भारत ने पिनाका गाइडेड रॉकेट का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया

भारत ने 29 दिसम्बर को लंबी दूरी के पिनाका गाइडेड रॉकेट (Pinaka Guided Rocket System) का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया. परीक्षण के दौरान रॉकेट ने अपने निर्धारित लक्ष्य को बहुत ही सटीकता के साथ भेदा.

परीक्षण के मुख्य बिन्दु

  • यह परीक्षण रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने चांदीपुर के एकीकृत परीक्षण स्थल से किया. रॉकेट का 120 किमी की अधिकतम दूरी के लिए परीक्षण किया गया.
  • इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य रॉकेट की सटीकता (Accuracy), रेंज और नेविगेशन कंट्रोल सिस्टम की जांच करना था.

पिनाका गाइडेड रॉकेट की विशेषताएं

  • पिनाका रॉकेट सिस्टम पहले से ही भारतीय सेना का हिस्सा है, लेकिन इसका ‘गाइडेड’ वर्जन इसे और अधिक घातक बनाता है.
  • इसमें नेविगेशन, कंट्रोल और गाइडेंस सिस्टम लगा है, जो इसे हवा में ही अपना रास्ता सुधारने की अनुमति देता है.
  • इसकी मारक क्षमता 70 से 90 किलोमीटर तक है (जो पुराने अनगाइडेड वर्जन की तुलना में लगभग दोगुनी है).
  • ‘गाइडेड’ होने के कारण यह दुश्मन के ठिकानों को पिन-पॉइंट सटीकता के साथ नष्ट कर सकता है.
  • पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर (MBRL) मात्र 44 सेकंड में 12 रॉकेट दागने में सक्षम है.
  • यह पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है. इसे DRDO की प्रयोगशालाओं—ARDE (Armament Research and Development Establishment) और HEMRL (High Energy Materials Research Laboratory) द्वारा विकसित किया गया है.