UAE राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत यात्रा

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने 19 जनवरी 2026 को भारत की आधिकारिक यात्रा की थी. यह उनकी राष्ट्रपति के रूप में तीसरी और पिछले 10 वर्षों में पांचवीं भारत यात्रा थी.

यह यात्रा भारत और UAE के बीच संबंधों को सिर्फ ‘तेल और व्यापार’ से आगे ले जाकर एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसमें रक्षा, परमाणु ऊर्जा और हाई-टेक जैसे क्षेत्र अब केंद्र में हैं.

यात्रा के मुख्य बिंदु

  • दोनों देशों ने वर्तमान 100 अरब डॉलर के व्यापार को 2032 तक दोगुना करके 200 अरब डॉलर (US$ 200 Billion) तक ले जाने का फैसला किया है.
  • UAE ने 2028 से शुरू होकर अगले 10 वर्षों तक भारत को तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की आपूर्ति के लिए एक दीर्घकालिक समझौता किया है.
  • भारत के नए ‘SHANTI Act 2025’ के तहत, दोनों देश नागरिक परमाणु ऊर्जा (Civil Nuclear Energy) में सहयोग करेंगे. इसमें बड़े परमाणु रिएक्टरों और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों (SMRs) का विकास शामिल है.
  • दोनों नेताओं ने ‘डिजिटल एम्बेसी’ (Digital Embassies) स्थापित करने की संभावना तलाशने पर सहमति जताई. इसके तहत एक देश दूसरे देश में अपना डेटा सेंटर स्थापित कर सकेगा, जिसे उसी तरह की राजनयिक छूट (immunity) मिलेगी जैसे दूतावासों को मिलती है.
  • भारत के C-DAC और UAE की कंपनी G-42 के बीच भारत में एक सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर स्थापित करने पर भी सहमति बनी.
  • अबू धाबी में ‘हाउस ऑफ इंडिया’ (House of India) की स्थापना की जाएगी. यह एक सांस्कृतिक केंद्र होगा जिसमें भारतीय कला, विरासत और पुरातत्व को प्रदर्शित करने वाला एक संग्रहालय भी शामिल होगा.
  • UAE ने गुजरात के धोलेरा SIR (Special Investment Region) और GIFT City में बुनियादी ढांचे, बंदरगाह और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में निवेश करने में रुचि दिखाई.

रणनीतिक रक्षा साझेदारी

  • भारत और UAE ने ‘रणनीतिक रक्षा साझेदारी’ (Strategic Defence Partnership) के लिए एक Letter of Intent (LoI) पर हस्ताक्षर किए.
  • यह समझौता केवल सैन्य अभ्यास तक सीमित नहीं होगा, बल्कि इसमें रक्षा निर्माण, तकनीक हस्तांतरण (technology transfer), साइबर सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों में सहयोग भी शामिल है.