डेली कर्रेंट अफेयर्स
16-18 मार्च 2026
भारतीय संसद ने ‘विनियोग विधेयक 2026’ सफलतापूर्वक पारित किया
भारतीय संसद ने ‘विनियोग विधेयक 2026’ (Appropriation Bill 2026) को हाल ही में सफलतापूर्वक पारित किया है. लोकसभा से मंजूरी मिलने के बाद, 17 मार्च 2026 को राज्यसभा ने भी चर्चा के बाद इसे वापस लोकसभा को वापस भेज दिया, जिससे बजटीय प्रक्रिया का एक बेहद अहम चरण पूरा हो गया.
विनियोग विधेयक क्या होता है?
- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 114 के अनुसार, संसद की कानूनी मंजूरी के बिना सरकार ‘भारत की संचित निधि’ (Consolidated Fund of India) से धन नहीं निकाल सकती. विनियोग विधेयक ही सरकार को यह धन निकालने का कानूनी अधिकार देता है.
- इसे संविधान के अनुच्छेद 110 के तहत एक ‘धन विधेयक’ (Money Bill) माना जाता है. इसलिए इस पर असली शक्ति लोकसभा के पास होती है. राज्यसभा इसमें न तो कोई संशोधन कर सकती है और न ही इसे रोक सकती है (उसे 14 दिन के भीतर इसे लौटाना होता है).
विधेयक के प्रमुख आंकड़े और प्रावधान
- यह विधेयक मुख्य रूप से वर्तमान वित्तीय वर्ष (2025-26) की सेवाओं और अतिरिक्त खर्चों के लिए अनुपूरक अनुदान मांगों (Supplementary Demands for Grants) को मंजूरी देता है.
- इस विधेयक में संसद ने सरकार को संचित निधि से लगभग ₹2.81 लाख करोड़ का सकल अतिरिक्त खर्च करने की अनुमति दी है.
- रबी की फसल के लिए अतिरिक्त आयात की जरूरत पड़ने की स्थिति से निपटने के लिए विधेयक में ₹19,230 करोड़ की उर्वरक सब्सिडी का भी प्रावधान रखा गया है.
नागोया प्रोटोकॉल के कार्यान्वयन पर भारत की पहली राष्ट्रीय रिपोर्ट
भारत के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने 27 फरवरी 2026 को ‘जैविक विविधता अभिसमय’ (CBD) के सचिवालय को नागोया प्रोटोकॉल के कार्यान्वयन पर अपनी पहली राष्ट्रीय रिपोर्ट (First National Report – NR1) सौंपी थी. यह रिपोर्ट राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) के सहयोग से तैयार की गई है. यह रिपोर्ट 1 नवंबर 2017 से 31 दिसंबर 2025 तक की अवधि को कवर करती है.
नागोया प्रोटोकॉल क्या है?
नागोया प्रोटोकॉल 2010 में अपनाया गया एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है. इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जब भी दवा कंपनियों या शोधकर्ताओं द्वारा किसी देश के जैविक संसाधनों (Genetic Resources) और पारंपरिक ज्ञान का उपयोग किया जाए, तो उससे होने वाले मुनाफे का एक उचित हिस्सा उन स्थानीय और मूल समुदायों के साथ साझा किया जाए जो पीढ़ियों से उन संसाधनों की रक्षा कर रहे हैं. इसे बायोपायरेसी रोकने का एक बड़ा कदम माना जाता है.
भारत की पहली राष्ट्रीय रिपोर्ट (NR1): मुख्य विशेषताएं
- रिपोर्ट के अनुसार, 2017 से 2025 के बीच राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) द्वारा दी गई मंजूरियों के माध्यम से लगभग ₹216.31 करोड़ जुटाए गए हैं. इसके अलावा, राज्य जैव विविधता बोर्डों (SBBs) ने भी लगभग ₹51.96 करोड़ जुटाए हैं.
- जुटाई गई इस राशि में से ₹139.69 करोड़ सीधे तौर पर स्थानीय समुदायों, किसानों और पारंपरिक ज्ञान रखने वाले लोगों (Benefit Claimers) को बांटे गए हैं.
- भारत ने ABS क्लीयरिंग हाउस पर 3,556 ‘अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अनुपालन प्रमाण पत्र’ (IRCCs) प्रकाशित किए हैं. यह वैश्विक स्तर पर जारी किए गए कुल प्रमाणपत्रों का लगभग 60% है, जो पारदर्शिता में भारत के वैश्विक नेतृत्व को दर्शाता है.
