डेली कर्रेंट अफेयर्स
1-3 मार्च 2026

यूपीएससी, एसएससी, बैंक, रेलवे सहित केंद्र एबं राज्य सरकारों द्वारा आयोजित सभी प्रतियोगिता परीक्षा के लिए उपयोगी.

पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी

पश्चिम एशिया (Middle East) में हाल के दिनों में स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण रहा है. अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान, इस क्षेत्र में पिछले कई दशकों का सबसे बड़ा सैन्य संघर्ष बन गया है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय (संयुक्त राष्ट्र सहित) तनाव कम करने के लिए बातचीत की कोशिश कर रहा है.

अमेरिका का सैन्य अभियान: ऑपरेशन एपिक फ्यूरी

  • संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के खिलाफ 28 फरवरी 2026 को एक सैन्य अभियान शुरू किया था.
  • अमेरिका ने इस अभियान का नाम ऑपरेशन एपिक फ्यूरी (Operation Epic Fury) और इज़राइल ने ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ (Operation Roaring Lion) दिया गया है.
  • अमेरिका और इज़राइल के अनुसार, इसका लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह नष्ट करना, उसकी मिसाइल क्षमताओं को खत्म करना और शासन परिवर्तन करना है.
  • इस अभियान में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के मुख्यालय, बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स, परमाणु बुनियादी ढांचे और नौसैनिक अड्डों (जैसे बंदर अब्बास) पर भारी बमबारी की गई.
  • अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु: तेहरान में किए गए अमेरिका और इज़राइल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के परिसर को निशाना बनाया गया, जिसमें उनकी मृत्यु हो गई.

ईरान की जवाबी कार्रवाई: ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस IV

  • ईरान ने इस हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस IV’ शुरू किया है, जिससे युद्ध पूरे पश्चिम एशिया में फैल गया है.
  • ईरान समर्थित समूहों और ईरानी मिसाइलों ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत, बहरीन और ओमान में अमेरिकी ठिकानों और नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया है.
  • होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): ईरान ने इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को बंद करने की घोषणा की है, जिससे वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति पर गहरा संकट मंडरा रहा है. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखा गया है.

भारत पर प्रभाव और चिंताएं

  • भारत अपनी तेल और गैस की जरूरतों के लिए काफी हद तक इसी क्षेत्र पर निर्भर है. आपूर्ति रुकने से भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं.
  • खाड़ी देशों से आने वाले रेमिटेंस (विदेशी मुद्रा) और व्यापारिक मार्ग बाधित होने से अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ सकता है.
  • पश्चिम एशिया में लगभग 90 लाख भारतीय रहते हैं. उनकी सुरक्षा और संभावित निकासी (Evacuation) भारत सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Mark Carney)  27 फरवरी से 2 मार्च 2026 तक की भारत यात्रा पर थे. यह मार्क कार्नी की प्रधानमंत्री के रूप में पहली भारत यात्रा थी. इसका मुख्य उद्देश्य पिछले कुछ सालों के कूटनीतिक विवादों को दरकिनार कर संबंधों को फिर से पटरी पर लाना था.

कार्नी ने अपनी यात्रा की शुरुआत मुंबई से की थी. यहाँ उन्होंने शीर्ष भारतीय उद्योगपतियों, सीईओ और वित्तीय विशेषज्ञों के साथ मुलाकात की और निवेश बढ़ाने पर जोर दिया.

दिल्ली के हैदराबाद हाउस में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ उच्च स्तरीय वार्ता की थी.

