स्वदेशी हवित्जर तोप वज्र का सफल परीक्षण

भारतीय सेना ने 14 सितम्बर को हवित्जर तोप ‘के-9 वज्र-टी’ की लम्बी दूरी तक मार करने की क्षमता का परीक्षण किया. यह परीक्षण जैसलमेर के पोखरण फायरिंग रेंज से किया गया. इस परीक्षण के दौरान 40 से 50 किमी रेंज वाली इस तोप से छह गोले दागे गए. सभी गोलों ने अपने लक्ष्य पर अचूक प्रहार करते हुए उन्हें ध्वस्त कर दिया.

सेना ने 155 एमएम की इस हवित्जर तोप के पिछले परीक्षण के दौरान कुछ सुधार करने को कहा था. पिछले परीक्षण के बाद इसमें 13 सुधार किए गए हैं. सुधार के बाद एडवांस्ड तोप का पोखरण फायरिंग रेंज में सेना ने एक बार फिर से परीक्षण किया.

हवित्जर तोप वज्र: एक दृष्टि

  • यह एक स्वदेश निर्मित तोप है जिसे मेक-इन-इंडिया प्रोग्राम के तहत बनाया गया है. तोप की अधिकतर सामग्री देश में ही निर्मिंत की गई है.
  • लार्सन एंड टूब्रो ने दक्षिण कोरिया की कंपनी टेकविन के साथ मिलकर इस तोप का निर्माण किया है.
  • गुजरात के हजीरा में इसका का कारखाना स्थापित किया गया है.
  • यह तोप खास तौर से रेगिस्तान की परिस्थितियों को यान में रखकर विकसित की गई है.
  • इस परीक्षण के बाद इस तोप को सेना में शामिल कर लिया जाएगा. तोप को पश्चिमी सीमा पर तैनात किया जाएगा.

उल्लेखनीय है कि सेना ने साढ़े चार हजार करोड़ में 100 तोपों का ऑर्डर दिया है. कंपनी ने यह अर्डर नियंत्रण स्तर पर जारी टेंडर में रूसी कंपनी को पछाड़ कर हासिल किया था. इन तोपों के मिलने के बाद सेना के पास हवित्जर तोप की कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी.

जासूसी मामले में पूर्व वैज्ञानिक नांबि नारायणन को 50 लाख रुपये का मुआवजा का निर्देश

उच्‍चतम न्‍यायालय ने 14 सितम्बर को जासूसी मामले में दोष-मुक्त हुए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व वैज्ञानिक नांबि नारायणन को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिये जाने का निर्देश दिया. प्रधान न्‍यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्‍यक्षता में तीन न्‍यायधीशों की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया. न्‍यायालय ने अपने फैसले में कहा कि नांबि नारायणन को 1994 के जासूसी मामले में अनावश्‍यक रूप से गिरफ्तार और प्रताड़ित किया गया तथा उन्‍हें मानसिक यातना झेलनी पड़ी. न्‍यायालय ने इस मामले में केरल पुलिस की भूमिका की जांच के आदेश दिये हैं.

क्या है मामला? 76 वर्षीय श्री नारायणन इसरो के क्रायोजेनिक विभाग के प्रभारी थे. वर्ष 1994 में केरल पुलिस ने देश की रक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारियां दुश्मन देशों से साझा करने के आरोप में सरकारी गोपनीयता कानून के तहत उन्हें गिरफ्तार किया था. इस मामले को बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया गया था, जिसने आरोपों को आधारहीन करार देते हुए क्लोजर रिपोर्ट दायर की थी. नारायणन को 1998 में सभी आरोपों से बरी कर दिया गया था. इसरो वैज्ञानिक ने उसके बाद दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ झूठा मामला बनाने के लिए मुकदमा दायर किया था.

दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज होने के तुरंत बाद गिरफ्तारी के आदेश

उच्चतम न्यायालय ने दहेज उत्पीड़न के मामले में 14 सितम्बर को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया. न्यायालय के इस फैसले के बाद दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज होने के तुरंत बाद अब पीड़ित महिला के पति और उसके ससुराल वालों की गिरफ्तारी की जा सकेगी. मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की खंडपीठ ने परिजनों को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा समाप्त कर दी. आरोपियों के लिए अग्रिम जमानत का विकल्प खुला है.

तुरंत गिरफ्तारी पर रोक के खिलाफ दायर याचिकाओं पर अहम फैसला सुनाते हुए न्यायालय ने कहा कि पीड़ित की सुरक्षा के लिए ऐसा करना जरूरी है. न्यायमूर्ति मिश्रा ने अपने फैसले में कहा कि ऐसा लगता है कि 498-ए के दायरे को हल्का करना महिला को इस कानून के तहत मिले अधिकार के खिलाफ जाता है. उच्चतम न्यायालय ने अप्रैल 2018 में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

उल्लेखनीय है कि 27 जुलाई 2017 को न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल एवं न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित की खंडपीठ ने दहेज उत्पीड़न निरोधक कानून के दुरुपयोग की शिकायतों को देखते हुए ऐसे मामलों में पति या ससुराल वालों की तत्काल गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी थी. न्यायालय ने इस आदेश को बदलते हुए यह फैसला सुनाया है.


