टायलर पुरस्कार 2026 टोबी कियर्स को दिया गया
टायलर पुरस्कार 2026 (Tyler Prize 2026) की घोषणा हाल ही में की गई थी. इस वर्ष यह प्रतिष्ठित पुरस्कार अमेरिकी विकासवादी जीवविज्ञानी (Evolutionary Biologist) प्रोफेसर टोबी कियर्स (Toby Kiers) को दिया गया है.
पुरस्कार से जुड़ी मुख्य जानकारियाँ
- टोबी कियर्स को यह पुरस्कार भूमिगत कवक नेटवर्क (Underground Fungal Networks), जिसे अक्सर ‘माइकोराइज़ल कवक’ (Mycorrhizal Fungi) कहा जाता है, पर उनके अभूतपूर्व शोध के लिए दिया गया है.
- प्रोफेसर कियर्स के शोध ने यह उजागर किया है कि कैसे ये कवक नेटवर्क पौधों की जड़ों को आपस में जोड़ते हैं, जैव विविधता का समर्थन करते हैं और हर साल लगभग 13 बिलियन टन कार्बन को मिट्टी में जमा करके जलवायु परिवर्तन को रोकने में मदद करते हैं.
- प्रोफेसर कियर्स एम्स्टर्डम के वृजे यूनिवर्सिटी (Vrije Universiteit Amsterdam) में प्रोफेसर हैं और SPUN (Society for the Protection of Underground Networks) की सह-संस्थापक भी हैं.
टायलर पुरस्कार (Tyler Prize)
- इस पुरस्कार को ‘पर्यावरण का नोबेल पुरस्कार’ भी कहा जाता है. इस पुरस्कार में $250,000 राशि दी जाती है.
- इस पुरस्कार की स्थापना 1973 में जॉन और एलिस टायलर द्वारा की गई थी. पुरस्कार का उद्देश्य पर्यावरण विज्ञान, स्वास्थ्य और ऊर्जा के क्षेत्र में असाधारण योगदान को मान्यता देना है.
पिछले कुछ वर्षों के विजेता
- 2025: सांद्रा डियाज़ (अर्जेंटीना) और एडुआर्डो ब्रोंडिज़ियो (ब्राजील) – जैव विविधता और मानव समाज के बीच संबंधों पर काम के लिए.
- 2024: जोहान रॉकस्ट्रोम (स्वीडन) – ‘प्लैनेटरी बाउंड्रीज़’ फ्रेमवर्क विकसित करने के लिए.
- 2015 (भारतीय संदर्भ): प्रसिद्ध भारतीय पारिस्थितिकी विज्ञानी माधव गाडगिल को यह पुरस्कार मिल चुका है.
