नई दिल्ली में रायसीना संवाद के 11वें संस्करण का शुभारंभ
11वां रायसीना संवाद (11th Raisina Dialogue) 2026 नई दिल्ली में 5 से 7 मार्च 2026 तक आयोजित किया गया था. इस बार 110 देशों के लगभग 2,700 प्रतिनिधि (जिनमें मंत्री, पूर्व राष्ट्राध्यक्ष, सैन्य कमांडर, और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे) व्यक्तिगत रूप से इस सम्मेलन में हिस्सा लिया.
11वां रायसीना संवाद: मुख्य बिन्दु
- सम्मेलन का आधिकारिक उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. फिनलैंड के राष्ट्रपति डॉ. अलेक्जेंडर स्टब इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि और प्रमुख वक्ता थे.
- 11वें संस्करण की थीम ‘संस्कार: असर्शन, एकोमोडेशन, एडवांसमेंट’ (Saṁskāra – Assertion, Accommodation, Advancement) थी. यह थीम सभ्यताओं की पहचान, संप्रभुता के दावे और वैश्विक प्रगति में संतुलन बनाने पर केंद्रित है.
- पूरे संवाद को चर्चा के लिए 6 मुख्य स्तंभों (Pillars) में बांटा गया था, जिनमें तकनीकी दुनिया (Tomorrowland), एजेंडा 2030 (White Whale), और जलवायु व संघर्ष (The Eleventh Hour) जैसे विषय शामिल थे.
- राष्ट्रपति स्टब ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार और भारत को स्थायी सदस्य बनने की बात कही.
- इस बार चर्चा के केंद्र में एआई (Artificial Intelligence), सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का दबदबा रहा.
- पश्चिमी देशों के प्रभुत्व के अंत और वैश्विक शक्ति संतुलन में ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देशों) की बढ़ती भूमिका पर विशेष जोर दिया गया.
रायसीना संवाद: मुख्य बिन्दु
- रायसीना संवाद वैश्विक कूटनीति, भू-राजनीति और भू-अर्थशास्त्र पर भारत का सबसे प्रमुख वार्षिक सम्मेलन है.
- यह सम्मेलन भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) और ‘ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन’ (ORF) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है.
- यह सम्मेलन 2016 से हर वर्ष नई दिल्ली में आयोजित किया जाता है. इसकी तर्ज सिंगापुर के ‘शांगरी-ला डायलॉग’ और जर्मनी के ‘म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन’ पर आधारित है.