भारत में इस प्रोटोकॉल को ‘जैव विविधता अधिनियम, 2002’ के तहत एक बेहद मजबूत त्रि-स्तरीय ढांचे के माध्यम से लागू किया जा रहा है:
- राष्ट्रीय स्तर पर: राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA).
- राज्य स्तर पर: राज्य जैव विविधता बोर्ड (SBBs) और केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदें (UTBCs).
- स्थानीय स्तर पर: पूरे देश में 2.76 लाख से अधिक जैव विविधता प्रबंधन समितियां (BMCs) स्थापित की गई हैं, जो ग्रासरूट लेवल पर स्थानीय जैव संसाधनों की रक्षा करती हैं.
एशिया-अफ्रीका एग्री अलायंस की आधिकारिक शुरुआत
एशिया और अफ्रीका के बीच कृषि सहयोग, व्यापार और तकनीकी आदान-प्रदान को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली में एशिया-अफ्रीका एग्री अलायंस (AAAA) की आधिकारिक तौर पर शुरुआत की गई है.
इसकी शुरुआत 13 और 14 मार्च 2026 को गुरुग्राम (हरियाणा) में आयोजित ‘मेज एंड मिलेट समिट’ (Maize & Millet Summit) और ‘एग्री एंड बायोवेस्ट कॉन्क्लेव 2026’ के दौरान हुआ था.
एशिया-अफ्रीका एग्री अलायंस क्या है?
- एशिया-अफ्रीका एग्री अलायंस (AAAA) को भारत में कंपनी अधिनियम की ‘धारा 8’ (Section 8) के तहत एक गैर-लाभकारी संस्था के रूप में स्थापित किया गया है.
- इसका मुख्य उद्देश्य एशिया और अफ्रीका के बीच कृषि व्यापार, निवेश, तकनीकी आदान-प्रदान और नीतिगत सहयोग को मजबूत करने के लिए एक ढांचा तैयार करना है.
- यह सरकारों, कृषि व्यवसायों, निवेशकों और विकास संस्थाओं के बीच एक ‘पुल’ (Bridge) की तरह काम करेगा.
AAAA की आवश्यकता और महत्व
- एशिया और अफ्रीका के बीच कृषि क्षेत्र में यह सहयोग वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है.
- दोनों महाद्वीप मिलकर वैश्विक कृषि उत्पादन का 40% से अधिक हिस्सा बनाते हैं. इन दोनों क्षेत्रों के बीच द्विपक्षीय कृषि व्यापार पहले से ही 90 बिलियन डॉलर प्रति वर्ष से अधिक का है.
- अफ्रीका के पास दुनिया की बची हुई कुल कृषि योग्य भूमि का लगभग 65% हिस्सा है और एक युवा कार्यबल है. दूसरी ओर, एशिया के पास उन्नत कृषि प्रसंस्करण तकनीकें, मजबूत सप्लाई चेन और बड़े उपभोक्ता बाजार हैं. यह अलायंस इन दोनों ताकतों को आपस में जोड़ेगा.
गठबंधन के पांच प्रमुख स्तंभ
- दोनों क्षेत्रों के बीच कृषि व्यापार को आसान बनाना और नए बाजारों तक पहुंच देना.
- आधुनिक खेती की तकनीकें, डिजिटल टूल्स और जलवायु-अनुकूल बीजों को साझा करना.
- कृषि-बुनियादी ढांचे (Agri-infrastructure) में निवेश के प्रवाह को बढ़ाना.
- कृषि कूटनीति को बढ़ावा देना और नीतियों में तालमेल बिठाना.
- ज्ञान के आदान-प्रदान के जरिए किसानों और एग्री-स्टार्टअप्स की मदद करना.
भारत की भूमिका
- भारत की मेजबानी और अगुवाई में बना यह गठबंधन ‘दक्षिण-दक्षिण सहयोग’ (South-South Cooperation) को मजबूत करने और दुनिया की भावी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कूटनीतिक और आर्थिक कदम है.
98वें अकादमी पुरस्कार: वन बैटल आफ्टर अनदर को सर्वश्रेष्ठ फिल्म सहित 6 ऑस्कर पुरस्कार
98वां अकादमी पुरस्कार (ऑस्कर) 2026 समारोह 15 मार्च 2026 को हॉलीवुड (लॉस एंजिल्स) के प्रतिष्ठित डॉल्बी थियेटर में आयोजित किया गया था. इस समारोह को कॉनन ओ’ब्रायन (Conan O’Brien) ने होस्ट किया था.
इस साल निर्देशक पॉल थॉमस एंडरसन की फिल्म ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ (One Battle After Another) को सर्वाधिक 6 ऑस्कर मिले.
