डेली कर्रेंट अफेयर्स
25-27 जनवरी 2026
पद्म पुरस्कार 2026 की घोषणा, जानिए पद्म पुरस्कार के बारे में, पद्म पुरस्कार 2026 की पूरी सूची
77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की. इन पुरस्कारों को मंजूरी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दी थी. इस वर्ष 5 लोगों को पद्म विभूषण, 13 को पद्म भूषण और 113 को पद्मश्री से अलंकृत किया जाएगा.
मुख्य बिन्दु
- पद्म विभूषण धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत), केटी थॉमस, एन राजम, पी नारायणन और वीएस अच्युतानंदन (मरणोपरांत) को पद्मविभूषण के लिए चुना गया है.
- इस वर्ष सबसे अधिक विजेता महाराष्ट्र (15) से हैं, इसके बाद तमिलनाडु (13) और उत्तर प्रदेश (11) का स्थान है.
- कई हस्तियों को उनके निधन के बाद (Posthumous) सम्मानित किया गया है, जिसमें अभिनेता धर्मेंद्र और राजनीतिज्ञ शिबू सोरेन शामिल हैं.
2026 के विजेताओं की सूची
पद्म विभूषण (5 विजेता): यह भारत-रत्न के बाद भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो ‘असाधारण और विशिष्ट सेवा’ के लिए दिया जाता है.
| नाम | क्षेत्र | राज्य/देश |
| श्री धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत) | कला | महाराष्ट्र |
| श्री के. टी. थॉमस | सार्वजनिक मामले | केरल |
| सुश्री एन. राजम | कला | उत्तर प्रदेश |
| श्री पी. नारायणन | साहित्य एवं शिक्षा | केरल |
| श्री वी. एस. अच्युतानंदन (मरणोपरांत) | सार्वजनिक मामले | केरल |
पद्म भूषण (13 विजेता): यह भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है ‘उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा’ के लिए प्रदान किया जाता है.
| नाम | क्षेत्र | राज्य/देश |
| सुश्री अलका याग्निक | कला | महाराष्ट्र |
| श्री ममूटी | कला | केरल |
| श्री शिबू सोरेन (मरणोपरांत) | सार्वजनिक मामले | झारखंड |
| श्री विजय अमृतराज | खेल | संयुक्त राज्य अमेरिका |
| श्री उदय कोटक | व्यापार एवं उद्योग | महाराष्ट्र |
| श्री पियूष पांडे (मरणोपरांत) | कला | महाराष्ट्र |
| श्री भगत सिंह कोश्यारी | सार्वजनिक मामले | उत्तराखंड |
| डॉ. नोरी दत्तात्रेयुडु | चिकित्सा | संयुक्त राज्य अमेरिका |
| श्री वी. के. मल्होत्रा (मरणोपरांत) | सार्वजनिक मामले | दिल्ली |
| श्री वेल्लापल्ली नटेसन | सार्वजनिक मामले | केरल |
| श्री कल्लिपट्टी रामासामी पलानीस्वामी | चिकित्सा | तमिलनाडु |
| श्री एस. के. एम. मयिलानंदन | सामाजिक कार्य | तमिलनाडु |
| श्री शतावधानी आर. गणेश | कला | कर्नाटक |
पद्म श्री (113 विजेता): पद्म श्री विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है. इस वर्ष खेल और सिनेमा जगत के कई दिग्गजों को सम्मानित किया गया है. कुछ प्रमुख विजेताओं के नाम हैं:
- खेल: रोहित शर्मा (क्रिकेट), हरमनप्रीत कौर (क्रिकेट), सविता पुनिया (हॉकी), विजय अमृतराज (टेनिस – पद्म भूषण).
- कला/सिनेमा: आर. माधवन, प्रसेनजीत चटर्जी, सतीश शाह (मरणोपरांत), अरविंद वैद्य.
- शिक्षा एवं विज्ञान: ममीडाला जगदीश कुमार (UGC के पूर्व अध्यक्ष), वी. कामकोटि (IIT मद्रास निदेशक).
- अन्य महत्वपूर्ण नाम:
- कोल्लक्कायिल देवकी अम्मा: पर्यावरण (केरल)
- डॉ. आर्मिडा फर्नांडिस: चिकित्सा (महाराष्ट्र)
- रामचंद्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले (संयुक्त): चिकित्सा (छत्तीसगढ़)
- इंदरजीत सिंह सिद्धू: सामाजिक कार्य (चंडीगढ़)
जाने पद्म पुरस्कार के बारे में, पद्म पुरस्कार 2025-26 की पूरी सूची…»
गणतंत्र दिवस के अवसर पर वीरता पुरस्कारों की घोषणा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 77वें गणतंत्र दिवस (2026) के अवसर पर सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों के कर्मियों के लिए 70 वीरता पुरस्कारों (Gallantry Awards) को मंजूरी दी है. जल्द ही राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले रक्षा अलंकरण समारोह में इन्हें औपचारिक रूप से प्रदान किया जाएगा.
