डेली कर्रेंट अफेयर्स
7-9 फरवरी 2026

यूपीएससी, एसएससी, बैंक, रेलवे सहित केंद्र एबं राज्य सरकारों द्वारा आयोजित सभी प्रतियोगिता परीक्षा के लिए उपयोगी.

संयुक्त राष्ट्र गंभीर वित्तीय संकटों का सामना कर रहा है

संयुक्त राष्ट्र (UN) वर्तमान में अपने अस्तित्व के सबसे गंभीर वित्तीय संकटों में से एक का सामना कर रहा है. महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने हाल ही में चेतावनी दी है कि यदि सदस्य देशों ने अपना बकाया भुगतान नहीं किया, तो संगठन दिवालियापन की दौड़ में फंस सकता है.

वित्तीय संकट की वर्तमान स्थिति

हालिया रिपोर्टों के अनुसार, यदि सदस्य देशों ने अपने निर्धारित योगदान का भुगतान नहीं किया, तो जुलाई 2026 तक संयुक्त राष्ट्र के पास दैनिक कार्यों को चलाने के लिए भी धन समाप्त हो सकता है.

संकट के मुख्य कारण

  • कई देशों ने अपने हिस्से का बजट जमा नहीं किया है. वर्ष 2025 के अंत तक यह बकाया लगभग 760 मिलियन डॉलर था.
  • अमेरिका संयुक्त राष्ट्र का सबसे बड़ा योगदानकर्ता है, लेकिन वर्तमान में उस पर 2.2 अरब डॉलर से अधिक का बकाया है, जो कुल बकाया राशि का लगभग 95% है.
  • संयुक्त राष्ट्र के नियमों के अनुसार, बजट के अप्रयुक्त हिस्से को सदस्य देशों को वापस करना पड़ता है. 2026 की शुरुआत में ही उसे 300 मिलियन डॉलर वापस करने पड़े, जिससे नकदी का संकट और गहरा गया.

वित्तीय संकट काम करने के लिए उठाए गए कदम

  • 2026 के लिए नियमित बजट में लगभग 15% की कमी की गई है (3.7 अरब डॉलर के मूल प्रस्ताव से घटाकर 3.2 अरब डॉलर).
  • कर्मचारियों की संख्या में लगभग 18.8% की कटौती का प्रस्ताव है. नई भर्तियों पर रोक लगा दी गई है.
  • शांति सेना मिशनों के बजट में कटौती हुई है, जिससे संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा जोखिम बढ़ सकता है.
  • मानवाधिकारों और मानवीय सहायता से जुड़े कार्यक्रमों को भी सीमित किया जा रहा है.
  • गैर-जरूरी आधिकारिक यात्राओं और सम्मेलनों पर कड़ा अंकुश लगाया गया है.

संयुक्त राष्ट्र के बजट में शीर्ष 10 योगदानकर्ता देश

स्थानदेशUN बजट में हिस्सा (%)
1अमेरिका22.00%
2चीन15.25%
3जापान8.03%
4जर्मनी6.11%
5यूनाइटेड किंगडम4.37%
6फ्रांस4.31%
7इटली3.30%
8कनाडा2.63%
9दक्षिण कोरिया2.57%
10रूस1.86%

भारत की स्थिति

  • भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जो समय पर अपने वित्तीय दायित्वों को पूरा करते हैं. भारत ने 3 फरवरी 2026 को ही 2026 के नियमित बजट के लिए अपने 35.18 मिलियन डॉलर के योगदान का पूरा भुगतान कर दिया है.
  • भारत  संयुक्त राष्ट्र के ‘Honor Roll’ (सम्मान सूची) में शामिल है. ‘Honor Roll’ उन सदस्य देशों की एक प्रतिष्ठित सूची है जो संगठन के प्रति अपनी वित्तीय प्रतिबद्धता को पूरी निष्ठा के साथ निभाते हैं.
  • वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र के बजट में भारत का योगदान लगभग 1.044% है.

