संयुक्त राष्ट्र गंभीर वित्तीय संकटों का सामना कर रहा है
संयुक्त राष्ट्र (UN) वर्तमान में अपने अस्तित्व के सबसे गंभीर वित्तीय संकटों में से एक का सामना कर रहा है. महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने हाल ही में चेतावनी दी है कि यदि सदस्य देशों ने अपना बकाया भुगतान नहीं किया, तो संगठन दिवालियापन की दौड़ में फंस सकता है.
वित्तीय संकट की वर्तमान स्थिति
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, यदि सदस्य देशों ने अपने निर्धारित योगदान का भुगतान नहीं किया, तो जुलाई 2026 तक संयुक्त राष्ट्र के पास दैनिक कार्यों को चलाने के लिए भी धन समाप्त हो सकता है.
संकट के मुख्य कारण
- कई देशों ने अपने हिस्से का बजट जमा नहीं किया है. वर्ष 2025 के अंत तक यह बकाया लगभग 760 मिलियन डॉलर था.
- अमेरिका संयुक्त राष्ट्र का सबसे बड़ा योगदानकर्ता है, लेकिन वर्तमान में उस पर 2.2 अरब डॉलर से अधिक का बकाया है, जो कुल बकाया राशि का लगभग 95% है.
- संयुक्त राष्ट्र के नियमों के अनुसार, बजट के अप्रयुक्त हिस्से को सदस्य देशों को वापस करना पड़ता है. 2026 की शुरुआत में ही उसे 300 मिलियन डॉलर वापस करने पड़े, जिससे नकदी का संकट और गहरा गया.
वित्तीय संकट काम करने के लिए उठाए गए कदम
- 2026 के लिए नियमित बजट में लगभग 15% की कमी की गई है (3.7 अरब डॉलर के मूल प्रस्ताव से घटाकर 3.2 अरब डॉलर).
- कर्मचारियों की संख्या में लगभग 18.8% की कटौती का प्रस्ताव है. नई भर्तियों पर रोक लगा दी गई है.
- शांति सेना मिशनों के बजट में कटौती हुई है, जिससे संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा जोखिम बढ़ सकता है.
- मानवाधिकारों और मानवीय सहायता से जुड़े कार्यक्रमों को भी सीमित किया जा रहा है.
- गैर-जरूरी आधिकारिक यात्राओं और सम्मेलनों पर कड़ा अंकुश लगाया गया है.
संयुक्त राष्ट्र के बजट में शीर्ष 10 योगदानकर्ता देश
| स्थान | देश | UN बजट में हिस्सा (%) |
| 1 | अमेरिका | 22.00% |
| 2 | चीन | 15.25% |
| 3 | जापान | 8.03% |
| 4 | जर्मनी | 6.11% |
| 5 | यूनाइटेड किंगडम | 4.37% |
| 6 | फ्रांस | 4.31% |
| 7 | इटली | 3.30% |
| 8 | कनाडा | 2.63% |
| 9 | दक्षिण कोरिया | 2.57% |
| 10 | रूस | 1.86% |
भारत की स्थिति
- भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जो समय पर अपने वित्तीय दायित्वों को पूरा करते हैं. भारत ने 3 फरवरी 2026 को ही 2026 के नियमित बजट के लिए अपने 35.18 मिलियन डॉलर के योगदान का पूरा भुगतान कर दिया है.
- भारत संयुक्त राष्ट्र के ‘Honor Roll’ (सम्मान सूची) में शामिल है. ‘Honor Roll’ उन सदस्य देशों की एक प्रतिष्ठित सूची है जो संगठन के प्रति अपनी वित्तीय प्रतिबद्धता को पूरी निष्ठा के साथ निभाते हैं.
- वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र के बजट में भारत का योगदान लगभग 1.044% है.