वीरता पुरस्कारों का वर्गीकरण
| पुरस्कार का नाम | संख्या | मुख्य विवरण |
| अशोक चक्र (Ashok Chakra) | 01 | शांति काल का सर्वोच्च सम्मान |
| कीर्ति चक्र (Kirti Chakra) | 03 | शांति काल का दूसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार |
| शौर्य चक्र (Shaurya Chakra) | 13 | आमने-सामने की मुठभेड़ में अदम्य साहस के लिए |
| बार टू सेना मेडल (Bar to Sena Medal) | 01 | अदम्य साहस के लिए दोबारा मिलने वाला पदक |
| सेना मेडल (Sena Medal – Gallantry) | 44 | थल सेना के बहादुर सैनिकों के लिए |
| नौ सेना मेडल (Nao Sena Medal – Gallantry) | 06 | नौ सेना के बहादुर सैनिकों के लिए |
| वायु सेना मेडल (Vayu Sena Medal – Gallantry) | 02 | वायु सेना के बहादुर पायलटों/कर्मियों के लिए |
सर्वोच्च पुरस्कार प्राप्त करने वाले नायकों के नाम
अशोक चक्र (01): यह शांति काल का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है.
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला (वायुसेना): अंतरिक्ष मिशन Axiom-4 के दौरान उनके असाधारण साहस और तकनीकी कौशल के लिए यह पुरस्कार दिया गया.
कीर्ति चक्र (03): यह शांति काल का दूसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है.
- ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर (वायुसेना): अंतरिक्ष यात्री और गगनयान मिशन के प्रमुख.
- मेजर अर्शदीप सिंह (थल सेना): आतंकवाद विरोधी अभियान में अदम्य साहस के लिए.
- नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा (थल सेना): सीमा पर साहसी कार्रवाई के लिए.
शौर्य चक्र (13 – प्रमुख नाम): इस सूची में सबसे खास नाम भारतीय नौसेना की दो महिला अधिकारियों का है जिन्होंने अपनी वीरता से नया इतिहास रचा:
- लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के.
- लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए.
बार टू सेना मेडल (01): यह सम्मान अदम्य साहस के लिए दोबारा मिलने वाला पदक है.
यह सम्मान मेजर आर. वेंकटेश (Major R. Venkatesh) को दिया गया है. (इन्हें पहले भी सेना मेडल मिल चुका है, यह दोबारा वीरता दिखाने के लिए ‘बार’ दिया गया है).
कर्नल सोफिया कुरैसी को विशिष्ट सेवा पदक
- 77वें गणतंत्र दिवस (2026) के अवसर पर कर्नल सोफिया कुरैसी (Col. Sofia Qureshi) को प्रतिष्ठित ‘विशिष्ट सेवा पदक’ (Vishisht Seva Medal – VSM) से सम्मानित किया गया है.
- उन्हें यह पुरस्कार सेना में उनकी विशिष्ट सेवा, असाधारण कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के लिए दिया गया है.
- कर्नल सोफिया कुरैसी का नाम इतिहास में इसलिए भी दर्ज है क्योंकि वह किसी बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास (Multinational Military Exercise) में भारतीय सेना के दल का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी थीं. उन्होंने 2016 में ‘Exercise Force 18’ में 18 देशों के दल का नेतृत्व किया था.
- विशिष्ट सेवा पदक (VSM), सशस्त्र बलों के सभी रैंकों के कर्मियों को अत्यंत उच्च स्तर की विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है.
26 जनवरी 2026 को 77वां गणतंत्र दिवस मनाया गया
भारत ने 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस (77th Republic Day) मनाया. इस अवसर पर मुख्य समारोह राष्ट्रीय राजधानी में कर्तव्य पथ (राजपथ) पर आयोजित किया गया था. यहां हर साल की तरह देश की संस्कृति को दिखाने वाली झाकियों के साथ भारतीय सेना ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया.
77वां गणतंत्र दिवस: मुख्य बिन्दु
- कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उपयोग किए गए घातक हथियारों और स्वदेशी मिसाइल प्रणालियों (ब्रह्मोस, आकाश) का प्रदर्शन हुआ.
- पहली बार भारतीय सेना ने ‘बैटल एरे’ (Battle Array) फॉर्मेशन का प्रदर्शन किया, जिसमें ड्रोन और आधुनिक टैंकों का सामंजस्य दिखाया गया.
- 21 तोपों की सलामी के लिए स्वदेशी रूप से विकसित 105mm लाइट फील्ड गन का उपयोग किया गया.
