भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता संपन्न
भारत और न्यूजीलैंड ने 22 दिसंबर 2025 को एक ऐतिहासिक और महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ता सफलतापूर्वक संपन्न की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने फोन पर बातचीत के दौरान इस समझौते की घोषणा की.
यह समझौता मात्र 9 महीनों के रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है, जो इसे भारत का किसी विकसित देश के साथ सबसे तेजी से होने वाला FTA बनाता है.
इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर 2026 की पहली छमाही में होने की उम्मीद है, जिसके बाद इसे दोनों देशों में लागू कर दिया जाएगा.
समझौते के मुख्य बिन्दु
- न्यूजीलैंड भारत के 100% उत्पादों (लगभग 8,284 वस्तुओं) पर आयात शुल्क पूरी तरह खत्म कर देगा. इससे भारत के कपड़ा, चमड़ा, आभूषण और ऑटोमोबाइल क्षेत्र को फायदा होगा.
- न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर (लगभग ₹1.6 लाख करोड़) के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है.
- भारतीय पेशेवरों के लिए 5,000 विशेष वर्क वीजा का कोटा तय किया गया है. हर साल 1,000 युवाओं के लिए ‘वर्किंग हॉलिडे’ वीजा की व्यवस्था की गई है.
- भारत ने अपने किसानों के हितों की रक्षा करते हुए डेयरी उत्पादों (दूध, घी, पनीर) को इस समझौते से बाहर रखा है, ताकि घरेलू डेयरी उद्योग पर कोई बुरा असर न पड़े.
- पहली बार किसी देश ने आयुर्वेद, योग और भारतीय पारंपरिक चिकित्सा सेवाओं के लिए एक विशेष समझौता (Annex) शामिल किया है.
- दोनों देशों ने अगले पाँच वर्ष में द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान (2024-25) के $2.4 बिलियन से $5 बिलियन करने का लक्ष्य रखा है.