दक्षिण कोरिया ने मिसाइल हमले में सक्षम पहली पनडुब्बी ‘डोसान हन चांग’ का जलावतरण किया

दक्षिण कोरिया ने मिसाइल हमले में सक्षम अपनी पहली पनडुब्बी ‘डोसान हन चांग’ का 14 सितम्बर को जलावतरण किया. तीन हजार टन की ‘डोसान हन चांग’ हो पनडुब्बी के निर्माण में 70 करोड़ डॉलर की लागत आई है. यह क्रूज और बैलिस्टिक दोनों प्रकार की मिसाइल हमले में सक्षम है. दक्षिण कोरिया के पास 18 छोटी पनडुब्बियों का बेड़ा है. इन सभी को जर्मनी के सहयोग से बनाया गया है.


हंगरी के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई के पक्ष में यूरोपीय संघ का मतदान

यूरोपीय संघ के सदस्यों ने हंगरी के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई के लिए मतदान किया है. यह मतदान फ्रांस के शहर स्ट्रासबर्ग में आयोजित किया गया था. हंगरी पर लोकतांत्रिक नियमों के उल्लंघन के आरोप के तहत यह मतदान किया गया. यूरोपीय संघ के नियमों के तहत ऐसा पहली बार हुआ है. दो तिहाई से अधिक सदस्यों ने हंगरी के विरुद्ध लाये गये निंदा प्रस्ताव का समर्थन किया. इस मतदान के बाद अब यूरोपीय संघ में हंगरी को मताधिकार से वंचित होना पड़ सकता है. हंगरी पर आरोप है कि 2010 में वहां के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान ने सत्ता संभालते ही न्यायालयों, मीडिया और गैर-सरकारी समूहों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया और हंगरी में शरणार्थियों को लेने से मना कर दिया.


23वें भारत-रूस अंतर-सरकारी तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग आयोग की बैठक

23वें भारत-रूस अंतर-सरकारी तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग आयोग (आईजीआईजीसी-टीईसी) की बैठक 14 सितम्बर को मॉस्को में आयोजित किया गया. रूस की यात्रा पर गयीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रूस के उप-प्रधानमंत्री यूरी बोरिसोव ने इस बैठक की सह-अध्यक्षता की. इस बैठक में विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों और क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की गयी. दोनों देशों ने वर्ष 2025 तक 50 अरब डॉलर के दोतरफा निवेश का लक्ष्य तय किया.

दोनों नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2017 में भारत और रूस के बीच का व्यापार 10.17 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है. उन्होंने कहा, दोतरफा निवेश पहले ही 30 अरब डॉलर के लक्ष्य को पार कर गया है, जिसे हमने साल 2025 तक पूरा करने का तय किया था. अब हमने साल 2025 तक 50 अरब डॉलर के लक्ष्य को तय किया है.

क्या है आईआरआईजीसी-टीईसी? भारत-रूस अंतर-सरकारी तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईआरआईजीसी-टीईसी) एक कार्यकारी निकाय है. इसकी वार्षिक बैठक होती है, जिसमें द्विपक्षीय सहयोग को लेकर चल रही गतिविधियों की समीक्षा की जाती है. यह आयोग विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए संबंधित क्षेत्र के लिए नीतिगत सिफारिश और निर्देश तैयार करता है.


प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी दाऊदी बोहरा समुदाय द्वारा आयोजित अश-रै-मुबारका में शामिल हुए

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 14 सितम्बर को दाऊदी बोहरा समुदाय के अश-रै मुबारका में शामिल हुए. यह आयोजन हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में इंदौर के इंदौर की सैफी मस्जिद में किया गया था. इस कार्यक्रम में उन्होंने दाऊदी बोहरा समुदाय के 53वें मज़हबी पेशवा (धर्मगुरु) डॉ. सैयदना मुफज्ज़ल सैफुद्दीन से भी मुलाकात की. डॉ. सैफुद्दीन ने इंदौर की सैफी नगर मस्जिद में 14 सितम्बर से 9 दिन का धार्मिक संवाद आयोजित किया है. प्रधानमंत्री के साथ मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया.
यह भी पहली बार है जब डॉ. सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन इंदौर में उपदेश देने आये हैं. इंदौर में उपदेशों को सुनने के लिए दुनिया भर से दाऊदी बोहरा समुदाय के लाखों सदस्य यहां आ रहे हैं.


14 सितंबर: हिंदी दिवस

प्रत्येक वर्ष के 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मानया जाता है. इस अवसर पर दिल्‍ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में उपराष्‍ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने हिंदी को बढ़ावा देने में उत्‍कृष्‍ट योगदान के लिए राजभाषा कीर्ति और राजभाषा गौरव पुरस्‍कार प्रदान किए. उपराष्‍ट्रपति ने रेल मंत्रालय को राजभाषा कीर्ति पुरस्कार के तहत प्रथम पुरस्कार प्रदान किया. यह पुरस्कार राजभाषा नीति के सर्वश्रेष्ठ कार्यान्वयन के परिणामस्वरूप राजभाषा के प्रयोग में बेहतर प्रगति दर्ज करने वाले कार्यालयों को दिया जाता है.

