बांग्लादेश में 13वां संसदीय चुनाव संपन्न हुआ
बांग्लादेश में 13वां संसदीय चुनाव हाल ही में संपन्न हुआ है. इस चुनाव के लिए मतदान 12 फरवरी 2026 को आयोजित किए गए थे, जो अगस्त 2024 में शेख हसीना के इस्तीफे और उनके देश छोड़ने के बाद पहले आम चुनाव थे.
चुनाव के मुख्य परिणाम
- पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की.
- 300 संसदीय सीटों में से BNP गठबंधन ने 212 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया.
- जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11-पार्टी गठबंधन को लगभग 77 सीटें मिलीं.
चुनाव के मुख्य बिन्दु
- इस चुनाव में मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) बनाम जमात-ए-इस्लामी गठबंधन से था. लगभग 59-60 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया.
- तारिक रहमान, जो 17 साल के निर्वासन के बाद दिसंबर 2025 में स्वदेश लौटे थे, बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार हैं.
- शेख हसीना की पार्टी ‘अवामी लीग’ पर प्रतिबंध होने के कारण वह इस चुनाव में हिस्सा नहीं ले पाई.
- इस बार मतदाताओं ने दो वोट डाले—एक सरकार चुनने के लिए और दूसरा संविधान संशोधन (जनमत संग्रह) के लिए. संविधान संशोधन को बहुमत मिला, जिसका मतलब है कि अब संविधान में बड़े बदलाव किए जाएंगे.
- यह पहला चुनाव था जब देश की दोनों दिग्गज नेता (हसीना और जिया) मैदान में नहीं थीं. खालिदा जिया का निधन दिसंबर 2025 में हो गया था.
- यह चुनाव मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की देखरेख में संपन्न हुआ, जिसने अगस्त 2024 से देश का शासन संभाला था.
भारत के साथ संबंध
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीत के तुरंत बाद तारिक रहमान से फोन पर बात की और उन्हें बधाई दी. भारत ने एक लोकतांत्रिक और स्थिर बांग्लादेश के प्रति अपना समर्थन दोहराया है. वहीं, BNP नेताओं ने संकेत दिए हैं कि वे भारत के साथ संबंधों को बेहतर बनाना चाहते हैं, हालांकि उन्होंने शेख हसीना के प्रत्यर्पण (Extradition) की मांग भी दोहराई है.