यात्रा से जुड़ी मुख्य उपलब्धियां

  • पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल के दौरान 2023 में भारत-कनाडा संबंधों में जो खटास आई थी, उसे पीछे छोड़कर एक नई शुरुआत के लिए यह यात्रा बेहद अहम रही.
  • अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की सख्त टैरिफ और संरक्षणवादी नीतियों के कारण, कनाडा अपनी अर्थव्यवस्था को अमेरिका पर निर्भरता से मुक्त कर भारत जैसे तेजी से बढ़ते बाजारों की ओर मोड़ना चाहता है.
  • दोनों देशों ने इस साल के अंत तक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA – Comprehensive Economic Partnership Agreement) को अंतिम रूप देने पर सहमति जताई है.
  • दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक आपसी व्यापार को $70 बिलियन तक ले जाने का लक्ष्य रखा है.
  • ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और शिक्षा के क्षेत्र में भी कई अहम ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए.
  • ‘कनाडा-भारत मंत्रिस्तरीय ऊर्जा संवाद’ को फिर से शुरू किया गया.

यूरेनियम आपूर्ति समझौता

  • इस यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धि $2.6 बिलियन (लगभग ₹15,600 करोड़) का यूरेनियम आपूर्ति समझौता रहा.
  • कनाडा की ‘कैमेको’ (Cameco) और भारत के परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) के बीच हुए इस समझौते से भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों और नागरिक परमाणु कार्यक्रम को बड़ी ताकत मिलेगी.
  • अब तक भारत अपने परमाणु ईंधन के लिए काफी हद तक कजाकिस्तान और रूस पर निर्भर रहा है. कनाडा के साथ इस डील से भारत की आपूर्ति श्रृंखला में विविधता आएगी और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी.
  • भारत ने 2070 तक ‘नेट-जीरो’ (Net-Zero) कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है. कोयले पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ने में परमाणु ऊर्जा की भूमिका अहम है.

भारत के ने हिंद महासागर में दुर्लभ हाइड्रोथर्मल वेंट की खोज की

भारत ने अपने डीप ओशन मिशन’ (Deep Ocean Mission)  के तहत हिंद महासागर में दुर्लभ हाइड्रोथर्मल वेंट (Hydrothermal Vents) और नई समुद्री प्रजातियों की खोज की है. यह खोज समुद्री विज्ञान, पर्यावरण और भारत की ‘ब्लू इकॉनमी’ (Blue Economy) के लिए एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि है.

खोज से जुड़ी मुख्य जानकारी

  • यह खोज दक्षिणी हिंद महासागर के सेंट्रल और साउथ वेस्ट इंडियन रिज क्षेत्र में की गई है. यह स्थान समुद्र के भीतर लगभग 4,500 मीटर की गहराई में स्थित है.
  • इस खोज के लिए ‘ओशन मिनरल एक्सप्लोरर’ जैसे ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल (AUV) का इस्तेमाल किया गया.

हाइड्रोथर्मल वेंट क्या होते हैं?

  • हाइड्रोथर्मल वेंट, समुद्र के तल पर मौजूद ‘गर्म झरने’ (hot springs) होते हैं.
  • समुद्र के तल में जहां टेक्टोनिक प्लेट्स खिसकती हैं, वहां दरारें बन जाती हैं. जब समुद्र का ठंडा पानी इन दरारों से अंदर जाकर पृथ्वी के मैग्मा के संपर्क में आता है, तो वह अत्यधिक गर्म (लगभग 370°C तक) हो जाता है.
  • यह खौलता हुआ पानी अपने साथ भारी मात्रा में खनिजों और गैसों को लेकर समुद्र तल से वापस एक फव्वारे के रूप में बाहर निकलता है.

नई समुद्री प्रजातियां

  • आम तौर पर समुद्र की इतनी गहराई में सूरज की रोशनी बिल्कुल नहीं पहुँचती है, इसलिए वहां जीवन मुश्किल माना जाता है.
  • हालांकि, इन हाइड्रोथर्मल वेंट के आसपास एक बिल्कुल अलग और जीवंत इकोसिस्टम पनपता है. यहाँ पाए जाने वाले जीव और सूक्ष्मजीव (Microbes) प्रकाश संश्लेषण के बजाय कीमोसिंथेसिस (Chemosynthesis) के जरिए जीवित रहते हैं—यानी वे वेंट से निकलने वाले रसायनों का उपयोग करके अपनी ऊर्जा बनाते हैं.
  • इस गहरे और चरम वातावरण में कई दुर्लभ और नई प्रजातियां विकसित होती हैं, जो वैज्ञानिकों के लिए विकासवाद (Evolution) और गहरे समुद्र के जीव विज्ञान को समझने का एक नया रास्ता खोलती हैं.

