इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में 250 अरब डॉलर के निवेश पर सहमति

नई दिल्ली में 16 से 21 फरवरी 2026 तक आयोजित इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट में 250 अरब डॉलर (लगभग 20 लाख करोड़ रुपये) के निवेश के लिए सहमति बनी.

मुख्य बिन्दु

यह निवेश किसी एक कंपनी द्वारा नहीं, बल्कि अगले 3-5 वर्षों में भारत के एआई इकोसिस्टम में होने वाले कुल अनुमानित निवेश का योग है. यह पैसा मुख्य रूप से चार क्षेत्रों में जाएगा:

  1. डेटा सेंटर और इंफ्रास्ट्रक्चर: NVIDIA और रिलायंस ने मिलकर भारत में विशाल ‘AI सुपरकंप्यूटिंग डेटा सेंटर’ स्थापित करने की घोषणा की. अडाणी ग्रुप और Google ने ग्रीन एनर्जी से चलने वाले डेटा सेंटर्स के लिए बड़े निवेश का वादा किया है.
  2. सेमीकंडक्टर (AI Chips): एआई चिप्स बनाने के लिए टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और माइक्रोन जैसी कंपनियों ने अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए नए फंड्स की घोषणा की है.
  3. स्किलिंग (Skilling): माइक्रोसॉफ्ट और केंद्र सरकार ने मिलकर ‘AI ओडिसी 2.0’ के तहत अगले 3 साल में 50 लाख भारतीयों को एआई स्किल सिखाने के लिए भारी बजट रखा है.
  4. स्टार्टअप फंडिंग: दुनिया भर के वेंचर कैपिटलिस्ट (VCs) ने भारतीय एआई स्टार्टअप्स (जैसे Sarvam AI, Krutrim) में निवेश के लिए विशेष ‘इंडिया AI फंड’ की घोषणा की है.

अमेरिका-इंडिया कनेक्ट (AIC)

  • Google ने अगले 5 वर्षों में 15 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की. इसके तहत ‘अमेरिका-इंडिया कनेक्ट’ (AIC) सबसी केबल (Subsea Cable) बिछाई जाएगी जो भारत की इंटरनेट स्पीड और क्षमता को बढ़ाएगी.
  • सबसी केबल, जिसे ‘सबमरीन कम्युनिकेशंस केबल’ भी कहा जाता है, समुद्र की गहराई में बिछाई गई एक विशेष फाइबर-ऑप्टिक केबल होती है.
  • यह महाद्वीपों और देशों के बीच डेटा (इंटरनेट और टेलीकम्युनिकेशन) को बहुत तेज गति से ट्रांसफर करने का काम करती है.
  • AI को प्रोसेस करने के लिए बहुत भारी मात्रा में डेटा ट्रांसफर की जरूरत होती है, जिसे केवल ये केबल्स ही संभाल सकती हैं.
  • ये नई केबल्स भारत को सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के रास्ते अमेरिका से जोड़ेंगी.
  • अब तक भारत में इंटरनेट केबल्स मुख्य रूप से मुंबई और चेन्नई में आती थीं. पहली बार विशाखापत्तनम को एक नए अंतरराष्ट्रीय ‘सबसी केबल गेटवे’ के रूप में विकसित किया जाएगा.
  • दुनिया का 99% इंटरनेट ट्रैफिक इन्हीं समुद्री केबलों के जरिए एक देश से दूसरे देश तक जाता है.

नई दिल्ली घोषणापत्र

सम्मेलन के समापन पर एक ऐतिहासिक सहमति बनी जिसे ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ नाम दिया गया. इस घोषणापत्र पर 89 देशों ने हस्ताक्षर किए. बांग्लादेश इसमें शामिल होने वाला 89वां देश बना. इस घोषणापत्र में AI को सुरक्षित, भरोसेमंद और सभी के लिए सुलभ बनाने का वादा किया गया है.

घोषणापत्र के मुख्य बिन्दु

  • समानता (Inclusivity): एआई तकनीक पर सिर्फ अमीर देशों का कब्जा नहीं होगा. इसे ‘ग्लोबल साउथ’ (अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका) के देशों के साथ साझा किया जाएगा.
  • सुरक्षा (Safety): एआई का उपयोग साइबर हमलों या डीपफेक (Deepfake) के जरिए लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं किया जाएगा. इसके लिए एक ‘ग्लोबल AI सेफ्टी वॉच डॉग’ बनाने पर सहमति बनी है.
  • मानव-केंद्रित विकास: एआई का इस्तेमाल नौकरी छीनने के बजाय, स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा.