राष्ट्रमंडल देशों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों का 28वां सम्मेलन

राष्ट्रमंडल देशों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों का 28वां सम्मेलन (28th CSPOC) 14-16 जनवरी तक भारत की मेजबानी में आयोजित किया गया था.

यह सम्मेलन संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है.

सम्मेलन से जुड़ी मुख्य जानकारियां

  • सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली (संसद भवन परिसर के ऐतिहासिक ‘संविधान सदन’ के सेंट्रल हॉल) में आयोजित किया गया था.
  • सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जबकि अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया था.
  • यह CSPOC के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा सम्मेलन था. इसमें 42 राष्ट्रमंडल देशों और 4 अर्ध-स्वायत्त संसदों के 61 अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों ने भाग लिया.
  • प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना पर जोर दिया और भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) को राष्ट्रमंडल देशों के साथ साझा करने की प्रतिबद्धता जताई.
  • सम्मेलन के अंत में, लोकतांत्रिक संस्थाओं को अधिक पारदर्शी, समावेशी और जवाबदेह बनाने पर सहमति बनी.

सम्मेलन के मुख्य विषय

  • संसदीय कामकाज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग.
  • सांसदों पर सोशल मीडिया का प्रभाव.
  • लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने में अध्यक्षों की भूमिका.
  • मतदान से परे नागरिक भागीदारी और सार्वजनिक समझ बढ़ाने की रणनीतियां.

CSPOC: एक दृष्टि

  • CSPOC (Conference of Speakers and Presiding Officers of the Commonwealth) एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संसदीय मंच है. यह राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के प्रमुखों (जैसे लोकसभा अध्यक्ष) को एक साथ लाता है.
  • CSPOC का प्राथमिक लक्ष्य संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करना है. इसमें राष्ट्रमंडल के स्वतंत्र संप्रभु देशों की राष्ट्रीय संसदों के अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारी शामिल होते हैं.
  • कनाडा के तत्कालीन हाउस ऑफ कॉमन्स के अध्यक्ष, माननीय लुसिएन लैम (Lucien Lamoureux) की पहल पर इसे 1969 में शुरू किया गया था. कनाडा की संसद इसके सचिवालय के रूप में कार्य करती है.
  • CSPOC का पूर्ण सम्मेलन हर दो साल में एक बार आयोजित किया जाता है. पिछला सम्मेलन (27वां) जनवरी 2024 में युगांडा में आयोजित किया गया था. अगला सम्मेलन (29वां) 2028 में यूनाइटेड किंगडम में आयोजित किया जाएगा.
  • इस सम्मेलन के समापन पर, ओम बिरला ने अगले सम्मेलन की अध्यक्षता ब्रिटेन (UK) के हाउस ऑफ कॉमन्स के अध्यक्ष सर लिंडसे हॉयल को सौंपी.