डेली कर्रेंट अफेयर्स
4-6 जनवरी 2026

यूपीएससी, एसएससी, बैंक, रेलवे सहित केंद्र एबं राज्य सरकारों द्वारा आयोजित सभी प्रतियोगिता परीक्षा के लिए उपयोगी.

भारत का पहला स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत भारतीय तटरक्षक बल में शामिल

भारतीय तटरक्षक बल ने पहला स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत (Pollution Control Vessel) ‘ICGS समुद्र प्रताप’ को अपने बेडे में शामिल किया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 5 जनवरी 26 को गोवा में इस पोत का शुभारंभ किया.

ICGS समुद्र प्रताप: एक दृष्टि

  • समुद्र प्रताप भारत की पहली स्‍वदेशी रूप से डिजाइन की गई प्रदूषण नियंत्रण पोत है. इसका निर्माण गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) द्वारा किया गया है.
  • इसमें समुद्र में फैले तेल को साफ करने के लिए अत्याधुनिक ‘बूम’ (Booms) और ‘स्किमर्स’ (Skimmers) लगे हैं. जहाज में तेल के नमूनों का विश्लेषण करने के लिए एक आधुनिक प्रयोगशाला भी मौजूद है.
  • यह भारतीय तटरक्षक (कोस्‍टगार्ड) ट्रीट की अबतक की सबसे बड़ी यह पोत है. यह जहाज लगभग 2,500 टन विस्थापन क्षमता वाला है और उन्नत रडार और संचार प्रणालियों से लैस है.
  • यह पोत समुद्री प्रदूषण नियंत्रण तथा तलाश और बचाव कार्यों में मदद करेगा और देश के विशेष आर्थिक क्षेत्र की रक्षा सुनिश्चित करेगा.
  • प्रदूषण नियंत्रण के मामले में भारतीय तटरक्षक बल (ICG) भारत की ‘केंद्रीय समन्वय प्राधिकरण’  है. इसका मतलब है कि भारत के समुद्री क्षेत्रों में तेल रिसाव जैसी किसी भी बड़ी घटना से निपटने की मुख्य जिम्मेदारी ICG की ही होती है.

सामरिक महत्व

  • भारत के पास 7,500 किमी से अधिक लंबी तटरेखा है. तेल रिसाव जैसी आपदाओं के समय यह जहाज समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र (Marine Ecosystem) को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
  • यह विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में प्रदूषण की निगरानी और नियंत्रण के लिए तटरक्षक बल की क्षमता को कई गुना बढ़ा देगा.
  • इस पर एक चेतक या ध्रुव हेलीकॉप्टर के संचालन के लिए एक हैंगर और हेलीपैड की सुविधा है, जिससे हवाई निगरानी आसान हो जाती है.

सूर्यास्त्र: भारत का पहला स्वदेशी यूनिवर्सल मल्टी-कैलिबर

भारतीय सेना ने सूर्यास्त्र (Suryastra) रॉकेट सिस्टम के खरीद के लिए  निजी रक्षा निर्माता ‘NIBE Limited’ के साथ ₹293 करोड़ का अनुबंध किया है. यह भारत का पहला स्वदेशी यूनिवर्सल मल्टी-कैलिबर रॉकेट लॉन्चर है, जिसकी मारक क्षमता 150 से 300 किमी तक है.

सूर्यास्त्र की मुख्य विशेषताएं: एक दृष्टि

  • सूर्यास्त्र भारत का पहला स्वदेशी यूनिवर्सल मल्टी-कैलिबर (Universal Multi-Calibre) लंबी दूरी का रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है.
  • यह 300 किमी की दूरी तक सटीक हमला करने में सक्षम है. यह पहली बार है जब भारत में 300 किमी रेंज वाला रॉकेट लॉन्चर स्वदेशी रूप से बनाया जा रहा है.
  • इसका CEP (Circular Error Probable) 5 मीटर से भी कम है. इसका मतलब है कि यह अपने लक्ष्य को अचूक सटीकता के साथ नष्ट कर सकता है.
  • यह एक ‘यूनिवर्सल’ लॉन्चर है, यानी यह 122mm, 160mm और 306mm जैसे विभिन्न कैलिबर के रॉकेट दाग सकता है.
  • यह प्रणाली 100 किमी तक की रेंज में ‘कामिकेज़ ड्रोन’ या लोइटरिंग म्यूनिशन (जैसे SkyStriker) भी लॉन्च कर सकती है, जो हवा में रहकर लक्ष्य की पहचान करते हैं और फिर उसे तबाह कर देते हैं.
  • इसे BEML के 6×6 हाई-मोबिलिटी ट्रक पर लगाया गया है, जिससे यह ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर तेजी से चल सकता है और ‘शूट एंड स्कूट’ (फायर करने के तुरंत बाद जगह बदलना) तकनीक का उपयोग कर दुश्मन के जवाबी हमले से बच सकता है.
  • इसे पुणे स्थित निजी रक्षा कंपनी NIBE Limited ने विकसित किया है. इसके लिए इजराइल की प्रसिद्ध रक्षा कंपनी Elbit Systems के साथ तकनीकी सहयोग किया गया है.
  • यह इजराइल के PULS (Precise & Universal Launching System) तकनीक पर आधारित है.
  • हालांकि भारत के पास ‘पिनका’ रॉकेट सिस्टम है, लेकिन सूर्यास्त्र की 300 किमी की रेंज और मल्टी-कैलिबर क्षमता इसे और अधिक घातक बनाती है.

