफाएं1983महाराष्ट्र
4.ताज महल1983उत्तर प्रदेश
5.महाबलीपुरम के स्मारक1984तमिलनाडु
6.सूर्य मंदिर1984ओड़िशा
7.मानस वन्यजीव अभ्यारण्य1985असम
8.काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान1985असम
9.केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान1985राजस्थान
10.गोवा के चर्च1986गोवा
11.फतेहपुर सीकरी1986उत्तर प्रदेश
12.हम्पी के स्मारक1986कर्नाटक
13.खजुराहो के मंदिर1986मध्य प्रदेश
14.एलीफेंटा की गुफाएं1987महाराष्ट्र
15.महान चोल मंदिर1987/ 2004तमिलनाडु
16.पट्टाकल के स्मारक1987कर्नाटक
17.सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान1987पश्चिम बंगाल
18.नंदादेवी राष्ट्रीय उद्यान व फूलों की घाटी1988/ 2005उत्तराखंड
19.सांची का स्तूप1989मध्य प्रदेश
20.हुमायूं का मक़बरा1993दिल्ली
21.क़ुतुब मीनार1993दिल्ली
22.भारत के पर्वतीय रेलवे (दार्जिलिंग/नीलगिरी/शिमला)1999/ 2005/ 2008पश्चिम बंगाल/ तमिलनाडु/ हिमाचल प्रदेश
23.महाबोधि मंदिर2002बिहार
24.भीमबेटका गुफ़ाएं2003मध्य प्रदेश
25.चंपानेर – पावागढ़ पार्क2004गुजरात
26.छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस2004महाराष्ट्र
27.लाल किला2007दिल्ली
28.जंतर-मंतर2010राजस्थान
29.पश्चिमी घाट2012गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल
30.राजस्थान के पहाड़ी किले2013राजस्थान
31.रानी की वाव2014गुजरात
32.ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान2014हिमाचल प्रदेश
33.नालंदा2016बिहार
34.कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान2016सिक्किम
35.ली कार्बुसियर के स्थापत्य कार्य2016चंडीगढ़
36.अहमदाबाद शहर2017गुजरात
37.विक्टोरियन गोथिक और आर्ट डेको2018महाराष्ट्र
38.जयपुर2019राजस्थान
39.काकतीय रुद्रेश्‍वर मंदिर2021तेलंगाना
40.धोलावीरा2021गुजरात

भारतीय संविधान में प्रावधान

भारतीय संविधान ने धरोहरों को संभालने की व्यवस्था की है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51 के अनुसार ‘यह प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि यह अपनी समृद्ध मिश्रित सांस्कृतिक विरासत का सम्मान और संरक्षण करें’.

यूनेस्को (UNESCO): एक दृष्टि

  • यूनेस्को या UNESCO, संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (United Nations Educational Scientific and Cultural Organization) का संक्षिप्त रूप है.
  • यह संयुक्त राष्ट्र का एक घटक निकाय है. इसका कार्य शिक्षा, प्रकृति तथा समाज विज्ञान, संस्कृति तथा संचार के माध्यम से अन्तर्राष्ट्रीय शांति को बढ़ावा देना है.
  • UNESCO का गठन 4 नवंबर 1946 को हुआ था. इसका मुख्यालय फ्रांस के पेरिस में है. UNESCO के वर्तमान अध्यक्ष आंद्रे अजोले हैं.

17 अप्रैल: विश्व हीमोफिलिया दिवस, जानिए क्या है हीमोफिलिया

प्रत्येक वर्ष 17 अप्रैल को ‘विश्व हीमोफिलिया दिवस’ (World Hemophilia Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य हीमोफिलिया और रक्तस्राव विकारों के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाना है. हीमोफिलिया के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए 1989 से विश्व हीमोफीलिया दिवस मनाने की शुरुआत की गई थी.

इस वर्ष (2022 में) विश्व हीमोफिलिया दिवस का विषय (थीम) “सभी के लिए पहुंच: साझेदारी। नीति। प्रगति। राष्ट्रीय नीति में विरासत में मिली रक्तस्राव विकारों को एकीकृत करते हुए, अपनी सरकार को शामिल करना” (Access for All: Partnership. Policy. Progress. Engaging your government, integrating inherited bleeding disorders into national policy) है.

फ्रैंक शनाबेल का जन्म दिन

यह दिवस फ्रैंक शनाबेल (Frank Schnabel) के जन्म दिन पर मनाया जाता है. फ्रैंक की 1987 में संक्रमित खून के कारण एड्स होने से मौत हो गई थी. फ्रैंक शनाबेल ने 1963 में वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ हेमोफीलिया (WFH) की स्थापना की थी. WFH एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जो इस रोग से ग्रस्त मरीजों का जीवन बेहतर बनाने की दिशा में काम करता है.

क्या है हीमोफिलिया?

