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4 फरवरी: विश्व कैंसर दिवस, विश्व कैंसर दिवस 2020 की थीम

प्रत्येक वर्ष 4 फ़रवरी को विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) मनाया जाता है. यह दिवस कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इस रोग के प्रति लोगों को शिक्षित करने के उद्देश्य से दुनिया भर में मनाया जाता है. कैंसर बेहद खतरनाक एवं जानलेवा बीमारी है. दुनियाभर में इस बीमारी से सबसे ज्यादा मौतें होती हैं.

विश्व कैंसर दिवस की शुरुआत यूनियन फॉर इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल (UICC) के द्वारा की गयी थी. 4 फरवरी 2000 को कैंसर के खिलाफ पेरिस में विश्व कैंसर सम्मेलन हुआ जहां यह तय हुआ कि हर साल चार फरवरी को कैंसर के खिलाफ जागरुकता फैलाने के लिए इस दिवस को मनाया जाएगा.

विश्व कैंसर दिवस 2020 की थीम

विश्व कैंसर दिवस को एक थीम, अभियान के साथ मनाया जाता है. पहले इस दिवस पर हर साल एक नयी थीम हुआ करती थी, लेकिन 2016 से हर तीन साल एक ही थीम रखने का फैसला लिया गया. वर्ष (2019-2021) अभियान की थीम ‘मैं हूं और मैं रहूंगी/रहूंगा’ (I Am and I Will) है.

हर साल 76 लाख लोगों की कैंसर से मौत

वर्तमान में, विश्व में हर साल 76 लाख लोगों की मौत कैंसर से होती है. इनमें से 40 लाख लोगों की मौत समय से पहले हो जाती है. वर्ष 2025 तक, कैंसर के कारण समय से पहले होने वाली मौतों की संख्या बढ़कर प्रति वर्ष 60 लाख होने का अनुमान है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वर्ष 2025 तक कैंसर के कारण समय से पहले होने वाली मौतों में 25 प्रतिशत कमी का लक्ष्य रखा है. WHO ने चेतावनी दी है कि 2040 तक कम और मध्‍यम आय वाले देशों में कैंसर के मामले 81 प्रतिशत तक बढ़ जायेंगे क्‍योंकि वहां रोकथाम और देखभाल के लिए निवेश का अभाव है.

भारत में हर साल 7 लाख लोगों की मौत कैंसर से होती है. यहाँ 40 फीसद कैंसर सिर्फ तंबाकू के सेवन से होता है. पुरुषों में सबसे ज्यादा फेफड़े के कैंसर और महिलाओं में स्तन कैंसर का जोखिम रहता है.

कैंसर से बचाव

कैंसर से बचाव संतुलित भोजन, साफ-सफाई, नियमित व्यायाम और ध्रुमपान से दूर रहकर किया जा सकता है. कैंसर के मामलों में मौत की सबसे बड़ी वजह देर से ईलाज शुरु करना माना जाता है.

2 फरवरी: विश्व आर्द्र भूमि दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 2 फरवरी को विश्व आर्द्र भूमि दिवस (World Wetlands Day) के रूप में मनाया जाता है. मानवता और ग्रह के लिए आर्द्रभूमि के मूल्य पर वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के लिए यह दिवस मनाया जाता है. विश्व आर्द्र भूमि दिवस 2020 का विषय ‘Wetlands and Biodiversity’ है.

1971 में इसी दिन ईरान के शहर रामसर में कैस्पियन सागर के तट पर आर्द्रभूमि पर एक अभिसमय (Convention on Wetlands) को अपनाया गया था. पहली बार ‘विश्व आर्द्रभूमि दिवस’ 2 फरवरी, 1997 को रामसर सम्मलेन के 16 वर्ष पूरे होने पर मनाया गया था.

आर्द्रभूमि क्या होता है?

आर्द्रभूमि (wetland) ऐसा भूभाग होता है जिसका बड़ा हिस्सा किसी जल से संतृप्त हो या उसमें डूबा रहे. आर्द्रभूमि के कई लाभ हैं. यह जल को प्रदूषण से मुक्त बनाती है. भारत में आर्द्रभूमि ठंडे और शुष्क इलाकों से लेकर मध्य भारत के कटिबंधीय मानसूनी इलाकों और दक्षिण के नमी वाले इलाकों तक फैली हुई है.

आर्द्रभूमि कार्बन के भंडारण और जलवायु परिवर्तन से जुड़े चरम मौसम की घटनाओं के प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. वे बाढ़ को कम करती हैं, पीने के पानी की भरपाई करती हैं, कचरे को छानती हैं, शहरी हरे स्थान प्रदान करते हैं और आजीविका का स्रोत हैं.