बुल्गारिया आधिकारिक तौर पर यूरोजोन का 21वां सदस्य बना

बुल्गारिया 1 जनवरी 2026 को आधिकारिक तौर पर यूरो मुद्रा को अपनाने वाला यूरोजोन (Eurozone) का 21वां सदस्य बन गया है.

मुख्य बिन्दु

  • यह बुल्गारिया के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, क्योंकि वह 2007 में यूरोपीय संघ (EU) में शामिल होने के लगभग 19 साल बाद अपनी राष्ट्रीय मुद्रा ‘लेव’ (Lev) को छोड़कर ‘यूरो’ को अपना चुका है.
  • विनिमय दर 1 यूरो = 1.95583 बुल्गारियाई लेव निर्धारित की गई है. जनवरी 2026 के पूरे महीने तक लेव और यूरो दोनों मुद्राएँ साथ-साथ चलेंगी. 1 फरवरी 2026 से केवल यूरो ही वहां की एकमात्र कानूनी मुद्रा (Legal Tender) रह जाएगी.

यूरोजोन: एक दृष्टि

  • यूरोज़ोन (Eurozone) उन यूरोपीय संघ (EU) सदस्य देशों का एक समूह है, जिन्होंने यूरो (€) को अपनी एकमात्र आधिकारिक मुद्रा के रूप में अपनाया है.
  • यूरोज़ोन की औपचारिक शुरुआत 1 जनवरी 1999 को हुई थी, जब 11 देशों ने अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं को छोड़कर केवल वित्तीय लेनदेन के लिए यूरो को अपनाया था. 2002 में इसके भौतिक सिक्के और नोट प्रचलन में आए.
  • यूरोज़ोन की मौद्रिक नीति का नियंत्रण यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) द्वारा किया जाता है, जिसका मुख्यालय फ्रैंकफर्ट (जर्मनी) में है.
  • किसी भी EU देश को यूरोज़ोन में शामिल होने के लिए ‘मास्ट्रिच मानदंड’ (Maastricht Criteria) को पूरा करना होता है. इनमें कम मुद्रास्फीति (inflation), स्थिर विनिमय दर और नियंत्रित सरकारी कर्ज जैसे आर्थिक मानक शामिल हैं.

यूरोज़ोन के सदस्य

  • प्रारंभिक सदस्य (1999): ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, इटली, लक्ज़मबर्ग, नीदरलैंड, पुर्तगाल और स्पेन
  • बाद में जुड़े सदस्य: ग्रीस, स्लोवेनिया, साइप्रस, माल्टा, स्लोवाकिया, एस्टोनिया, लातविया (2014), लिथुआनिया (2015), क्रोएशिया (2023)

यूरोपीय संघ (EU) बनाम यूरोज़ोन

  • यूरोपीय संघ 27 देशों का एक राजनीतिक और आर्थिक संघ है जबकि यूरोज़ोन, EU के भीतर उन देशों का समूह है जो ‘यूरो’ मुद्रा का उपयोग करते हैं.
  • डेनमार्क, स्वीडन, पोलैंड, चेक गणराज्य, हंगरी और रोमानिया EU के सदस्य देश होने के बावजूद वे अपनी राष्ट्रीय मुद्रा का ही उपयोग करते हैं और यूरोज़ोन का हिस्सा नहीं हैं.

यूरोज़ोन में शामिल होने के लाभ

  • सदस्य देशों के बीच व्यापार करते समय मुद्रा विनिमय (Currency Exchange) की कोई लागत नहीं आती.
  • साझा मौद्रिक नीति के कारण महंगाई पर बेहतर नियंत्रण रहता है.
  • अमेरिकी डॉलर के बाद यूरो दुनिया की दूसरी सबसे महत्वपूर्ण आरक्षित मुद्रा (Reserve Currency) है.
  • अब पर्यटकों को मुद्रा विनिमय की झंझट से मुक्ति मिलेगी, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है.

वेनेजुएला संकट: अमेरिकी सेना ने एक बड़ा ऑपरेशन संचालित किया

अमेरिका ने 3 जनवरी 2026 को वेनेजुएला में ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ (Operation Absolute Resolve) नाम से एक बड़ी सैन्य कार्रवाई की थी. इस घटना ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है.

ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आदेश पर अमेरिकी विशेष बलों (Delta Force और Special Ops) ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास में एक गुप्त और तीव्र सैन्य अभियान ‘एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ चलाया.
  • अमेरिकी वायुसेना ने काराकास और उत्तरी वेनेजुएला के सैन्य ठिकानों पर बमबारी की. अमेरिकी बलों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के निवास पर हमला कर उन्हें और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया.
  • मादुरो के पकड़े जाने के बाद वर्तमान में अंतरिम व्यवस्था के तहत  नेतृत्व डेल्सी रोड्रिग्ज संभाल रहे हैं. वह वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति थीं.

