डेली कर्रेंट अफेयर्स
10-12 मार्च 2026

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

भारतीय संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया गया. यह प्रस्ताव विपक्षी दलों द्वारा लाया गया था. भारत के संसदीय इतिहास में लगभग चार दशकों के बाद किसी लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ इस तरह का प्रस्ताव लाया गया था.

राजनीतिक और संसदीय घटनाक्रम

  • कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने विपक्षी गठबंधन (INDIA ब्लॉक) की ओर से यह अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, जिस पर 100 से अधिक विपक्षी सांसदों के हस्ताक्षर थे.
  • संविधान के अनुच्छेद 94(c) के तहत इसका पहला नोटिस 10 फरवरी 2026 को दिया गया था.
  • विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया था.
  • संसदीय परंपराओं के अनुसार, जब अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होती है, तो वह सदन की अध्यक्षता नहीं करते.
  • इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन का संचालन बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने किया.
  • 11 मार्च को सदन में यह प्रस्ताव मतदान के लिए रखा गया. यह अविश्वास प्रस्ताव ध्वनि मत से पूरी तरह खारिज हो गया.

लोकसभा अध्यक्ष को हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया

  • भारतीय संविधान का अनुच्छेद 94(c) लोकसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को उनके पद से हटाने की स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित करता है.
  • अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव से पहले कम 14 दिन का लिखित पूर्व नोटिस दिया जाता है. इस  प्रस्ताव पर सदन में चर्चा के लिए कम से कम 50 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होती है.
  • इस प्रस्ताव को लोकसभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत द्वारा पारित होना चाहिए.
  • इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अध्यक्ष के पास उन्हें सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने और अपने बचाव में बोलने का पूरा अधिकार होता है. वे इस प्रस्ताव पर मतदान कर सकते हैं.
  • अगर पक्ष और विपक्ष के वोट बराबर (Tie) हो जाते हैं, तो उनके पास ‘निर्णायक वोट’ डालने का अधिकार नहीं होता.

सर्वोच्च न्यायालय ने देश में पहली बार इच्छा मृत्यु की अनुमति दी

भारत के न्यायिक और चिकित्सा इतिहास में 11 मार्च 2026 को एक बेहद ऐतिहासिक फैसला आया है. सर्वोच्च न्यायालय ने देश में पहली बार किसी मरीज के लिए ‘निष्क्रिय इच्छा मृत्यु’ (Passive Euthanasia) की अनुमति दी है.

यह फैसला 2018 के उस ऐतिहासिक आदेश का पहला व्यावहारिक प्रयोग है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने ‘सम्मान के साथ मरने के अधिकार’ (Right to die with dignity) को मौलिक अधिकार माना था.

क्या था मामला?

  • अगस्त 2013 में एक इमारत की चौथी मंजिल से गिरने के कारण 32 वर्षीय हरीश राणा के सिर में गंभीर चोट आई थी. तब से वह ‘परमानेंट वेजिटेटिव स्टेट’ (PVS) यानी कोमा जैसी स्थिति में थे. उनके ठीक होने की कोई चिकित्सीय उम्मीद नहीं बची थी.
  • 13 साल तक उनकी देखभाल करने के बाद, उनके माता-पिता ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी कि उनके बेटे को इस कष्टदायक जीवन से मुक्त किया जाए.

सुप्रीम कोर्ट का फैसला

  • यह फैसला जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने सुनाया.
  • अदालत ने हरीश राणा को दी जा रही ‘क्लिनिकली असिस्टेड न्यूट्रिशन एंड हाइड्रेशन’ (CANH) यानी जीवन रक्षक प्रणाली को हटाने की अनुमति दे दी.
  • कोर्ट ने दिल्ली के एम्स अस्पताल को निर्देश दिया है कि हरीश को ‘पेलिएटिव केयर’ (Palliative Care) विभाग में भर्ती किया जाए, ताकि जीवन रक्षक प्रणाली हटाते समय मरीज को कोई दर्द या तकलीफ न हो और उनकी गरिमा पूरी तरह बनी रहे.

‘सक्रिय’ और ‘निष्क्रिय’ इच्छा मृत्यु में अंतर

  • सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह स्पष्ट किया कि भारत में सक्रिय इच्छा मृत्यु (Active Euthanasia) आज भी गैरकानूनी और अपराध है.
  • सक्रिय इच्छा मृत्यु में मरीज को मारने के लिए सीधे तौर पर कोई दवा या जहर का इंजेक्शन दिया जाता है.
  • निष्क्रिय इच्छा मृत्यु में मरीज से कृत्रिम रूप से जिंदा रखने वाली मशीनें (जैसे वेंटिलेटर या फीडिंग ट्यूब) हटा ली जाती हैं, जिससे प्राकृतिक रूप से उसकी मृत्यु हो सके.
  • सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से ‘निष्क्रिय इच्छा मृत्यु’ पर एक स्पष्ट कानून बनाए जाने को कहा है, ताकि मरीजों के परिवारों को लंबी कानूनी लड़ाई न लड़नी पड़े.