भारत के दो नई आर्द्रभूमियों को रामसर स्थल का दर्जा दिया गया

रामसर कन्वेंशन (Ramsar Convention) के तहत भारत के दो और आर्द्रभूमि स्थलों को रामसर धरोहर स्थलों की सूची में शामिल किया गया है. ये रामसर स्थल हैं- पटना पक्षी अभयारण्य (उत्तर प्रदेश) और छारी-ढांड (गुजरात). इसके साथ ही भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या अब 98 हो गई है.

पटना पक्षी अभयारण्य: यह उत्तर प्रदेश के एटा जिले में स्थित है. यह उत्तर प्रदेश का सबसे छोटा संरक्षित पक्षी अभयारण्य है, जो लगभग 1 वर्ग किलोमीटर (108.8 हेक्टेयर) में फैला हुआ है. यह एक ‘इम्पॉर्टेंट बर्ड एरिया’ (IBA) है. इसके शामिल होने से उत्तर प्रदेश में रामसर स्थलों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है (तमिलनाडु के बाद दूसरा सर्वाधिक).

छारी-ढांड: यह गुजरात के कच्छ जिले में स्थित एक अद्वितीय इकोसिस्टम है. यह ‘बन्नी घास के मैदानों’ के पास स्थित है और लगभग 22,700 हेक्टेयर में फैला हुआ है. यह एक मौसमी खारी आर्द्रभूमि है. यह गुजरात का 5वां और कच्छ क्षेत्र का पहला रामसर स्थल है.

रामसर स्थल का दर्जा

  • रामसर स्थल का दर्जा उन आर्द्रभूमियों को दिया जाता है जो रामसर कन्वेंशन (Ramsar Convention) के मानकों को पूरा करते हैं.
  • रामसर कन्वेंशन आर्द्रभूमि के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय संधि है. यह आर्द्रभूमि एवं उनके संसाधनों के संरक्षण तथा उचित उपयोग हेतु राष्ट्रीय कार्रवाई और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिये रूपरेखा प्रदान करती है.
  • रामसर स्थल नाम कैस्पियन सागर पर स्थित ईरानी शहर रामसर के नाम पर रखा गया है क्योंकि यहीं 02 फरवरी 1971 को रामसर कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए गए थे. भारत ने इस संधि पर 1 फरवरी 1982 को हस्ताक्षर किये थे.
  • रामसर स्थलों की सूची रामसर सम्मेलन के सचिवालय द्वारा रखी जाती है, जो स्विट्जरलैंड के ग्लैंड में स्थित अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) मुख्यालय में स्थित है.
  • रामसर साइट का दर्जा प्राप्त आर्द्रभूमि अंतरराष्ट्रीय महत्व रखते हैं और उनके संरक्षण और उनके संसाधनों के इस्तेमाल के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्राप्त होता है.
  • दुनिया भर में रामसर साइट की संख्या 2,500 से ज्यादा है, जो करीब 25 लाख वर्ग किलोमीटर से ज्यादा के क्षेत्र में फैले हैं.

भारत और विश्व में रामसर स्थल

  • भारत में अब कुल 98 रामसर स्थल हैं जो देश की कुल भूमि का लगभग 5% है. ये क्षेत्र देश के 13.58 लाख हैक्‍टेयर भूमि में फैले हैं.
  • प्रथम भारतीय रामसर स्थल- केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (राजस्थान) और चिल्का झील (ओडिशा) है, जिसे 1981 में शामिल किया गया था.
  • भारत में सबसे बड़ा रामसर स्थल पश्चिम बंगाल का सुंदरबन और सबसे छोटा रामसर हिमाचल प्रदेश में रेणुका है.
  • भारत के इंदौर और उदयपुर को ‘वेटलैंड (आर्द्र भूमि) सिटी’ का दर्जा दिया गया है. यह उपलब्धि हासिल करने वाले ये भारत के पहले शहर हैं. दुनिया भर में कुल 31 शहरों को ‘वेटलैंड सिटी’ का दर्जा प्राप्त है.
  • रामसर सूची के अनुसार, सबसे अधिक रामसर स्थलों वाले देश यूनाइटेड किंगडम (175) और मेंक्सिको (144) हैं.
  • विश्व में अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की आर्द्रभूमि का क्षेत्रफल 150,000 वर्ग किमी से अधिक है. विश्व में सबसे बड़ा आर्द्रभूमि का क्षेत्र ब्राजील का है, जिसका 267,000 वर्ग किमी क्षेत्र आता है.

