डेली कर्रेंट अफेयर्स
25-27 मार्च 2026

यूपीएससी, एसएससी, बैंक, रेलवे सहित केंद्र एबं राज्य सरकारों द्वारा आयोजित सभी प्रतियोगिता परीक्षा के लिए उपयोगी.

बालेंद्र शाह ने नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली

बालेंद्र शाह ने 27 मार्च 2026 को नेपाल के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली. नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने काठमांडू स्थित शीतल निवास में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.

नेपाल संसदीय चुनाव

  • बालेंद्र शाह ने ‘राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी’ (RSP) के उम्मीदवार के रूप में 5 मार्च 2026 को हुए आम चुनाव में हिस्सा लिया था.
  • उन्होंने नेपाल चार बार प्रधानमंत्री रह चुके केपी शर्मा ओली को ‘झापा-5’ (Jhapa-5) संसदीय क्षेत्र से लगभग 50 हजार वोटों से हराया.
  • उनकी पार्टी RSP ने 275 सदस्यीय नेपाली संसद (प्रतिनिधि सभा) में 182 सीटें जीतकर लगभग दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है.

जेन-जेड विरोध प्रदर्शन

  • नेपाल में यह सत्ता परिवर्तन सितंबर 2025 में हुए युवाओं के ‘जेन-जेड (Gen Z) विरोध प्रदर्शनों’ का नतीजा है.
  • इन प्रदर्शनों के कारण केपी शर्मा ओली की वामपंथी सरकार गिर गई थी और तत्कालीन सत्ताधारी पारंपरिक पार्टियों के प्रति लोगों का भारी गुस्सा चुनाव में रूपांतरित हुआ.

बालेंद्र शाह (बालेन) कौन हैं?

  • बालेन शाह पेशे से एक स्ट्रक्चरल इंजीनियर और मशहूर रैपर हैं. राजनीति में आने से पहले वे अपने रैप गानों के जरिए राजनीतिक भ्रष्टाचार पर तीखा तंज कसते थे.
  • उन्होंने भारत (कर्नाटक) के ‘निट्टे मीनाक्षी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी’ (NMIT) से M.Tech किया है.
  • 2022 में वे एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में काठमांडू के मेयर चुने गए थे. जनवरी 2026 में उन्होंने मेयर पद से इस्तीफा देकर RSP जॉइन की थी.
  • वे नेपाल के सर्वोच्च कार्यकारी पद (प्रधानमंत्री) तक पहुंचने वाले मधेसी समुदाय (नेपाल का दक्षिणी मैदानी इलाका) के पहले व्यक्ति बन गए हैं.

नया मंत्रिमंडल

  • बालेन शाह ने 15 सदस्यीय कैबिनेट का गठन किया है, जिसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 5 महिला मंत्रियों को शामिल किया गया है.
  • अर्थशास्त्री स्वर्णिम वाग्ले को वित्त मंत्री और सितंबर के विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख चेहरा रहे सूडान गुरुंग को गृह मंत्री बनाया गया है.

ISRO ने ‘पुष्पक RLV’ का सफल परीक्षण किया

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO)  ने हाल ही में ‘पुष्पक RLV’ (Reusable Launch Vehicle) का उन्नत परीक्षण (LEX – Landing Experiment) किया था. यह परीक्षण कर्नाटक के चित्रदुर्ग स्थित वैमानिकी परीक्षण रेंज में किया गया था. वह भारत को ‘स्वदेशी स्पेस शटल’ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

पुष्पक RLV क्या है?

  • ‘पुष्पक’ दोबारा इस्तेमाल योग्य (RLV – Reusable Launch Vehicle) स्पेस शटल (Space Shuttle) है. यह भारत का पहला स्वदेशी रॉकेट है जिसे दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है.
  • सामान्य रॉकेट (जैसे PSLV या LVM3) उपग्रहों को अंतरिक्ष में छोड़ने के बाद समुद्र में गिरकर नष्ट हो जाते हैं, जिन्हें दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. इसके विपरीत, RLV  अपना काम (पेलोड या उपग्रह छोड़ना) पूरा करने के बाद धरती पर वापस आकर रनवे पर लैंड कर सकता है.

