भारत सरकार ने देश में क्रिटिकल खनिजों (Critical Minerals) की पुनर्चक्रण (Recycling) क्षमता को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है. यह मंजूरी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 3 सितम्बर को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में दी गई.
यह योजना पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) के माध्यम से क्रिटिकल खनिजों (लिथियम, कोबाल्ट और रेयर अर्थ तत्वों जैसे खनिज) की उपलब्धता को बढ़ावा देना है.
यह योजना वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक लागू रहेगी. इसके लिए ₹1,500 करोड़ की राशि निर्धारित की गई है.
योजना के मुख्य बिन्दु
इस योजना का उद्देश्य नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन (NCMM) के तहत वैकल्पिक स्रोतों से महत्वपूर्ण खनिजों का घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना और संसाधनों के पुनः उपयोग सुनिश्चित करना है.
क्रिटिकल खनिजों जैसे लिथियम, कोबाल्ट, निकल आदि की आपूर्ति भारतीय उद्योगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन इन खनिजों की खदानों की खोज, नीलामी और उत्पादन शुरू होने में लंबा समय लगता है.
ऐसे में सरकार ने इनकी आपूर्ति को शीघ्र सुनिश्चित करने के लिए ‘सेकेंडरी स्रोतों’ से पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) को एक व्यावहारिक समाधान माना है.
इस योजना से सरकार को कम समय में घरेलू स्तर पर खनिज उत्पादन की नई क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.
प्रोत्साहन राशि
इस योजना के तहत पात्र पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) इकाइयों की स्थापना हेतु पूंजीगत व्यय पर 20% सब्सिडी दी जाएगी. इसमें मशीनरी, संयंत्र और संबंधित यूटिलिटीज़ शामिल हैं. निर्धारित समय सीमा के बाद उत्पादन शुरू होने पर सब्सिडी दर घट जाएगी.
क्रिटिकल खनिज (Critical Minerals) क्या हैं?
क्रिटिकल खनिज (critical minerals) वे खनिज हैं जो किसी देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए आवश्यक हैं, लेकिन उनकी आपूर्ति में बाधा आने का खतरा रहता है क्योंकि वे सीमित मात्रा में उपलब्ध हैं या कुछ खास देशों में ही पाए जाते हैं.
इनका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा (जैसे सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहन) और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण उद्योगों में होता है.
दुर्लभ पृथ्वी तत्व (Rare Earth Elements – REEs), लिथियम, निकेल और कोबाल्ट, इंडियम और टेल्यूरियम कुछ महत्वपूर्ण क्रिटिकल खनिजों के उदाहरण हैं.
नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन (NCMM)
भारत ने भी आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए 30 महत्वपूर्ण खनिजों की पहचान की है. इन खनिजों के क्षेत्र में अपनी आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए भारत ने नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन (NCMM) को मंजूरी दी है.
https://www.edudose.com/wp-content/uploads/2014/05/Logo.png00Team EduDosehttps://www.edudose.com/wp-content/uploads/2014/05/Logo.pngTeam EduDose2025-09-05 20:06:422025-09-05 20:06:42क्रिटिकल खनिजों की उपलब्धता के लिए एक विशेष प्रोत्साहन योजना को मंजूरी