संवैधानिक पहलू

  • सुप्रीम कोर्ट द्वारा ‘निष्क्रिय इच्छा मृत्यु’ को दी गई मंजूरी का कानूनी आधार संविधान के अनुच्छेद 21 और ‘लिविंग विल’ (Living Will)  के आधार पर है.
  • भारत के संविधान का अनुच्छेद 21 हर नागरिक को ‘प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण’ (Right to Life and Personal Liberty) देता है.
  • कोर्ट ने माना कि ‘जीने के अधिकार’ का मतलब सिर्फ सांस लेते रहना नहीं है, बल्कि ‘सम्मान और गरिमा के साथ जीना’ है.
  • यदि कोई व्यक्ति को ऐसी बीमारी है, जहां उसके ठीक होने की कोई उम्मीद नहीं है, और मेडिकल मशीनें केवल उसकी पीड़ा को बढ़ा रही हैं, तो उस जीवन में कोई ‘गरिमा’ नहीं बचती.
  • कोर्ट ने फैसला दिया कि जब गरिमापूर्ण जीवन संभव न रहे, तो ‘गरिमापूर्ण मृत्यु’ भी अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार का ही हिस्सा है.

स्वदेशी एयर ड्रॉपेबल कंटेनर ‘ADC-150’ के सफल परीक्षण

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय नौसेना ने हाल ही में एयर ड्रॉपेबल कंटेनर ‘ADC-150’ के चार सफल इन-फ्लाइट (उड़ान के दौरान) परीक्षण किए थे.

यह परीक्षण भारतीय नौसेना की लॉजिस्टिक (रसद) क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक बहुत बड़ी कामयाबी है.

ADC-150 क्या है?

  • ADC-150 (Air Droppable Container-150) भारत में ही डिजाइन और विकसित किया गया एक विशेष कंटेनर है.
  • यह कंटेनर अपने साथ अधिकतम 150 किलोग्राम तक का पेलोड (वजन/सामान) ले जाने में सक्षम है.
  • इसका मुख्य काम तटों से हजारों किलोमीटर दूर, गहरे समुद्र (Blue Waters) में तैनात नौसैनिक जहाजों तक हवा के रास्ते आपातकालीन मदद पहुंचाना है.
  • इस प्रोजेक्ट को मुख्य रूप से DRDO की अलग-अलग लैब ने मिलकर बहुत कम समय में तैयार किया है.

परीक्षण से संबंधित मुख्य बिन्दु

  • ये परीक्षण नौसेना के ‘पी-8आई’ (P-8I Poseidon) समुद्री गश्ती विमान से गोवा के तट से दूर समुद्र के ऊपर किए गए.
  • परीक्षण के दौरान विमान से इस कंटेनर को अलग-अलग ऊंचाइयों और अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में गिराया गया प्रत्येक बार यह कंटेनर सटीक रूप से अपने लक्ष्य (समुद्र में तैनात जहाज के पास) तक पहुंचा.

नौसेना के लिए क्यों महत्वपूर्ण?

  • कई बार समुद्र के बीच गश्त लगा रहे जहाजों में कोई तकनीकी खराबी आ जाती है या उन्हें मेडिकल इमरजेंसी का सामना करना पड़ता है. ऐसे में जहाज को वापस बंदरगाह लाना संभव नहीं होता.
  • ADC-150 के जरिए अब P-8I विमान सीधे आसमान से स्पेयर पार्ट्स (कलपुर्जे), जरूरी उपकरण, जीवन रक्षक दवाइयां और अन्य आपातकालीन सामग्री को पैराशूट की मदद से सीधे जहाजों तक सुरक्षित पहुंचा सकेंगे.

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथि‍यार आयातक देश, यूक्रेन पहले स्थान पर

हाल ही में जारी हुई स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथि‍यार आयातक देश है. 2021 से 2025 के बीच के आंकड़ों पर आधारित यह रिपोर्ट 9 मार्च 2026 को जारी की गई थी.

SIPRI रिपोर्ट 2026: मुख्य बिन्दु

  • यूक्रेन (9.7% वैश्विक हिस्सेदारी) दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक देश है, जबकि भारत (8.2% वैश्विक हिस्सेदारी) दूसरे स्थान पर है.
  • पिछले पांच वर्षों (2016-2020) की तुलना में 2021-2025 के दौरान भारत के कुल हथियार आयात में 4% की गिरावट आई है.
  • इस गिरावट का मुख्य श्रेय भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India) और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल को दिया जा रहा है.
  • भारत अब विदेशी हथियारों के बजाय स्वदेशी रक्षा उपकरणों (जैसे तेजस फाइटर जेट, पनडुब्बियां और मिसाइलें) के निर्माण पर जोर दे रहा है.
  • पाकिस्तान भी दुनिया का 5वां सबसे बड़ा हथियार आयातक बन गया है. वह अपने 80% हथियार सिर्फ चीन से खरीद रहा है.

