डेली कर्रेंट अफेयर्स
22-24 फरवरी 2026

यूपीएससी, एसएससी, बैंक, रेलवे सहित केंद्र एबं राज्य सरकारों द्वारा आयोजित सभी प्रतियोगिता परीक्षा के लिए उपयोगी.

नई राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति ‘प्रहार’ का अनावरण

केंद्र सरकार ने भारत की पहली सार्वजनिक और व्यापक ‘राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी नीति और रणनीति’ जारी की है. इसका नाम ‘प्रहार’ (PRAHAAR) दिया गया है. इस नीति की घोषणा केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने हाल ही में की थी.

यह नीति ‘आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) के स्पष्ट सिद्धांत पर आधारित है. इसका मुख्य उद्देश्य केवल आतंकी घटनाओं पर प्रतिक्रिया देना नहीं है, बल्कि खुफिया जानकारी (Intelligence-led) के आधार पर खतरों को पहले ही खत्म करना है.

प्रहार (PRAHAAR) का पूरन नाम

प्रहार (PRAHAAR) नाम अंग्रेजी के 7 अक्षरों से मिलकर बना है, जो इसकी रक्षा रणनीति के सात मुख्य स्तंभों को दर्शाते हैं:

  1. P (Prevention): खुफिया एजेंसियों (जैसे MAC और JTFI) के सटीक और रीयल-टाइम इनपुट से आतंकी हमलों को होने से पहले रोकना.
  2. R (Responses): पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा किसी भी खतरे के खिलाफ तुरंत, सटीक और आनुपातिक कार्रवाई करना.
  3. A (Aggregating): केंद्र और राज्यों की सभी सुरक्षा एजेंसियों को एक मंच पर लाकर एक दृष्टिकोण अपनाना.
  4. H (Human rights): कानून के शासन और मानवाधिकारों का पूरी तरह से सम्मान करते हुए आतंकवाद से निपटना और पीड़ितों को न्याय दिलाना.
  5. A (Attenuating): उन स्थितियों को जड़ से खत्म करना जो आतंकवाद को जन्म देती हैं, विशेषकर इंटरनेट के जरिए युवाओं में फैल रहे कट्टरपंथ को रोकना.
  6. A (Aligning): आतंकवाद की फंडिंग, हथियारों की सप्लाई चेन और सुरक्षित पनाहगाहों को खत्म करने के लिए वैश्विक संधियों (जैसे MLATs) और साझेदारों के साथ मिलकर काम करना.
  7. R (Recovery): किसी भी अप्रिय घटना के बाद देश और समाज को तुरंत सामान्य स्थिति में लाने के लिए ‘संपूर्ण-समाज’ का लचीलापन विकसित करना.

प्रहार की अन्य मुख्य विशेषताएं

  • धर्म और आतंकवाद का अलगाव: यह दस्तावेज बहुत ही स्पष्ट रूप से कहता है कि आतंकवाद का किसी भी धर्म, राष्ट्रीयता या सभ्यता से कोई संबंध नहीं है और हिंसा को किसी भी वैचारिक या राजनीतिक आधार पर सही नहीं ठहराया जा सकता.
  • भविष्य के हाई-टेक खतरों से निपटना: पारंपरिक सीमा-पार आतंकवाद के साथ-साथ, यह नीति ड्रोन हमलों, हैकिंग, डार्क वेब, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग, और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए होने वाली टेरर फंडिंग पर कड़ा प्रहार करने पर केंद्रित है.
  • महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा: देश के अहम रणनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों जैसे- रेलवे, पावर ग्रिड, विमानन, बंदरगाह, रक्षा प्रतिष्ठान, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा सुविधाओं को साइबर और भौतिक हमलों से सुरक्षित करने पर विशेष जोर दिया गया है.
  • CBRNED हथियारों की रोकथाम: Chemical (रासायनिक), Biological (जैविक), Radiological (रेडियोलॉजिकल), Nuclear (परमाणु), Explosive (विस्फोटक), और Digital (डिजिटल) सामग्री तक आतंकियों की पहुंच को रोकने के लिए इसे एक बड़ी चुनौती माना गया है.

5वां गोवा समुद्री सम्मेलन 2026 गोवा में आयोजित किया गया

5वां गोवा समुद्री सम्मेलन (Goa Maritime Conclave – GMC-26) 21 फरवरी 2026 को गोवा के ‘नेवल वॉर कॉलेज’ में आयोजित किया गया था.

5वां गोवा समुद्री सम्मेलन: मुख्य बिन्दु

  • यह हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) की समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के लिए भारत की एक बेहद महत्वपूर्ण पहल है.
  • इसका आयोजन भारतीय नौसेना द्वारा किया गया. नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने इस सम्मेलन की मेजबानी की.
  • इसमें भारत के अलावा हिंद महासागर क्षेत्र के 14 मित्र देशों के नौसेना प्रमुखों और वरिष्ठ समुद्री प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. इन देशों में बांग्लादेश, श्रीलंका, मालदीव, मॉरीशस, सेशेल्स, इंडोनेशिया, मलेशिया, केन्या, मेडागास्कर, सिंगापुर, म्यांमार, कोमोरोस, थाईलैंड और तंजानिया शामिल थे.
  • इस वर्ष की थीम थी—’हिंद महासागर क्षेत्र में साझा समुद्री सुरक्षा चुनौतियां – अवैध और अनियमित मत्स्य पालन तथा अन्य अवैध समुद्री गतिविधियों जैसे गतिशील खतरों को कम करने के लिए प्रयासों को आगे बढ़ाना’.
  • सम्मेलन के प्रमुख मुद्दे और चर्चाओं में- अवैध गतिविधियों पर रोक, रियल-टाइम जानकारी साझा करना और ‘महासागर’ (MAHASAGAR) विजन शामिल थे.