अमेरिका में मुकदमे

  • निकोलस मादुरो को विमान से न्यूयॉर्क (अमेरिका) ले जाया गया, जहाँ उन पर ‘नार्को-टेररिज्म’ (नशीली दवाओं के आतंकवाद) और मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मुकदमे चलाए जा रहे हैं.
  • 5 जनवरी 2026 को उन्होंने अदालत में खुद को निर्दोष बताया है.

वेनेजुएला संकट की पृष्ठभूमि

  • वेनेजुएला में संकट कोई नया नहीं है, यह पिछले एक दशक से गहरा रहा है. दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार होने के बावजूद, कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के कारण यहाँ की अर्थव्यवस्था तबाह हो गई. यहाँ हाइपर-इन्फ्लेशन (अत्यधिक महंगाई) के कारण लोगों के पास खाने और दवाइयों की भारी कमी हो गई है.
  • 2024 के चुनावों के बाद मादुरो की जीत पर धांधली के आरोप लगे, जिसे अमेरिका और कई पश्चिमी देशों ने अवैध घोषित कर दिया था.
  • अमेरिका ने मादुरो सरकार पर दबाव बनाने के लिए उसके तेल निर्यात पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे, जिससे वेनेजुएला की आय का मुख्य स्रोत बंद हो गया.

अमेरिका की कार्रवाई का कारण

  • अमेरिका का आरोप है कि मादुरो ‘कार्टेल डी लॉस सोल्स’ (Cartel de los Soles) नामक नशीली दवाओं के गिरोह के प्रमुख हैं, जो अमेरिका में फेंटानिल और कोकीन की तस्करी करते हैं.
  • अमेरिका वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर नियंत्रण स्थापित करना और वहां के बुनियादी ढांचे को अमेरिकी कंपनियों की मदद से सुधारना चाहता है.
  • अमेरिका वेनेजुएला में रूस, चीन और ईरान के बढ़ते प्रभाव को कम करना चाहता है.

भारत का रुख

  • भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त की है. भारत ने स्पष्ट किया है कि वह वेनेजुएला के लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है और सभी पक्षों से बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की है.
  • भारत के वेनेजुएला के साथ पुराने ऊर्जा संबंध (तेल आयात) रहे हैं, इसलिए भारत इस स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है.

संक्षिप्त सामयिक घटनाचक्र

खुतबातें-मोदी नामक पुस्तक का विमोचन

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज नई दिल्ली में ‘खुतबातें-मोदी’ नामक पुस्तक का विमोचन किया. यह पुस्तक वर्ष 2014 से 2025 तक प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्रता दिवस समारोहों पर दिए गए भाषणों का संकलन है.

पेरिस में भारत और फ्रांस के बीच बुनी गई कहानियां नामक प्रदर्शनी

विदेश मंत्री सुब्रह्मण्‍यम जयशंकर ने 5 दिसम्बर को फ्रांस के पेरिस में ‘सी क्वी से ट्रामे – भारत और फ्रांस के बीच बुनी गई कहानियां’ नामक प्रदर्शनी का दौरा किया. उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी भारत की वस्त्र विरासत, कौशल और रचनात्मकता को प्रदर्शित करती है और दोनों देशों के बीच मजबूत सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती है.

जर्मनी के चांसलर भारत यात्रा पर आएंगे

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मेअरत्‍ज़ प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के निमंत्रण पर 12 और 13 जनवरी को  भारत यात्रा पर आएंगे. यह उनकी भारत की पहली आधिकारिक यात्रा होगी. प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मेअरत्‍ज़ व्यापार और उद्योग जगत के प्रमुखों से भी बातचीत करेंगे और क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे.

भारत विश्‍व का सबसे बड़ा धान उत्‍पादक देश बना

भारत ने चीन को पीछे छोड़ते हुए विश्‍व का सबसे बड़ा धान उत्‍पादक देश बनने का गौरव हासिल किया है. केन्‍द्रीय कृषि मंत्री शिव राज सिंह चौहान ने यह घोषणा की. इस वर्ष भारत में 150.18 मिलियन टन और चीन में 145.28 मिलियन टन उत्‍पादन हुआ.

महेश शरदचंद्र सोनाक झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश

केंद्र सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश महेश शरदचंद्र सोनाक को झारखंड उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है.

भारत की पहली AI क्लीनिक

उत्तर प्रदेश के GIMS ग्रेटर नोएडा में भारत की पहली सरकारी अस्पताल-आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्लीनिक का शुभारंभ किया गया है.

वीनस विलियम्स सबसे उम्रदराज महिला खिलाड़ी

अमेरिकी दिग्गज वीनस विलियम्स (45 वर्ष) ऑस्ट्रेलियन ओपन के मुख्य ड्रॉ में खेलने वाली इतिहास की सबसे उम्रदराज महिला खिलाड़ी बनेंगी.