विश्व के शीर्ष पाँच हथियार आयातक देश: एक दृष्टि

  1. यूक्रेन (वैश्विक हथियार आयात का 9.7%)
  2. भारत (वैश्विक हथियार आयात का 8.2%)
  3. सऊदी अरब (वैश्विक हथियार आयात का 6.8%)
  4. कतर (वैश्विक हथियार आयात का 6.4%)
  5. पाकिस्तान (वैश्विक हथियार आयात का 4.2%)

भारत को हथियार निर्यात करने वाले शीर्ष तीन देश

  1. रूस: 2011-15 में भारत के कुल हथियारों में रूस की हिस्सेदारी 70% थी, जो 2016-20 में घटकर 51% हुई और 2021-25 में यह गिरकर केवल 40% रह गई है. हालांकि, रूस अभी भी भारत का सबसे बड़ा हथियार निर्यातक बना हुआ है.
  2. फ्रांस: राफेल जेट और अन्य बड़े रक्षा सौदों के कारण फ्रांस भारत का दूसरा सबसे बड़ा (29%) हथियार निर्यातक बनकर उभरा है.
  3. इज़राइल: ड्रोन और उन्नत मिसाइल प्रणालियों की खरीद के साथ इज़राइल तीसरे स्थान पर (15%) है, जिसके बाद अमेरिका का स्थान है.

भारत इतना आयात क्यों कर रहा है?

भारत द्वारा बड़े पैमाने पर हथियार आयात करने का सबसे बड़ा कारण चीन और पाकिस्तान से मिलने वाली दोतरफा युद्ध की चुनौती है.

मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता घोषित किया गया

मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) को आधिकारिक तौर पर ईरान का नया सर्वोच्च नेता घोषित किया गया है. यह फैसला 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल के हमलों के दौरान उनके पिता और पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद लिया गया है.

मोजतबा खामेनेई कौन हैं?

  • 56 वर्षीय मोजतबा, दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं. मोजतबा को अपने पिता की तरह ही एक बेहद कट्टरपंथी नेता माना जाता है.
  • भले ही उन्होंनेमोजतबा ने कभी सरकार में कोई औपचारिक (Formal) पद नहीं संभाला, लेकिन वे दशकों से पर्दे के पीछे से काम कर रहे थे. ईरान के सबसे शक्तिशाली है. ईरान के सैन्य संगठन IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) और खुफिया एजेंसियों के साथ उनके बेहद गहरे और मजबूत संबंध हैं.
  • विशेषज्ञों का मानना है कि उनके नेतृत्व में ईरान अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ अपने मौजूदा युद्ध और परमाणु कार्यक्रम को और भी आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाएगा.

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा है कि मोजतबा शांति से नहीं जी पाएंगे और वे अभी भी अमेरिका के निशाने पर हैं.
  • चीन और रूस ने इस नियुक्ति को ईरान का आंतरिक मामला और उनके संविधान के अनुरूप बताते हुए मोजतबा खामेनेई और ईरान का समर्थन किया है.

संक्षिप्त सामयिक घटनाचक्र

कृषि-खाद्य श्रृंखला में महिलाओं की भागीदारी पर वैश्विक सम्मेलन

‘कृषि-खाद्य श्रृंखला में महिलाओं की भागीदारी’ पर वैश्विक सम्मेलन 12 से 14 मार्च तक नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है. सम्मेलन का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया. सम्मेलन का विषय है ‘प्रगति को गति देना, नई ऊंचाइयों को छूना’.

पश्चिम एशिया में तनाव

पश्चिम एशिया में तनाव तेजी से बढ़ रहा है. ईरान ने फारस की खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया है और संयुक्त अरब अमीरात में विमानन ढांचे पर हमले की कोशिश की है.

UNSC ने ईरान से खाड़ी देशों पर हमलों को रोकने की मांग की

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने एक प्रस्ताव पारित कर ईरान से खाड़ी देशों पर हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है. परिषद का कहना है कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हैं और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं.

केरलम् और तमिलनाडु में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केरलम् और तमिलनाडु में 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्‍यास किया. श्री मोदी ने तिरुचिरापल्ली में एक कार्यक्रम में तमिलनाडु में 5650 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्‍यास किया.

होर्मुज जल-डमरू-मध्‍य से वाणिज्यिक जहाज़ों की आवाजाही ठप

पश्चिम एशिया संघर्ष के दूसरे सप्ताह में पहुंचने के बीच होर्मुज जल-डमरू-मध्‍य से वाणिज्यिक जहाज़ों की आवाजाही ठप हो गई है. इस मार्ग पर पोत परिवहन में 80 प्रतिशत से अधिक कमी आई है. जलडमरूमध्‍य के निकट दस वाणिज्यिक जहाज़ो पर गोले या ड्रोन से हमले किए गए हैं.

जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने को मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है. जल जीवन मिशन के पुनर्गठन के लिए मंत्रिमंडल ने इसके कुल परिव्यय को बढाकर 8.69 लाख करोड रुपये कर दिया है. इसमें केंद्र सरकार की ओर से 3.59 लाख करोड़ रुपये की सहायता शामिल है.