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्‍ट्रपति ट्रंप द्वारा लगाये गये टैरिफ आदेशों को रद्द किया

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा दुनिया भर के देशों पर लगाए गए ‘ग्लोबल टैरिफ’ (आयात शुल्क) को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया है. कोर्ट ने यह 20 फरवरी 2026 को 6-3 के बहुमत से यह फैसला सुनाया.

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुख्य बिन्दु

  • राष्ट्रपति ट्रम्प ने ये टैरिफ 1977 के एक आपातकालीन कानून ‘IEEPA’ (इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पॉवर्स एक्ट) का उपयोग करके लगाए थे. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह कानून राष्ट्रपति को राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान वाणिज्य को नियंत्रित करने का अधिकार देता है, लेकिन नए ‘टैरिफ’ या ‘टैक्स’ लगाने का नहीं.
  • अमेरिकी संविधान के अनुसार, कोई भी टैक्स या टैरिफ लगाने का अंतिम अधिकार केवल अमेरिकी संसद (Congress) के पास है, कार्यपालिका (राष्ट्रपति) के पास नहीं.
  • इस फैसले के कारण ट्रम्प के ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ (Reciprocal Tariffs) और कुछ अन्य बड़े आयात शुल्क पूरी तरह से अमान्य हो गए हैं.
  • जो शुल्क ‘धारा 232’ (Section 232) के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर लगाए गए थे (जैसे- स्टील और एल्युमीनियम पर भारी ड्यूटी), वे अभी भी लागू रहेंगे क्योंकि कोर्ट का यह फैसला केवल IEEPA कानून तक सीमित था.

राष्ट्रपति ट्रम्प की प्रतिक्रिया

  • ट्रम्प ने इस फैसले पर तीखी नाराजगी जताते हुए इसे ‘बेहद निराशाजनक’ बताया. उन्होंने 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 का इस्तेमाल करते हुए सभी देशों पर 150 दिनों के लिए 15% का एक नया ‘अस्थायी आयात सरचार्ज’ लगा दिया है.

भारत पर इसका असर

  • भारत के लिए यह एक बहुत बड़ी आर्थिक जीत है. एक अनुमान के अनुसार, इस फैसले से भारत के अमेरिका जाने वाले लगभग 55% निर्यात (विशेष रूप से केमिकल, कपड़े और ऑर्गेनिक उत्पाद) ट्रम्प द्वारा लगाए गए 18% ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ से मुक्त हो जाएंगे.
  • अब चूँकि ट्रम्प ने नया 15% का अस्थायी टैरिफ ‘सभी’ देशों पर समान रूप से लागू किया है, इससे भारत को चीन और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले अमेरिकी बाजार में अधिक बराबरी का मौका मिलेगा.

वसूले गए शुल्क वापस करने पड़ेंगे?

  • अमेरिकी सीमा शुल्क विभाग (CBP) ने 24 फरवरी से इन अवैध टैरिफ की वसूली बंद कर दी है. अब सवाल यह है कि क्या अमेरिकी सरकार को आयातक कंपनियों से वसूले गए लगभग $130 बिलियन से $175 बिलियन वापस करने पड़ेंगे? सुप्रीम कोर्ट ने यह मामला निचली अदालतों पर छोड़ दिया है.

शीतकालीन ओलंपिक 2026 मिलान-कॉर्टिना में संपन्न हुआ

शीतकालीन ओलंपिक 2026 इटली के मिलान-कॉर्टिना (Milano-Cortina) में 6 फरवरी से 22 फरवरी 2026 तक आयोजित किया गया था. इन खेलों का उद्घाटन समारोह 6 फरवरी को मिलान के स्टैडियो सैन सिरो (Stadio San Siro) में आयोजित किया गया था.

पदक तालिका: मुख्य बिन्दु

  • नॉर्वे ने लगातार चौथी बार शीतकालीन ओलंपिक की पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया. इस देश ने कुल 41 पदक जीते, जिनमें 18 स्वर्ण पदक शामिल हैं. यह किसी एक शीतकालीन ओलंपिक में किसी भी देश द्वारा जीते गए सबसे अधिक स्वर्ण पदक का रिकॉर्ड है.
  • अमेरिका 33 पदकों (12 स्वर्ण, 12 रजत, 9 कांस्य) के साथ दूसरे स्थान पर रहा. यह अमेरिका के लिए शीतकालीन ओलंपिक के इतिहास में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.
  • मेजबान इटली 30 पदकों (10 स्वर्ण) के साथ तीसरे स्थान पर रहा (नीदरलैंड्स ने भी 10 स्वर्ण जीते, लेकिन कुल पदकों की संख्या इटली की अधिक थी).