परीक्षण (RLV-LEX) में क्या हुआ?

  • इस परीक्षण को ‘ऑटोनॉमस लैंडिंग एक्सपेरिमेंट’ (LEX) कहा जाता है. परीक्षण में पुष्पक विमान को भारतीय वायुसेना के ‘चिनूक’ हेलीकॉप्टर की मदद से हवा में लगभग 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक ले जाया गया और फिर हवा में ही छोड़ दिया गया.
  • विमान को रनवे की सीधी रेखा में नहीं, बल्कि जानबूझकर थोड़ा तिरछा और दूर छोड़ा गया था.
  • पुष्पक ने हवा में खुद को संतुलित किया, अपने नेविगेशन सिस्टम का इस्तेमाल करके रनवे को पहचाना, गति को नियंत्रित किया और बिल्कुल सटीक तरीके से एक विमान की तरह रनवे पर ऑटोनॉमस (बिना किसी पायलट या रिमोट के) लैंडिंग की.

पुष्पक में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख तकनीकें

  • ऑटोनॉमस नेविगेशन, गाइडेंस एंड कंट्रोल (NGC) सिस्टम: यह पुष्पक का ‘दिमाग’ है. इसमें लगे सेंसर्स, रडार अल्टीमीटर और ‘स्यूडोलाइट’ (Pseudolite – ग्राउंड-बेस्ड GPS) सिस्टम विमान को यह बताते हैं कि वह हवा में कहाँ है और उसे कितनी गति से किस कोण (Angle) पर लैंड करना है.
  • विमान जैसी एयरोडायनामिक बनावट: इसकी बनावट एक हवाई जहाज जैसी है (डेल्टा विंग्स और टेल के साथ), जो इसे ध्वनि की गति से कई गुना तेज (Hypersonic) रफ़्तार पर भी हवा को चीरते हुए उड़ान भरने और वापस लौटते समय ग्लाइड (Glide) करने में मदद करती है.
  • थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम (TPS): जब पुष्पक अंतरिक्ष से वापस धरती के वायुमंडल में प्रवेश करेगा, तो हवा के घर्षण के कारण इसका बाहरी तापमान 1000°C से 2000°C तक पहुंच जाएगा. इस भयानक गर्मी से विमान को पिघलने से बचाने के लिए ISRO ने विशेष ‘हीट-रेसिस्टेंट टाइल्स’ और कार्बन-कार्बन कोटिंग विकसित की है.
  • स्क्रैमजेट इंजन:  पुष्पक के भविष्य के पूर्ण संस्करणों में इसका इस्तेमाल होगा. सामान्य रॉकेटों को ईंधन जलाने के लिए अपने साथ भारी मात्रा में ऑक्सीजन (Oxidizer) ले जाना पड़ता है. लेकिन स्क्रैमजेट इंजन वायुमंडल में उड़ते समय सीधे हवा से ऑक्सीजन लेता है. इससे रॉकेट का वजन 70% तक कम हो जाता है.

पुष्पक का भारत के लिए महत्व

  • लॉन्च की लागत में कमी: वर्तमान में अंतरिक्ष में 1 किलोग्राम वजन भेजने का खर्च लगभग $20,000 आता है. पुष्पक के पूरी तरह तैयार होने के बाद यह खर्च घटकर लगभग $2,000 से $5,000 प्रति किलोग्राम तक आ सकता है.
  • अंतरिक्ष कचरे की सफाई: भविष्य में पुष्पक अंतरिक्ष में जाकर पुराने या खराब हो चुके भारतीय उपग्रहों को वापस धरती पर ला सकेगा, जिससे अंतरिक्ष कचरा कम होगा.
  • गगनयान और स्पेस स्टेशन: यह तकनीक भविष्य में भारत के मानव युक्त अंतरिक्ष मिशनों (Human Spaceflight) और ‘भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन’ तक रसद पहुंचाने के लिए एक सुरक्षित और सस्ता विकल्प बनेगी.