प्रमुख विजेताओं की सूची
- सर्वश्रेष्ठ फिल्म: वन बैटल आफ्टर अनदर (One Battle After Another)
- सर्वश्रेष्ठ निर्देशक: पॉल थॉमस एंडरसन (वन बैटल आफ्टर अनदर)
- सर्वश्रेष्ठ अभिनेता: माइकल बी. जॉर्डन (फिल्म ‘सिनर्स’ के लिए)
- सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री: जेसी बकले (फिल्म ‘हैमनेट’ के लिए)
- सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता: शॉन पेन (वन बैटल आफ्टर अनदर)
- सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री: एमी मैडिगन (फिल्म ‘वेपन्स’ के लिए)
- सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म: सेंटीमेंटल वैल्यू (नॉर्वे की इस फिल्म ने अपनी 7वीं नॉमिनेशन में देश के लिए पहला ऑस्कर जीता)
- सर्वश्रेष्ठ एनिमेटेड फीचर फिल्म: के-पॉप डेमन हंटर्स (KPop Demon Hunters)
- सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री फीचर: मिस्टर नोबडी अगेंस्ट पुतिन (Mr Nobody Against Putin)
60वां ज्ञानपीठ पुरस्कार आर. वैरामुथु को प्रदान किया जाएगा
वर्ष 2025 के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार की घोषणा 14 मार्च 2026 को की गई. यह 60वां ज्ञानपीठ पुरस्कार है जो प्रसिद्ध तमिल कवि, गीतकार और उपन्यासकार आर. वैरामुथु को प्रदान किया जाएगा.
आर. वैरामुथु के बारे में
- तमिलनाडु के वैरामुथु तमिल साहित्य के सबसे प्रभावशाली रचनाकारों में से एक हैं. उन्होंने कई पुस्तकें लिखी हैं. उनकी कविताओं और रचनाओं में ग्रामीण जीवन, विस्थापन का दर्द और सामाजिक सरोकारों का बेहद गहराई से वर्णन मिलता है.
- प्रमुख रचनाएँ: उनकी सबसे प्रसिद्ध रचनाओं में कल्लिकाट्टू इतिहासम, करुवाची काव्यम, तन्नी देसम और मूनराम उलगप पोर (तीसरा विश्व युद्ध) शामिल हैं.
- दिग्गज गीतकार: साहित्य के अलावा वे तमिल सिनेमा के एक बेहद लोकप्रिय और दिग्गज गीतकार भी हैं, जिन्होंने अब तक 8,000 से अधिक गीत लिखे हैं.
- अन्य प्रमुख सम्मान: उन्हें अपने उपन्यास कल्लिकाट्टू इतिहासम के लिए 2003 में साहित्य अकादमी पुरस्कार और 7 बार ‘सर्वश्रेष्ठ गीतकार’ का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त हुआ है.
- भारत सरकार उन्हें कला और साहित्य के क्षेत्र में पद्म श्री (2003) और पद्म भूषण (2014) से भी सम्मानित कर चुकी है.
ज्ञानपीठ पाने वाले तीसरे तमिल लेखक
- आर. वैरामुथु ज्ञानपीठ सम्मान पाने वाले तीसरे तमिल लेखक बन गए हैं. उनसे पहले यह सम्मान अखिलन (1975) और डी. जयकांतन (2002) को मिला था.
- यह पहली बार है जब किसी तमिल लेखक को मुख्य रूप से उनकी ‘कविताओं’ (Poetry) के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.
ज्ञानपीठ पुरस्कार: एक दृष्टि
- ज्ञानपीठ पुरस्कार भारत का सर्वोच्च और सबसे पुराना साहित्यिक पुरस्कार है. इस पुरस्कार की शुरुआत 1961 में ‘भारतीय ज्ञानपीठ’ द्वारा की गई थी.
- पहला ज्ञानपीठ पुरस्कार 1965 में मलयालम लेखक जी. शंकर कुरुप को मिला था.
- इस सम्मान के तहत विजेता को ₹11 लाख नकद, एक प्रशस्ति पत्र और ज्ञान की देवी वाग्देवी (सरस्वती) की एक सुंदर कांस्य प्रतिमा प्रदान की जाती है.
- यह पुरस्कार भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं और अंग्रेजी (2013 से शामिल) में उत्कृष्ट आजीवन साहित्यिक योगदान के लिए केवल भारतीय नागरिकों को दिया जाता है.
- 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार (2024 के लिए) हिंदी के प्रसिद्ध लेखक विनोद कुमार शुक्ल को दिया गया था.