राष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग के लिए भारत और कनाडा के बीच सहमति

भारत और कनाडा के बीच 7 फरवरी 2026 को ओटावा (कनाडा) में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी. इस बैठक में दोनों देशों ने राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून प्रवर्तन और साइबर सुरक्षा में सहयोग को गहरा करने के लिए एक ‘साझा कार्ययोजना’ (Shared Workplan) पर सहमति व्यक्त की है.

यह समझौता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं खुफिया सलाहकार नताली ड्रोइन के बीच हुई वार्ता का परिणाम है.

नई कार्ययोजना के मुख्य बिंदु

  • दोनों देशों ने एक-दूसरे के यहाँ सुरक्षा और कानून प्रवर्तन संपर्क अधिकारी तैनात करने का निर्णय लिया है. इसका मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय संचार को सुव्यवस्थित करना और दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है.
  • दोनों पक्ष अंतरराष्ट्रीय संगठित आपराधिक नेटवर्क से निपटने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं. इसमें विशेष रूप से नशीली दवाओं के अवैध प्रवाह, विशेषकर ‘फेंटेनाइल’ (Fentanyl) और उसके प्रीकर्सर (कच्चा माल) की तस्करी को रोकने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.
  • दोनों देशों ने साइबर सुरक्षा से जुड़ी नीतियों को औपचारिक रूप देने के लिए प्रतिबद्धता जताई. दोनों देश साइबर खतरों और हमलों के बारे में वास्तविक समय में जानकारी साझा करेंगे.
  • दोनों पक्षों ने धोखाधड़ी और आव्रजन प्रवर्तन से संबंधित सहयोग पर चर्चा जारी रखने पर सहमति दी है. यह घरेलू कानूनों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप होगा, जिससे अवैध प्रवास और वीजा धोखाधड़ी जैसे मामलों पर नकेल कसी जा सकेगी.

इस सहयोग का महत्व

  • 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के आरोपों के बाद इसे दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
  • दोनों देशों ने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा जैसे व्यावहारिक मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर साथ आने का फैसला किया है.

मणिपुर में युम्नाम खेमचंद सिंह ने नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली

मणिपुर में 4 फरवरी 2026 को लगभग एक साल से लागू राष्ट्रपति शासन को समाप्त कर दिया गया है और युम्नाम खेमचंद सिंह ने नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली.

शपथ ग्रहण समारोह

  • भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष युम्नाम खेमचंद सिंह ने मणिपुर के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली.
  • मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने इम्फाल स्थित लोक भवन में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.
  • भारतीय जनता पार्टी के नेमचा किपगेन और एनपीएफ की लोसी दिखो ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
  • मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2027 तक है.

राष्ट्रपति शासन की समाप्ति

  • तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्‍य में 13 फरवरी, 2025 को राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था और राज्य विधानसभा निलंबित कर दी गई थी.
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संविधान के अनुच्छेद 356(2) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए 4 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति शासन हटाने की अधिसूचना जारी की.
  • राज्य में शांति बहाली और एक चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकार की वापसी के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया.

RBI की छठी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा: रेपो दर 5.25 प्रतिशत

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समि‍ति (MPC) की बैठक 4 से 6 फ़रवरी 2026 तक मुंबई में हुई थी. बैठक की अध्यक्षता बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने की थी.

यह चालू वित्त वर्ष (2025-26) की छठी और अंतिम द्विमासिक (फ़रवरी-मार्च) मौद्रिक नीति (6th Bi-Monthly Monetary Policy) समीक्षा बैठक थी.

बैठक के प्रमुख निर्णय

नीतिगत दरें: समिति ने सर्वसम्मति से प्रमुख ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने का फैसला किया है:

  1. रेपो रेट (Repo Rate): 5.25%
  2. एसडीएफ (SDF) रेट: 5.00%
  3. एमएसएफ (MSF) रेट: 5.50%
  4. बैंक रेट (Bank Rate): 5.50%

आरबीआई ने अपना रुख ‘तटस्थ’ (Neutral) बनाए रखा है. इसका अर्थ है कि भविष्य में परिस्थितियों और डेटा के आधार पर दरों में बदलाव (कमी या वृद्धि) की संभावना खुली रखी गई है.

