राष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग के लिए भारत और कनाडा के बीच सहमति

भारत और कनाडा के बीच 7 फरवरी 2026 को ओटावा (कनाडा) में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी. इस बैठक में दोनों देशों ने राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून प्रवर्तन और साइबर सुरक्षा में सहयोग को गहरा करने के लिए एक ‘साझा कार्ययोजना’ (Shared Workplan) पर सहमति व्यक्त की है.

यह समझौता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं खुफिया सलाहकार नताली ड्रोइन के बीच हुई वार्ता का परिणाम है.

नई कार्ययोजना के मुख्य बिंदु

  • दोनों देशों ने एक-दूसरे के यहाँ सुरक्षा और कानून प्रवर्तन संपर्क अधिकारी तैनात करने का निर्णय लिया है. इसका मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय संचार को सुव्यवस्थित करना और दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है.
  • दोनों पक्ष अंतरराष्ट्रीय संगठित आपराधिक नेटवर्क से निपटने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं. इसमें विशेष रूप से नशीली दवाओं के अवैध प्रवाह, विशेषकर ‘फेंटेनाइल’ (Fentanyl) और उसके प्रीकर्सर (कच्चा माल) की तस्करी को रोकने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.
  • दोनों देशों ने साइबर सुरक्षा से जुड़ी नीतियों को औपचारिक रूप देने के लिए प्रतिबद्धता जताई. दोनों देश साइबर खतरों और हमलों के बारे में वास्तविक समय में जानकारी साझा करेंगे.
  • दोनों पक्षों ने धोखाधड़ी और आव्रजन प्रवर्तन से संबंधित सहयोग पर चर्चा जारी रखने पर सहमति दी है. यह घरेलू कानूनों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप होगा, जिससे अवैध प्रवास और वीजा धोखाधड़ी जैसे मामलों पर नकेल कसी जा सकेगी.

इस सहयोग का महत्व

  • 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के आरोपों के बाद इसे दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
  • दोनों देशों ने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा जैसे व्यावहारिक मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर साथ आने का फैसला किया है.