हीमोफीलिया को ‘ब्रिटिश रॉयल डिजीज’ के नाम से भी जाना जाता है. यह एक आनुवांशिक बीमारी है, जिसमें खून का थक्का (clot) बनने की प्रक्रिया बाधित होती है. इसमें क्रोमोजोम की कार्य प्रणाली बिगड़ने से रक्तस्राव बहुत तेज होता है. अधिकतर यह बीमारी पुरुषों में पाई जाती है.

15 अप्रैल: विश्व कला दिवस, लियोनार्डो डा विंकी का जन्मदिन

प्रत्येक वर्ष 15 अप्रैल को विश्व कला दिवस (World Art Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य ललित कला संरक्षण के प्रति लोगों में जागरुकता फैलाना है. इस दिन को इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ आर्ट (IAA) द्वारा घोषित किया गया था.

लियोनार्डो डा विंकी का जन्मदिन

विश्व कला दिवस लियोनार्डो डा विंकी (Leonardo da Vinci) की याद में मनाते हैं. आज ही के दिन इनका जन्म इटली में हुआ था. लिओनार्दो महान चित्रकार, मूर्तिकार, वास्तुशिल्पी, संगीतज्ञ, कुशल यांत्रिक, इंजीनियर तथा वैज्ञानिक थे.

पहला विश्व कला दिवस 2015 में मनाया गया था

पहली बार विश्व कला दिवस 2015 में लॉस एंजिलिस में मनाया गया था जिसमें यह कहा गया था कि कला को आगे बढ़ाने का काम करना चाहिए जिससे ये लोगों के दिलों तक पहुंच सके. उसके बाद से ही इसे प्रतिवर्ष मनाया जाने लगा.

ललित कला क्या है?

गीत, संगीत, नृत्य, नाट्य, और विभिन्न प्रकार की ऐसी चित्रकलाएँ जिसमें हम अपने मनोभाव को प्रगट करते हैं, ललित कलाएं कही जाती हैं.

15 अप्रैल 2022 को 75वां हिमाचल दिवस मनाया गया

प्रत्येक वर्ष 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस (Himachal Diwas) मनाया जाता है. 1948 में इसी दिन हिमाचल का गठन किया गया था. 15 अप्रैल 2022 को हिमाचल प्रदेश में 75वां हिमाचल दिवस मनाया गया.

हिमाचल प्रदेश: एक दृष्टि

  • हिमाचल सन् 1857 तक पंजाब के महाराजा रणजीत सिंह के शासन के अधीन पंजाब राज्य का हिस्सा रहा था. अप्रैल, 1948 में 30 रियासतों को मिलाकर हिमाचल को केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया था. सन 1966 में इस केन्द्रशासित प्रदेश में पंजाब के पहाड़ी भाग को मिलाकर इस राज्य का पुनर्गठन किया गया था.
  • ‘हिमाचल प्रदेश राज्य अधिनियम-1971’ के अन्तर्गत इसे भारत का 18वाँ राज्य का दर्जा दिया गया था. यह 25 जनवरी, 1971 को पूर्ण राज्य बना गया था. प्रत्येक वर्ष 25 जनवरी को हिमाचल प्रदेश का स्थापना दिवस (Foundation Day of Himachal Pradesh) मनाया जाता है.
  • हिमाचल प्रदेश उत्तर में जम्मू कश्मीर, पश्चिम तथा दक्षिण-पश्चिम में पंजाब, दक्षिण में हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश, दक्षिण-पूर्व में उत्तराखण्ड तथा पूर्व में तिब्बत से घिरा हुआ है. रावी, ब्यास और चिनाव हिमाचल प्रदेश की प्रमुख नदियां हैं.
  • यह प्रदेश पश्चिमी भारत में स्थित राज्य है. इस प्रदेश को देव भूमि भी कहा जाता है. यह उत्तर में जम्मू और कश्मीर, पश्चिम तथा दक्षिण-पश्चिम में दक्षिण में हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश, दक्षिण-पूर्व में उत्तराखंड तथा पूर्व में तिब्बत से घिरा है.
  • शिमला, हिमाचल प्रदेश की राजधानी है. डा. यशवंत सिंह परमार हिमाचल प्रदेश के पहले और जय राम ठाकुर वर्तमान मुख्यमंत्री हैं.

14 अप्रैल 2022 को तीसरा विश्व चगास रोग दिवस मनाया गया

14 अप्रैल 2022 को तीसरा विश्व चगास रोग दिवस (World Chagas Disease Day) मनाया गया. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य पीड़ितों और स्वस्थ लोगों में इस रोग से बचाव और नियंत्रण की जानकारी साझा करना है. 14 अप्रैल 2020 को, इस दिन को पहली बार बीमारी से पीड़ित लोगों के बारे में जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से मनाया गया था. इस दिन को मनाने के लिए 14 अप्रैल की तारीख को चुना गया था क्योंकि इसी तारीख को वर्ष 1990 में मानव में चगास रोग का पहला मामला सामने आया था.

