फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत की आधिकारिक यात्रा

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की 17 से 19 फरवरी 2026 तक भारत की यह आधिकारिक यात्रा पर थे. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-फ्रांस संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना और ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेना था.

इस यात्रा के प्रमुख परिणाम और समझौते

1. स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप

  • प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत और फ्रांस के रिश्तों को ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के स्तर पर उन्नत करने की घोषणा की.
  • यह साझेदारी अब रक्षा और व्यापार से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष और भविष्य की तकनीकों पर केंद्रित होगी.

2. रक्षा समझौते (Defense Deals & Cooperation)

  • भारतीय नौसेना के लिए 26 राफेल-मरीन (Rafale-M) लड़ाकू विमानों की खरीद की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया. इन विमानों में स्वदेशी हथियारों को लगाने पर भी सहमति बनी.
  • भविष्य में भारतीय नौसेना के लिए 3 और अतिरिक्त स्कॉर्पीन पनडुब्बियों स्कॉर्पीन पनडुब्बी (INS वाग्शीर) के निर्माण पर भी चर्चा की, जो मझगांव डॉक (MDL) में बनाई जाएंगी.
  • भारत के भविष्य के लड़ाकू विमान (AMCA) के लिए सफरान (Safran) और DRDO के बीच जेट इंजन के सह-विकास (co-development) पर भी बातचीत आगे बढ़ी.

3. इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026

  • प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने मुंबई में संयुक्त रूप से ‘इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026’ का शुभारंभ किया.
  • इसका मकसद दोनों देशों के स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं और तकनीकी कंपनियों को एक साथ लाना है.

4. अंतरिक्ष और विज्ञान

  • फ़्रांस की स्पेस एजेंसी CNES और भारत की स्पेस एजेंसी ISRO ने ‘तृष्णा’ (TRISHNA) मिशन और जलवायु निगरानी उपग्रहों पर काम तेज करने का समझौता किया.
  • TRISHNA का पूरा नाम Thermal infraRed Imaging Satellite for High-resolution Natural resource Assessment है.
  • ‘तृष्णा’ मिशन ISRO और CNES का एक संयुक्त उपग्रह मिशन है. यह उपग्रह मुख्य रूप से पृथ्वी की पानी की कमी और तापमान की निगरानी करेगा.
  • स्वास्थ्य सेवा में AI के इस्तेमाल के लिए दोनों देशों के बीच नई साझेदारी की घोषणा की गई.