भारत के लिए इसका महत्व

  • इन वेंट्स के आसपास तांबा, जस्ता (Zinc), सोना, चांदी, कोबाल्ट और निकल जैसे बहुमूल्य धातुओं और सल्फाइड के विशाल भंडार जमा हो जाते हैं, जो भविष्य की तकनीकी जरूरतों (जैसे बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक्स) के लिए बेहद अहम हैं.
  • यह खोज भारत के ‘समुद्रयान’ मिशन को और मजबूती देती है. इस मिशन के तहत भारत ‘मत्स्य 6000’ (MATSYA 6000) नामक स्वदेशी पनडुब्बी तैयार कर रहा है, जो तीन इंसानों को 6000 मीटर की गहराई तक लेकर जाएगी.
  • इस क्षमता के साथ भारत अमेरिका, रूस, फ्रांस, जापान और चीन जैसे देशों के उस ‘एलीट क्लब’ में शामिल हो गया है जिनके पास गहरे समुद्र में सर्वे और खोज करने की उन्नत तकनीक है.

संक्षिप्त सामयिक घटनाचक्र

फिनलैंड के राष्ट्रपति डॉ. अलेक्जेंडर स्टब भारत की यात्रा पर

फिनलैंड के राष्ट्रपति डॉ. अलेक्जेंडर स्टब 4 से 7 मार्च तक भारत की चार दिन की राजकीय यात्रा पर आयेंगे. राष्ट्रपति स्टब नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 11वें रायसीना संवाद में मुख्य अतिथि और प्रमुख वक्ता होंगे. इस दौरान, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे.

सिक्किम हवाई अड्डे का नया नाम

सिक्किम के पाक्योंग (Pakyong) हवाई अड्डे का नाम बदलकर स्वतंत्रता सेनानी त्रिलोचन पोखरेल के नाम पर रखा गया है.

प्रचंड हेलीकॉप्टर में उड़ान भरने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) ‘प्रचंड’ में उड़ान भरने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं. उन्होंने जैसलमेर में भारत-पाक सीमा के पास उड़ान भरी.

EPFO ब्याज दर 8.25 प्रतिशत  बरकरार

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज दर 8.25% पर बरकरार रखी है.

फरवरी में भारत का जीएसटी संग्रह ₹1.83 लाख करोड़

फरवरी 2026 में भारत का कुल जीएसटी संग्रह ₹1.83 लाख करोड़ रहा. यह पिछले साल (फरवरी 2025) की तुलना में 8.1% अधिक है. सरकार ने इस महीने ₹22,595 करोड़ के रिफंड जारी किए, जिसके बाद शुद्ध (Net) जीएसटी राजस्व ₹1.61 लाख करोड़ रहा.

जम्मू और कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता

जम्मू और कश्मीर ने इतिहास रचते हुए पहली बार रणजी ट्रॉफी 2026 का खिताब जीता. कर्नाटक में 28 फरवरी 2026 को खेले गए फाइनल में जम्मू-कश्मीर ने 8 बार की चैंपियन कर्नाटक को हराया.

बोत्सवाना से 8 नए चीते भारत लाए गए

‘प्रोजेक्ट चीता’ के तीसरे चरण के तहत 28 फरवरी 2026 को बोत्सवाना से 9 चीतों (6 मादा और 3 नर) का एक नया जत्था भारत लाया गया है. इन सभी 9 चीतों को मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) में लाया गया है.