विश्व मौसम विज्ञान दिवस: स्टेट ऑफ द ग्लोबल क्लाइमेट 2025 रिपोर्ट
प्रत्येक वर्ष 23 मार्च को विश्व मौसम विज्ञान दिवस (World Meteorological Day) मनाया जाता है. यह दिन 23 मार्च 1950 को ‘विश्व मौसम विज्ञान संगठन’ (WMO) की स्थापना के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. इसका उद्देश्य चरम मौसमी घटनाओं से निपटने के लिए पूर्व चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करना है.
इस वर्ष यह दिवस ‘Observing Today, Protecting Tomorrow’ (आज का अवलोकन, कल की सुरक्षा) थीम पर मनाया गया.
स्टेट ऑफ द ग्लोबल क्लाइमेट 2025 रिपोर्ट
- विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने विश्व मौसम विज्ञान दिवस 2026 के अवसर पर अपनी बेहद चिंताजनक रिपोर्ट— ‘स्टेट ऑफ द ग्लोबल क्लाइमेट 2025’ (State of the Global Climate 2025) जारी की थी.
- WMO ने इतिहास में पहली बार अपनी रिपोर्ट में ‘अर्थ एनर्जी इम्बैलेंस’ (EEI) को एक प्रमुख जलवायु संकेतक के रूप में शामिल किया है.
रिपोर्ट मुख्य बिन्दु
- सूर्य से पृथ्वी पर आने वाली गर्मी और अंतरिक्ष में वापस जाने वाली गर्मी के बीच का अंतर पिछले 65 वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है. इसका सीधा अर्थ है कि पृथ्वी अब पहले से कहीं ज्यादा तेजी से गर्मी सोख रही है और प्राकृतिक रूप से ठंडी नहीं हो पा रही है.
- 2015 से 2025 का समय मानव इतिहास के सबसे गर्म 11 साल रहे हैं. वर्ष 2025 रिकॉर्ड पर दूसरा या तीसरा सबसे गर्म वर्ष दर्ज किया गया है, जिसका तापमान पूर्व-औद्योगिक स्तर (1850-1900) के औसत से 1.43°C ऊपर पहुंच गया है.
- वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) का स्तर पिछले 20 लाख (2 मिलियन) वर्षों में सबसे अधिक हो गया है.
- मीथेन (Methane) और नाइट्रस ऑक्साइड (Nitrous Oxide) जैसी खतरनाक और गर्मी सोखने वाली गैसें भी पिछले 8 लाख वर्षों के अपने उच्चतम स्तर पर हैं.
- महासागरों के गर्म होने की दर पिछले 20 वर्षों में दोगुनी हो गई है. इसका असर यह है कि अंटार्कटिका में समुद्री बर्फ का स्तर रिकॉर्ड पर तीसरे सबसे निचले स्तर पर आ गया है, जिससे समुद्र का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है.
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO)
- विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक विशेष एजेंसी है, जो मौसम विज्ञान, जल विज्ञान और संबंधित भूभौतिकीय विज्ञान के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देती है.
- WMO की आधिकारिक स्थापना 23 मार्च 1950 को हुई थी. अपनी स्थापना के ठीक एक साल बाद, 1951 में WMO संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी बन गया.
- इसका मुख्यालय जिनेवा, स्विट्जरलैंड में स्थित है. वर्तमान में भारत सहित इसके 193 सदस्य देश और क्षेत्र हैं.
- यह दुनिया भर में मौसम की पूर्व चेतावनी प्रणालियों का समन्वय करता है, जलवायु परिवर्तन की निगरानी करता है, और ओजोन परत के क्षरण व ग्रीनहाउस गैसों के स्तर पर नज़र रखता है.
