जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज़ की भारत यात्रा, भारत- जर्मनी संबंध
जर्मनी के नवनिर्वाचित चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज़ (Friedrich Merz) 12-13 जनवरी 2026 को भारत यात्रा पर थे. यह उनकी भारत की पहली आधिकारिक यात्रा थी.
यह यात्रा भारत-जर्मनी राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष और रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित की गई थी.
मुख्य बिन्दु
- इस दौरान चांसलर मर्त्ज़ और प्रधानमंत्री मोदी ने साबरमती आश्रम का दौरा किया. दोनों नेताओं ने साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026’ में हिस्सा लिया.
- गांधीनगर के महात्मा मंदिर में द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें व्यापार, निवेश और सुरक्षा पर चर्चा की गई.
- चांसलर ने बेंगलुरु में जर्मन कंपनी बॉश (Bosch) के मुख्यालय का दौरा किया और ‘H2ICE’ (हाइड्रोजन संचालित ट्रक) जैसी नई तकनीकों का अवलोकन किया.
- उन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) के ‘नैनो विज्ञान और इंजीनियरिंग केंद्र’ (CeNSE) का भी दौरा किया.
मुख्य समझौते और घोषणाएं
- इस यात्रा के दौरान कुल 19 समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें से प्रमुख हैं:
- रक्षा औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के लिए एक ‘संयुक्त घोषणा पत्र’ (JDoI) पर हस्ताक्षर किए गए.
- उच्च शिक्षा और कुशल जनशक्ति (Skilled Labour) की आवाजाही को लेकर अहम समझौते हुए.
- दोनों देशों ने हरित और सतत विकास के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई.
- दोनों नेताओं ने भारत-जर्मनी CEOs फोरम को संबोधित किया, जिसमें 23 प्रमुख जर्मन कंपनियों के प्रमुख शामिल थे.
- जर्मनी ने भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा-मुक्त पारगमन (Visa-free transit) की सुविधा देने की घोषणा की.
भारत- जर्मनी संबंध
- भारत और जर्मनी ने वर्ष 2000 में ‘रणनीतिक साझेदारी’ की शुरुआत की थी.
- जर्मनी उन चुनिंदा देशों में से एक है जिनके साथ भारत ‘अंतर-सरकारी परामर्श’ (IGC) तंत्र का पालन करता है, जहाँ दोनों देशों के कैबिनेट स्तर के मंत्रियों की संयुक्त बैठक होती है.
- भारत और जर्मनी दोनों G4 (भारत, जर्मनी, जापान और ब्राजील) के सदस्य हैं, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सदस्यता के लिए एक-दूसरे का समर्थन करते हैं.
- जर्मनी यूरोपीय संघ (EU) में भारत का सबसे बड़ा और वैश्विक स्तर पर भारत के शीर्ष 10 व्यापारिक भागीदारों में से एक है.
- जर्मनी भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) करने वाला 7वां सबसे बड़ा देश है. भारत में 2,000 से अधिक जर्मन कंपनियां (जैसे: Siemens, Volkswagen, Bosch) सक्रिय हैं.
- दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग $30 बिलियन से अधिक का है.
- जर्मनी ने अपनी ‘इंडो-पैसिफिक गाइडलाइंस’ जारी की हैं, जिसमें वह भारत को क्षेत्र में सुरक्षा का एक प्रमुख स्तंभ मानता है.
- जर्मनी ने अपनी ‘इंडो-पैसिफिक गाइडलाइंस’ जारी की हैं, जिसमें वह भारत को क्षेत्र में सुरक्षा का एक प्रमुख स्तंभ मानता है.
- जर्मनी ने भारत में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 2030 तक 10 बिलियन यूरो की प्रतिबद्धता जताई है, जिसमें से 5 बिलियन यूरो पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं.
- चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज़ की 2026 की यात्रा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जर्मनी अब चीन पर अपनी निर्भरता कम कर भारत को एक विश्वसनीय वैकल्पिक बाजार और सुरक्षा भागीदार के रूप में देख रहा है.
