पीएम स्वनिधि योजना को मार्च 2030 तक बढ़ाया गया, पुनर्गठन को मंजूरी
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Scheme) के पुनर्गठन को मंजूरी दी है. यह मंजूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 27 अगस्त को हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में दी गई.
मंत्रिमंडल ने इस योजना के 31 दिसंबर 2024 से आगे की अवधि के विस्तार का भी अनुमोदन किया. इसे अब 31 मार्च, 2030 तक बढ़ा दिया गया है.
पुनर्गठित योजना की प्रमुख विशेषता
- इस योजना का कुल परिव्यय 7,332 करोड़ रुपए है. पुनर्गठित योजना का लक्ष्य 50 लाख नए लाभार्थियों सहित 1.15 करोड़ लाभार्थियों को लाभ देना है.
- पुनर्गठित योजना की प्रमुख विशेषताओं में बढ़ी हुई ऋण राशि, लाभार्थियों के लिए यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड का प्रावधान और खुदरा एवं थोक लेनदेन के लिए डिजिटल कैशबैक प्रोत्साहन शामिल हैं.
- इस योजन के तहत दिए जाने वाले ऋण के प्रथम किश्त को 10,000 रुपए से बढ़ाकर 15,000 रुपए तथा ऋण के द्वितीय किश्त को 20,000 रुपए से बढ़ाकर 25,000 रुपए तक किया गया है. जबकि तृतीय किश्त पहले की तरह 50,000 रुपए है.
- यूपीआई लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड से स्ट्रीट वेंडरों को किसी भी आकस्मिक व्यावसायिक और व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तत्काल ऋण उपलब्ध हो सकेगा.
योजना का कार्यान्वयन
- प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी आवास एवं शहरी मंत्रालय और वित्तीय सेवा विभाग (DFS) पर संयुक्त रूप से रहेगी. इसमें DFS की भूमिका ऋण या क्रेडिट कार्ड तक पहुंच को सुविधाजनक बनाने की रहेगी.
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Scheme)
- प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का पूरा नाम प्रधानमंत्री रेहडी-पटरी विक्रेता आत्मनिर्भर निधी (PM Street Vendor’s AtmaNirbhar Nidhi) है.
- सरकार ने कोविड-19 महामारी के दौरान रेहड़ी-पटरी वालों की सहायता के लिए 1 जून 2020 को इस योजना की शुरुआत थी.
- इसका उद्देश्य रेहड़ी-पटरी वालों (स्ट्रीट वेंडरों) को अपना व्यवसाय फिर से शुरू करने के लिए बिना किसी गारंटी के कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान करना है.
- इस योजना के तहत ₹15,000 का पहला ऋण मिलता है, जिसके बाद आवश्यकतानुसार ₹25,000 और ₹50,000 तक के ऋण भी दिए जा सकते हैं. इस ऋण के पुनर्भुगतान पर 7% की ब्याज सब्सिडी भी दी जाती है.