आयोजन के मुख्य बिंदु:

  • इन खेलों का समापन समारोह 22 फरवरी को वेरोना एरिना में आयोजित किया गया था, जिसमें पारंपरिक ओलंपिक ध्वज 2030 शीतकालीन ओलंपिक के मेजबान (फ्रांसीसी आल्प्स) को सौंपा गया.
  • शुभंकर (Mascot): इस ओलंपिक का शुभंकर ‘टीना’ (Tina) नाम की एक सफेद स्टोट (नेवला) थी.
  • इस बार ‘स्की माउंटेनियरिंग’ (Ski Mountaineering) को पहली बार शीतकालीन ओलंपिक खेल के रूप में शामिल किया गया था.

मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ को बाफ्टा पुरस्कार दिया गया

मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ (Boong) को 79वें बाफ्टा (BAFTA) अवार्ड्स 2026 समारोह में ‘बाल और पारिवारिक फिल्म श्रेणी’ (Best Children’s and Family Film) का प्रतिष्ठित पुरस्कार दिया गया है. ‘बूंग’ इस श्रेणी में बाफ्टा जीतने वाली पहली भारतीय फिल्म बन गई है.

मुख्य बिन्दु

  • इस फिल्म का निर्देशन लक्ष्मीप्रिया देवी ने किया है. यह उनकी पहली फीचर फिल्म (डेब्यू) है. इससे पहले वे ‘लक्ष्य’ और ‘पीके’ जैसी बॉलीवुड फिल्मों में असिस्टेंट डायरेक्टर रह चुकी हैं.
  • बॉलीवुड के दिग्गज प्रोडक्शन हाउस एक्सेल एंटरटेनमेंट (फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी) ने इस फिल्म को प्रोड्यूस किया है, जो क्षेत्रीय कहानियों को वैश्विक मंच पर ले जाने की एक बड़ी पहल है.
  • फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में गुगुन किपगेन (बूंग), बाला हिजाम (माँ) और विक्रम कोचर शामिल हैं.

फिल्म की कहानी

  • फिल्म ‘बूंग’ एक ‘कमिंग-ऑफ-एज’ (Coming-of-age) ड्रामा है, जो मणिपुर के एक छोटे से गाँव और म्यांमार सीमा (मोरेह) के आसपास सेट है.
  • कहानी बूंग नाम के एक छोटे और मासूम स्कूली बच्चे के इर्द-गिर्द घूमती है. वह अपनी सिंगल माँ (मंदाकिनी) को एक सरप्राइज गिफ्ट देना चाहता है. उसके बाल मन में आता है कि अपनी माँ के लिए सबसे अच्छा तोहफा उसके लापता पिता को वापस घर लाना होगा.
  • इसी कोशिश में वह अपने सबसे अच्छे दोस्त के साथ पिता की तलाश में निकल पड़ता है. इस सफर में वह मणिपुर सीमा पर मौजूद नस्लीय तनाव और जीवन की कठोर सच्चाइयों का सामना करता है, जो उसके बचपन के नजरिए को पूरी तरह बदल कर रख देती हैं.

संक्षिप्त सामयिक घटनाचक्र

निर्वाचन आयुक्तों का राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन

नई दिल्ली के भारत मंडपम में 24 फ़रवरी को भारत निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयुक्तों का राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन आयोजित होगा. यह गोलमेज सम्मेलन 27 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद हो रहा है. पिछला सम्मेलन वर्ष 1999 में हुआ था. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन की इस्राइल यात्रा पर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन की इस्राइल यात्रा पर 25 फ़रवरी को रवाना होंगे. तेल अवीव में प्रधानमंत्री इस्राइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू के साथ व्यापक वार्ता करेंगे. इसके बाद श्री मोदी यरुशलम में कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भारत की यात्रा पर

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी 26 फ़रवरी को भारत की यात्रा पर आ रहे हैं. श्री कार्नी 7 मार्च तक भारत में रहेंगे. यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है. पिछली सरकार के कार्यकाल में तनावपूर्ण संबंधों के बाद कनाडा के किसी नेता की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है.

प्रधानमंत्री ने मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन को झंडी दिखाकार रवाना किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 फ़रवरी को मेरठ में नमो भारत ट्रेन (मेरठ मेट्रो) को हरी झंडी दिखाई. यह दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस (RRTS) कॉरिडोर का हिस्सा है, जो अब पूरी तरह से चालू हो गया है. 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ, नमो भारत देश की पहली क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली है.

भारतीय सेना ने एक साथ दो बड़े संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किए

भारत और अमेरिका की स्पेशल फोर्सेज के बीच अभ्यास ‘वज्र प्रहार’ (Vajra Prahar)  हिमाचल प्रदेश के बकलोह (Bakloh) में शुरू हुआ. भारत और जापान की सेनाओं के बीच अभ्यास ‘धर्म गार्जियन’ (Dharma Guardian) उत्तराखंड में शुरू हुआ.