भारत और चीन के बीच सीमा मुद्दे पर चर्चा के लिए विशेष प्रतिनिधियों की 22वीं बैठक

भारत और चीन के बीच सीमा मुद्दे पर चर्चा के लिए विशेष प्रतिनिधियों की बैठक 21 दिसम्बर को नई दिल्‍ली में आयोजित की गयी. इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच यह 22वीं बैठक थी. इस बैठक में भारतीय शिष्‍टमंडल का नेतृत्‍व राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के शिष्‍टमंडल का नेतृत्‍व वहां के विदेश मंत्री वांग यी ने किया.

अक्‍टूबर 2019 में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और चीन के राष्‍ट्रपति षी चिनफिंग के बीच चेन्‍नई में दूसरी अनौपचारिक शिखर वार्ता के बाद यह दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों की पहली बैठक थी.

सीमा मुद्दे पर हुई 22वीं बैठक के मुख्य बिंदु

  • बैठक में भारत-चीन विकास साझेदारी को और सुदृढ़ बनाने पर खास तौर पर चर्चा हुई. दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों ने सीमा मामले को भारत-चीन संबंधों के नीतिगत परिपेक्ष्य में देखे जाने की आवश्‍यकता पर जोर दिया. उन्‍होंने सीमा के मसले के युक्तिसंगत, निष्‍पक्ष और परस्‍पर स्‍वीकार्य समाधान के प्रयास तेज करने का भी संकल्‍प लिया.
  • बैठक में दोनों पक्ष इस बात पर भी सहमत थे कि सीमा मसले के शीघ्र समाधान से दोनों ही देशों के बुनियादी हितों को फायदा पहुंचेगा. भारत और चीन के बीच इस बात को लेकर भी एक जैसी राय थी कि द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास के लिए सीमावर्ती इलाकों में अमन-चैन बना रहना चाहिए और इसके लिए अंतिम समाधान निकाला जा सकता है.
  • उन्‍होंने सीमा पर तैनात सुरक्षा कर्मियों के बीच संचार और संपर्क बनाए रखने और सीमा प्रबंधन के लिए आपसी भरोसा बढ़ाने के मौजूदा प्रयासों को तेज करने की आवश्‍यकता पर भी बल दिया.