मानकवित्त वर्ष 2025-262026-27 (पहली तिमाही)2026-27 (दूसरी तिमाही)
जीडीपी वृद्धि7.4% (पहले 7.3% था)6.9%7.0%
मुद्रास्फीति2.1%4.0%4.2%

प्रमुख विनियामक और ग्राहक-केंद्रित उपाय: आरबीआई ने बैंकिंग ग्राहकों और छोटे व्यवसायों के लिए कई बड़े कदमों की घोषणा की है:

  • छोटे मूल्य के डिजिटल फ्रॉड (Fraud) के पीड़ितों को अब ₹25,000 तक का मुआवजा देने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है.
  • सूक्ष्म और लघु उद्यमों (MSEs) के लिए ‘कोलेटरल-फ्री’ (बिना गारंटी के) ऋण की सीमा को ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख कर दिया गया है.
  • ऐसे NBFCs जिनका एसेट साइज ₹1,000 करोड़ तक है और जिनका कोई पब्लिक फंड या ग्राहक इंटरफेस नहीं है, उन्हें पंजीकरण से छूट दी गई है.

रेपो रेट कटौती का महत्व

  • रेपो रेट में कटौती से बैंकों पर ब्याज दरें घटाने का दबाव बढ़ेगा, जिससे होम लोन और अन्य कर्जों की EMI कम हो सकती है.
  • यह कटौती वित्तीय प्रणाली में तरलता (Liquidity) को बढ़ाएगी और उपभोक्ताओं तथा व्यवसायों के लिए उधार लेने की लागत को कम करके आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करेगी.

वर्तमान दरें: एक दृष्टि

नीति रिपो दर5.25%
प्रत्‍यावर्तनीय रेपो दर (RRR)3.35%
स्थायी जमा सुविधा (SDF)5.00%
सीमांत स्‍थायी सुविधा दर (MSF)5.50%
बैंक दर5.50%
नकद आरक्षित अनुपात (CRR)3.00%
वैधानिक तरलता अनुपात (SLR)18%

मौद्रिक नीति समि‍ति (MPC): एक दृष्टि

  • RBI की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) भारत सरकार द्वारा गठित एक समिति है. इसका गठन RBI अधिनियम 1934 के प्रावधानों के तहत 29 सितंबर 2016 को किया गया था.
  • यह भारत सरकार द्वारा निर्धारित मुद्रास्फीति लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आरबीआई की नीतिगत ब्याज दर निर्धारित करती है.
  • मौद्रिक नीति समिति में वर्तमान में 6 सदस्य हैं. इसमें तीन सदस्य RBI से होते हैं और तीन अन्य स्वतंत्र सदस्य भारत सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं.
  • समिति की अध्यक्षता आरबीआई गवर्नर करता है. इस समिति का गठन उर्जित पटेल कमिटी की सिफारिश के आधार किया गया था.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI): एक दृष्टि

  • भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) भारत का केन्द्रीय बैंक है. यह भारत के सभी बैंकों का संचालक है.
  • RBI की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को RBI ऐक्ट 1934 के अनुसार हुई. प्रारम्भ में इसका केन्द्रीय कार्यालय कोलकाता में था जो सन 1937 में मुम्बई आ गया.
  • पहले यह एक निजी बैंक था किन्तु सन 1949 से यह भारत सरकार का उपक्रम बन गया है.
  • भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के तहत अनिवार्य रूप से मौद्रिक नीति के संचालन की जिम्मेदारी सौपीं गई है.

क्या होता है रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट, सीआरआर और एसएलआर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया की आधिकारिक यात्रा संपन्न की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 और 8 फरवरी 2026 को मलेशिया के आधिकारिक यात्रा पर थे. यह वर्ष 2026 में प्रधानमंत्री की पहली विदेश यात्रा थी. अगस्त 2024 में दोनों देशों के बीच ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (Comprehensive Strategic Partnership – CSP) स्थापित होने के बाद यह उनकी पहली मलेशिया यात्रा थी.

