नई दिल्ली में दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक संपन्न हुई

भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक (2nd India-Arab Foreign Ministers’ Meeting) 31 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित की गई थी.

बैठक के मुख्य बिंदु

  • यह भारत-अरब विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक थी जो लगभग 10 वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित की गई थी. पहली बैठक 2016 में बहरीन में हुई थी.
  • इसकी अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्री ने संयुक्त रूप से की.
  • इसमें अरब लीग के सभी 22 सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ-साथ अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल घीत ने भी हिस्सा लिया.
  • बैठक के दौरान क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग पर विशेष ध्यान दिया गया.
  • बैठक के अंत में एक संयुक्त घोषणापत्र जारी किया गया, जिसमें आतंकवाद, क्षेत्रीय संप्रभुता और समुद्री सुरक्षा पर साझा रुख स्पष्ट किया गया.
  • भारत और अरब देशों ने ‘दो-राष्ट्र समाधान’ और ‘अरब शांति पहल (2002)’ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. गाजा में शांति बहाली और मानवीय सहायता पर भी चर्चा हुई.
  • बैठक में IMEC (India-Middle East-Europe Economic Corridor) और डिजिटल लेनदेन (RuPay कार्ड का विस्तार) जैसे विषयों को गति देने पर सहमति बनी.
  • सूडान, लीबिया और यमन में चल रहे संकटों पर चर्चा हुई और भारत ने इन देशों की क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन किया.

भारत और अरब देश: द्विपक्षीय व्यापार

  • भारत और अरब देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 240 अरब डॉलर से अधिक का है. इस बैठक में ‘भारत-अरब चैंबर ऑफ कॉमर्स’ को और अधिक सक्रिय बनाने की बात कही गई ताकि निवेश और स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा मिल सके.
  • भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों (LPG का 95% और कच्चे तेल का 47%) के लिए अरब देशों पर निर्भर है.