30 जनवरी: शहीद दिवस, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 72वीं पुण्यतिथि

प्रत्येक वर्ष 30 जनवरी को शहीद दिवस मनाया जाता है. 1948 में आज ही के दिन उनकी हत्या कर दी गई थी. देश के स्वतंत्रता, कल्याण और प्रगति के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले शहीदों की याद में यह दिन शहीद दिवस (शहादत दिवस) मनाया जाता है. भारत में 23 मार्च को भी शहीद दिवस मनाया जाता है क्योंकि उसी दिन भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गई थी.

शहीद दिवस पर महात्मा गांधी और उन अनगिनत स्वतन्त्रता सेनानियों को कृतज्ञता के साथ याद किया जाता है जिन्होंने हमारी आजादी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया था.

महात्मा गांधी: मुख्य तथ्यों पर एक दृष्टि

  • महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था.
  • गांधीजी ने अपनी शुरुआती शिक्षा गुजरात से उच्च शिक्षा बॉम्बे यूनिवर्सिटी से ली थी. उन्होंने वकालत की पढ़ाई लंदन में की थी.
  • 1893 में गांधीजी दक्षिण अफ्रीका गए थे. वहां वह भेद-भाव के शिकार हुए.
  • 1915 में भारत लौटे और अपना पूरा जीवन भारत के स्वतंत्रता संग्राम को समर्पित कर दिया.
  • 1918 में शुरू किया गया चंपारण आंदोलन भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनकी पहली उपलब्धि थी.
  • 1920 में उन्होंने असहयोग आंदोलन चलाया था. इस आंदोलन के दौरान हिंसा की कुछ घटना के कारण इसे असफल माना गया.
  • 1930 में गांधीजी ने सिविल अवज्ञा आंदोलन चलाया जिसे दांडी यात्रा के नाम से जाना जाता है.
  • 1942 में उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन चलाया और जिसे उनके जीवन का सबसे सफल और सबसे बड़ा आंदोलन कहा जाता है.

जनवरी माह का अंतिम रविवार: विश्व कुष्ठ उन्मूलन दिवस

प्रत्येक वर्ष जनवरी के अंतिम रविवार को विश्व कुष्ठ उन्मूलन दिवस (World Leprosy Day) के रूप में मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य, कुष्ठ रोग से पीड़ित लोगों की सहायता तथा इस रोग से पीड़ित लोगों की देखभाल करने वाले व्यक्तियों को प्रशिक्षित करने के बारे में जागरूकता पैदा करना हैं. वर्ष 2020 के World Leprosy Day का विषय ‘Leprosy isn’t what you think’ है.

कुष्ठरोग क्या है?

कुष्ठ रोग माइकोबैक्टीरियम लेप्री (बैक्टीरिया) के कारण होने वाला एक रोग है. इसके परिणामस्वरूप त्वचा पर घाव हो जाते हैं तथा हाथों और पैरों की तंत्रिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं. इस रोग को हैन्सेन का रोग (इस रोग के बैक्टीरिया की खोज़ करने वाले चिकित्सक डॉ. आर्मोर हैन्सेन के नाम रखा गया है) के रूप में भी जाना जाता है. कुष्ठ रोग को मल्टी ड्रग थेरेपी (MTD) द्वारा उपचारित किया जा सकता हैं.

25 जनवरी: राष्ट्रीय मतदाता दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 25 जनवरी को ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ (National Voters’ Day) के रूप में मनाया जाता है. इसे दिवस के रूप में मनाने का उद्देश्य लोगों को अपने मताधिकार के प्रयोग के लिए प्रोत्साहित करना है. इस वर्ष 2020 में 10वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस है.

‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के स्थापना दिवस के दिन मनाया जाता है. भारतीय चुनाव आयोग का गठन 25 जनवरी 1950 को किया गया था. पहली बार यह दिवस 2011 में मनाया गया था.

मतदाता दिवस का विषय: राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2020 का विषय (theme) – ‘सशक्त लोकतंत्र के लिए चुनावी साक्षरता’ (Electoral Literacy for Stronger Democracy) है.

24 जनवरी: अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 24 जनवरी को ‘अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस’ (International Day of Education) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य शांति और विकास में शिक्षा की भूमिका को रेखांकित करना है. अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2020 का विषय ‘Learning for people, planet, prosperity and peace’ है.

