साहित्य अकादमी पुरस्कार 2021: दया प्रकाश सिन्हा की रचना ‘सम्राट अशोक’ को पुरस्कृत किया जाएगा
साहित्य अकादमी ने वर्ष 2021 के लिए पुरस्कारों (Sahitya Akademi Award) की घोषणा 30 दिसम्बर 2021 को की थी. घोषणा के तहत 20 भारतीय भाषाओं के लेखकों को पुरस्कार देने की घोषणा की गयी जबकि गुजराती, मैथिली, मणिपुरी और उर्दू भाषाओं के पुरस्कार बाद में घोषित किए जाएंगे. इन पुरस्कारों का अनुमोदन साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर कम्बार की अध्यक्षता में आयोजित कार्यकारी मंडल की बैठक में किया गया.
घोषणा के तहत हिंदी के लिए दया प्रकाश सिन्हा को उनके नाटक ‘सम्राट अशोक’ और अंग्रेजी के लिए नमिता गोखले को उनके उपन्यास ‘थिंग्स टू लीव बिहाइंड’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार देने की घोषणा की गई है.
साहित्य अकादमी पुरस्कार 2021 विजेताओं की सूची
| विजेता | भाषा | शैली |
| अनुराधा सरमा पुजारी | असमिया | उपन्यास |
| ब्रत्य बासु | बंगाली | नाटक |
| मवदई गहाई | बोडो | कविता |
| राज राही | डोगरी | लघु कथाएँ |
| नमिता गोखले | अंग्रेजी | उपन्यास |
| दया प्रकाश सिन्हा | हिंदी | नाटक |
| डीएस नागभूषण | कन्नड़ | जीवनी |
| वली मो. असीर कश्तवारी | कश्मीरी | आलोचना |
| संजीव वीरेंकर | कोंकणी | शायरी |
| जॉर्ज ओनाक्कूर | मलयालम | आत्मकथा |
| किरण गौरव | मराठी | लघु कथाएँ |
| छबीलाल उपाध्याय | नेपाली | महाकाव्य कविता |
| हृषिकेश मल्लिक | उड़िया | कविता |
| खालिद हुसैन | पंजाबी | लघु कथाएँ |
| मिथेश निर्मोही | राजस्थानी | कविता |
| विन्देश्वरीप्रसाद मिश्रा ‘विनय’ | संस्कृत | कविता |
| निरंजन हंसदा | संताली | लघु कथाएँ |
| अर्जुन चावला | सिंधी | कविता |
| अम्बाई | तमिल | लघु कथाएँ |
| गोराती वेंकन्ना | तेलुगु | कविता |
साहित्य अकादमी पुरस्कार: एक दृष्टि
- साहित्य अकादमी पुरस्कार साहित्य अकादमी द्वारा यह पुरस्कार प्रतिवर्ष प्रदान जाता है. यह अकादमी प्रतिवर्ष 24 भाषाओं में से प्रत्येक में प्रकाशित सर्वोत्कृष्ट साहित्यिक कृति को पुरस्कार प्रदान करती है. इस पुरस्कार की स्थापना 1954 में हुई थी , पहली बार 1955 में ये पुरस्कार दिये गये थे.
- पुरस्कारों की अनुशंसा इन भारतीय भाषाओं की निर्णायक समितियों की ओर से की जाती है तथा साहित्य अकादमी के अध्यक्ष अध्यक्षता में आयोजित कार्यकारी मंडल की बैठक में इन्हें अनुमोदित किया जाता है.
- मुख्य पुरस्कार विजेता को पुरस्कार स्वरूप एक उत्कीर्ण ताम्रफलक, शॉल और एक लाख रुपये की प्रदान की जाती है.