मलेशिया 2026 में आसियान (ASEAN) की अध्यक्षता कर रहा है. ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और ‘इंडो-पैसिफिक विजन’ के लिए बेहद रणनीतिक मानी जा रही है.

यात्रा के मुख्य बिंदु

  • प्रधानमंत्री मोदी और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच कुआलालंपुर में द्विपक्षीय वार्ता हुई.
  • इस वार्ता में दोनों नेताओं ने रक्षा, सुरक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई.
  • भारत ने मलेशिया में एक नया महावाणिज्य दूतावास (Consulate General) और यूनिवर्सिटी मलाया में तिरुवल्लुवर चेयर स्थापित करने की घोषणा की.

प्रमुख समझौते

  • दोनों देशों ने सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को मजबूत करने के लिए एक फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर किए.
  • भारत के UPI और मलेशिया के PayNet के बीच लिंकेज स्थापित करने पर सहमति बनी, जिससे दोनों देशों के बीच डिजिटल लेनदेन आसान हो जाएगा.
  • साइबर सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी अभियान और खुफिया जानकारी साझा करने पर विशेष जोर दिया गया.
  • आपदा प्रबंधन, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई, स्वास्थ्य सेवा, और व्यावसायिक शिक्षा (TVET) में सहयोग के समझौते हुए.
  • दोनों देशों ने व्यापारिक लेनदेन के लिए भारतीय रुपया (INR) और मलेशियाई रिंगित (MYR) के उपयोग को बढ़ावा देने पर सहमति जताई.
  • ‘आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते’ (AITIGA) की समीक्षा को जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया ताकि द्विपक्षीय व्यापार को और गति मिल सके.

संक्षिप्त सामयिक घटनाचक्र

अमरीका और रूस सैन्य वार्ता शुरू करेंगे

अमरीका और रूस सैन्य वार्ता फिर शुरू करेंगे. यह वार्ता वर्ष 2022 में यूक्रेन संघर्ष शुरू होने से ठीक पहले स्थगित कर दी गई थी. गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच न्यू स्टार्ट परमाणु हथियार संधि की अवधि कल ही समाप्त हुई है.

अमरीका और ईरान मस्कट में परमाणु वार्ता करेंगे

अमरीका और ईरान 6 फ़रवरी को ओमान की राजधानी मस्कट में परमाणु वार्ता करेंगे. ओमान पहले भी अमरीका–ईरान वार्ता की मेजबानी की है. इस वार्ता में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल होंगे. अमरीकी प्रतिनिधिमंडल में पश्चिम एशिया के दूत स्टीव विटकॉफ और संभवतः जेरेड कुशनर भी शामिल होंगे.

प्रधानमंत्री मलेशिया दौरे पर

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 7-8 फ़रवरी को मलेशिया दौरे पर हैं. उनकी यह यात्रा मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के निमंत्रण पर हो रही है. इसका उद्देश्‍य व्‍यापार, निवेश, ऊर्जा और नौवहन सुरक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करना है. यह प्रधानमंत्री की मलेशिया की तीसरी यात्रा होगी.

भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष श्रीलंका ले जाए जाएंगे

भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेष 4 फ़रवरी को श्रीलंका में एक सप्ताह तक चलने वाली अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी के लिए ले जाए जाएंगे. इतिहास में पहली बार, भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेष अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी के लिए श्रीलंका भेजे जा रहे हैं.

भारत ने एशियाई फुटबॉल महासंघ अंडर-19 महिला चैंपियनशिप खिताब जीता

भारत ने नेपाल में एशियाई फुटबॉल महासंघ अंडर-19 महिला चैंपियनशिप के फाइनल में बांग्लादेश को चार-शून्‍य से हराकर खिताब जीता. कप्तान जुलान नोंगमैथेम, एलिजाबेथ लकरा, पर्ल फर्नांडीस और अनविता रघुरामन ने भी गोल किए.

T20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत

आईसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप 7 फ़रवरी को शुरू हुआ. इसकी मेजबानी भारत और श्रीलंका मिलकर कर रहे हैं. 7 फ़रवरी को भारत का पहला मुकाबला USA के साथ था.