RBI ने कुछ देशों के साथ करेंसी स्वैप समझौतों को सक्रिय किया, जानिए क्या होता है करेंसी स्वैप

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की मजबूती के लिए RBI द्वारा बड़े पैमाने पर डॉलर बेचने के कारण भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट दर्ज की गई है. साथ ही, RBI ने कुछ एशियाई देशों के साथ ‘करेंसी स्वैप’ समझौतों को भी सक्रिय किया है.

विदेशी मुद्रा भंडार और करेंसी स्वैप (Currency Swap) किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं. खासकर तब, जब वैश्विक संकट (जैसे युद्ध या कच्चे तेल की महंगाई) के कारण देश की मुद्रा (रुपया) गिरने लगती है.

विदेशी मुद्रा भंडार क्या होता है?

विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves), किसी देश के केंद्रीय बैंक (भारत में RBI)  में विदेशी मुद्राओं और अन्य अंतरराष्ट्रीय संपत्तियों के रूप में रखा गया खजाना होता है.

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में मुख्य रूप से चार चीजें शामिल होती हैं:

  1. विदेशी मुद्रा संपत्तियां (Foreign Currency Assets – FCA): यह भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होता है. इसमें डॉलर, यूरो, पाउंड और येन जैसी मजबूत विदेशी मुद्राएं और विदेशी सरकारी बांड शामिल होते हैं.
  2. स्वर्ण (Gold): RBI के पास रखा गया सोने का भारी सुरक्षित भंडार.
  3. विशेष आहरण अधिकार (Special Drawing Rights – SDR): यह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा बनाई गई एक अंतरराष्ट्रीय ‘रिजर्व संपत्ति’ है, जिसे देशों के बीच लेन-देन के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
  4. IMF में रिज़र्व ट्रेंच (Reserve Tranche in IMF): यह वह आपातकालीन कोटा या पैसा है जो भारत ने IMF के पास जमा कर रखा है और जरूरत पड़ने पर बिना किसी शर्त के निकाल सकता है.

रुपये की मजबूती के लिए RBI द्वारा इस्तेमाल

  • हाल ही में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत अचानक बढ़ जाने के कारण डॉलर की मांग बढ़ गई जिससे रुपये में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई.
  • ऐसे समय में RBI अपने ‘विदेशी मुद्रा भंडार’ से बाजार में डॉलर बेचता है. इसके कारण बाजार में डॉलर की आपूर्ति बढ़ जाती है, जिससे रुपये की गिरावट रुक जाती है.

करेंसी स्वैप क्या होता है?

  • करेंसी स्वैप दो देशों के केंद्रीय बैंकों के बीच एक वित्तीय समझौता (Currency Swap Agreement) है. इसमें दोनों देश एक तय समय और पहले से तय ‘एक्सचेंज रेट’ (विनिमय दर) पर अपनी-अपनी मुद्राओं की अदला-बदली करते हैं.
  • करेंसी स्वैप का उदाहरण: मान लीजिए भारत और जापान के बीच $75 बिलियन का करेंसी स्वैप समझौता है. जब भारत को अचानक बहुत सारे डॉलर की जरूरत पड़ती है, तो RBI खुले बाजार से डॉलर खरीदने के बजाय, जापान के केंद्रीय बैंक (Bank of Japan) को रुपये (या बांड) देता है और उसके बदले डॉलर ले लेता है.
  • दोनों के बीच यह तय होता है कि कुछ महीनों या सालों बाद, RBI जापान को डॉलर वापस कर देगा और अपने रुपये वापस ले लेगा.
  • वापसी के समय ‘एक्सचेंज रेट’ वही राहत है जो समझौते के दिन था (भले ही भविष्य में डॉलर कितना भी महंगा क्यों न हो जाए).

