सीपी राधाकृष्णन ने भारत के 15वें उप-राष्ट्रपति के रूप से शपथ ली

सीपी राधाकृष्णन ने 12 सितम्बर को भारत के 15वें उप-राष्ट्रपति (15th Vice-President of India) के रूप से शपथ ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राधाकृष्णन को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में उन्हें पद ओर गोपनीयता  की शपथ दिलाईं.


राधाकृष्णन ने 9 सितम्बर को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में भारत का 15वां उपराष्ट्रपति चुना गया था. भारत के 14वें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई 2025 को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था जिसके बाद यह पद रिक्त था.

15वें उपराष्ट्रपति के लिए चुनाव

  • भारत के 15वें उपराष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया था जबकि बी सुदर्शन रेड्डी INDIA गठबंधन सहित विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार थे.
  • इस चुनाव में नव निर्वाचित उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अपने प्रतिद्वंद्वी बी सुदर्शन रेड्डी को 152 मतों के अंतर से हराया.
  • उपराष्ट्रपति चुनाव एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य, जिनमें मनोनीत सदस्य भी शामिल हैं, मतदान में हिस्सा लेते हैं.
  • वर्तमान में लोकसभा में 542 सदस्य और राज्यसभा में 239 सदस्य हैं. इस बार उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल की कुल संख्या 542+239=781 है और जीत के लिए बहुमत का आंकड़ा 781÷2+1=391 था.
  • इस चुनाव में 767 सांसदों ने वोट डाले, जिसमें से 15 वोट अमान्य घोषित कर दिया गया. वहीं बीजेडी, बीआरएस और शिरोमणि अकाली दल के 12 सांसदों ने मतदान में भाग नहीं लिया.
  • इस चुनाव में सीपी राधाकृष्णन को 452 वोट जबकि सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले. नतीजों का ऐलान राज्यसभा के महासचिव पीसी मोदी ने किया.

भारतीय संविधान में उप-राष्ट्रपति

  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 63 में भारत के उप-राष्ट्रपति होने की बात कही गई है. उप-राष्ट्रपति देश का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है. उनका कार्यकाल पाँच वर्ष का होता है.
  • अनुच्छेद 65 के अनुसार, राष्ट्रपति की मृत्यु, इस्तीफे या हटाने की स्थिति में उपराष्ट्रपति उस तारीख तक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करेगा जब तक कि नए राष्ट्रपति की नियुक्ति नहीं की जाती.
  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 67 (क) के अनुसार, उपराष्ट्रपति भारत के राष्ट्रपति को अपना त्यागपत्र दे सकता है.

उपराष्ट्रपति चुनाव

  • संविधान का अनुच्छेद 324 तहत, उपराष्ट्रपति चुनाव भारतीय निर्वाचन आयोग संपन्न कराता है. इसके लिए निर्वाचन आयोग एक निर्वाचन अधिकारी नियुक्त करता है.
  • राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति दोनों पदों का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से (आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति) होता है. यानी चुनाव जनता की बजाय उनके द्वारा चुने गए जन प्रतिनिधि करते हैं.
  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 66 में उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया का उल्लेख है. उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य, जिनमें मनोनीत सदस्य भी शामिल हैं, मतदान में हिस्सा लेते हैं. प्रत्येक मत का मूल्य समान होता है.
  • वहीं राष्ट्रपति के चुनाव में लोक सभा और राज्य सभा के निर्वाचित सदस्य और राज्यों के विधानमंडलों के सदस्यों को भी मतदान का अधिकार होता है. राष्ट्रपति चुनाव में किसी भी सदन के मनोनीत सदस्य को वोट नहीं डाल सकते.
  • राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति चुनाव में किसी भी संदेह या विवाद सामने आने पर संविधान के अनुच्छेद-71 के मुताबिक, फैसले का अधिकार केवल देश की सुप्रीम कोर्ट को है.
  • इस चुनाव में गुप्त मतदान की प्रक्रिया अपनाई जाती है. निर्वाचक मंडल के सदस्य अपनी इच्छा के अनुसार मतदान कर सकते हैं और वे संबंधित पार्टी के व्हिप से बाध्य नहीं होते.

नामांकन एवं पात्रता

  • उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन भरने के लिए उम्मीदवार को कम-से-कम 20 सांसद बतौर प्रस्तावक और 20 सांसद बतौर अनुमोदक की आवश्यकता होती है. 15,000 रुपये जमानत राशि के रूप में जमा कराना अनिवार्य होता है.
  • उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं होना चाहिए.
  • कोई भी भारतीय नागरिक उपराष्ट्रपति का उम्मीदवार हो सकता है जो 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो और राज्यसभा के सदस्य के रूप में चुनाव लड़ने की योग्यता रखता हो.

सीपी राधाकृष्णन

  • सीपी राधाकृष्णन का पूरा नाम चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन है. उनका जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में हुआ था.
  • उपराष्ट्रपति निर्वाचित होने से पहले वह भारतीय जनता पार्टी के सदस्य थे. वे आरएसएस जैसे संगठनों में सक्रिय रूप से शामिल रहे थे. वे कोयंबतूर से दो बार लोकसभा के लिए चुने गए थे.
  • वह 31 जुलाई 2024 से महाराष्ट्र के राज्यपाल भी रहे हैं. इससे पहले, उन्होंने 18 फरवरी 2023 से 30 जुलाई 2024 तक झारखंड के राज्यपाल के रूप में कार्य किया. साथ ही, उन्होंने तेलंगाना और पुदुचेरी में भी अतिरिक्त प्रभार संभाला.

अब तक के उपराष्ट्रपति

  1. डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन: 13 मई 1952 से 12 मई 1962
  2. जाकिर हुसैन: 13 मई 1962 से 12 मई 1967
  3. वीवी गिरि: 13 मई 1967 से 3 मई 1969
  4. गोपाल स्वरूप पाठक: 31 अगस्त 1969 से 30 अगस्त 1974
  5. बीडी जत्ती: 31 अगस्त 1974 से 30 अगस्त 1979
  6. मोहम्मद हिदायतुल्ला: 31 अगस्त 1979 से 30 अगस्त 1984
  7. आर वेंकटरमण: 31 अगस्त 1984 से 24 जुलाई 1987
  8. शंकर दयाल शर्मा: 3 सितम्बर 1987 से 24 जुलाई 1992
  9. केआर नारायणन: 31 अगस्त 1992 से 24 जुलाई 1997
  10. कृष्णकांत: 21 अगस्त 1997 से 27 जुलाई 2002
  11. भैरों सिंह शेखावत: 19 अगस्त 2002 से 21 जुलाई 2007
  12. मोहम्मद हामिद अंसारी: 11 अगस्त 2007 से 19 जुलाई 2017
  13. एम वेंकैया नायडू: 11 अगस्त 2017 से 10 अगस्त 2022
  14. जगदीप धनखड़: 11 अगस्त 2017 से 21 जुलाई 2025
  15. सीपी राधाकृष्णन: 12 सितम्बर से वर्तमान