RBI ने बैंकिंग प्रणाली में नकदी की कमी को दूर करने के लिए एक योजना की घोषणा की

रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बैंकिंग प्रणाली में नकदी की कमी (Liquidity Crunch) को दूर करने के लिए लगभग 3 लाख करोड़ रुपये डालने की एक बड़ी योजना की 23 दिसंबर 2025 को घोषणा की.

पैसा कैसे उपलब्ध कराया जाएगा?

  • RBI बाजार से 2 लाख करोड़ रुपये के सरकारी बॉन्ड खरीदेगा. जब RBI ये बॉन्ड खरीदेगा, तो उसके बदले में बैंकों को नकद पैसा मिलेगा, जिससे बैंकों के पास लोन देने के लिए अधिक फंड होगा.
  • RBI लगभग 10 अरब डॉलर (करीब 90,000 करोड़ रुपये के बराबर) का ‘बाय/सेल स्वैप’ करेगा. इसमें RBI बैंकों से डॉलर खरीदकर उन्हें रुपया देगा.

बैंकिंग सिस्टम में नकदी कम होने के मुख्य कारण

  • पिछले दिनों रुपये की गिरती कीमत को संभालने के लिए RBI ने बाजार में डॉलर बेचे थे. जब RBI डॉलर बेचता है, तो वह बाजार से रुपया लेता है, जिससे नकदी कम हो गई.
  • दिसंबर में ‘एडवांस टैक्स’ के भुगतान के कारण बड़ी मात्रा में पैसा बैंकों से निकलकर सरकार के पास चला गया.
  • शादियों और त्योहारों के सीजन में लोग नकद ज्यादा निकालते हैं और लोन की मांग भी बढ़ जाती है.

आम जनता और बाजार पर असर

  • बैंकों के पास पर्याप्त पैसा होने से वे ग्राहकों को आसानी से लोन दे पाएंगे.
  • नकदी की कमी होने पर ब्याज दरें बढ़ने का डर रहता है. इस कदम से दरों को स्थिर रखने में मदद मिलेगी.
  • बाजार में सकारात्मक संकेत गया है कि RBI अर्थव्यवस्था की जरूरतों के प्रति गंभीर है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा.