डेली कर्रेंट अफेयर्स
1-3 अक्तूबर 2025
RSS स्थापना के 100 वर्ष, प्रधानमंत्री डाक टिकट और सिक्का जारी किया
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) ने 2 अक्तूबर 2025 को विजयदशमी के दिन अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरा किया. 1925 में विजयदशमी के दिन ही नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी.
स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी
- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शताब्दी समारोह के अवसर पर स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी किया. इस समारोह का आयोजन संस्कृति मंत्रालय द्वारा किया गया था.
- स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार, भारतीय मुद्रा पर भारत माता की तस्वीर अंकित की गई है.
- 100 रुपये के इस सिक्के के एक ओर राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न अंकित है, जबकि दूसरी तरफ वरद मुद्रा में भारत माता की एक भव्य छवि अंकित है.
- सिक्के पर आरएसएस का आदर्श वाक्य ‘राष्ट्रीय स्वाहा, इदं राष्ट्राय, इदं न मम्’ भी अंकित है, जिसका अर्थ है ‘सब कुछ राष्ट्र को समर्पित, सब कुछ राष्ट्र का है, कुछ भी मेरा नहीं है’.
- सिक्के के साथ जारी डाक टिकट में 1963 की गणतंत्र दिवस परेड में आरएसएस कार्यकर्ताओं की भागीदारी को दर्शाया गया है, जो संगठन के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित करता है.
RSS की स्थापना
- राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) की स्थापना 1925 में नागपुर शहर में एक डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी. डाक्टर हेडगेवार इसके प्रथम सरसंघचालक थे.
- केशव बलिराम हेडगेवार (जन्म- 1 अप्रैल, 1889; मृत्यु- 21 जून, 1940) भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने अपना समूचा जीवन हिन्दू समाज व राष्ट्र के लिए समर्पित कर दिया था.
RSS के 6 सरसंघचालक
- केशव बलिराम हेडगेवार
- माधव सदाशिव गोलवलकर ‘गुरुजी’
- बालासाहब देवरस
- प्रोफेसर राजेन्द्र सिंह ‘रज्जू भैया’
- के.सी. सुदर्शन
- मोहन भागवत (वर्तमान सरसंघचालक)
RBI की चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा: रेपो दर 5.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 29 सितम्बर से 1 अक्तूबर तक मुंबई में हुई थी. बैठक की अध्यक्षता बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने की थी. यह चालू वित्त वर्ष (2025-26) की चौथी द्विमासिक (अगस्त-सितमबर) मौद्रिक नीति (4th Bi-Monthly Monetary Policy) समीक्षा बैठक थी.
MPC की बैठक, अगस्त 2025: मुख्य बिंदु
- इस बैठक में RBI ने रेपो दर में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया है. वर्तमान में रेपो रेट 5.5 प्रतिशत है.
- RBI ने इससे पहले जून में हुई बैठक में 0.50 प्रतिशत की कटौती की कमी की गई थी. फरवरी 2025 से जून तक RBI ने नीतिगत रेपो दर में 100 आधार अंकों (1%) की कटौती की थी.
- RBI ने अगस्त और सितम्बर की समीक्षा बैठक में प्रमुख ब्याज दर को 5.5% पर बरकरार रखा था.
- RBI ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लिए विकास दर के पूर्वानुमान को 6.5% बरकरार रखा है. 2024-25 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 6.5 प्रतिशत और 2023-24 में 9.2 प्रतिशत थी.
- 2025-26 में खुदरा मुद्रास्फीति औसतन 2.6% रहेगी, जो RBI के मध्यम अवधि के लक्ष्य 4% से कम है.
- उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में लगभग आधी हिस्सेदारी रखने वाली खाद्य मुद्रास्फीति जून में घटकर -1.06 प्रतिशत रह गई, जो मई में 0.99 प्रतिशत थी.
वर्तमान दरें: एक दृष्टि
| नीति रिपो दर | 5.5% |
| रिवर्स रेपो दर | 3.35% |
| स्थायी जमा सुविधा (SDF) | 5.25% |
| सीमांत स्थायी सुविधा दर (MSF) | 5.75% |
| बैंक दर | 5.75% |
| नकद आरक्षित अनुपात (CRR) | 3.75% |
| वैधानिक तरलता अनुपात (SLR) | 18% |
मौद्रिक नीति समिति (MPC): एक दृष्टि
- RBI की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) भारत सरकार द्वारा गठित एक समिति है. इसका गठन RBI अधिनियम 1934 के प्रावधानों के तहत 29 सितंबर 2016 को किया गया था.
- यह भारत सरकार द्वारा निर्धारित मुद्रास्फीति लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आरबीआई की नीतिगत ब्याज दर निर्धारित करती है.
- मौद्रिक नीति समिति में वर्तमान में 6 सदस्य हैं. इसमें तीन सदस्य RBI से होते हैं और तीन अन्य स्वतंत्र सदस्य भारत सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं.
- समिति की अध्यक्षता आरबीआई गवर्नर करता है. इस समिति का गठन उर्जित पटेल कमिटी की सिफारिश के आधार किया गया था.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI): एक दृष्टि
- भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) भारत का केन्द्रीय बैंक है. यह भारत के सभी बैंकों का संचालक है.
- RBI की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को RBI ऐक्ट 1934 के अनुसार हुई. प्रारम्भ में इसका केन्द्रीय कार्यालय कोलकाता में था जो सन 1937 में मुम्बई आ गया.
