टाटा-एयरबस H125 हेलीकॉप्टर निर्माण संयंत्र का लोकार्पण

कर्नाटक के वेमागल में भारत की पहली निजी हेलीकॉप्टर असेंबली (निर्माण) लाइन (Final Assembly Line – FAL) की शुरुआत हुई है. इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की यात्रा पर आए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 17 फरवरी 2026 को वर्चुअल माध्यम से किया था.

यह अत्याधुनिक संयंत्र टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) और यूरोपियन एयरोस्पेस कंपनी एयरबस (Airbus) का एक संयुक्त उद्यम है.

H125 हेलीकॉप्टर निर्माण संयंत्र: मुख्य बिन्दु

  • यह असेंबली लाइन कर्नाटक के कोलार जिले के वेमगल (Vemagal) में स्थापित की गई है.  इस संयंत्र में ₹1,000 करोड़ से अधिक का निवेश होने का अनुमान है.
  • इस संयंत्र से पहला पूरी तरह से ‘मेड इन इंडिया’ H125 हेलीकॉप्टर 2027 की शुरुआत तक बनकर तैयार होने की उम्मीद है.
  • शुरुआत में यहाँ हर साल 10 हेलीकॉप्टर बनाए जाएंगे, जिसे भारत और दक्षिण एशियाई क्षेत्र की मांग के अनुसार भविष्य में बढ़ाया जाएगा.
  • यहाँ बनने वाले हेलीकॉप्टर न केवल भारतीय बाजार के लिए होंगे, बल्कि नेपाल, भूटान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों को भी निर्यात किए जाएंगे.
  • गुजरात के वडोदरा में C-295 सैन्य ट्रांसपोर्ट विमान संयंत्र के बाद, भारत में टाटा और एयरबस की यह दूसरी बड़ी निर्माण साझेदारी है.

H125 हेलीकॉप्टर की विशेषताएं

  • यह दुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला ‘सिंगल-इंजन लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर’ है और माउंट एवरेस्ट (8,848 मीटर) की चोटी पर लैंडिंग करने वाला दुनिया का इकलौता हेलीकॉप्टर है.
  • यह अत्यधिक ऊंचाई और दुर्गम पहाड़ी इलाकों के लिए बेहतरीन है. इसका उपयोग मुख्य रूप से वीआईपी ट्रांसपोर्ट, एयर एम्बुलेंस, सर्च और रेस्क्यू मिशन, और आपदा प्रबंधन के लिए किया जाता है.
  • इस संयंत्र में भविष्य में भारतीय सशस्त्र बलों के लिए इसके सैन्य वर्ज़न ‘H125M’ का भी निर्माण किया जाएगा.