स्पेन इंडो-पैसिफिक ओशन इनिशिएटिव में शामिल हुआ

स्पेन 21 जनवरी 2026 को आधिकारिक तौर पर ‘इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव’ (IPOI) में शामिल हो गया है. यह भारत की समुद्री कूटनीति के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है.

मुख्य बिन्दु

  • स्पेन के विदेश मंत्री जोसे मैनुअल अल्बारेस ने अपनी भारत यात्रा के दौरान भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को इसमें शामिल होने का आधिकारिक घोषणा-पत्र (Declaration of Accession) सौंपा.
  • स्पेन के शामिल होने के साथ ही भारत और स्पेन ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर पर अपग्रेड किया है.
  • ब्रिटेन, फ्रांस और इटली के बाद स्पेन चौथा प्रमुख यूरोपीय देश बन गया है जो भारत के इस विजन से जुड़ा है.
  • वर्ष 2026 को ‘भारत-स्पेन संस्कृति, पर्यटन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वर्ष’ के रूप में भी मनाया जा रहा है. इस वर्ष भारत और स्पेन के बीच राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ भी है.

IPOI क्या है और स्पेन की भूमिका क्या होगी?

IPOI (इंडो-पैसिफिक ओशन इनिशिएटिव) की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 में की थी. यह एक स्वैच्छिक ढांचा है जिसका उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और सहयोग को बढ़ावा देना है.

सहयोग के मुख्य क्षेत्र:

  1. समुद्री सुरक्षा: समुद्री रास्तों को सुरक्षित बनाना.
  2. समुद्री पारिस्थितिकी: पर्यावरण और संसाधनों का संरक्षण.
  3. आपदा प्रबंधन: प्राकृतिक आपदाओं के समय मिलकर काम करना.
  4. व्यापार और कनेक्टिविटी: समुद्री व्यापार को सुगम बनाना.