- पहले यह एक निजी बैंक था किन्तु सन 1949 से यह भारत सरकार का उपक्रम बन गया है.
- भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के तहत अनिवार्य रूप से मौद्रिक नीति के संचालन की जिम्मेदारी सौपीं गई है.
भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के बीच FTA लागू
- भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 1 अक्तूबर से लागू हो गया है. इस समझौते पर 10 मार्च 2025 को नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए गए थे.
- यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ चार देशों का महत्वपूर्ण क्षेत्रीय समूह है. इसके सदस्य आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड हैं.
- स्विट्जरलैंड भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. इसके बाद नॉर्वे का स्थान आता है.
समझौते की विशेषताएं
- यह समझौता वस्तुओं के व्यापार, व्यापार को आसान बनाने और निवेश को बढ़ावा देने, सेवाओं में बाजार पहुंच, बौद्धिक संपदा अधिकारों और व्यापार वस्त्र विकास से जुड़ा है.
- भारत यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के तहत 100 प्रतिशत गैर कृषि उत्पादों पर बाजार पहुंच दी गई है और प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों पर टैरिफ में छूट दी गई है.
- इस समझौते के तहत अगले 15 वर्षों में भारत में 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करने की गारंटी दी गई है. इससे देश में 10 लाख सीधे रोजगार के अवसर बनने की संभावना है.
- यह समझौता भारतीय निर्यातकों को व्यापार और निवेश के लिए एक अच्छा माहौल बनाएगा. इससे भारत की बने सामानों का निर्यात बढ़ेगा और सेवा क्षेत्र को भी ज्यादा बाजारों तक पहुंच मिलेगी.
शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र का निधन
- जाने-माने शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र का 2 अक्तूबर 2025 को निधन हो गया है. वे 89 वर्ष के थे. पद्म विभूषण से सम्मानित मिश्र भारतीय शास्त्रीय संगीत के एक सशक्त अवतार थे.
- पंडित छन्नूलाल मिश्र मुख्यतः शास्त्रीय गायक थे और स्वर-मंडल भी बजाते थे, जो एक तार वाला वाद्य यंत्र है जो सितार जैसा दिखता है.
- उनका मुख्य पेशा हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत था, जहाँ वे ख़याल, ठुमरी और भजन जैसी विधाओं के प्रसिद्ध गायक थे. उन्हें पूरब अंग ठुमरी का प्रमुख गायक माना जाता है.
छन्नूलाल मिश्र: संक्षिप्त परिचय
- पंडित छन्नूलाल मिश्र का जन्म 3 अगस्त 1936 को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में हुआ था.
- उनके पिता पंडित बद्री प्रसाद मिश्र भी अच्छे गायक थे. छन्नूलाल जी ने संगीत की शुरुआती शिक्षा अपने पिता से ही ली.
- इसके बाद वे उस्ताद अब्दुल गनी खान से सीखने गए, जो कि किराना घराने के जाने-माने उस्ताद थे. पद्मभूषण ठाकुर जयदेव सिंह ने उन्हें परंपरागत तरीके से संगीत की शिक्षा और मार्गदर्शन दिया.
- उन्होंने प्रकाश झा की फिल्म आरक्षण (2011) में शंकर-एहसान-लॉय के लिए ‘सांस अलबेली’ गाया था जो काफी चर्चित रहा था.
संक्षिप्त सामयिक घटनाचक्र
अभिषेक शर्मा ने आईसीसी टी-20 रैंकिंग में नया इतिहास रचा
भारतीय बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने आईसीसी टी-20 रैंकिंग में नया इतिहास रच दिया है. उन्होंने रैंकिंग में पहले स्थान पर रहते हुए 926 रेटिंग अंक हासिल कर लिए हैं, जो इससे पहले दुनिया के किसी भी बल्लेबाज को नहीं मिले थे. वहीं, गेंदबाजी रैंकिंग में वरुण चक्रवर्ती पहले स्थान पर हैं.
देशभर में 57 नए केन्द्रीय विद्यालय खोलने की भी स्वीकृति
मंत्रिमंडल की आर्थिक कार्य की समिति ने देश भर में 5862 करोड़ रुपये से अधिक के परिव्यय से 57 नए केंद्रीय विद्यालय खोलने को मंजूरी दी है. इससे 87 हज़ार विदयार्थियों को लाभ होगा और शिक्षकों के 4 हजार 600 अतिरिक्त पद सृजित होंगे. अब तक करीब देश में 1281 केंद्रीय विद्यालय चल रही है.
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के विपणन सत्र के लिए सभी अधिदेशित रबी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ा दिया है. सबसे अधिक वृद्धि कुसुम पर की गई है. कुसुम के न्यूनतम समर्थन मूल्य में प्रति क्विंटल 600 रुपये और मसूर दाल पर 300 रुपये की बढोत्तरी की गई है.
दालों के लिये आत्मनिर्भरता मिशन को भी मंजूरी
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने वर्ष 2025 से 2031 तक के लिए 11.440 हजार करोड़ रुपये के दलहन आत्मनिर्भरता मिशन को मंज़ूरी दी है. इस मिशन से वर्ष 2030-31 तक 350 लाख टन दालों का उत्पादन होगा. दालों की अधिक उत्पादक, कीटरोधी और जलवायु अनुकूल विकसित और उन्नत किस्मों पर बल दिया जायेगा.