संक्षिप्त सामयिक घटनाचक्र
5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा
चुनाव आयोग ने 16 मार्च को असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा की.
असम और पश्चिम बंगाल में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम और पश्चिम बंगाल में 66,280 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इनमें असम की ‘असोम माला 3.0’ सड़क परियोजना और पश्चिम बंगाल के हल्दिया में भारत का पहला पूरी तरह से स्वचालित ड्राई बल्क टर्मिनल शामिल है.
उत्तर प्रदेश के लिए विश्व बैंक का ऋण
विश्व बैंक ने राज्य के ‘क्लीन एयर प्लान’ (स्वच्छ वायु योजना) का समर्थन करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ 300 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.
अभ्यास ‘सी ड्रैगन 2026’
भारतीय नौसेना ने गुआम (Guam) में अमेरिका के नेतृत्व में आयोजित बहुराष्ट्रीय पनडुब्बी रोधी युद्ध अभ्यास ‘सी ड्रैगन 2026’ (Exercise Sea Dragon) में हिस्सा लिया.
RBI को ‘इनिशिएटिव ऑफ द ईयर’ अवार्ड
भारतीय रिज़र्व बैंक को बैंकिंग क्षेत्र के लिए सुरक्षित ‘.bank.in’ डोमेन अनिवार्य करने के लिए इस वैश्विक पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
BCCI नमन अवार्ड्स 2026
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 15 मार्च 2026 को दिल्ली में ‘नमन अवार्ड्स 2026’ समारोह का आयोजन किया था. शुभमन गिल (पुरुष) और स्मृति मंधाना (महिला) को वर्ष के सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.
इसरो का CE20 क्रायोजेनिक इंजन का सफल परीक्षण
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 10 मार्च 2026 को तमिलनाडु के महेंद्रगिरि स्थित इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स (IPRC) में अपने स्वदेशी CE20 क्रायोजेनिक इंजन का सफल ‘समुद्र-स्तरीय हॉट टेस्ट’ किया है. CE20 इंजन पहले ही भारत के आगामी मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ के लिए ‘ह्यूमन-रेटेड’ (मानव उड़ान के लिए सुरक्षित) घोषित किया जा चुका है.
गुजरात में समान नागरिक संहिता के लिए अंतिम मसौदा रिपोर्ट
गुजरात में, समान नागरिक संहिता के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति ने अपनी अंतिम मसौदा रिपोर्ट सौंपी है. रिपोर्ट में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में सभी धर्मों और समुदायों के लिए एक समान कानूनी ढांचा प्रस्तावित है. सर्वोच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना देसाई के नेतृत्व वाली समिति ने यह रिपोर्ट तैयार की है.
महाराष्ट्र निरसन विधेयक 2026 को मंजूरी
महाराष्ट्र विधानसभा ने महाराष्ट्र निरसन विधेयक 2026 को मंजूरी दे दी है. जिसके अंतर्गत 80 पुराने और अप्रचलित कानूनों को समाप्त कर दिया गया है. इसमें 1825 का बंगाल विनियमन और बॉम्बे आबकारी अधिनियम भी शामिल है.
बैंकॉक में विश्व मुक्केबाजी फ्यूचर्स कप
बैंकॉक में विश्व मुक्केबाजी फ्यूचर्स कप में भारत ने एक स्वर्ण और तीन रजत पदक जीते हैं. चंद्रिका पुजारी ने 51 किलो में उज्बेकिस्तान की मार्दोनोवा नाज़ोकट को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता. गुंजन ने 48 किलो में और जॉयश्री ने 54 किलो में रजत पदक जीता. जबकि एल. अंबेडकर मीतेई ने 50 किलो में रजत पदक अपने नाम किया.
महाराष्ट्र में धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 पारित
महाराष्ट्र विधानसभा ने धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 ध्वनिमत से पारित कर दिया है. इसमें जबरन, धोखाधड़ी, प्रलोभन या विवाह के जरिए कराए जाने वाले धर्मांतरण को रोकने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं. विधेयक के अनुसार, विवाह के बहाने गैरकानूनी धर्मांतरण में शामिल लोगों को 7 साल की कैद और 1 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है.
ममता कालिया को साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025
साहित्य अकादमी ने ममता कालिया को साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025 से सम्मानित करने की घोषणा की है. उन्हें यह पुरस्कार उनकी रचना ‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए दिया गया है. साहित्य अकादमी सम्मान के तहत विजेता को ₹1 लाख की नकद राशि, एक शॉल और एक उत्कीर्ण ताम्रफलक (Copper Plaque) प्रदान किया जाता है.