हिंदी दिवस: एक दृष्टि

  • 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में हिंदी को राजभाषा बनाने का फैसला किया था.
  • हिन्दी भाषा को अनुच्छेद 343 के अंतर्गत देवनागरी लिपि में 1950 में राष्ट्रभाषा का दर्जा दिया गया.
  • अंग्रेजी की रोमन लिपि में जहां कुल 26 वर्ण हैं, वहीं हिंदी की देवनागरी लिपि में उससे दोगुने 52 वर्ण हैं.
  • हिन्दी की पहली कविता प्रख्यात कवि ‘अमीर खुसरो’ ने लिखी थी.
  • 1977 में विदेश मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पहली बार संयुक्त राष्ट्र की आम सभा को हिन्दी में संबोधित किया.
  • ‘नमस्ते‘ शब्द हिन्दी भाषा में सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाने वाला शब्द है.
  • आज भी अमेरिका के 45 विश्वविद्यालय सहित पूरे विश्व के लगभग 176 विश्वविद्यालयों में हिन्दी की पढ़ाई जारी है.

देश-दुनिया: एक दृष्टि

सामयिक घटनाचक्र डेलीडोज

52वीं आईएसएसएफ निशानेबाजी विश्व चैंपियनशिप 2018: भारत के जूनियर निशानेबाजों ने दो स्वर्ण पदक जीते. सोलह वर्षीय विजयवीर सिद्धू ने जूनियर पुरुषों की 25 मीटर स्टैंर्डड पिस्टल स्पर्धा में राजकंवर सिंह संधू और आदर्श सिंह के साथ मिलकर टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक हासिल किया. भारत 11 स्‍वर्ण, 9 रजत और 7 कांस्‍य पदकों के साथ पदक तालिका में चौथे स्‍थान पर है. यह प्रतियोगिता दक्षिण कोरिया के चांगवान में खेला जा रहा है.

उपराष्‍ट्रपति तीन यूरोपीय देशों सर्बिया, माल्‍टा और रोमानिया की यात्रा पर: उपराष्‍ट्रपति एम वेंकैया नायडु 14 सितम्बर को तीन यूरोपीय देशों सर्बिया, माल्‍टा और रोमानिया की सात दिन की यात्रा के पहले चरण के लिए सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड पहुंचे.

इटानगर में पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुखों का 25वां सम्‍मेलन: अरुणाचल प्रदेश की राजधानी इटानगर में पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के डीएसजीपी/आईएसजीपी एवं केंद्रीय पुलिस संगठनों (सीपीओ) के प्रमुखों के 25वां सम्‍मेलन आयोजित किया गया. सम्‍मेलन में केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री किरेन रिजिजू ने पूर्वोत्‍तर की सुरक्षा के लिए उत्‍तर पूर्व के राज्‍यों के बीच निर्बाधित समन्‍वयन एवं त्रुटिरहित खुफिया जानकारी साझा करने के महत्‍व पर बल दिया है.

आंध्र के मुख्यमंत्री के खिलाफ गैर-जमानती वारंट: महाराष्ट्र की एक अदालत ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और 14 अन्य के खिलाफ 2010 में गोदावरी नदी पर बाबली परियोजना के विरोध प्रदर्शन के मामले में गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया है.

देश का पहला नेशनल स्‍कॉलरशिप पोर्टल मोबाइल ऐप: केंद्रीय अल्‍पसंख्‍यक मामले मंत्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने देश का पहला नेशनल स्‍कॉलरशिप पोर्टल मोबाइल ऐप ‘एनएसपी’ लांच किया. यह ऐप निर्धन एवं कमजोर तबकों के छात्रों को एक सुगम, आसान और बाधा मुक्‍त छात्रवृत्ति प्रणाली सुनिश्चित करेगी.

काठमांडू और बिहार के बोधगया के बीच बस सेवा शुरू: नेपाल की राजधानी काठमांडू और बिहार के बोधगया के बीच 14 सितम्बर से बस सेवा शुरू हो गई. बिहार और नेपाल के बीच इस पहली बस सेवा को नेपाल के परिवहन मंत्री रघुबीर महासेठ और नेपाल में भारतीय राजदूत मंजीव सिंह पुरी ने काठमांडू में संयुक्‍त रूप से हरी झंडी दिखाई.

भारत एक जीवंत लोकतंत्र: ट्रंप प्रशासन की एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र है जिसने संवैधानिक तौर पर अल्पसंख्यकों को धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार दिए हैं.

शिल्‍प गुरू और राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार: केन्‍द्रीय कपड़ा मंत्री स्‍मृति जु़बीन ईरानी ने छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शिल्‍प गुरू और राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार प्रदान किये. वर्ष 2016 के लिए आठ शिल्‍प गुरू और 25 राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार शिल्‍पकारों को दिए गए. समारोह को संबोधित करते हुए श्रीमती ईरानी ने कहा कि पिछले चार वर्षों में 1 लाख 26 हजार करोड़ रूपये मूल्‍य का निर्यात हुआ है.