भारतीय प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने व्यापार-आधारित धन शोधन के एक जटिल मामले में इंटरपोल के माध्यम से पहली बार पर्पल नोटिस जारी किया है.
अपनी जाँच के दौरान, ED ने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की आड़ में धन शोधन में लिप्त घरेलू और विदेशी फर्जी संस्थाओं के एक संगठित नेटवर्क का पता लगाया है.
इस पर्पल नोटिस को जारी करके, ED ने इंटरपोल के 196 सदस्य देशों की प्रवर्तन एजेंसियों के साथ साझा किया है और उन्हें नई धन शोधन तकनीकों के बारे में चेतावनी दी है.
इंटरपोल की कलर-कोडेड नोटिस
रेड नोटिस: अभियोजन या सजा काटने के लिए वांछित व्यक्तियों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए.
येलो नोटिस: लापता व्यक्तियों (अक्सर नाबालिग) का पता लगाने या ऐसे व्यक्तियों की पहचान करने के लिए जो स्वयं की पहचान करने में असमर्थ हैं.
ब्लू नोटिस: किसी व्यक्ति की पहचान, स्थान, या गतिविधियों से संबंधित अतिरिक्त जानकारी जुटाने के लिए.
ब्लैक नोटिस: अज्ञात शवों की जानकारी प्राप्त करने के लिए.
ग्रीन नोटिस: किसी व्यक्ति की आपराधिक गतिविधियों के बारे में चेतावनी देने के लिए, जब वह पब्लिक सेफ्टी के लिए संभावित खतरा हो.
ऑरेंज नोटिस: किसी घटना, व्यक्ति, वस्तु या प्रक्रिया के बारे में चेतावनी देने के लिए जो पब्लिक सेफ्टी के लिए गंभीर और आसन्न खतरा प्रस्तुत करता हो.
पर्पल नोटिस: अपराधियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले तरीकों, वस्तुओं, उपकरणों और छिपाव विधियों की जानकारी प्राप्त करने या प्रदान करने के लिए.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद विशेष नोटिस: उन संस्थाओं और व्यक्तियों के लिए जारी किया जाता है, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंध समितियों के टारगेट होते हैं.
सिल्वर नोटिस: इंटरपोल ने इटली के अनुरोध पर 10 जनवरी 2025 को एक नया सिल्वर नोटिस जोड़ा है. यह इंटरपोल की कलर-कोडेड नोटिस सीरीज में सबसे नई है. इटली ने एक कुख्यात माफिया की संपत्तियों की जानकारी मांगते हुए इंटरपोल से सिफारिश की थी. सिल्वर नोटिस के तहत इंटरपोल उस व्यक्ति या नोटिस से संबंधित जानकारी को सार्वजनिक नहीं करेगा, जिसके लिए किसी देश ने जानकारी मांगी है.
क्या है इंटरपोल?
इंटरपोल (International Criminal Police Organization) की स्थापना ऑस्ट्रिया के विएना में 7 सितंबर 1923 को हुई थी. यह संगठन सदस्य देशों के पुलिस नेटवर्क को जोड़ता है और अंतर्राष्ट्रीय अपराध नियंत्रण पर काम करता है.
इंटरपोल के सदस्य देश अपने प्रशिक्षित पुलिस अधिकारियों को इंटरपोल में प्रतिनियुक्त करते हैं. भारत 1949 में इस संगठन में शामिल हुआ था.
इंटरपोल महासभा अंतर्राष्ट्रीय पुलिस संगठन का शीर्ष शासी निकाय है और प्रमुख निर्णय लेने के लिए इसकी वार्षिक बैठक होती है. इसका मुख्यालय फ्रांस के ल्योन में है.
प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate)
प्रवर्तन निदेशालय (ED) भारत की एक आर्थिक खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसी है जो धन शोधन (PMLA) और विदेशी मुद्रा कानूनों (FEMA) के उल्लंघनों की जांच करती है.
यह वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अंतर्गत आती है और इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है. ED अपराधों से जुड़ी संपत्तियों का पता लगाती है, उन्हें संलग्न करती है, और अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करती है.
https://www.edudose.com/wp-content/uploads/2014/05/Logo.png00Team EduDosehttps://www.edudose.com/wp-content/uploads/2014/05/Logo.pngTeam EduDose2025-09-03 10:15:282025-09-03 10:15:28प्रवर्तन निदेशालय ने इंटरपोल के माध्यम से अपना पहला पर्पल नोटिस जारी किया