- कुल 30 झांकियां निकाली गईं (17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से और 13 मंत्रालयों से), जिनमें छत्तीसगढ़ की ‘वंदे मातरम’ थीम वाली झांकी काफी चर्चा में रही.
मुख्य अतिथि
- इस वर्ष भारत ने एक ऐतिहासिक मिसाल कायम करते हुए यूरोपीय संघ (EU) के दो शीर्ष नेताओं को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया:
- एंटोनियो कोस्टा: यूरोपीय परिषद (European Council) के अध्यक्ष.
- उर्सुला वॉन डेर लेयेन: यूरोपीय आयोग (European Commission) की अध्यक्ष.
- यह पहली बार था जब यूरोपीय संघ के दो प्रमुख नेतृत्व एक साथ गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुए, जो भारत-EU के मजबूत होते संबंधों का प्रतीक है.
77वें गणतंत्र दिवस की थीम
- 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का मुख्य विषय (Theme) ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ (150 Years of Vande Mataram) था.
- यह महान रचनाकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ को समर्पित था.
गणतन्त्र दिवस क्या है?
- गणतन्त्र दिवस भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है जो प्रति वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है. यह दिवस 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान के आधिकारिक रूप से लागू होने की याद में मनाया जाता है. इसी दिन सन् 1950 को भारत सरकार अधिनियम (एक्ट) (1935) को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था.
- किसी देश को गणतंत्र तब माना जाता है जब उस देश के प्रमुख का निर्वाचन जनता द्वारा किया जाए. एक स्वतंत्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए संविधान को 26 नवम्बर 1949 को भारतीय संविधान-सभा द्वारा अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को इसे एक लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया था.
गणतन्त्र दिवस समारोह का इतिहास
- पहला गणतंत्र दिवस समारोह 1950 में दिल्ली के इरविन एम्पीथियेटर में मनाया गया था. जिसे वर्तमान में मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम के रूप में जाना जाता है. बाद के वर्षों में यह समारोह परेड़ किंग्जवे, लाल किला और रामलीला मैदान में आयोजित की गई.
- 1955 में कर्तव्य पथ (राजपथ) परेड़ के लिए स्थायी स्थल बन गया. उस समय राजपथ को किंग्जवे नाम से जाना जाता था. 1955 में जब राजपथ पर परेड़ हुई तब पाकिस्तान के गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था.
बीटिंग रीट्रिट के साथ गणतंत्र दिवस समारोह का समापन
- हर साल 29 जनवरी को विजय चौक पर होने वाले समारोह ‘बीटिंग रीट्रिट’ के साथ गणतंत्र दिवस समारोह का समापन होता है. यह 1950 के दशक की शुरूआत में उस समय शुरू हुआ जब भारतीय सेना के मेजर रॉबर्ट्स ने बैंड द्वारा प्रदर्शन का अनूठा तरीका विकसित किया था.
संक्षिप्त सामयिक घटनाचक्र
25 जनवरी 2026: 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस
भारत में प्रत्येक वर्ष 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना और मतदाता नामांकन को बढ़ाना है. 25 जनवरी 2026 को 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया गया. इस वर्ष की थीम ‘मेरा भारत, मेरा वोट’ है.
25 जनवरी 2026: हिमाचल प्रदेश 56वां पूर्ण राज्यत्व दिवस
हिमाचल प्रदेश ने 25 जनवरी 2026 को अपना 56वां पूर्ण राज्यत्व (Statehood Day) दिवस मनाया. 15 अप्रैल 1948 को 30 छोटी-बड़ी रियासतों के विलय के साथ हिमाचल प्रदेश ‘मुख्य आयुक्त प्रांत’ के रूप में अस्तित्व में आया था. 25 जनवरी 1971 को हिमाचल प्रदेश को भारत के 18वें पूर्ण राज्य के रूप में घोषित किया गया था.
गल्फूड 2026 का दुबई में आयोजन
दुनिया के सबसे बड़े खाद्य और पेय व्यापार कार्यक्रम ‘गल्फूड’ (Gulfood) 2026 का आयोजन दुबई में 26 जनवरी से 30 जनवरी 2026 तक हो रहा है. इस कार्यक्रम में भारत पहली बार ‘साझेदार देश’ के रूप में भाग ले रहा है.
सूक्ष्मजीव को राजकीय प्रतीक का दर्जा देने वाला भारत का पहला राज्य
केरल सरकार ने हाल ही में ‘बैसिलस सब्टिलिस’ (Bacillus subtilis) को अपना आधिकारिक राज्य सूक्ष्मजीव (State Microbe) घोषित किया है. केरल सूक्ष्मजीव को राजकीय प्रतीक का दर्जा देने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है. यह एक प्रोपियोटिक (Probiotic) या ‘अच्छा बैक्टीरिया’ है जो मुख्य रूप से मिट्टी, पौधों की जड़ों और इंसानों की आंत (gut) में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है.