करेंसी स्वैप के फायदे

  • जब दो देश अपनी ही मुद्राओं में व्यापार करने का स्वैप एग्रीमेंट करते हैं, तो उन्हें बीच में डॉलर की जरूरत ही नहीं पड़ती.
  • आपात स्थिति में RBI को अपना जमा डॉलर खर्च नहीं करना पड़ता, बल्कि वह दूसरे देश से ‘स्वैप’ करके डॉलर की कमी पूरी कर लेता है.
  • इससे खुले बाजार में दहशत नहीं फैलती और सट्टेबाज रुपये को गिराने का फायदा नहीं उठा पाते.

जर्मन गणितज्ञ गर्ड फाल्टिंग्स को एबेल पुरस्कार 2026 प्रदान किया गया

नॉर्वेजियन एकेडमी ऑफ साइंस एंड लेटर्स ने एबेल पुरस्कार (Abel Prize) 2026 की घोषणा हाल ही में की थी. यह प्रतिष्ठित सम्मान 26 मई 2026 को ओस्लो (नॉर्वे) में आयोजित समारोह में नॉर्वे के शाही परिवार द्वारा प्रदान किया गया.

पुरस्कार विजेता: गर्ड फाल्टिंग्स

  • इस वर्ष यह पुरस्कार प्रसिद्ध जर्मन गणितज्ञ गर्ड फाल्टिंग्स (Gerd Faltings) को प्रदान किया गया है. फाल्टिंग्स एबेल पुरस्कार जीतने वाले पहले जर्मन नागरिक बन गए हैं.
  • गर्ड फाल्टिंग्स वर्तमान में जर्मनी के बॉन स्थित ‘मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर मैथमेटिक्स’ में एमेरिटस डायरेक्टर (Emeritus Director) हैं और बॉन विश्वविद्यालय से भी जुड़े हुए हैं.
  • उन्हें अपने 1986 में गणित का दूसरा सबसे बड़ा सम्मान ‘फील्ड्स मेडल’ (Fields Medal) भी मिल चुका है. एबेल और फील्ड्स मेडल, दोनों जीतने वाले वह दुनिया के गिने-चुने महान गणितज्ञों में से एक हैं.
  • गर्ड फाल्टिंग्स को यह सम्मान अंकगणितीय ज्यामिति के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान और मॉर्डेल तथा लैंग (Mordell and Lang) के लंबित डायोफैंटाइन अनुमानों (Diophantine conjectures) को हल करने के लिए दिया गया है.
  • 1983 में उन्होंने मॉर्डेल (Mordell) की लगभग 60 साल पुरानी उस जटिल गणितीय पहेली को सुलझाया था, जिसने दुनिया भर के विशेषज्ञों को हैरान कर दिया था.

एबेल पुरस्कार क्या है?

  • एबेल पुरस्कार गणित के क्षेत्र का सर्वोच्च सम्मान है. इसे ‘गणित के नोबेल पुरस्कार’ के समकक्ष माना जाता है.
  • इसकी शुरुआत 2003 में नॉर्वे सरकार द्वारा प्रसिद्ध नॉर्वेजियन गणितज्ञ ‘नील्स हेनरिक एबेल’ (Niels Henrik Abel) के सम्मान में की गई थी.
  • 2007 में भारतीय मूल के एसआर श्रीनिवास वर्धन को भी यह सम्मान मिल चुका है.

संक्षिप्त सामयिक घटनाचक्र

छत्तीसगढ़ में पहले खेलो इंडिया जनजातीय खेल की शुरुआत

छत्तीसगढ़ में 25 मार्च को पहले खेलो इंडिया जनजातीय खेल की शुरुआत हुई. केंद्रीय खेल और युवा कार्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया इन खेलों का शुभारंभ रायपुर में किया. खेलों में 30 हजार से अधिक जनजातीय खिलाड़ी और करीब 30 राज्‍यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारी भाग लेंगें.

दिल्‍ली विधानसभा में 1.037 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश

दिल्‍ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 24 मार्च को विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए 1.037 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रति व्यक्ति आय के मामले में देश में दिल्‍ली का तीसरा स्‍थान है. उन्होंने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद में दिल्ली का योगदान 2024-25 में 3.67 प्रतिशत से बढ़कर 2025-26 में 3.72 प्रतिशत होने का अनुमान है.