चगास रोग: एक दृष्टि

  • ‘चगास’ का नाम डॉ कार्लोस जस्टिनियानो रिबेरो चगास के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने 14 अप्रैल 1909 को इस बीमारी के पहले रोगी का उपचार किया था.
  • चगास रोग को अमेरिकन ट्रायपेनोसोमासिस भी कहा जाता है. यह एक उष्णकटिबंधीय परजीवी रोग है जो प्रोटीन ट्राइनोनोसोमा क्रूज़ी के कारण होता है. यह ज्यादातर ट्रायटोमिना कीड़ों द्वारा फैलता है.
  • चगास रोग के शुरुआती लक्षणों में बुखार, सूजन लिम्फ नोड्स, सिरदर्द या स्थानीय सूजन शामिल हो सकते हैं.

14 अप्रैल 2021: बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की 131वीं जयंती, समानता दिवस

प्रत्येक वर्ष 14 अप्रैल को भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती (Ambedkar Jayanti) मनाई जाती है. उनका जन्म इसी दिन 1891 में मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के महू में हुआ था. 14 अप्रैल 2022 को बाबा साहब की 131वीं जयंती थी. बाबा साहेब को आधुनिक भारत का निर्माता और भारतीय संविधान के मुख्‍य निर्माता थे.

बाबा साहब की जयंती: समानता दिवस

बाबा साहब की जयंती को ‘समानता दिवस’ (Samanata Diwas) और ‘ज्ञान दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता है, क्योंकि जीवन भर समानता के लिए संघर्ष करने वाले प्रतिभाशाली डॉ॰ भीमराव आंबेडकर को समानता के प्रतीक और ज्ञान का प्रतीक भी कहा जाता है.

डॉ आंबेडकर के मुख्य योगदान: एक दृष्टि

  • निम्न वर्ग समूह के लोगों के लिये अस्पृश्यता के सामाजिक मान्यता को मिटाने के लिये उन्होंने काम किया.
  • दलित वर्ग के अस्पृश्य लोगों के लिये सीट आरक्षित करने के लिये पूना संधि के द्वारा उन्होंने अलग निर्वाचक मंडल की माँग की.
  • डॉ अंबेडकर संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे. उन्होंने एक ऐसे संविधान की रचना की जिसकी नज़रों में सभी नागरिक एक समान हों, धर्मनिरपेक्ष हो और जिस पर देश के सभी नागरिक विश्वास करें.
  • भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना में इन्होंने एक बड़ी भूमिका निभायी क्योंकि वो एक पेशेवर अर्थशास्त्री थे.
  • भारत के जम्मू कश्मीर के लोगों के लिये विशेष दर्जा उपलब्ध कराने के लिये भारतीय संविधान में अनुच्छेद 370 के खिलाफ थे.
  • इसके अलावा डॉक्टर अंबेडकर की प्रेरणा से ही भारत के वित्त आयोग की स्थापना हुई थी. वे स्‍वतंत्र भारत के पहले विधि और न्‍याय मंत्री थे.
  • डा. अम्बेडकर को 1990 में मरणोपरांत देश का सर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मान भारत रत्‍न से सम्‍मानित किया गया था.

13 अप्रैल: 38वां सियाचिन दिवस, सियाचिन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 13 अप्रैल को सियाचिन दिवस (Siachen Day) मनाया जाता है. आज ही के दिन 1984 में लद्दाख के सियाचिन में भारतीय सेना को विजय मिली थी. इस वर्ष 2022 में 38वां सियाचिन दिवस मनाया गया. सियाचिन ग्‍लेशियर पर भारतीय सेना ने पाकिस्‍तानी घुसपैठियों को खदेड़ कर तिरंगा फहराया था. सेना के इसी जज्‍बे और जोश को सलाम करने के मकसद से यह दिवस मनाया जाता है.

सियाचिन: एक दृष्टि

  • सियाचिन ग्लेशियर हिमालय की पूर्वी काराकोरम पर्वतमाला में स्थित है. यह केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में 20,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. 33,000 वर्ग किमी तक फैला यह दुनिया का सबसे ऊँचाई पर स्थित युद्ध क्षेत्र है.
  • 13 अप्रैल 1984 को भारतीय सेना ने बिलाफोंड ला और दूसरी अहम पोस्‍ट्स को ‘ऑपरेशन मेघदूत’ के तहत दुश्‍मन से सुरक्षित किया था.
  • वर्ष 1984 में पाकिस्तान ने सियाचिन पर अपने सैनिकों को भेजकर कब्‍जे की कोशिश की थी. भारतीय सेना ने पाक सैनिकों को खदेड़ने के लिए 13 अप्रैल 1984 को ‘ऑपरेशन मेघदूत’ शुरू किया थी.