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 24 जनवरी को ‘अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस’ मनाने के लिए एक प्रस्ताव 3 दिसंबर 2018 को पारित किया था. 24 जनवरी 2019 को पहला अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया गया था. इस प्रकार इस वर्ष अन्तर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस का दूसरा संस्करण है.

भारत में 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया जाता है…»

24 जनवरी: राष्‍ट्रीय बालिका दिवस, जागरूक बालिका सशक्‍त मध्‍यप्रदेश दिवस

प्रत्येक वर्ष 24 जनवरी को राष्‍ट्रीय बालिका दिवस (National Girl Child Day) मनाया जाता है. य‍ह दिन केन्‍द्रीय महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा 2008 से प्रति वर्ष मनाया जाता है. राष्‍ट्रीय बालिका दिवस का उद्देश्‍य समाज में लोगों के बीच बेटियों के अधिकार को लेकर जागरूकता पैदा करना और बेटियों को सामाजिक व आर्थिक विकास के नए अवसर मुहैया कराना है.

राष्‍ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर लड़कियों की सुरक्षा, शिक्षा, लिंग अनुपात, स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर अलग-अलग तरह के अभियान चलाए जाते हैं.

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत

सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 2015 में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत की थी. इस अभियान के जरिए लड़कियों और महिलाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया जाता है. महिलाओं के प्रति होने वाली कई अमानवीय प्रथाओं जैसे भ्रूण हत्या अब कम हो गए हैं.

इन अभियानों से लोगों की मानसिकता को बदलने में मदद मिली है, खासकर ग्रामीण इलाकों में लड़कियों की शिक्षा को लेकर काफी जागरुकता आई है. समाज के लोगों की मानसिकता पर इन अभियानों का काफी असर हुआ है. अब लोग लड़कियों को लड़कों के बराबर सम्मान और अधिकार दे रहे हैं.

जागरूक बालिका सशक्‍त मध्‍यप्रदेश दिवस

मध्‍य प्रदेश में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अंतर्गत 24 जनवरी को ‘जागरूक बालिका सशक्‍त मध्‍यप्रदेश’ के साथ राष्‍ट्रीय बालिका दिवस मनाया गया. इस दिन बालिकाओं की स्‍वास्‍थ्‍य की जांच की गयी.

15 जनवरी: सेना दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 15 जनवरी को सेना दिवस (Army Day) के रूप में मनाया जाता है. सेना दिवस को मनाने का उद्देश्य थल सेना के अदम्य साहस, उनकी वीरता, शौर्य और उसकी कुर्बानी को याद करना है. भारतीय सेना का आदर्श वाक्य ‘service before self’ है.

यह दिवस 15 जनवरी को फ़ील्ड मार्शल केएम करियप्पा के भारतीय थल सेना के शीर्ष कमांडर का पदभार ग्रहण करने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. आज ही के दिन 1949 में देश के पहले कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल केएम करियप्पा ने अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ एफआरआर बुशर से सैन्य कमान अपने हाथों में ली थी. इस वर्ष यानी 2020 में 72वां सेना दिवस है. करियप्पा पहले ऐसे ऑफिसर थे जिन्हें फील्ड मार्शल की रैंक दी गई थी.

इस अवसर पर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (CDS) जनरल बिपिन रावत, थलसेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया और नौसेना प्रमुख एडिमरल करमबीर सिंह ने राष्‍ट्रीय समर स्‍मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित किये.

14 जनवरी: भूतपूर्व सैनिक दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

प्रत्येक वर्ष 14 जनवरी को ‘भूतपूर्व सैनिक दिवस’ (Ex-servicemen’s Day) मनाया जाता है. यह दिवस भारतीय सेना के प्रथम फील्ड मार्शल एवं आर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर केएम करियप्पा की याद में मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों में भूतपूर्व सैनिकों के प्रति सम्मान पैदा करना है.

फील्ड मार्शल केएम करियप्पा 14 जनवरी 1953 को भारतीय सेना में अपनी शानदार सेवा के बाद सेवानिवृत हुए थे.

12 जनवरी: स्वामी विवेकानंद की जयंती, राष्ट्रीय युवा दिवस के रुप में मनाता जाता है

12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती है. इस दिन को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ (National Youth Day) के रुप में मनाता जाता है. स्वामी जी का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था.