भुवनेश्‍वर पहली राष्‍ट्रीय इंडोर एथलेटिक्‍स प्रतियोगिता

भुवनेश्‍वर के कलिंगा स्‍टेडियम में 24 मार्च से पहली राष्‍ट्रीय इंडोर एथलेटिक्‍स प्रतियोगिता में तमिलनाडु की बरनिका एलंगोवन ने पोल वॉल्ट स्पर्धा में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है. उन्‍होंने 4.22 मीटर की ऊंचाई पार कर यह नई उपलब्धि हासिल की.

26 मार्च: मिर्गी जागरूकता बैंगनी दिवस

प्रत्येक वर्ष 26 मार्च को मिर्गी जागरूकता दिवस या बैंगनी दिवस (Purple Day) मनाया जाता है. यह दिन विश्व स्तर पर मिर्गी (Epilepsy) नामक न्यूरोलॉजिकल (मस्तिष्क संबंधी) बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है. मिर्गी केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का एक विकार है, जिसमें मस्तिष्क की गतिविधि असामान्य हो जाती है, जिससे दौरे पड़ते हैं.

27 मार्च: विश्व रंगमंच दिवस (World Theatre Day)

यह दिन अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच संस्थान (ITI) द्वारा 1961 से दुनिया भर में कला और रंगमंच के महत्व को रेखांकित करने के लिए मनाया जाता है. इसका उद्देश्य शांति और सद्भाव के लिए एक माध्यम के रूप में कला को बढ़ावा देना है.

इसरो ने ‘पुष्पक’ (RLV) का उन्नत परीक्षण किया

इसरो (ISRO) ने कर्नाटक के चित्रदुर्ग स्थित वैमानिकी परीक्षण रेंज से अपने स्वदेशी पुन: प्रयोज्य प्रक्षेपण यान (Reusable Launch Vehicle – RLV) ‘पुष्पक’ का जटिल लैंडिंग प्रयोग (LEX) सफलतापूर्वक पूरा किया है. यह परीक्षण भारत को अंतरिक्ष में कम लागत वाली पहुंच प्रदान करने की दिशा में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर है.

क्षय रोग (TB) के लिए नई ‘Bedaquiline’ नीति

स्वास्थ्य मंत्रालय ने ‘मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंट टीबी’ (MDR-TB) के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली जीवन रक्षक दवा ‘बेड़ाक्विलीन’ (Bedaquiline) के स्वदेशी उत्पादन को तेज करने और इसके पेटेंट नियमों में ढील देने की घोषणा की है, ताकि यह मरीजों को सस्ती कीमत पर मिल सके.

UNSC में शांति प्रस्ताव (पश्चिम एशिया संकट)

होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बिगड़ते हालात और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने एक आपातकालीन बैठक में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और खाड़ी क्षेत्र में तत्काल डी-एस्केलेशन (तनाव कम करने) का प्रस्ताव पारित किया है. भारत ने इस प्रस्ताव का मजबूती से समर्थन करते हुए वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की अपील की है.

RBI का विदेशी मुद्रा भंडार और ‘करेंसी स्वैप’

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के ऐतिहासिक निचले स्तर पर आने के बाद, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)  द्वारा रुपये को सहारा देने के लिए डॉलर बेचने के कारण भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में इस सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है. साथ ही, RBI ने कुछ एशियाई देशों के साथ ‘करेंसी स्वैप’ समझौतों को भी सक्रिय किया है.

एबेल पुरस्कार (Abel Prize) 2026 की घोषणा

नॉर्वेजियन एकेडमी ऑफ साइंस एंड लेटर्स द्वारा गणित के क्षेत्र के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान (जिसे गणित का नोबेल भी कहा जाता है) ‘एबेल पुरस्कार’ की घोषणा कर दी गई है. इस वर्ष यह पुरस्कार प्रसिद्ध जर्मन गणितज्ञ गर्ड फाल्टिंग्स (Gerd Faltings) को प्रदान किया गया है. फाल्टिंग्स एबेल पुरस्कार जीतने वाले पहले जर्मन नागरिक बन गए हैं.