भारत के महान आध्‍यात्मिक गुरु स्‍वामी विवेकानंद ने विश्व को वेदांत और योग के भारतीय दर्शन से अवगत कराया. उन्हें बचपन में परिजनों ने नरेंद्र नाम दिया था. उठो, जागो, और ध्येय की प्राप्ति तक रूको मत… स्वामी विवेकानंद का ये संदेश सदा सर्वदा देश और दुनिया के युवाओं को प्रेरित करता रहेगा. अमरीका के शिकागो की धर्म संसद में साल 1893 में स्वामी विवेकानंद के भाषण ने पूरी दुनिया के सामने भारत को एक मजबूत छवि के साथ पेश किया था.

स्वामी विवेकानंद: एक दृष्टि

स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता में हुआ था. उनका मूल नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था. विवेकानंद को भारत में हिन्दू धर्म के पुनर्जागरण व राष्ट्रवाद का प्रेरणा-श्रोत माना जाता है. वे प्रसिद्ध संत रामकृष्ण परमहंस के शिष्य थे. स्वामी विवेकानंद का निधन 4 जुलाई, 1902 को हुआ था.

स्वामी विवेकानंद ने 1893 में अमेरिका के शिकागो में विश्व धर्म संसद में ऐतिहासिक भाषण दिया था और विश्व को हिन्दू धर्म का परिचय करवाया था.

10 जनवरी: विश्‍व हिंदी दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकरी

प्रत्येक वर्ष 10 जनवरी को विश्‍व हिंदी दिवस (World Hindi Day) के रूप में मनाया जाता है. इसका उद्देश्य विश्व में हिंदी भाषा का प्रचार-प्रसार और इसे अन्तर्राष्ट्रीय भाषा के रूप में स्थापित करना है. इस मौके पर दुनियाभर में हिंदी को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.

विश्व हिंदी दिवस: एक दृष्टि

  • पहला विश्व हिंदी सम्मेलन 10 जनवरी 1975 को नागपुर में आयोजित किया गया था.
  • विश्‍वभर में हिन्‍दी भाषा के प्रचार के लिए 10 जनवरी, 2006 को नागपुर में पहला विश्‍व हिन्‍दी दिवस मनाया गया था.
  • हिंदी दुनिया की तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है. देश के करीब 77% लोग हिंदी लिखते, पढ़ते, बोलते और समझते हैं.
  • अमेरिका के 45 विश्वविद्यालयों सहित पूरी दुनिया के करीब 176 विश्वविद्यालयों में हिंदी की पढ़ाई जारी है.

हिन्दी को संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा का दर्जा दिलाने की पहल

भारत सरकार ने हिन्दी को संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा का दर्जा दिलाने के लिए एक पहल शुरू की है. इस पहल में संयुक्त राष्ट्र के उस नियम में बदलाव की मुहिम शुरू की गयी है जिसमें इस प्रस्ताव का अनुमोदन करने वाले देशों पर खर्च वहन करने का जिम्मा डाला गया है.

संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा का दर्जा के लिए नियम व शर्तें

  • संयुक्त राष्ट्र में किसी भाषा को आधिकारिक भाषा का दर्जा दिलाने के लिए दो-तिहाई देशों द्वारा अनुमोदन जरूरी होता है.
  • अनुमोदन करने वाले देशों को इसके लिए होने वाले व्यय में हिस्सेदारी वहन करनी होती है. खर्च वहन करने की शर्त के कारण छोटे एवं गरीब देशों को समस्या होगी.
  • भारत पूरा खर्च वहन करने के लिए तैयार है लेकिन नियम के कारण ऐसा संभव नहीं है. इसी वजह से जर्मन एवं जापानी भाषा को भी संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा का दर्जा नहीं मिल पाया है.
  • भारत ने संयुक्त राष्ट्र के इस नियम को बदलवाने के लिए मुहिम शुरू कर दी है. भारत का कहना है कि अगर वह खुद पूरा खर्च वहन करने का तैयार है तो हिन्दी को नियंत्रण निकाय की आधिकारिक भाषा बनाने की इजाजत मिलनी चाहिए.

9 जनवरी 2020: 16वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन मनाया गया

प्रत्येक वर्ष 9 जनवरी को ‘प्रवासी भारतीय दिवस’ (Pravasi Bharatiya Divas) मनाया जाता है. यह दिन महात्‍मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका से 9 जनवरी 1915 को भारत लौटने की स्‍मृति में भी मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य भारत के विकास में विदेशों में बसे भारतीय समुदाय के योगदान का स्मरण करना है.

विदेश मंत्रालय वर्ष 2003 से हर साल इस दिन समारोहों का आयोजन करता रहा है. 9 जनवरी 2020 को 16वां प्रवासी भारतीय दिवस है.